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सीएम धामी से देवकीनंदन ठाकुर की मुलाकात, चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना

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सीएम धामी से देवकीनंदन ठाकुर की भेंट, चारधाम व्यवस्थाओं की सराहना

Pushkar Singh Dhami से आज मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध कथा वाचक एवं आध्यात्मिक गुरु Devkinandan Thakur ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक मूल्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना

महाराज जी ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में Char Dham Yatra की व्यवस्थाओं में हुए सुधारों की खुलकर प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि:

  • यात्रा अब पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित हुई है
  • श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है
  • देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल रहा है

रोपवे परियोजनाओं को बताया बड़ी पहल

मुलाकात के दौरान महाराज जी ने Kedarnath Ropeway Project और Hemkund Sahib Ropeway Project की सराहना करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं श्रद्धालुओं के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगी।

सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जागरण पर चर्चा

बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष चर्चा हुई:

  • सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन
  • युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ना
  • समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना
  • आध्यात्मिक चेतना का प्रसार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, सदियों से आध्यात्मिक आस्था का केंद्र रहा है और सरकार इस विरासत को सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

धार्मिक पर्यटन पर सरकार का फोकस

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि:

  • धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है
  • आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है
  • केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित प्रमुख धामों का पुनर्विकास जारी है

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देशभर में सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं।

आध्यात्मिक कार्यक्रमों पर सहयोग का आश्वासन

महाराज जी ने अपने आगामी धार्मिक एवं सामाजिक अभियानों की जानकारी साझा की।
इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ऐसे सभी प्रयासों में सहयोग करेगी, जो समाज में सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा दें।

  • सीएम धामी से देवकीनंदन ठाकुर की शिष्टाचार भेंट
  • चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की महाराज ने की सराहना
  • केदारनाथ-हेमकुंड रोपवे परियोजनाओं को बताया बड़ी पहल
  • सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जागरण पर हुई चर्चा
  • धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही उत्तराखंड सरकार

आज तक चैनल पर पुष्कर सिंह धामी ने अपवाह बाज नेता की निकाली हवा

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आज तक चैनल पर पुष्कर सिंह धामी ने अपवाह बाज नेता की निकाली हवा देहरादून उत्तराखंड में राजनैतिक धामी धाकड़ से धुरंधर धामी में तब्दील हो चुके है ऐसे में प्रदेश भर में पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री के साथ जनता का जुड़ाव इतनी बड़ी सख्या में देखने को मिल रहा है बिना सुचना के उधम सिंह नगर में जशपुर से खटीमा तक सड़क मार्ग से जाने की सुचना मिलते ही हाईवे पर लोकप्रिय हुए पुष्कर सिंह धामी का दीदार किये जाने को उमड़ा जन सैलाब बता गया धामी का राजनैतिक पब्लिक फिगर आसमान छू रहा है पहली बार इतनी बड़ी संख्या में किसी मुख्यमंत्री के लिए देर रात तक जनता सड़को पर इंतज़ार करती देखी गई।

राजनैतिक हलकों में धामी की धमक से कई विधानसभा नयी सियासत का बैकअप तैयार कर चुकी है धामी के राजनैतिक कौशल का परिणाम कई नए नेताओं की राजनैतिक जमीन तय कर पाया है उनके कद को आसमान तक पहुंचाने में पुष्कर सिंह धामी का बड़ा हाथ है ऐसे में समझा जा सकता है उत्तराखंड में धामी के बड़े राजनैतिक वजन ने दिल्ली में बैठे कई अपवाह बाज नेताओं की हवा निकाल दी है जो उत्तराखंड में कई बीजेपी नेताओं का पार्टी छोड़ कर चले जाने का मीडिया हाउस तक सन्देश पंहुचा रहे थे मंगलवार को ऐसे नेताओं पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुटकी लेकर उनकी हवा का गुब्बार आज तक चैनल पर जनता के समाने फुस्सा करते देखा गया है।

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी हमेशा अपने बढ़ते राजनैतिक कद के बाद विरोधी टीम जिसमे अपनी पार्टी के हवा बाज नेताओं का सहारा मिल जाने से धामी के खिलाफ हवा बनाते नज़र आते है उनको इस बार बड़ा राजनैतिक बाउंसर उमड़ी भीड़ के देर रात तक सड़को पर जुटे होने के बाद मार दिया है ऐसे में समझा जा सकता है उत्तराखंड में आगामी समय में कई बड़े प्रहार की तैयारी में जुटे राजनैतिक अपवाह बाज नेताओं के लिए धामी के स्वागत में जुटी भीड़ का माकूल जवाब मिला है।

देहरादून: पुलिस कस्टडी में PRD जवान की संदिग्ध मौत, जांच के आदेश

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देहरादून: पुलिस कस्टडी में PRD जवान की संदिग्ध मौत, जांच के आदेश

Dehradun के रायपुर थाने में पुलिस कस्टडी के दौरान पीआरडी जवान Sunil Raturi की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हवालात में कंबल का फंदा लगाकर आत्महत्या की आशंका भी जताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

शनिवार दोपहर लाडपुर स्थित एक पेट्रोल पंप से पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति पेट्रोल भरवाने के बाद भुगतान नहीं कर रहा है।

पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर व्यक्ति शराब के नशे में था। समझाने के बावजूद जब वह नहीं माना, तो उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया और शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

हवालात में बिगड़ी हालत

थाने में हंगामा करने पर उसे हवालात में बंद कर दिया गया। कुछ समय बाद वह संदिग्ध अवस्था में मिला

पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे Coronation Hospital पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने लिया संज्ञान

घटना की सूचना मिलते ही आईजी Rajeev Swarup और एसएसपी Pramendra Dobhal अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।

मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

जांच के आदेश

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मामला आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण।

क्यों अहम है मामला?

  • पुलिस कस्टडी में मौत होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
  • हवालात में निगरानी और प्रोटोकॉल पर उठे प्रश्न
  • निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग तेज
  • देहरादून में पुलिस कस्टडी में PRD जवान की मौत
  • रायपुर थाने की हवालात में संदिग्ध हालात में मिली लाश
  • आत्महत्या या साजिश? जांच में जुटी पुलिस
  • IG और SSP पहुंचे अस्पताल, परिजनों का हंगामा
  • कस्टडी डेथ से पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल

उत्तराखंड में गैस-ईंधन की कोई कमी नहीं: मुख्य सचिव

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उत्तराखंड में गैस-ईंधन की पूरी व्यवस्था, पैनिक की जरूरत नहीं: मुख्य सचिव

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्तराखंड में गैस, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्य सचिव Anand Bardhan की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कहा गया कि राज्य में किसी भी वस्तु की कमी नहीं है और जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

चारधाम यात्रा से पहले विशेष तैयारी

आगामी Char Dham Yatra को देखते हुए सरकार ने:

  • गैस और ईंधन की अतिरिक्त मांग का आकलन करने के निर्देश दिए
  • केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा
  • पर्यटन सीजन में सप्लाई चेन मजबूत रखने पर जोर दिया

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • गैस, कच्चा तेल और उर्वरकों की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई होगी
  • नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी
  • स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता

कृषि विभाग को निर्देश:

  • यूरिया का अनावश्यक भंडारण न हो
  • एग्रीटेक और फार्मर रजिस्ट्री से डेटा लिंक कर वितरण
  • वास्तविक किसानों तक ही उर्वरक पहुंचे

ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ने का आह्वान

मुख्य सचिव ने कहा कि यह समय वैकल्पिक ऊर्जा अपनाने का है:

  • 2070 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य की दिशा में प्रयास
  • बायोगैस, सोलर कुकर और पीरूल ब्रिकेट को बढ़ावा
  • उद्योगों में पाइपलाइन गैस (PNG) का उपयोग बढ़ाने के निर्देश

परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर

  • सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
  • ट्रांसपोर्ट सेक्टर को ग्रीन एनर्जी आधारित बनाने की योजना

अफवाहों पर रोक के लिए रोजाना ब्रीफिंग

जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए:

  • राज्य और जिला स्तर पर नियमित प्रेस ब्रीफिंग
  • अफवाहों और गलत सूचनाओं पर सख्त नियंत्रण

प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए हेल्प सिस्टम

मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों के लिए:

  • टोल-फ्री नंबर जारी करने के निर्देश
  • नोडल अधिकारी नियुक्ति (राज्य और जिला स्तर पर)

सप्लाई चेन पर कड़ी नजर

  • गैस एजेंसियों और वितरकों की निगरानी
  • शादी समारोह जैसे आयोजनों के लिए भी अतिरिक्त गैस व्यवस्था
  • जरूरत पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने साफ संदेश दिया कि राज्य में सभी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट से बचें। साथ ही सरकार ग्रीन एनर्जी, पारदर्शिता और मजबूत सप्लाई सिस्टम के जरिए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार है।

  1. उत्तराखंड में गैस-ईंधन की कोई कमी नहीं: मुख्य सचिव
  2. चारधाम यात्रा से पहले सप्लाई सिस्टम मजबूत
  3. कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
  4. ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ेगा उत्तराखंड
  5. अफवाहों पर रोक के लिए रोजाना प्रेस ब्रीफिंग

देहरादून में ‘विश्व गुरु’ पर मंथन, नीति और तकनीक पर जोर

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“भारत: विश्व गुरु की राह पर”—देहरादून में नीति, तकनीक और जनभागीदारी पर मंथन

Dehradun के सर्वे चौक स्थित ऑडिटोरियम में “भारत: विश्व गुरु की राह पर” विषय पर एक उच्चस्तरीय विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम Doon Library and Research Centre, Chintan Research Foundation और Indian Institute of Public Administration के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य सचिव Anand Bardhan ने की, जबकि संचालन दून पुस्तकालय के निदेशक एन. रविशंकर ने किया। इस अवसर पर Amitabh Kant की पुस्तक Smarter than the Storm का विमोचन भी हुआ।

सुधार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर जोर

Amitabh Kant ने भारत की तेजी से उभरती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि बीते दशक में देश ने तकनीक, कनेक्टिविटी और नीतिगत सुधारों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने डेमोग्राफिक डिविडेंड, स्किल डेवलपमेंट और R&D गैप को दूर करने की जरूरत बताई। साथ ही “Zero Defect, Zero Effect” के सिद्धांत को अपनाते हुए भारत को वैश्विक वैल्यू चेन में उच्च स्थान हासिल करने पर बल दिया।

विरासत से प्रेरणा, गुणवत्ता पर फोकस

Shishir Priyadarshi ने संतुलित दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि भारत को ‘विश्व गुरु’ बनने के दावे से अधिक निरंतर सुधार और आत्मचिंतन पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने भारत की ऐतिहासिक विरासत को प्रेरणा बताते हुए गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सकारात्मक सोच को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अहम बताया।

जनभागीदारी ही विकास की कुंजी

मुख्य सचिव Anand Bardhan ने कहा कि उत्तराखंड की ग्रीन इकोनॉमी, पर्यटन, हेल्थ और वेलनेस सेक्टर भारत को विश्व गुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा— “जनभागीदारी के बिना विकास अधूरा है।”

गुणवत्ता आधारित प्रतिस्पर्धा पर बल

Rajeev Kher ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की रणनीतिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“जो गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, वही वैश्विक मंच पर टिकेगा।”

स्मार्ट शहर और संतुलित विकास की जरूरत

Shankar Aggarwal ने शहरों को आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने स्मार्ट अर्बन प्लानिंग, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण-शहरी संतुलन पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

“विश्व गुरु” नहीं, “विश्व कोच” की सोच

वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि “विश्व गुरु” की अवधारणा को अतिशयोक्ति के बजाय “विश्व कोच” के रूप में समझना अधिक व्यावहारिक है।

भारत को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सुधार, नवाचार, गुणवत्ता और जनभागीदारी को अपनाना होगा इस विचार गोष्ठी ने स्पष्ट किया कि भारत के पास क्षमता और अवसर दोनों हैं, लेकिन स्थायी वैश्विक नेतृत्व के लिए सतत प्रयास, नीतिगत मजबूती और समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

डिजिटल कुम्भ 2027 में AI और IoT का इस्तेमाल

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डिजिटल कुम्भ 2027’ की तैयारी तेज, CM धामी ने केंद्रीय मंत्री से की अहम मुलाकात

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने केंद्रीय रेल एवं आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर राज्य में रेल कनेक्टिविटी और Kumbh Mela 2027 को ‘डिजिटल कुम्भ’ के रूप में विकसित करने पर विस्तृत चर्चा की।

‘डिजिटल कुम्भ 2027’ बनेगा हाईटेक

सरकार इस बार कुम्भ को आधुनिक तकनीक से लैस करने की तैयारी में है:

  • Artificial Intelligence का उपयोग
  • Internet of Things आधारित सिस्टम
  • भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और ट्रैफिक कंट्रोल होगा स्मार्ट
  • आपदा प्रबंधन और सूचना प्रणाली होगी तेज

इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से ₹143.96 करोड़ की सहायता मांगी गई है।

रेल कनेक्टिविटी पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे:

  • Rishikesh–कर्णप्रयाग रेल परियोजना को 2026 तक पूरा करने का अनुरोध
  • टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा
  • बागेश्वर–कर्णप्रयाग के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की अनुमति
  • HaridwarDehradun रेल लाइन का दोहरीकरण
  • मोहंड–देहरादून–सहारनपुर रेल परियोजना को प्राथमिकता

RRTS विस्तार की भी मांग

मुख्यमंत्री ने Regional Rapid Transit System (RRTS) का विस्तार:

  • मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक करने का प्रस्ताव रखा
  • इससे यात्रा समय और यातायात दबाव में कमी आएगी

पर्यटन और तीर्थाटन को मिलेगा बढ़ावा

इन परियोजनाओं से:

  • चारधाम और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी
  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
  • स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

केंद्र से मिला सकारात्मक आश्वासन

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

  1. डिजिटल कुम्भ 2027 में AI और IoT का इस्तेमाल
  2. CM धामी ने रेल परियोजनाओं पर केंद्र से मांगी मदद
  3. हरिद्वार-ऋषिकेश तक RRTS विस्तार की मांग
  4. कुम्भ 2027 बनेगा हाईटेक और स्मार्ट
  5. उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

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भाजपा कार्यालय विस्तार, 2027 चुनाव में जीत की हैट्रिक का दावा

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भाजपा कार्यालय विस्तार के साथ 2027 चुनाव पर फोकस, जीत की हैट्रिक का दावा

उत्तराखंड में संगठनात्मक मजबूती की दिशा में कदम बढ़ाते हुए Bharatiya Janata Party ने प्रदेश कार्यालय के विस्तार कार्यों की शुरुआत हवन-पूजन के साथ की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष Mahendra Bhatt ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी 2027 में जीत की हैट्रिक लगाएगी

2027 चुनाव के लिए रणनीतिक तैयारी

महेंद्र भट्ट ने कहा कि:

  • विस्तारित कार्यालय 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम होगा
  • सभी संगठनात्मक गतिविधियां यहीं से संचालित होंगी
  • Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में BJP लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी

संगठन के लिए ‘मंदिर’ जैसा महत्व

प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यालय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि:

  • भाजपा में कार्यालय का स्थान मंदिर के समान होता है
  • यह कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और समर्पण का केंद्र है

चुनावी मैनेजमेंट को मिलेगी रफ्तार

नए परिसर के जरिए पार्टी निम्न कार्यों को और व्यवस्थित करेगी:

  • बूथ प्रबंधन
  • चुनावी रणनीति और प्रवास कार्यक्रम
  • घोषणा पत्र और प्रचार सामग्री
  • वाहन प्रबंधन और दैनिक मुद्दों का निर्धारण

उन्होंने बताया कि लंबे समय से बड़े और व्यवस्थित कार्यालय की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया गया है।

संगठन को मिलेगी नई ऊर्जा

महेंद्र भट्ट ने विश्वास जताया कि:

  • नया परिसर संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति देगा
  • पार्टी की जीत की परंपरा को आगे बढ़ाने में मदद करेगा
  1. भाजपा ने बढ़ाया कार्यालय, 2027 चुनाव पर नजर
  2. महेंद्र भट्ट का दावा- धामी के नेतृत्व में जीत की हैट्रिक
  3. हवन-पूजन के साथ नए परिसर की शुरुआत
  4. चुनावी रणनीति को मिलेगी नई रफ्तार
  5. BJP संगठन को मिला नया विस्तार

राजस्व लोक अदालत का शुभारंभ: ‘न्याय आपके द्वार’ को मिली नई ताकत

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राजस्व लोक अदालत का शुभारंभ: ‘न्याय आपके द्वार’ को मिली नई ताकत

उत्तराखंड में आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारंभ किया।

आसान और समयबद्ध न्याय पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि न्याय व्यवस्था को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जाए। यह पहल प्रधानमंत्री Narendra Modi के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” मंत्र को आगे बढ़ाती है।

13 जिलों में एक साथ आयोजन

  • पूरे प्रदेश के 13 जनपदों में
  • 210 स्थानों पर राजस्व लोक अदालत
  • लगभग 6,933 मामलों का त्वरित निस्तारण

इस पहल के तहत भूमि विवादों के साथ-साथ आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, CRPC, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम और रेंट कंट्रोल से जुड़े मामलों का भी निपटारा किया जाएगा।

50 हजार लंबित मामलों के समाधान की दिशा में पहल

राज्य में वर्तमान में:

  • 400+ राजस्व न्यायालय संचालित
  • 50,000 से अधिक मामले लंबित

इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने “सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि” के मूल मंत्र के साथ यह अभियान शुरू किया है।

अब घर बैठे दर्ज होंगे भूमि विवाद

सरकार ने न्याय प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में Revenue Court Case Management System पोर्टल शुरू किया है:

  • नागरिक घर बैठे केस दर्ज कर सकेंगे
  • पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होगा
  • ‘Digital India’ के तहत सेवाओं का विस्तार

अधिकारियों को सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • अविवादित विरासत मामलों में समयसीमा के भीतर नामांतरण हो
  • मृतक की तेहरवीं तक वारिसों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी हो
  • विवादित भूमि की पैमाइश और कब्जे के मामले 1 माह में निस्तारित हों

मुख्य सचिव ने भी दिए निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव Anand Bardhan ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • लंबित मामलों का निस्तारण युद्ध स्तर पर किया जाए
  • भूमि विवादों को प्राथमिकता दी जाए

इस दौरान राजस्व सचिव Ranjana Rajguru भी मौजूद रहीं।

पारदर्शी और संवेदनशील न्याय व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता पारदर्शिता और निष्पक्षता है, जहां सभी पक्षों को सुनकर संवेदनशील तरीके से न्याय दिया जाता है। राज्य सरकार तकनीक और नवाचार के माध्यम से आमजन तक सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  1. उत्तराखंड में राजस्व लोक अदालत का शुभारंभ
  2. 13 जिलों में 210 स्थानों पर लगेगी लोक अदालत
  3. 6,900 से ज्यादा मामलों का होगा निस्तारण
  4. अब घर बैठे दर्ज होंगे भूमि विवाद
  5. CM धामी के सख्त निर्देश, 1 माह में निपटें केस

क्या हरीश रावत को किया जा रहा किनारे? ज्वॉइनिंग से पहले बढ़ा सस्पेंस

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उत्तराखंड कांग्रेस में हलचल: ‘मिशन मिनिस्टर’ के बीच हरदा की चुप्पी से बढ़े सवाल

उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। एक तरफ Indian National Congress ‘मिशन मिनिस्टर’ के तहत अपनी रणनीति को धार दे रही है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नेता Harish Rawat की अचानक चुप्पी और 15 दिन के राजनीतिक अवकाश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

हरदा के अवकाश से बढ़ी सियासी हलचल

कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत के राजनीतिक अवकाश पर जाने की खबर सामने आते ही पार्टी के अंदरूनी खेमों में हलचल बढ़ गई है।

  • सोशल मीडिया पर जानकारी सामने आते ही चर्चाएं तेज
  • पार्टी के भीतर गुटबाजी की अटकलें
  • क्या हरदा को किनारे किया जा रहा है?

कांग्रेस के लिए कितने अहम हैं हरीश रावत?

राज्य की राजनीति में हरीश रावत का कद अभी भी बड़ा माना जाता है।

  • पार्टी के जमीनी ढांचे में उनकी मजबूत पकड़
  • कार्यकर्ताओं के बीच प्रभाव
  • हाईकमान को भी उनकी भूमिका अहम लगती है

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व को यह फीडबैक मिला है कि यदि हरीश रावत सक्रिय राजनीति से दूर रहते हैं, तो कांग्रेस को बड़ा नुकसान हो सकता है।

ज्वॉइनिंग से पहले बढ़ा सस्पेंस

शनिवार को कांग्रेस के लिए अहम दिन माना जा रहा है, क्योंकि:

  • करीब आधा दर्जन बड़े नेताओं की पार्टी में ज्वॉइनिंग की तैयारी
  • दिल्ली में बड़े स्तर पर कार्यक्रम
  • ‘मिशन मिनिस्टर’ अभियान को मिलेगी मजबूती

लेकिन इस बीच हरदा की गैरमौजूदगी ने इन तैयारियों पर सस्पेंस बढ़ा दिया है।

क्या है अंदरूनी समीकरण?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि:

  • पार्टी के कुछ नेता नए चेहरों को आगे लाना चाहते हैं
  • पुराने नेतृत्व और नए समीकरणों के बीच संतुलन की चुनौती
  • हरीश रावत की भूमिका को लेकर असमंजस

आगे क्या?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है:

  • क्या हरीश रावत की वापसी के बाद स्थिति साफ होगी?
  • या कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और तेज होगी?

उत्तराखंड में आगामी चुनावों से पहले यह घटनाक्रम कांग्रेस की रणनीति और एकजुटता दोनों की परीक्षा बन सकता है।

  1. हरदा के अवकाश से कांग्रेस में सियासी हलचल
  2. ज्वॉइनिंग से पहले कांग्रेस में बढ़ा सस्पेंस
  3. क्या हरीश रावत को किया जा रहा किनारे?
  4. मिशन मिनिस्टर के बीच कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान
  5. उत्तराखंड कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर सवाल

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समाज कल्याण मंत्री खजान दास की बड़ी समीक्षा बैठक

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समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक, मंत्री खजान दास ने दिए बड़े निर्देश

उत्तराखंड में जनकल्याण योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए Khajan Das ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

पहली समीक्षा बैठक में तय हुई प्राथमिकताएं

मंत्री खजान दास ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली विभागीय समीक्षा बैठक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • समाज कल्याण विभाग से जुड़ी सभी योजनाओं की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की जाए
  • आमजन तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचे
  • हर वर्ग के विकास को प्राथमिकता दी जाए

जनकल्याण योजनाओं पर फोकस

मंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग एक ऐसा महत्वपूर्ण विभाग है, जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़ा हुआ है। इसलिए योजनाओं का क्रियान्वयन तेज, पारदर्शी और प्रभावी होना चाहिए।

‘विकसित भारत 2047’ विजन पर जोर

बैठक के दौरान मंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत 2047 विजन को साकार करने और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के “सशक्त उत्तराखंड” के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

जल्द होगी संयुक्त बैठक

मंत्री ने जानकारी दी कि जल्द ही मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में:

  • समाज कल्याण से जुड़े सभी विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी
  • योजनाओं के बेहतर समन्वय और क्रियान्वयन पर चर्चा होगी

अधिकारी भी रहे मौजूद

इस अवसर पर:

  • अपर सचिव Prakash Chandra
  • निदेशक जनजाति कल्याण Sanjay Tolia

सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।