Home Blog Page 50

वाइब्रेंट विलेज योजना: 402 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर

0

वाइब्रेंट विलेज योजना: सीमांत गांवों के विकास के लिए 402 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर

उत्तराखंड के सीमांत गांवों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत लगभग 402 करोड़ रुपये के नए विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

यह निर्णय मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित स्टेट लेवल स्क्रीनिंग कमेटी (SLSC) की समीक्षा बैठक में लिया गया। इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का सर्वांगीण विकास कर उन्हें आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन की दृष्टि से सशक्त बनाना है।

सीमांत गांवों में होंगे बड़े विकास कार्य

मंजूर प्रस्तावों के तहत चयनित सीमांत गांवों में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से

  • पर्यटन हाउसिंग और होमस्टे सुविधाओं का विकास

  • ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करना

  • सड़क संपर्क में सुधार

  • सामाजिक विकास से जुड़े प्रोजेक्ट

  • अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

  • खेल मैदान और युवा गतिविधि केंद्र

  • स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना

  • स्मॉल जिम सेंटर

  • सोलर स्ट्रीट लाइट

  • कृषि और आजीविका से जुड़े विकास कार्य

इन परियोजनाओं के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

आदर्श गांव बनाने पर जोर

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत होने वाले सभी विकास कार्य पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि इन गांवों का विकास इस तरह किया जाए कि वे आदर्श गांव के मॉडल के रूप में सामने आएं और अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बनें।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं से होने वाले आर्थिक बदलाव, रोजगार के अवसर और दीर्घकालिक लाभ का स्पष्ट आकलन तैयार किया जाए, ताकि योजना के प्रभाव का सही मूल्यांकन हो सके।

सीमांत क्षेत्रों को मिलेगा विकास का नया आधार

वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत किए जा रहे ये विकास कार्य सीमावर्ती गांवों को खाली होने से रोकने और वहां के लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स माइग्रेशन, पर्यटन विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

चार वर्षों में 30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

0

मुख्यमंत्री धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र, शहरी विकास निदेशालय भवन का वर्चुअल शिलान्यास

Pushkar Singh Dhami ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नए भवन का वर्चुअल शिलान्यास किया और कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

चार वर्षों में 30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। उन्होंने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज उनके जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है।

उत्तराखंड में बढ़े नगर निकाय

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के समय प्रदेश में 63 स्थानीय नगर निकाय थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 108 हो गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • 11 नगर निगम

  • 46 नगर पालिका परिषद

  • 51 नगर पंचायत

SIR प्रक्रिया क्या है? जानिए क्यों घटे 18.98 करोड़ मतदाता

0

क्या है SIR प्रक्रिया? जानिए मतदाता सूची संशोधन और ताजा अपडेट

हाल के समय में Election Commission of India द्वारा चलाए जा रहे SIR (Special Intensive Revision) अभियान को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।

11 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चला अभियान

चुनाव आयोग ने जून 2025 से 11 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR अभियान शुरू किया था। इसके तहत सभी मतदाताओं को अपने मतदाता विवरण की पुष्टि के लिए फॉर्म जमा करना पड़ा।

कुछ मामलों में मतदाताओं से नागरिकता से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने को कहा गया।

इस अभियान में प्रमुख रूप से ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल रहे:

  • West Bengal

  • Tamil Nadu

  • Kerala

  • Puducherry

असम को राष्ट्रीय प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया

इस राष्ट्रीय स्तर के अभियान में Assam को शामिल नहीं किया गया। इसका कारण यह बताया गया कि राज्य में National Register of Citizens की अंतिम सूची अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।

मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता संख्या में लगभग 18.98 करोड़ की कमी दर्ज की गई है

यह कमी मुख्य रूप से डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाता और स्थानांतरण जैसे कारणों से हुई बताई जा रही है।

यूपी में अभी जारी है प्रक्रिया

फिलहाल Uttar Pradesh में मतदाता सूची का गहन संशोधन जारी है।

चुनाव आयोग के अनुसार यहां अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी।

आगे अन्य राज्यों में भी चलेगा अभियान

चुनाव आयोग की योजना है कि अप्रैल के बाद अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी SIR प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए, ताकि देशभर में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाया जा सके।

टनकपुर में मुख्य सेवक संवाद, सीएम धामी ने सुनी जनता की समस्याएं

0

टनकपुर में ‘मुख्य सेवक संवाद’: सीएम धामी ने जनता से सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश

Pushkar Singh Dhami ने Tanakpur स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

जनता से सीधा संवाद, समस्याओं के समाधान पर जोर

कार्यक्रम में माताओं, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, Purnagiri Temple मेला समिति, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनसमस्याओं को सीधे जनता से सुनकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने उपस्थित लोगों से क्षेत्र के विकास, जनसुविधाओं और स्थानीय जरूरतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

टनकपुर अस्पताल में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं

मुख्यमंत्री धामी ने टनकपुर उपजिला चिकित्सालय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां न केवल स्थानीय लोग बल्कि Nepal से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में मौजूद डायलिसिस सुविधा का विस्तार किया जाएगा और जल्द ही यहां एक और डायलिसिस मशीन स्थापित की जाएगी।

पूर्णागिरि आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

टनकपुर में पर्यटन और वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि टनकपुर के बूम क्षेत्र को आने वाले समय में पर्यटन और वॉटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके साथ ही इसे एक डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष Anand Singh Adhikari, जिलाधिकारी Manish Kumar, पुलिस अधीक्षक Rekha Yadav सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का शुभारम्भ

0

पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का शुभारम्भ, सीएम धामी बोले – किसान हमारे असली नायक

Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology में आयोजित 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और विश्वविद्यालय साहित्य का विमोचन भी किया।

किसानों के लिए नवाचार का बड़ा मंच

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित यह कृषि मेला किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मंच है, जहां उन्हें नई कृषि तकनीकों, नवाचारों और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत व समर्पण से ही देश आगे बढ़ रहा है।

“किसान हमारे अन्नदाता और असली नायक”

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता और असली नायक हैं। उनकी मेहनत से ही देश के लोगों को अन्न मिलता है और गांव से लेकर देश तक विकास की गति आगे बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि Narendra Modi के विकसित भारत के संकल्प में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

9 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi का लाभ दिया जा रहा है।

उत्तराखंड में 9 लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की है।

फसल बचाने के लिए 25 करोड़ की पहली किस्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए घेरबाड़ योजना के तहत केंद्र सरकार ने 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। इससे किसानों की फसलों को सुरक्षा मिलेगी।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है, जिनमें:

  • पॉलीहाउस योजना

  • एरोमा वैली विकास

  • ड्रैगन फ्रूट खेती को बढ़ावा

  • नई सेब नीति (1200 करोड़)

उन्होंने बताया कि 200 करोड़ रुपये की लागत से पॉलीहाउस योजना चलाई जा रही है, जिसमें अब तक 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

कृषि और उद्यान क्षेत्र में बढ़ी उत्पादन क्षमता

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में फलों के उत्पादन में लगभग 2.5% की वृद्धि हुई है।

  • मशरूम उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन पहुंच गया है

  • उत्तराखंड मशरूम उत्पादन में देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है

  • राज्य में 3300 मीट्रिक टन शहद उत्पादन हो रहा है, जिससे उत्तराखंड देश में 8वें स्थान पर पहुंच गया है।

कृषि क्षेत्र के लिए बजट में बड़ा प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 1.11 लाख करोड़ रुपये के बजट में कृषि, उद्यान, एरोमैटिक, मत्स्य, मधुमक्खी पालन और अनुसंधान के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।

उन्होंने किसानों से नई कृषि तकनीकों को अपनाने और योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

इस अवसर पर पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति Manmohan Singh Chauhan ने बताया कि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग इसमें भाग ले रहे हैं।

फूल देई-छम्मा देई के गीतों से गूंजा मुख्यमंत्री आवास

0

मुख्यमंत्री आवास में धूमधाम से मनाया गया फूलदेई पर्व, सीएम धामी ने बच्चों का किया स्वागत

Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को Uttarakhand की समृद्ध लोकपरंपरा के प्रतीक Phool Dei पर्व को मुख्यमंत्री आवास में सपरिवार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को फूलदेई पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया लोकपर्व

मुख्यमंत्री आवास में फूलदेई पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधान पहनकर पहुंचे बच्चों ने घर की देहरी पर फूल और चावल अर्पित किए तथा सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।बच्चों ने पारंपरिक लोकगीत “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला-उतुके सई” गाकर पर्व की खुशियों को और बढ़ाया।

Phool Dei Festival Uttarakhand मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए और उनके साथ इस लोकपर्व की खुशियां साझा कीं।

प्रकृति और लोकसंस्कृति से जुड़ने का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि फूलदेई पर्व उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति की सुंदरता और जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देता है।उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।

लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और लोकपर्व हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि इन त्योहारों को धूमधाम से मनाने से हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती हैं और हमारी संस्कृति जीवंत बनी रहती है।इस अवसर पर Geeta Pushkar Dhami भी मौजूद रहीं।

धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर रहेगी रोक

0

धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर रहेगी रोक

Dhari Devi Temple के मंदिर परिसर में अब मोबाइल फोन ले जाने पर रोक रहेगी। मंदिर प्रशासन ने मंदिर की पवित्रता, श्रद्धा और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल फोन निर्धारित स्थान पर जमा कराने होंगे।

पवित्र वातावरण बनाए रखने के लिए फैसला

मंदिर प्रशासन का कहना है कि कई बार मोबाइल फोन के उपयोग, फोटो-वीडियो बनाने और रिंगटोन की वजह से मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालु शांत और भक्तिमय माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर के नियमों का पालन करें और मोबाइल फोन का उपयोग मंदिर परिसर के बाहर ही करें। यह कदम मंदिर की गरिमा बनाए रखने और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

धामी सरकार के प्रयास रंग लाए, फसल बचाने के लिए केंद्र की मदद शुरू

0

जंगली जानवरों से फसल बचाने को उत्तराखंड को केंद्र से 25 करोड़, घेर-बाड़ योजना को फिर मिली मदद

Uttarakhand में किसानों की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चल रही घेर-बाड़ योजना Uttarakhand Gher Baad Yojana को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। Pushkar Singh Dhami के प्रयासों के बाद Shivraj Singh Chouhan के नेतृत्व वाले केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर कर दी है।

मुख्यमंत्री के प्रयासों से फिर शुरू हुई केंद्रीय मदद

राज्य में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने घेर-बाड़ योजना शुरू की थी।

पहले इस योजना को National Agricultural Development Scheme के तहत केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग मिलता था, लेकिन बाद में यह सहायता बंद हो गई थी।

इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने जिला योजना के माध्यम से इस योजना को जारी रखा। साथ ही केंद्र से फिर से मदद प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए गए।

विधानसभा में दी गई जानकारी

Ganesh Joshi ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अब घेर-बाड़ योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में Gauchar में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस विषय को केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने रखा गया था, जिसके बाद यह सहायता मंजूर हुई।

तीन वर्षों में 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर-बाड़

राज्य सरकार ने सदन में जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना के माध्यम से 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर-बाड़ कराई गई है।

इससे 44,429 किसानों को सीधा लाभ मिला है।

बजट में भी किया गया प्रावधान

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर इस बार के बजट में भी घेर-बाड़ योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों की फसल को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

Fiscal Health Index में चमका उत्तराखंड, हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान

0

Fiscal Health Index में चमका उत्तराखंड, हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना : सीएम पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा कि उत्तराखण्ड को हाल के वर्षों में वित्तीय प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन तथा सुशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी वित्तीय नीतियों, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि के साथ किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

भराङीसैण (गैरसैण) में विधानसभा सत्र में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में नीति आयोग द्वारा प्रकाशित फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 (रिपोर्ट 2023-24) में उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की गई है। इस रिपोर्ट में उत्तराखण्ड को उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि राज्य की राजस्व वृद्धि, व्यय की गुणवत्ता में सुधार, घाटा प्रबंधन तथा ऋण प्रबंधन में अपनाई गई सुदृढ़ नीतियों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड ने निरंतर बेहतर प्रदर्शन किया है। अरुण जेटली फाइनेंशियल मैनेजमेंट रिपोर्ट में भी उत्तराखण्ड को विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में अरुणाचल प्रदेश के बाद दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय व्यवस्था और उत्तरदायी शासन प्रणाली को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि Comptroller and Auditor General of India (महालेखाकार) से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड सरकार ने Fiscal Responsibility and Budget Management Act (FRBM) में निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन किया है। राज्य ने राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) की स्थिति को बनाए रखा है तथा राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) भी सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की निर्धारित सीमा के भीतर रखा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाते हुए विकास की गति को तेज करना है। इसके लिए सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, सामाजिक क्षेत्र तथा रोजगार सृजन से जुड़े क्षेत्रों में संतुलित निवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए उत्तराखण्ड को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

सीएम धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित

0

इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित, सीएम धामी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर Haridwar जनपद की Iqbalpur पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अवैध खनन से जुड़े एक ऑडियो सामने आने के बाद की गई है।

अवैध खनन मामले में संदिग्ध भूमिका

प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह सख्त कदम उठाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया और मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।

छह पुलिसकर्मी किए गए निलंबित

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:

  • उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी, इकबालपुर)

  • हेड कांस्टेबल वीरेन्द्र शर्मा

  • हेड कांस्टेबल हरेन्द्र

  • कांस्टेबल विपिन कुमार

  • कांस्टेबल देवेश सिंह

  • कांस्टेबल प्रदीप

सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार और किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्ष जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।