Home Blog Page 186

मुख्यमंत्री धामी ने ‘गुलदस्ता’ स्मारिका का किया विमोचन

0

मुख्यमंत्री धामी ने ‘गुलदस्ता’ स्मारिका का किया विमोचन

देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘गुलदस्ता’ का विमोचन शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तरांचल प्रेस क्लब के सभी सदस्यों और प्रदेश के पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को चतुर्थ स्तंभ के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। पत्रकार सत्ता और जनता के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करते हैं, जो जनमानस की आवाज को शासन तक और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है और राज्य के समग्र विकास में इसकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार पत्रकारों और उनके परिवारजनों के कल्याण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र सिंह कंडारी, सुरेंद्र सिंह डसीला, संदीप बडोला, मनीष डंगवाल, रमन जायसवाल, किशोर रावत सहित कई अन्य पत्रकार भी उपस्थित रहे।

Mansuri Travel Guide Destination मसूरी में घूमने की जगहें, पहुँचने का तरीका और होटल जानकारी

0

मसूरी में घूमने की जगहें, पहुँचने का तरीका और होटल जानकारी

मसूरी में घूमने की प्रमुख जगहें:

मसूरी, जिसे “पर्वतों की रानी” कहा जाता है, उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। यहाँ कई सुंदर और लोकप्रिय पर्यटक स्थल हैं, जैसे:

  1. गन हिल (Gun Hill) – मसूरी का दूसरा सबसे ऊँचा स्थान जहाँ से हिमालय की खूबसूरत चोटियों का नज़ारा मिलता है।
  2. केम्प्टी फॉल्स (Kempty Falls) – एक सुंदर जलप्रपात, जहाँ पर्यटक नहाने और पिकनिक के लिए जाते हैं।
  3. लाल टिब्बा (Lal Tibba) – मसूरी का सबसे ऊँचा पॉइंट, जो एक शानदार व्यूपॉइंट है।
  4. मॉल रोड (Mall Road) – शॉपिंग, खाने-पीने और टहलने के लिए सबसे पसंदीदा जगह।
  5. क्लाउड्स एंड (Cloud’s End) – प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद शांत और हरा-भरा स्थान।
  6. कैमल्स बैक रोड (Camel’s Back Road) – घोड़े की पीठ के आकार की चट्टानों से बना रास्ता, वॉकिंग और सनसेट व्यू के लिए प्रसिद्ध।

मसूरी कैसे पहुँचें:

  1. हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) है, जो मसूरी से लगभग 60 किमी दूर है।
  2. रेल मार्ग: देहरादून रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है, जो मसूरी से लगभग 35 किमी दूर है।
  3. सड़क मार्ग: मसूरी देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। देहरादून से टैक्सी, बस या अपनी गाड़ी से आसानी से पहुँचा जा सकता है।

मसूरी में होटल और ठहरने की सुविधा:

मसूरी में हर बजट के अनुसार होटल उपलब्ध हैं—बजट होटल से लेकर लक्ज़री रिज़ॉर्ट तक:

  • बजट होटल: ₹800 – ₹2000 प्रति रात
  • मिड-रेंज होटल: ₹2000 – ₹5000 प्रति रात
  • लक्ज़री होटल और रिज़ॉर्ट: ₹5000 से ऊपर

कुछ प्रसिद्ध होटल:

  • JW Marriott Walnut Grove Resort & Spa
  • The Claridges Nabha Residence
  • Hotel Vishnu Palace
  • Bunkotel (बजट ट्रैवलर्स के लिए)

अंकिता को मिला इंसाफ धामी सरकार पर बड़ा विश्वास

“न्याय की जीत, सख्त सरकार की मिसाल – धामी युग में खौफ में अपराधी”

“अंकिता को मिला इंसाफ, उत्तराखंड की जनता को मिला विश्वास”

“उत्तराखंड बोले – अब बेटियां डरेंगी नहीं, सरकार उनके साथ है”

उत्तराखंड की धरती पर न्याय की वह घड़ी आखिरकार आ गई, जिसका बेसब्री से इंतजार था। अंकिता भण्डारी हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आ चुका है—पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह केवल एक सजा नहीं, बल्कि उस सख्त और जवाबदेह शासन की घोषणा है जिसकी कमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में है।

इस पूरे मामले में धामी सरकार ने न केवल संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि विलंब के बजाय निर्णय की गति को चुना। घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजना, SIT का गठन कर जांच को तेज़ और पारदर्शी बनाना, आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाना, 500 पन्नों की चार्जशीट तैयार करना—ये सब दिखाता है कि जब सरकार गंभीर होती है, तो न्याय की प्रक्रिया न रुकती है, न झुकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक मदद दी, साथ ही अंकिता के भाई और पिता को सरकारी नौकरी देकर एक व्यावहारिक सहानुभूति का परिचय दिया। सरकार ने तीन बार वकील बदले ताकि केस में कोई कसर न रह जाए और सरकारी वकील की दमदार पैरवी से बार-बार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज होती रहीं।

यह फैसला बताता है कि मुख्यमंत्री धामी के राज में न कोई अपराधी बच सकता है, न ही कोई पीड़ित अकेला पड़ सकता है। उत्तराखंड की जनता आज भरोसे से कह सकती है कि उनकी सरकार उनके साथ है—सिर्फ वादों में नहीं, हर मुश्किल की घड़ी में, जमीन पर खड़ी होकर।

इस फैसले से यह भी साबित हुआ कि धामी सरकार के राज में बेटियों की गरिमा और न्याय व्यवस्था दोनों सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने साबित किया है कि वे न तो दबाव में झुकते हैं और न ही संवेदनाओं को अनसुना करते हैं। उन्होंने कहा था—“न्याय में देरी नहीं होगी और अपराधियों के लिए कोई रहम नहीं होगी”, और आज वही हुआ।

उत्तराखंड में यह सिर्फ न्याय की जीत नहीं है, यह एक नई प्रशासनिक संस्कृति की शुरुआत है—जहां सरकार जनता की पीड़ा को समझती है और जवाबदेह रहती है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड तीनों आरोपी को मिली उम्र कैद सरकार के कड़क फैसले ने दिखाया दम

0

बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने आज फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इन पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है। वहीं, कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड और अंकिता के परिजनों को चार लाख रुपये देने का फैसला भी कोर्ट ने सुनाया। 

उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी केस में पुष्कर सिंह धामी सरकार के कड़क फैसले से आरोपी जेल में भेजे गए थे कोर्ट में मजबूत पैरवी से उत्तराखंड में धामी सरकार पर जनता का भरोसा अधिक हुआ है आरोपी कोई भी हो लेकिन धामी सरकार ने किसी को नहीं बक्शा है अंकिता मामले में तीनों आरोपी उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद हर तरफ अब चर्चा में पुष्कर सिंह धामी सरकार के पक्ष में माहौल देखा जा रहा है

उत्तराखंड में कड़क धामी सरकार पहले से ही अपने फैसले लेकर जनता का भरोसा जीत पाने में कामयाब रही अब अंकिता भंडारी मामले में सजा सुनाए जाने के बाद अंकिता भंडारी के परिजनों ने कानून का न्याय मिलने पर भरोसा कायम किया है उन्होंने कहा आरोपी सजा पाकर आज उनको न्याय मिला है

अंकिता भंडारी मामले पर तीनों आरोपी पर बड़ा फैसला

0

कोटद्वार अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ी खबर पर सबकी नजर रही कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आज शुक्रवार को सुनवाई हुई. इस फैसले पर पूरे देश की निगाह टिकी हुई थी. इस मामले के तीन मुख्य आरोपी हैं – पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता, तीनों को अदालत ने दोषी माना है. पुलकित आर्य वंतारा रिज़ॉर्ट का मालिक था, जहां से 18 सितंबर 2022 को अंकिता रहस्यमयी तरीके से लापता हुई थीं. बाद में उसका शव एक नहर से बरामद हुआ था. इस घटना से पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था.

पुलकित आर्य पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354A (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं. वहीं, अन्य दोनों आरोपियों पर भी हत्या और अनैतिक कार्यों में सहयोग के आरोप लगे हैं.मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, जिसने 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इसमें कुल 97 गवाह नामित किए गए थे, जिनमें से अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों को पेश किया था.

उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कोर्ट परिसर पूरी तरह पुलिस घेरे में रहा तीनों आरोपी कोर्ट में लाए गए फैसले पर सबकी नजर रही मीडिया से लेकर हर जगह आखिरकार फैसला आया तीनों आरोपी पर दोष सिद्ध को लेकर गवाह से लेकर साक्ष्य प्रस्तुत हुए थे

उत्तराखंड में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का शुभारंभ

0

उत्तराखंड में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का शुभारंभ, किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक और तकनीकी मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुनियाल गांव से की शुरुआत, 12 जून तक चलाया जाएगा विशेष अभियान

देहरादून, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गुनियाल गांव से “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह अभियान प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, योजनाओं और नवाचारों से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 मई से 12 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की टीमें 95 विकासखंडों, 670 न्याय पंचायतों और 11,440 गांवों में पहुंचेंगी। पूरे प्रदेश में तीन टीम प्रति जिला के मान से प्रतिदिन तीन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें हर कार्यक्रम में 600 से अधिक किसानों से संवाद किया जाएगा।

मुख्य उद्देश्य और लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान का उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण, उन्नत फसलों का चयन, कृषि यंत्रों, पशुपालन, बागवानी, और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। साथ ही, किसानों के पारंपरिक ज्ञान और सुझावों को एकत्र कर उन्हें वैज्ञानिक शोधों में उपयोग किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा,

“यह अभियान हमारे किसानों को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है, जिसमें अन्नदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।”

राज्य सरकार की कृषि योजनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:

  • किसानों को 3 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।
  • फार्म मशीनरी बैंक योजना में 80% तक सब्सिडी
  • गन्ना मूल्य में ₹20 प्रति क्विंटल की वृद्धि।
  • सिंचाई नहरों से मुफ्त जल आपूर्ति
  • पॉलीहाउस निर्माण हेतु ₹200 करोड़ का बजट प्रावधान
  • 1000 करोड़ की लागत से वर्षा आधारित खेती को बढ़ावा
  • 1200 करोड़ की लागत से नई सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू।
  • जैविक चाय बागानों और 6 एरोमा वैली का विकास।

स्थानीय घोषणाएं

गुनियाल गांव में सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, सौंग नदी संरक्षण हेतु चैक डैम, आरसीसी दीवार और कट-ऑफ वॉल निर्माण की घोषणा भी की गई।

कृषि मंत्री गणेश जोशी का वक्तव्य

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अभियान को “विकसित भारत 2047” के विज़न से जोड़ते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में 50 से 60% वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, कृषि सचिव एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, भरसार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमेन्द्र कौशल, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने को परिवहन विभाग ने किया भव्य आयोजन

0

गुड सेमिरिटन समेत तीन नागरिकों को किया गया सम्मानित, ‘4E मॉडल’ को बताया गया कारगर उपाय

देहरादून, राज्य में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा दून लाइब्रेरी, परेड ग्राउंड में एक जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने की, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, मानवाधिकार आयोग सदस्य राम सिंह मीणा, एवं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मान से प्रोत्साहन: नेक राहगीरों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए तीन नागरिकों को सम्मानित किया गया:

  • गुड सेमिरिटन (नेक राहवीर) सम्मान: सुश्री विजयश्री जोशी को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता कर उसे अस्पताल पहुंचाने हेतु प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह एवं ₹5000 नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • सड़क सुरक्षा जागरूक नागरिक सम्मान: आशु कुशवाहा को यातायात नियमों की जनजागरूकता फैलाने हेतु सम्मानित किया गया।
  • सड़क सुरक्षा मित्र सम्मान: उमेश्वर सिंह रावत को स्वेच्छा से सड़क सुरक्षा क्षेत्र में योगदान हेतु सम्मान प्रदान किया गया।

सांसद ने किया सड़क सुरक्षा को राष्ट्रीय चिंता का विषय घोषित

अपने संबोधन में सांसद श्री नरेश बंसल ने कहा, “एक शहर से दूसरे शहर की दूरी भले घटी हो, लेकिन सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।” उन्होंने ट्रैफिक नियमों के पालन की अनिवार्यता पर बल देते हुए सुझाव दिया कि स्कूल-कॉलेज, ब्लॉकों और सार्वजनिक स्थलों पर यातायात संकेतों और साइनबोर्डों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई जाए।

सुरक्षा के चार स्तंभ: ‘4E’ मॉडल

कार्यक्रम में आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनिता चमोला ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु ‘4E’ मॉडल—इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इनफोर्समेंट, और इमरजेंसी केयर—के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अच्छी सड़कें, बेहतर शिक्षा, नियमों का कड़ाई से पालन और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

रैली के माध्यम से दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

कार्यक्रम के बाद घंटाघर से परेड ग्राउंड तक सड़क सुरक्षा पर केंद्रित एक जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इसमें ई-वाहन, ई-ऑटो, ड्राइविंग स्कूल वाहन, प्रदूषण चेकिंग लैब्स आदि शामिल रहे।

उपस्थित विशिष्टजन

कार्यक्रम में सहायक परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी, आरटीओ डॉ. संदीप सैनी, सीओ ट्रैफिक जगदीश चंद्र पंत, एआरटीओ चक्रपाणी मिश्रा, पंकज श्रीवास्तव, परिवहन कर अधिकारी अनिल नेगी सहित कई विभागीय अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता व नागरिक उपस्थित रहे।

राजस्व प्राप्ति से ही संभव है राज्य का सतत विकास: डीएम सविन बंसल

0

राजस्व प्राप्ति से ही संभव है राज्य का सतत विकास: डीएम सविन बंसल

देहरादून, देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय राजस्व संवर्धन एवं अनुश्रवण समिति की मासिक बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में विभिन्न रेखीय विभागों को वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति, कर चोरी की रोकथाम, और राजस्व वृद्धि के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

राजस्व ही राज्य के सुशासन की आधारशिला

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व प्राप्ति राज्य सरकार की विकास योजनाओं, सेवा वितरण और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अतिमहत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा, “राजस्व की उपलब्धता ही शासन को मजबूत बनाती है।” अतः प्रत्येक रेखीय विभाग को चाहिए कि वह कर और गैर कर राजस्व के लक्ष्यों को समय से प्राप्त करे।

प्रवर्तन और समन्वय—दोनों जरूरी

बैठक में डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन का दायित्व केवल प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरविभागीय समन्वय, प्रोत्साहन और नीति क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विभागों को क्षेत्रीय निरीक्षण बढ़ाने और कर अपवंचन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विभागवार निर्देश

  • खनन, बाट-माप और परिवहन विभाग को प्रवर्तन की कार्यवाही में तेजी लाने को कहा गया।
  • विद्युत एवं जल संस्थान को उपभोक्ता कनेक्शन की सघन समीक्षा करते हुए बिजली व पानी चोरी पर रोक लगाने के निर्देश।
  • आबकारी, वन, सिंचाई विभाग सहित अन्य राजस्व-संबंधित विभागों को समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

राजस्व रिपोर्टिंग और विश्लेषण

अपर जिलाधिकारी के. के. मिश्रा ने वर्ष 2024-25 में विभागीय आय और निर्धारित लक्ष्यों की तुलना प्रस्तुत की तथा आगामी वर्ष 2025-26 के लिए विभागवार राजस्व लक्ष्य साझा किए।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय राज, एसडीएफओ उदय गौर, अभिषेक मैठाणी, एडीसीओ रश्मि भट्ट, खनन अधिकारी नवीन सिंह, श्रम अधिकारी दीपक कुमार, और विभिन्न रेखीय विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मसूरी में आधारभूत संरचना सुधार को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

0

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मसूरी में आधारभूत संरचना सुधार को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

देहरादून, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में मसूरी में आधारभूत संरचना एवं नागरिक सुविधाओं में सुधार को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में रोड कनेक्टिविटी, यातायात संकुलन, पर्यटन गंतव्यों के विकास, और स्थानीय नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

यातायात और सड़क व्यवस्था पर फोकस

मुख्य सचिव ने मसूरी में यातायात जाम की गंभीर समस्या पर चिंता जताते हुए वैकल्पिक मार्गों के सुधार, जैसे झड़ीपानी रोड, कैमल्स बैक रोड, लंढौर, खट्टापानी रोड के चौड़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल विभाग बनाया गया है।

साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि मसूरी ट्रैफिक प्लान को सख्ती से लागू किया जाए और पूर्व में संचालित गोल्फ कार्ट सेवा को फिर से शुरू किया जाए, जिससे मॉल रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।

नए पर्यटन स्थलों की पहचान और विकास

मुख्य सचिव ने झड़ीपानी फॉल, शिखर फॉल, मॉसी फॉल जैसे स्थलों को विकसित करने के निर्देश दिए, साथ ही मसूरी क्षेत्र में नए ट्रेकिंग रूट्स और पर्यटन स्थलों की तलाश कर पर्यटन मैप तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मसूरी में पर्यटन का दबाव कम करने और नए गंतव्यों को बढ़ावा देने के लिए यह आवश्यक है।

पार्किंग और इको-फ्रेंडली उपायों पर बल

उन्होंने नए पार्किंग स्थलों की पहचान, किंग क्रेग पार्किंग के शीघ्र संचालन, तथा निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय सौंदर्य को बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही ईको टोल टैक्स को FASTag के माध्यम से वसूलने और सड़कों पर सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाने की बात कही, ताकि बिजली जाने की स्थिति में भी रोशनी बनी रहे।

र Ropeway योजना पर प्रारंभिक सर्वेक्षण

मुख्य सचिव ने मसूरी की इंटरनल कनेक्टिविटी बढ़ाने हेतु रोपवे की संभावनाओं पर अध्ययन कराने के निर्देश दिए हैं।


उपस्थित अधिकारी:
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी सविन बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार नगर निगम भूमि घोटाले पर जांच रिपोर्ट पेश, तीन वरिष्ठ अधिकारी दोषी करार

0

देहरादून/हरिद्वार, हरिद्वार नगर निगम की भूमि खरीद में हुए कथित करोड़ों के घोटाले को लेकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रणवीर सिंह चौहान द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में हरिद्वार के जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी और एसडीएम अजयवीर सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया है।

रिपोर्ट शहरी विकास सचिव नितेश झा को सौंपी गई है और अब निर्णय की गेंद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के पाले में है।

क्या है मामला:

नगर निगम हरिद्वार ने सराय गांव में वर्ष 2024 के अंत में एक 33 बीघा कृषि भूमि को कमर्शियल उपयोग के लिए लगभग 54 करोड़ रुपये में खरीदा था। जांच में सामने आया कि भूमि का लैंड यूज नियमों को ताक पर रखकर केवल 20 दिनों में बदल दिया गया, जिससे उसकी कीमत अचानक कई गुना बढ़ गई। सर्किल रेट के अनुसार यह भूमि 15 करोड़ से भी कम में खरीदी जा सकती थी।

जांच में सामने आई प्रमुख बातें:

  • भूमि खरीद में पूर्व अनुमति, ट्रांसपेरेंसी और नीलामी प्रक्रिया का उल्लंघन
  • लैंड यूज परिवर्तन में एसडीएम कार्यालय की असामान्य तेजी
  • भूमि को गोदाम निर्माण के नाम पर खरीदा गया, लेकिन उपयोग को लेकर स्पष्ट योजना नहीं थी
  • सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत, बिना ठोस परियोजना के भूमि क्रय
  • फाइलों के “असामान्य वेग” से दौड़ने पर “बाहरी दबाव” की आशंका

अब तक की कार्रवाई:

1 मई को चार नगर निगम अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर भी कार्मिक विभाग स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना बन रही है।

किसानों के खाते फ्रीज:

जिन किसानों से भूमि खरीदी गई, उनके खातों को फ्रीज करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

पारदर्शिता पर गंभीर सवाल:

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भूमि खरीद के पीछे कोई स्पष्ट योजना या परियोजना नहीं थी, और न ही शासन से स्वीकृति ली गई थी। धारा 143 के अंतर्गत दी गई सशर्त अनुमति का भी दुरुपयोग हुआ।


निष्कर्ष:

हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में प्रशासनिक लापरवाही, वित्तीय अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद अब नजरें मुख्यमंत्री धामी सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा — यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।