व्यापारियों को बड़ी राहत, अब 31 मामलों में सीधे FIR पर यूपी सरकार की रोक
हेल्पलाइन शिकायत पर सीएम धामी एक्शन, अधिकारियों को लगाई फटकार
हेल्पलाइन शिकायत पर सीएम धामी एक्शन, अधिकारियों को लगाई फटकार
देहरादून | 17 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर ज़मीनी स्तर पर काम करने की अपनी कार्यशैली का परिचय दिया। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज एक शिकायत की जांच के लिए वह सीधे देहरादून के जाखन क्षेत्र पहुंच गए और मौके पर स्थिति का निरीक्षण किया।
हेल्पलाइन शिकायत पर तुरंत कार्रवाई
जाखन निवासी विवेक मदान ने राजपुर रोड पर अंडरग्राउंड बिजली लाइन के काम के कारण खराब हुए फुटपाथ की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि कार्य के बाद फुटपाथ की टाइल्स धंस गई हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।
मोबाइल से अधिकारियों को दिखाई हकीकत
मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता को साथ लिया और वीडियो कॉल के जरिए अधिकारियों को वास्तविक स्थिति दिखाई। इस दौरान उन्होंने कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि:
“समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि बार-बार खुदाई और मरम्मत से जनता को परेशानी न हो और सरकारी धन की बर्बादी भी रोकी जा सके।”
सुरक्षा पर भी जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि अंडरग्राउंड होने के बावजूद कई जगह बिजली लाइन बाहर दिखाई दे रही है, जो आम लोगों के लिए खतरा बन सकती है। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
पूरे प्रदेश में अभियान चलाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में इस तरह की समस्याओं की जांच कर समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि:
- सभी विभाग समन्वय से काम करें
- लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो
- जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर हो
स्थानीय लोगों से भी किया संवाद
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिया।
क्यों खास है यह खबर? (Discover Boost Points)
- ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री
- हेल्पलाइन शिकायत पर तत्काल एक्शन
- अधिकारियों को ऑन-द-स्पॉट जवाबदेही
- पूरे राज्य में अभियान की घोषणा
उत्तराखंड डेयरी क्षेत्र में डिजिटल क्रांति, ERP प्रणाली का शुभारंभ
उत्तराखंड डेयरी क्षेत्र में डिजिटल क्रांति, ERP प्रणाली का शुभारंभ
देहरादून। प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सौरभ बहुगुणा ने आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन एवं राज्य के दुग्ध संघों में ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणाली का शुभारंभ किया।
‘आंचल’ ब्रांड को मिलेगा राष्ट्रीय विस्तार
इस अवसर पर यूसीडीएफ और Tata Consumer Products के बीच बद्री गाय घी और पहाड़ी घी के विपणन हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इससे ‘आंचल’ ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
ERP से आएगी पारदर्शिता और तेजी
मंत्री ने बताया कि ERP प्रणाली लागू होने से:
- दुग्ध उपार्जन से लेकर विपणन तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी
- किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा
- गुणवत्ता सुधार और तकनीकी सेवाएं बेहतर होंगी
- डेटा आधारित निर्णय से कार्यकुशलता बढ़ेगी
उन्होंने कहा कि अगले 6 माह में सभी दुग्ध संघों में ERP लागू कर दिया जाएगा।
उत्पादन और लक्ष्य
मंत्री ने बताया:
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन: 2.37 लाख लीटर
- अधिकतम: 2.97 लाख लीटर प्रतिदिन
- आगामी लक्ष्य: 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन
साथ ही दुग्ध मूल्य भुगतान 14 दिन के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में:
- चारा एफपीओ को सम्मानित किया गया
- नैनीताल दुग्ध संघ की तीन महिला दुग्ध उत्पादकों को ₹25,000, ₹15,000 और ₹10,000 के पुरस्कार
- हरिद्वार और उत्तरकाशी दुग्ध संघों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मान
नई परियोजनाओं की घोषणा
- 5 नए बद्री गाय ग्रोथ सेंटर स्थापित किए जाएंगे
- सितारगंज (ऊधमसिंह नगर) में दूध पाउडर और आइसक्रीम प्लांट स्थापित होगा
- आइसक्रीम ई-पुश कार्ट का भी लोकार्पण
अन्य उपस्थित
कार्यक्रम में खजान दास सहित कई अधिकारी और दुग्ध संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल डेयरी क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ‘आंचल’ ब्रांड को देशभर में पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
CHAR DHAM YATRA 2026:ग्राउंड जीरो पर उतरे उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी
ग्राउंड जीरो पर उतरे उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी
19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, इस बार कई बड़े बदलाव
19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, इस बार कई बड़े बदलाव
देहरादून। उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से होने जा रहा है। इस बार यात्रा को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनसे श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर और सुगम अनुभव मिलने की उम्मीद है।
कपाट खुलने की तिथियां
- 19 अप्रैल: गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम
- 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम
- 23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम
इन तिथियों के साथ यात्रा पूरी तरह संचालित हो जाएगी।
रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण
अब तक करीब 17.28 लाख श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर चुके हैं। इस बार भी यात्रियों की संख्या नया रिकॉर्ड बना सकती है।
नहीं होगी श्रद्धालुओं की अधिकतम सीमा
इस बार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए दैनिक दर्शन के लिए अधिकतम संख्या की सीमा खत्म कर दी है।
पिछले साल भीड़ नियंत्रण के लिए यह व्यवस्था लागू थी, लेकिन इस बार सभी श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की योजना बनाई गई है।
मंदिर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध
बदरी-केदार मंदिर समिति ने नया नियम लागू किया है:
- बदरीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित
- रील, फोटो और वीडियोग्राफी पर भी रोक
- श्रद्धालुओं के लिए क्लॉक रूम सुविधा उपलब्ध रहेगी
विशेष पूजा शुल्क बढ़ा
इस बार विशेष पूजा के शुल्क में वृद्धि की गई है:
- बदरीनाथ में श्रीमद्भागवत कथा: ₹1 लाख
- केदारनाथ में पूरे दिन की पूजा: ₹51,000
भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष पूजाएं रात्रि में कराई जाएंगी, जबकि दिन में सामान्य दर्शन होंगे।
सरकार की प्राथमिकता: सुरक्षित और सुगम यात्रा
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार की रीढ़ है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाओं वाली यात्रा का अनुभव मिले। कुल मिलाकर, इस बार की चारधाम यात्रा में भीड़ नियंत्रण के नए तरीके, डिजिटल प्रबंधन और सख्त नियमों के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था देखने को मिलेगी।
डिजिटल विकास को नई दिशा देंगे ऐसे आयोजन: सीएम धामी
डिजिटल विकास को नई दिशा देंगे ऐसे आयोजन: सीएम धामी
देहरादून। पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टेक्नोलॉजी और साइंस जैसे विषयों पर आधारित इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव राज्य एवं देश के डिजिटल विकास को नई दिशा देंगे।
उत्तराखंड: रणनीतिक और पर्यटन दृष्टि से अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य होने के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी अग्रणी है। राज्य में प्रतिवर्ष 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आते हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
फिल्म शूटिंग और निवेश के बढ़ते अवसर
उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे फिल्म शूटिंग के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है। साथ ही औद्योगिक निवेश के लिए भी यहां बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं, जिनको विकसित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभरता उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। सुरम्य स्थल और आधुनिक सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बनाती हैं। सरकार इस दिशा में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
उद्योग जगत की भागीदारी
बैठक में NTT Global Data Centers, AdaniConneX और NetForChoice सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर व निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तराखंड को डिजिटल और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान भी मिलेगी।
देहरादून में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर-यूथ टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आगाज़
देहरादून में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर-यूथ टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आगाज़
देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को परेड ग्राउंड स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।
मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का आभार भी व्यक्त किया।
खेल व्यक्तित्व निर्माण का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार है। खेलों के जरिए अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन मूल्यों का विकास होता है, जो युवाओं को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे न केवल अपने-अपने राज्यों का, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मेहनत और संकल्प भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
टेबल टेनिस: गति और रणनीति का खेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेबल टेनिस एक ऐसा खेल है, जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय लेने और रणनीतिक सोच विकसित करने में मदद करता है।
खेल संस्कृति को मिल रही नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है।
उत्तराखंड बना ‘खेलभूमि’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के साथ उत्तराखंड ने खुद को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में भी स्थापित किया है। इस आयोजन में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान बनाया।
उन्होंने कहा कि खेलों में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और आत्मविश्वास है, जो उन्हें सच्चा विजेता बनाता है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
