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पुष्कर सरकार कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले

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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: ‘महक क्रांति नीति’ को मंजूरी समेत 6 अहम प्रस्तावों पर मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े 6 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों में किसानों के लिए बड़ी सौगात लेकर आई ‘महक क्रांति नीति’, कारागार विभाग का पुनर्गठन, शिक्षा, आवास, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सुधार जैसे अहम फैसले शामिल हैं।


1. महक क्रांति नीति को मंजूरी – किसानों के लिए खुशखबरी

राज्य में अरोमैटिक (सुगंधित) खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘महक क्रांति नीति’ को स्वीकृति दे दी गई है।

  • पहले चरण में 91,000 किसानों को जोड़कर 22,750 हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित पौधों की खेती कराई जाएगी।
  • सब्सिडी योजना:
    • 1 हेक्टेयर तक की खेती पर 80% सब्सिडी
    • 1 हेक्टेयर से अधिक पर 50% सब्सिडी

सरकार का मानना है कि इस नीति से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


2. कारागार विभाग का पुनर्गठन

उत्तराखंड कारागार विभाग के पुनर्गठन को कैबिनेट की मंजूरी मिली।

  • कई नए पदों का सृजन किया जाएगा
  • 27 पद स्थायी, जबकि अन्य आउटसोर्सिंग से भरे जाएंगे
    इससे जेल व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बन सकेगी।

3. ईडब्ल्यूएस आवास निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹27 करोड़

रुद्रपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे 1872 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹27 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है।
इससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और आवासहीन गरीबों को लाभ मिलेगा।


4. शिक्षा विभाग में 8 नए पद – दूरदराज के छात्रों को लाभ

दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारण के लिए शिक्षा विभाग में 8 नए पदों को स्वीकृति मिली है।

  • यह SCERT के तहत संचालित टीवी चैनल के ज़रिए दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा।

5. विशेष शिक्षा में आउटसोर्सिंग से अवसर

राजकीय प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली के तहत

  • सितंबर 2017 से मार्च 2019 के बीच डिस्टेंस डीएलएड पास युवाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से विशेष शिक्षा में अवसर मिलेगा।
  • साथ ही, टीईटी अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।

6. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सुधार

दिव्यांगजनों से विवाह करने पर मिलने वाली अनुदान राशि को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया है।
इस कदम का उद्देश्य समाज में समावेशिता और सकारात्मक सामाजिक सोच को बढ़ावा देना है।


इन सभी निर्णयों को उत्तराखंड सरकार की विकासपरक, समावेशी और लोककल्याणकारी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

‘जीएसटी बचत उत्सव’ पर प्रधानमंत्री मोदी का देशवासियों को संदेश: अब हर घर में होगी और बचत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के अवसर पर देशवासियों को एक खुला पत्र लिखते हुए कहा है कि इस त्योहार के मौसम में देश को एक और बड़ा तोहफा मिला है। 22 सितंबर से लागू हुए नए जीएसटी सुधारों के साथ ही पूरे देश में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत हो गई है।

हर वर्ग को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री ने बताया कि इन सुधारों का सीधा लाभ किसानों, महिलाओं, युवाओं, गरीबों, मध्यम वर्ग, व्यापारियों, लघु और कुटीर उद्योगों को मिलेगा। जीएसटी की नई व्यवस्था को “अगली पीढ़ी के सुधार” बताते हुए उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम कहा।


अब दो ही मुख्य टैक्स स्लैब – रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई प्रणाली में अब मुख्य रूप से केवल दो टैक्स दरें होंगी।

  • खाने-पीने की चीजें, दवाइयाँ, साबुन, टूथपेस्ट जैसी जरूरी वस्तुएं या तो शून्य टैक्स या 5% टैक्स पर मिलेंगी।
  • घर और परिवार से जुड़ी अधिकांश वस्तुएं और सेवाएं 5% टैक्स में आ गई हैं।
  • इंश्योरेंस प्लान्स भी अब जीएसटी-मुक्त होंगे, जिससे वे अधिक किफायती बनेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि कई दुकानदारों ने “पहले और अब” नामक बोर्ड लगाकर ग्राहकों को दिखाया है कि सामान अब कितना सस्ता हो गया है।


व्यापारियों और लघु उद्योगों को मिली राहत

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद अनेक वस्तुओं पर टैक्स खत्म किया गया था, जिससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली।
अब ये नेक्स्ट जनरेशन सुधार टैक्स सिस्टम को और सरल बना रहे हैं। इससे छोटे दुकानदारों और उद्यमियों को काम करना और आसान होगा।


मध्यम वर्ग को बड़ी राहत

मोदी ने बताया कि बीते 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं और देश में एक मजबूत मध्यम वर्ग उभरा है।

  • 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की आयकर छूट पहले ही दी जा चुकी है।
  • अब जीएसटी में सुधारों से भी मध्यम वर्ग को हर साल लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी।

आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता आवश्यक है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं, जिससे स्थानीय उद्योगों को बल, रोजगार में वृद्धि, और कारीगरों को सम्मान मिलेगा।

“जब आप देश में बने उत्पाद खरीदते हैं, तो आप न केवल बचत करते हैं, बल्कि देश के कई परिवारों की आजीविका में भी योगदान देते हैं,” उन्होंने लिखा।


प्रधानमंत्री की अपील

प्रधानमंत्री ने दुकानदारों और व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा दें। “आइए गर्व से कहें – यह स्वदेशी है।”

अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को नवरात्रि और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुभकामनाएँ देते हुए कामना की कि

“आपके घर की बचत बढ़े, सपने पूरे हों और त्योहारों की खुशियाँ दोगुनी हों।”

स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत रक्तदान शिविर

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स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत सविवालय में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग तथा सचिवालय संघ के तत्वाधान में एक विशेष स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन द्वारा किया गया। शिविर में कुल 450 लोंगो के द्वारा पंजीकरण कर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया गया तथा 93 लोगों के द्वारा रक्तदान भी किया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सचिवालय में आयोजित स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर स्वास्थ्य विभाग एवं सचिवालय संघ का एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी सचिवालय कर्मियों और उनके परिजनों को इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ लेने का अनुरोध किया। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं सचिवालय संघ की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से आम लोगो को काफी लाभ मिलता है। मुख्य सचिव ने शिविर में रक्तदान करने वाले व्यक्तियों की प्रंशसा करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग एवं दून मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ, टैक्नीशियन के द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई। शिविर में विभिन्न प्रकार के चिकित्सयीय परीक्षण और दवा वितरण की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई।

शिविर में फीजिशियन, सर्जन, ईएनटी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र रोग, त्वचा रोग, मनोचिकित्सा, बाल रोग तथा फिजियोथेरेपी से संबधित विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस मौके पर रक्त एवं मधुमेह से संबंधित 396 जांचे की गई तथा 175 ईसीजी परीक्षण भी किये गये।

इस मौके पर सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ सुनीता टम्टा, निदेशक डॉ शिखा जंगपांगी, दून मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ अजय आर्य, नोडल अधिकारी डॉ विमलेश जोशी, डॉ अमित शुक्ला, डॉ रवीन्द्र राणा, डॉ केसी पंत, डॉ अनिल आर्य, सहित सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील लखेडा, महासचिव राकेश जोशी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थें।

नहीं बख्शे जाएंगे नकल माफिया – मुख्यमंत्री

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सीएम बोले उत्तराखंड में आने वाला समय स्थिरता और विकास का

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा।

सोमवार को, स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, इसमें एक भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रकिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। इससे कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिस कारण वो सरकार का बदनाम करने का प्रयास करने लगे। रविवार को भी फिर ऐसा प्रयास किया गया, जबकि ये पेपर लीक जैसा मामला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नकल माफिया, कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का षडयंत्र रच रहे हैं, इसका जल्द खुलासा होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नकल माफिया को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा षडयंत्र पूर्व में भी हो चुका है, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता के साथ सभी परीक्षाओं को सम्पन्न कराकर नकल माफिया के इरादों पर पानी फेर दिया।

जनता ने चुना राजनैतिक स्थिरता और विकास

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है, उत्तराखंड का आने वाला समय विकास और स्थिरता के नाम रहेगा।

आपदा में फर्स्ट रिस्पांडर
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की जद में आया है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है वो आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचकर लोगों का दुख दर्द बांट सके, साथ ही तत्काल राहत और बचाव अभियान भी संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड में मौजूद वैज्ञानिक संस्थानों के जरिए उत्तराखंड में आपदा के कारणों का पता लगाते हुए, आपदा की पूर्व सूचना जुटाने और नुकसान को कम से कम करने की दिशा में प्रयासरत है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दुर्गेश पंत, वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित तमाम लोग उपस्थित हुए।

अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन सील

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किसी भी निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य लें- बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर सख़्त कार्रवाई की है। भुवन रावत द्वारा गली नंबर 9, निर्मल बाग, ब्लॉक–बी, ऋषिकेश में किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को सोमवार को एमडीडीए टीम ने सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता मनीष डिमरी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइज़र बीरेंद्र खंडूरी, सतीश कुमार सहित पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति के हो रहे निर्माणों को रोका जाए। नियमों के विरुद्ध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन को भी सलाह है कि किसी भी निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य लें। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध निर्माणों पर भविष्य में भी इसी प्रकार की सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में विभागों के कार्ययोजनाओं की समय सीमा की निर्धारित

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मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिंदुओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि बजट सत्र 2024-25 के दौरान मा0 वित्त्त मंत्री के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिन्दुओं को सम्बन्धित विभाग, शीघ्र समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों एवं महत्त्वपूर्ण पर्यटक स्थलों को हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराए जाने हेतु शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कार्ययोजना के सभी स्तरों की समय सीमा निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश के असुरक्षित पुलों एवं आवागमन हेतु प्रयोग हो रही ट्रॉलियों का शीघ्र ही जीर्णोद्धार करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ट्रॉलियां संचालित हो रही हैं, वहां शीघ्र से शीघ्र पुल तैयार कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि प्रदेश में कहीं गैर सरकारी ट्रॉली भी संचालित हो रही है, तो ऐसी ट्रॉलियों का भी सेफ्टी ऑडिट करवा लिया जाए, साथ ही सरकार द्वारा इसे नियमानुसार संचालित कराया जाए एवं ऐसी ट्रॉलियों को लोक निर्माण विभाग द्वारा जीर्णोद्धार किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को प्रदेश की सड़कों को क्रैश बैरियर से संतृप्त किया जाए। उन्होंने इसके लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्य योजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में ई-ऑफिस लागू किए जाने हेतु सभी विभागों से सूचना मांगी है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को ई-ऑफिस में शिफ्ट किए जाने और शासन के साथ लिंकेज की प्रक्रिया में गति लाने की आवश्यकता है। उन्होंने आईटी विभाग को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में थीम बेस्ड विज्ञान एवं नवाचार केन्द्रों की स्थापना की दिशा में तेजी लाते हुए कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जनपद रूद्रप्रयाग में विज्ञान एवं नवाचार केन्द्र के लिए जिलाधिकारी से सम्पर्क कर शीघ्र भूमि चिन्हित किए जाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश के 13 रोजगार केन्द्रों को स्वरोजगार केन्द्रों के रूप में विकसित किए जाने और इन स्वरोजगार केन्द्रों को लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग आदि सुविधाओं से अच्छादित करते हुए केन्द्रीयकृत स्वरोजगार केन्द्र तैयार किए जाएं। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश उद्योग विभाग एवं सेवायोजन विभाग को दिए।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता के साथ ही सभी जनपद मुख्यालयों और 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में शीघ्र से शीघ्र पुस्तकालय की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों का संचालन दून लाईब्रेरी की तर्ज पर सोसाईटी मोड पर किया जाए, ताकि इनके संचालन एवं रखरखाव की समस्या का हल हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, सी. रविशंकर, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, रंजना राजगुरू, हिमांशु खुराना एवं गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को राजभवन परिसर में ‘‘भगीरथ उद्यान’’ का किया उद्घाटन

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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजभवन परिसर में ‘‘भगीरथ उद्यान’’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यान में स्थापित महान राजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया।

राजभवन स्थित ‘‘भगीरथ उद्यान’’ में लगभग 10 फीट ऊंची प्रतिमा को 8 फीट ऊँचे ग्रेनाइट चबूतरे पर स्थापित किया गया है। इसे हरिद्वार के प्रख्यात कलाकार श्री शिवम चौरसिया ने फाइबर और रेजिन से निर्मित किया है। उद्यान में प्रतिमा के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का भी रोपण किया गया है, जो इसे हरियाली और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हैं।

 इस अवसर राज्यपाल ने कहा यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणा-स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यहाँ नक्षत्र, प्रकृति, मंदिर और पर्वत मिलकर उस दिव्य संकल्प का संदेश देते हैं कि जब ध्येय लोक कल्याण हो, तो देवत्व और प्रकृति दोनों मार्ग प्रशस्त कर देते हैं। उन्होंने इस उद्यान को तैयार करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह प्रतिमा राजभवन आने वाले प्रत्येक नागरिक और अतिथियों को कर्तव्यनिष्ठा, लोक कल्याण और भारतीय संस्कृति का संदेश देती रहेगी। उन्होंने कहा यह प्रतिमा हमें सदा स्मरण दिलाएगी कि ‘भगीरथ प्रयत्न’ ही महान लक्ष्यों की प्राप्ति का मार्ग है।

उद्घाटन से पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राजभवन स्थित राजप्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल कुमार किशोर, अपर सचिव रीना जोशी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, अपर सचिव लो.नि.वि. विनीत कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंडया, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, सहायक अभियंता लो.नि.वि. श्री विजय धस्माना, उद्यान अधिकारी दीपक पुरोहित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने की जी.एस.टी. की नई दरों और स्वदेशी अभियान पर जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के मंत्रीगणों, विधायकगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से देशभर में जी.एस.टी. की नई दरें प्रभावी होंगी। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई दरों का लाभ आम जनता और व्यापारिक समुदाय तक तीव्रता से पहुँचे, इसके लिए प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे 22 से 29 सितम्बर तक अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करें। इस दौरान प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों में तथा विधायकगण अपनी विधानसभाओं में अभियान का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. की संशोधित दरों से प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी तथा “वोकल फ़ॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की दिशा में राज्य को गति प्रदान होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के अंब्रेला ब्रांड “हाउस ऑफ हिमालयाज” और जी.आई. टैग प्राप्त 27 उत्पाद, एक जनपद दो उत्पाद योजना तथा अन्य स्थानीय हस्तशिल्प और कृषि उत्पाद को नए कर ढांचे से बढ़ावा मिलेगा। इससे स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने में सहयोग मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों एवं निकायों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने प बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं और नगर निकायों के स्तर पर बैठकों का आयोजन हो, जिसमें ग्रामीणों और शहरी क्षेत्र में लोगों को विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही उद्योग विभाग को भी यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जी.आई. टैग वाले उत्पादों और “एक जनपद दो उत्पाद” योजना को और अधिक सशक्त तथा बाज़ारोन्मुख बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता अभियान केवल प्रचार तक सीमित न रहे बल्कि इसमें आमजन की सहभागिता और जनभागीदारी भी सुनिश्चित हो। इसके लिए नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों तथा अन्य सांस्कृतिक माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिससे संदेश लोगों तक सहज और प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों का भी उपयोग कर आम नागरिकों और व्यवसायियों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. की नई दरें लागू होने के बाद न केवल व्यापार सुगमता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों को इसका लाभ प्राप्त होगा। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादकता और विपणन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और छोटे-छोटे उद्यमी भी राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जुड़ सकेंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा व्यक्त की कि वे स्वयं इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और इसे जन अभियान का स्वरूप दें। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की आर्थिक शक्ति को बढ़ाने में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जी.एस.टी की नई दरों से आमजन और व्यवसायियों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी

बैठक में राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, श्रीमती रेखा आर्या, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

अखाड़ा परिषद ने आपदा राहत में निभाई अग्रणी भूमिका, मुख्यमंत्री ने किया संत समाज के योगदान का अभिनंदन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज डामकोठी, हरिद्वार में अखाड़ा परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर परिषद द्वारा हाल ही में उत्तराखण्ड में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹34 लाख की सहयोग राशि प्रदान की गई।

इतना ही नहीं, परिषद ने एक आपदा प्रभावित गांव को गोद लेने का भी noble संकल्प लिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सेवा और संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने अखाड़ा परिषद के इस प्रयास की हार्दिक सराहना करते हुए कहा “ उत्तराखण्ड की सेवा परंपरा में साधु-संत समाज का योगदान सदैव अग्रणी रहा है। आपदा के इस कठिन समय में संत समाज का सहयोग न केवल पुनर्निर्माण में सहायक है, बल्कि यह प्रभावित लोगों के लिए आशा और संबल की किरण भी बनता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य कर रही है, और समाज के सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग से कार्यों को और गति मिल रही है।

संत समाज ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की

अखाड़ा परिषद के संतों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्राउंड जीरो पर जाकर प्रभावितों से सीधे संवाद करने और राहत कार्यों की स्वयं निगरानी करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को भरोसा दिलाया है कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।

इस दौरान महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी महाराज, श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन अध्यक्ष महंत धुनी दास जी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद , बाबा हठयोगी, महा मंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

यूट्यूबर सौरभ जोशी को कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से मिली धमकी

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यूट्यूबर सौरभ जोशी को कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से मिली धमकी हल्द्वानी के यूट्यूबर सौरभ जोशी को धमकी देने के मामले में सामने आया है कि इसके पीछे हरियाणा का कुख्यात अपराधी हिमांशु भाऊ है, जो इस वक्त अमेरिका में रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। यह हल्द्वानी में भाऊ गैंग की ओर से धमकी देने का पहला मामला है।

हिमांशु भाऊ: हरियाणा का दुर्दांत अपराधी

हिमांशु भाऊ, जो हरियाणा के रोहतक जिले के रतौली गांव का निवासी है, वर्ष 2022 में मात्र 24 घंटे के भीतर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में तीन हत्याएं करवा चुका है। इन वारदातों के बाद वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिका भाग गया। अमेरिका से उसने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में अपना गैंग मजबूत किया, जो अब सोशल मीडिया हस्तियों और बड़े व्यापारियों को निशाना बनाकर रंगदारी मांगने और धमकाने जैसे अपराध कर रहा है।

सौरभ जोशी को धमकी, पहले भी मिल चुकी है धमकी

यह पहली बार नहीं है जब सौरभ जोशी को जान से मारने की धमकी मिली है। पिछले साल 18 नवंबर को भी उन्हें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर दो करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। उस मामले में पुलिस ने बदायूं (उत्तर प्रदेश) निवासी अरुण कुमार को गिरफ्तार किया था, जिसने धमकी भरा पत्र कॉलोनी के गेट पर छोड़ा था और सीसीटीवी में कैद हो गया था।

एल्विश यादव भी बना गैंग का शिकार

भाऊ गैंग की धमकियों का दायरा केवल सौरभ तक सीमित नहीं है। 18 अगस्त 2025 को गुरुग्राम स्थित यूट्यूबर व बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव के घर पर भी फायरिंग हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी खुद हिमांशु भाऊ और उसके साथी नीरज फरीदपुरिया ने सोशल मीडिया पर ली थी। उन्होंने हमलावरों के नाम भी सार्वजनिक किए थे। गैंग के मुताबिक, एल्विश यादव ऑनलाइन सट्टे का प्रचार करता है, जो हमले की वजह बना।

गैंग की चेतावनी: सट्टे का प्रचार करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा

एल्विश यादव पर हमले के बाद भाऊ गैंग ने सोशल मीडिया पर चेतावनी जारी की थी कि जो भी सोशल मीडिया पर सट्टे का प्रमोशन करेगा, वह उनकी हिट लिस्ट में आ सकता है। सौरभ जोशी को मिली धमकी को भी इसी संदर्भ में जोड़ा जा रहा है।

22 की उम्र में अपराध में कदम, 18 केस दर्ज

हिमांशु भाऊ ने महज 22 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा। उस पर अब तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में हत्या, रंगदारी, अपहरण और धमकी से जुड़े कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसके गैंग में नाबालिग और युवा लड़कों की भर्ती की जा रही है।


पुलिस का बयान:

“सौरभ जोशी को धमकी मिलने की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ई-मेल की लोकेशन और स्रोत की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।”
डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम