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उत्तराखंड में विकास को रफ्तार, CM धामी ने दी बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी

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उत्तराखंड में विकास को नई रफ्तार, बहु-क्षेत्रीय परियोजनाओं को CM धामी की मंजूरी

Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने राज्य के समग्र विकास को गति देने के लिए पर्यटन, परिवहन, पंचायती राज और खेल अवसंरचना से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन फैसलों से रोजगार सृजन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

हरिद्वार गंगा कॉरिडोर को मिली रफ्तार

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Har Ki Pauri क्षेत्र के विकास के लिए ‘नॉर्थ हर-की-पौड़ी डेवलपमेंट वर्क्स’ के तहत ₹66.34 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली है।

  • भारत सरकार की SASCI योजना के अंतर्गत स्वीकृति
  • पहले चरण में ₹10 करोड़ जारी करने का प्रस्ताव
  • पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा

चारधाम यात्रा के लिए हाई-टेक मॉनिटरिंग सेंटर

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Char Dham Yatra को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए Dehradun में ‘चारधाम मॉनिटरिंग एंड इंसिडेंट रिस्पॉन्स सेंटर’ स्थापित होगा।

  • लागत: ₹357.84 लाख
  • यात्री सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन में सुधार
  • आधुनिक तकनीक से लैस निगरानी

पंचायतों को ₹133.68 करोड़ की बड़ी मदद

  • 15वें वित्त आयोग के तहत ‘टाइड ग्रांट’ जारी
  • 75% ग्राम पंचायत, 10% क्षेत्र पंचायत, 15% जिला पंचायत को आवंटन
  • उपयोग: पेयजल, स्वच्छता, वर्षा जल संचयन, ODF बनाए रखना
  • IFMS सिस्टम से 10 दिन में भुगतान सुनिश्चित

खेल और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

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  • Haldwani में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को खेल विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा
    • लागत: ₹3636.50 लाख
  • Champawat में ‘श्री गोलू देवता कॉरिडोर’ (जोन-ए)
    • लागत: ₹117.22 करोड़

विकास और विरासत का संतुलन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य “विकास और विरासत के संतुलन” के साथ उत्तराखंड को पर्यटन, संस्कृति, खेल और ग्रामीण विकास में अग्रणी बनाना है। इन परियोजनाओं से राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और जनसुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

  1. उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को CM धामी की मंजूरी
  2. हर की पौड़ी कॉरिडोर से बढ़ेगा पर्यटन
  3. चारधाम यात्रा के लिए बनेगा हाईटेक मॉनिटरिंग सेंटर
  4. पंचायतों को ₹133 करोड़ की बड़ी सौगात
  5. हल्द्वानी में बनेगा खेल विश्वविद्यालय

Uttarakhand Development Projects, Pushkar Singh Dhami News, Haridwar Ganga Corridor, Char Dham Monitoring Center, Haldwani Sports University

उत्तराखंड में विकास को रफ्तार, CM धामी ने दी बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी

CM पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में पर्यटन, पंचायत और खेल क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

किसानों को बड़ी राहत: ग्रीष्मकालीन धान पर लगी रोक हटी

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किसानों को बड़ी राहत: ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर लगी रोक हटी

उत्तराखंड के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने ग्रीष्मकालीन धान (बेमौसमी फसल) की खेती पर लगी पाबंदी हटा दी है, जिससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

खटीमा में किसानों ने जताया आभार

Khatima में किसानों ने बैठक आयोजित कर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami का आभार जताया। लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।

आय बढ़ने की उम्मीद

किसान मोर्चा के कुमाऊं संयोजक Manoj Shahi ने कहा कि:

  • किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं
  • ग्रीष्मकालीन धान की अनुमति से किसानों को राहत मिली
  • इससे किसानों की आय बढ़ने की संभावना है

किसानों के हित में निर्णय

किसान नेता Jagjit Singh Malli ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसान परिवार से होने के कारण CM धामी किसानों की समस्याओं को बेहतर समझते हैं।

क्षेत्र में उत्साह का माहौल

इस फैसले के बाद क्षेत्र के किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। बैठक में कई किसान नेताओं और स्थानीय किसानों ने भाग लेकर सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया।

केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी

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केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग: सावधानी ही सुरक्षा है

आगामी Kedarnath Yatra 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ रहा है, लेकिन इसी बीच ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

 नकली टिकट, असली ठगी से बचें

  • फेसबुक विज्ञापनों और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए हो रही फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग से सावधान रहें
  • कई ठग आकर्षक ऑफर और तुरंत टिकट देने का झांसा देकर लोगों को ठग रहे हैं
  • किसी भी अनजान लिंक या एजेंट पर भरोसा न करें

 केवल आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें

  • हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग सिर्फ heliyatra.irctc.co.in पर ही होगी
  • महत्वपूर्ण: अभी तक टिकट बुकिंग शुरू नहीं हुई है
  • बुकिंग शुरू होने की जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही लें

 इन बातों का रखें ध्यान

  • “सीमित सीट” या “तुरंत बुकिंग” जैसे लालच में न आएं
  • एडवांस पेमेंट के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें
  • संदिग्ध कॉल/मैसेज की तुरंत शिकायत करें

 आपकी सावधानी ही आपकी सुरक्षा

श्रद्धालुओं से अपील है कि अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखें और किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।

CM धामी ने PM मोदी से की मुलाकात, लिया मार्गदर्शन

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प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, CM धामी ने लिया मार्गदर्शन

Pushkar Singh Dhami ने New Delhi में प्रधानमंत्री Narendra Modi से शिष्टाचार भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें Ram Navami की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश नई दिशा, नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

उत्तराखंड की सांस्कृतिक भेंट

इस खास मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए:

  • Surkanda Devi Temple की प्रतिकृति
  • बद्री गाय का शुद्ध घी
  • पहाड़ी क्षेत्रों में उत्पादित पांच प्रकार के राजमा
  • शुद्ध पहाड़ी शहद

इन उपहारों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की झलक प्रस्तुत की गई।

प्रदेश के विकास पर मिला मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य के विकास, जनकल्याण योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

CM धामी बनेंगे स्टार प्रचारक, कई राज्यों में करेंगे रैलियां

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दूसरे राज्यों के चुनाव में उत्तराखंड BJP की सक्रियता, धामी भी करेंगे प्रचार

देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर Bharatiya Janata Party ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तराखंड BJP के नेता अब पश्चिम बंगाल, असम और केरल में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

बूथ मैनेजमेंट में उत्तराखंड मॉडल की डिमांड

पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने कई बार उत्तराखंड BJP के बूथ प्रबंधन मॉडल की सराहना की है। इसी कारण:

  • West Bengal में विशेष टीम तैनात
  • Assam में 15 सदस्यीय टीम सक्रिय
  • Kerala में भी पदाधिकारी नियुक्त

प्रदेश महामंत्री Kundan Parihar के अनुसार, बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ के चलते उत्तराखंड की टीमों को अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है।

मंत्री और युवा मोर्चा भी मैदान में

Dhan Singh Rawat के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में कार्य किया जा रहा है, जहां युवा मोर्चा के लगभग 20 पदाधिकारी भी तैनात हैं।

CM धामी भी बनेंगे स्टार प्रचारक

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami भी जल्द ही स्टार प्रचारक के रूप में:

  • पश्चिम बंगाल
  • असम

जैसे राज्यों में जनसभाएं करेंगे।

SIR और बूथ स्तर की तैयारी पर फोकस

भाजपा आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी में भी जुटी है। इस दिशा में:

  • CM धामी की मौजूदगी में कार्यशालाएं आयोजित
  • विधायकों और मंत्रियों को प्रशिक्षण
  • अब बूथ लेवल एजेंट (BLA) और पन्ना प्रमुखों की कार्यशालाएं होंगी

जिला स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

संगठन को मजबूत करने पर जोर

महामंत्री ने बताया कि आगामी चुनावों में BLA और पन्ना प्रमुख की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। पार्टी इनकी मजबूती पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।

देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे उद्घाटन अप्रैल में उत्तराखंड आ सकते हैं PM मोदी

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देवभूमि में PM मोदी के स्वागत की तैयारी, देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे उद्घाटन की उम्मीद

Narendra Modi के संभावित दौरे को लेकर देवभूमि Dehradun में तैयारियां तेज हो गई हैं। बहुप्रतीक्षित Dehradun Delhi Expressway बनकर तैयार है और इसके उद्घाटन के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह में पीएम के आगमन की संभावना जताई जा रही है।

तेजी से चल रही हैं तैयारियां

एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले:

  • सड़क किनारे साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम जारी
  • कूड़ा हटाने और सौंदर्यीकरण पर फोकस
  • अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी

हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।

हेलिपैड निर्माण भी जारी

उद्घाटन को देखते हुए एक्सप्रेसवे के किनारे 6 हेलिपैड बनाए जा रहे हैं:

  • गणेशपुर टोल प्लाजा के पास 3 हेलिपैड पहले से तैयार
  • देहरादून की ओर 3 नए हेलिपैड का निर्माण जारी

यह तैयारियां पीएम के संभावित हवाई आगमन को ध्यान में रखकर की जा रही हैं।

एलिवेटेड रोड पर सफर कर सकते हैं PM

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी उद्घाटन के दौरान एलिवेटेड रोड पर कार से सफर भी कर सकते हैं। खासतौर पर मोहंड क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनाई गई यह सड़क परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

धार्मिक कार्यक्रम की भी संभावना

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री Dat Kali Temple में दर्शन भी कर सकते हैं। इसके साथ ही देहरादून में एक जनसभा के आयोजन की भी संभावना है, जिसके लिए स्थान चिन्हित किया जा रहा है।

NHAI ने बढ़ाई सक्रियता

National Highways Authority of India के अधिकारी भी उद्घाटन की तैयारियों में जुट गए हैं और सभी कार्यों को जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

ईरान-इजरायल जंग पर पुतिन की चेतावनी: COVID-19 से भी खतरनाक हो सकते हैं नतीजे!

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ईरान-इजरायल जंग पर पुतिन की चेतावनी: COVID-19 से भी खतरनाक हो सकते हैं नतीजे!

पश्चिम एशिया में एक ऐसी जंग जारी है, जिसने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है…
और अब रूस के राष्ट्रपति ने दी ऐसी चेतावनी, जिसने हालात और गंभीर बना दिए हैं 

पुतिन का बड़ा बयान

व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि इस जंग के परिणाम इतने गंभीर हो सकते हैं कि इसकी तुलना COVID-19 जैसी वैश्विक महामारी से की जा रही है।

मॉस्को में बिजनेस लीडर्स के साथ बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि अभी तक इस जंग के परिणामों का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है।

 27 दिन से जारी युद्ध, बढ़ता जा रहा खतरा

ईरान और इजरायल के बीच लगातार 27 दिनों से संघर्ष जारी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइल हमले कर रहे हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है।

 इस जंग का असर अब केवल सीमित क्षेत्र तक नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

 तेल-गैस संकट से दुनिया बेहाल

इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ा है:

  • तेल और गैस की सप्लाई बाधित
  • कई देशों में ऊर्जा संकट
  • कीमतों में जबरदस्त उछाल
  • कुछ देशों में इमरजेंसी जैसे हालात

 आम लोगों की जेब पर सीधा असर दिखने लगा है।

 सप्लाई चेन पर बड़ा झटका

पुतिन ने चेतावनी दी कि यह जंग केवल ऊर्जा ही नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर रही है:

  • इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स बाधित
  • उत्पादन (Production) पर असर
  • धातु और उर्वरक उद्योग दबाव में

 इससे आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।

 सबसे बड़ी चिंता – अनिश्चित भविष्य

व्लादिमीर पुतिन ने साफ कहा कि जब जंग में शामिल देश खुद नहीं जानते कि आगे क्या होगा, तो स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है।जब पक्ष खुद भविष्य नहीं जान पा रहे, तो कोई भी सटीक अनुमान नहीं लगा सकता।”

 क्या COVID-19 जैसी वैश्विक गिरावट आएगी?

COVID-19 के दौरान पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ था।
अब विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर यह जंग लंबी चली, तो:

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी
  • विकास दर गिर सकती है
  • कई देशों में आर्थिक संकट आ सकता है

 निष्कर्ष

ईरान-इजरायल जंग अब एक बड़े वैश्विक संकट की ओर बढ़ती दिख रही है। पुतिन की चेतावनी इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में इसका असर हर देश और हर व्यक्ति पर पड़ सकता है।

 क्या दुनिया एक और बड़े संकट की ओर बढ़ रही है? यह सवाल अब सभी के मन में है।

लोहाखाम देवता का रहस्यमयी इतिहास

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लोहाखाम देवता का रहस्यमयी इतिहास: नेपाल से उत्तराखंड तक आस्था, परंपरा और प्रकृति का अद्भुत संगम

उत्तराखंड की पवित्र भूमि देवभूमि के नाम से जानी जाती है, जहां हर पहाड़, हर नदी और हर मंदिर अपने भीतर एक अनोखी कहानी समेटे हुए है। इन्हीं रहस्यमयी और आस्था से भरपूर स्थलों में से एक है भीमताल के पास स्थित लोहाखाम देवता धाम। यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका इतिहास, परंपराएं और प्राकृतिक सौंदर्य इसे बेहद खास बनाते हैं।

 नेपाल से जुड़ी अनोखी कहानी

लोहाखाम देवता का इतिहास सामान्य मंदिरों की तरह सीधा नहीं है, बल्कि इसमें प्रवास, रहस्य और लोककथाओं का गहरा मेल देखने को मिलता है। मान्यता के अनुसार, इस धाम से जुड़े पूर्वज मूल रूप से नेपाल के निवासी थे। परगाई मटयाली परिवार, पनेरु उपाध्याय और अन्य कई परिवार एक समय नेपाल के एक गांव में रहते थे।

कहा जाता है कि वह पूरा गांव आज सरकारी रिकॉर्ड में “लाल पत्ता” भूमि के रूप में दर्ज हो चुका है और अब वह स्थान पूरी तरह जंगल में तब्दील हो गया है। लोकमान्यताओं के अनुसार, उस जगह पर कभी लोकचूली लोहाखाम देवता का भव्य मंदिर था, जो उस समय के लोगों के इष्ट देवता माने जाते थे।

समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और वहां का मंदिर नेपाल सरकार के अधीन चला गया। स्थानीय लोगों के बीच यह भी कहा जाता है कि अब उस क्षेत्र में सांपों का अधिक वास हो चुका है, जिससे वहां का रहस्य और भी गहरा हो गया है।

 उत्तराखंड में आगमन और बसावट

नेपाल से आए पूर्वजों ने लंबी यात्रा के बाद उत्तराखंड के इस क्षेत्र में प्रवेश किया। कहा जाता है कि उन्होंने सबसे पहले लोकचूली लोहाखाम और हरीशताल क्षेत्र में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद वे पास के गांवों में जाकर बस गए।

समय के साथ ये परिवार अलग-अलग जातियों और सामाजिक समूहों में विभाजित हो गए और अपने नामों के साथ अलग-अलग उपाधियां जोड़ने लगे। यही कारण है कि आज इस वंश और इतिहास का सटीक आकलन कर पाना कठिन हो गया है, लेकिन उनकी आस्था और परंपरा आज भी जीवित है।

 कठोर नियमों वाले पुजारी

लोहाखाम मंदिर की सबसे खास बात यहां के पुजारी की सख्त और अनोखी जीवनशैली है। मंदिर के मुख्य पुजारी आज भी प्राचीन परंपराओं का पालन करते हैं, जो आधुनिक समय में बहुत कम देखने को मिलता है।

उनके प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:

  • वे कभी भी तेल में बना हुआ भोजन ग्रहण नहीं करते
  • प्याज, लहसुन और मंडुवा जैसे खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज करते हैं
  • केवल अपने हाथों से बनाया हुआ भोजन ही खाते हैं
  • हल चलाने या खेती करने जैसे कार्यों से भी दूर रहते हैं

यह अनुशासन न केवल उनकी व्यक्तिगत साधना को दर्शाता है, बल्कि मंदिर की पवित्रता और धार्मिक महत्व को भी बढ़ाता है।

 बैसाखी पूर्णिमा का ऐतिहासिक मेला

लोहाखाम देवता धाम में हर वर्ष बैसाखी पूर्णिमा के अवसर पर एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। यह परंपरा आजादी से पहले से चली आ रही है और इसे मुख्य रूप से चौगड़ क्षेत्र के लोग आयोजित करते हैं।

मेले की खासियतें:

  • पारंपरिक कुमाऊंनी सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • छोलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति
  • जागर, झोड़ा और चांचरी जैसे लोकनृत्य
  • स्थानीय खान-पान और धार्मिक अनुष्ठान

इस दिन दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और मेले का आनंद लेने के साथ-साथ देवता के दर्शन भी करते हैं।

 नई फसल की अनोखी परंपरा

लोहाखाम धाम में एक बेहद खास परंपरा निभाई जाती है। बैसाखी पूर्णिमा के दिन सबसे पहले पुजारी द्वारा नए अनाज का भोग लोहाखाम देवता को अर्पित किया जाता है।

इसके बाद ही क्षेत्र के लोग और पुजारी स्वयं नई फसल का सेवन करते हैं। यह परंपरा देवता के प्रति आभार और सम्मान का प्रतीक मानी जाती है।

 प्राकृतिक सौंदर्य और ट्रैकिंग का अनुभव

यह क्षेत्र केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। ओखलकांडा ब्लॉक में स्थित यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

यहां की प्रमुख विशेषताएं:

  • लोहाखाम ताल – जिसे पवित्र कुंड माना जाता है
  • हरीशताल झील – शांत और मनमोहक प्राकृतिक स्थल
  • लगभग 3 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई के बाद ऊंची चोटी पर स्थित मंदिर

मंदिर से चारों ओर का दृश्य बेहद अद्भुत दिखाई देता है। यहां से हिमालय की बर्फीली चोटियों के साथ-साथ कैलाश पर्वत और तराई-भावर का नजारा भी साफ देखा जा सकता है।

अंग्रेजों के समय की रहस्यमयी झलक

लोहाखाम मंदिर के पास एक और रहस्यमयी चीज देखने को मिलती है—एक पुराना लोहे का झूला, जिसे “खाम” कहा जाता है। माना जाता है कि यह झूला अंग्रेजों द्वारा लगाया गया था।

कहा जाता है कि अंग्रेजी शासनकाल में कई अंग्रेज इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए यहां आते थे। वे कई किलोमीटर पैदल चलकर इस झील तक पहुंचते थे और रात्रि विश्राम के लिए यहां कोठी भी बनवाई गई थी।

हालांकि, इस झूले को लगाने का सटीक कारण आज भी एक रहस्य बना हुआ है।

आस्था और मान्यता

स्थानीय लोगों के बीच लोहाखाम देवता के प्रति गहरी आस्था है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से यहां मन्नत मांगता है, उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है।

इसी विश्वास के चलते हर साल हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं और अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

 पर्यटन की अपार संभावनाएं

लोहाखाम धाम धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस क्षेत्र को पर्यटन विभाग द्वारा विकसित किया जाए, तो:

  • स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है
  • क्षेत्र से पलायन को रोका जा सकता है
  • उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण जुड़ सकता है

 निष्कर्ष

लोहाखाम देवता धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह इतिहास, आस्था, परंपरा और प्रकृति का अद्भुत संगम है। नेपाल से जुड़ी इसकी जड़ें, पुजारियों की कठोर साधना, सांस्कृतिक मेले और हिमालय की गोद में बसी इसकी सुंदरता इसे एक अनोखा और विशेष स्थान बनाती है।

जो लोग भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर शांति, आध्यात्म और प्रकृति का अनुभव करना चाहते हैं, उनके लिए लोहाखाम धाम किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

रामनवमी पर प्रदेशवासियों को CM की शुभकामनाएं

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CM धामी ने रामनवमी पर किया कन्या पूजन, प्रदेश की खुशहाली की कामना

Pushkar Singh Dhami ने Ram Navami के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा बालिकाओं का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं को भोजन कराया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

रामनवमी की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की बधाई देते हुए कहा कि
Lord Rama का जीवन हमें सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने प्रार्थना की कि प्रभु श्रीराम की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए और प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े।

कन्या पूजन का बताया महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या पूजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो:

  • नारी सम्मान का संदेश देता है
  • सामाजिक समरसता को मजबूत करता है
  • भारतीय संस्कृति के मूल्यों को दर्शाता है

प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि रामनवमी का यह पर्व हमारे जीवन में आदर्श, मर्यादा और नैतिक मूल्यों को और मजबूत करता है।

केदारनाथ यात्रा 2026 22 अप्रैल से शुरू धाम में 4 फीट तक बर्फ

केदारनाथ धाम में तैयारियों का जायजा, DM-SP एक्शन मोड में

आगामी Kedarnath Yatra 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। इसी क्रम में जिलाधिकारी Vishal Mishra और पुलिस अधीक्षक Niharika Tomar ने Kedarnath Temple पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

बर्फ हटाने से लेकर सुरक्षा तक, युद्ध स्तर पर काम

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने:

  • धाम में जमी 3–4 फीट बर्फ हटाने की प्रगति
  • पैदल यात्रा मार्ग को दुरुस्त करने के कार्य
  • सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
  • पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और आवास सुविधाओं की बहाली

का विस्तृत जायजा लिया।

22 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि केदारनाथ यात्रा 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो रही है। इसके मद्देनजर सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि:

  • बर्फ हटते ही दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी
  • सभी मूलभूत सुविधाएं यात्रा शुरू होने से पहले बहाल कर दी जाएंगी
  • श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव देने पर फोकस है

सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि वर्तमान में:

  • 3 पुलिसकर्मी
  • 12 आईटीबीपी जवान

धाम में तैनात हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही:

  • भीड़ प्रबंधन
  • आपातकालीन सेवाएं
  • ठहरने और आवागमन की व्यवस्था

पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सभी विभागों के साथ समन्वय

निरीक्षण के दौरान श्री केदार सभा और बी.के.टी.सी. प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष की यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाई जाए।