Home Blog Page 156

देहरादून निरंजनपुर मंडी में रॉकेट से दुकान में लगी आग, मची अफरा-तफरी

0

देहरादून में बीती रात निरंजनपुर सब्जी मंडी में एक दुकान में भीषण आग लग गई.

देहरादून: कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र के अंतर्गत दीपावली की रात निरंजनपुर सब्जी मंडी में एक दुकान में भीषण आग लग गई. आग लगने से आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया. आनन फानन में आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. जिसके बाद तत्काल मौके पर पुलिस और दमकल विभाग की 2 गाड़ियां पहुंची और आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पाया. पुलिस अनुसार आग दीपावली के मौके पर रॉकेट आकर गिरा था, जिससे आग धधकी. फिलहाल पुलिस आग लगने की घटना की जांच कर रही है.

बताया जा रहा है कि बीती रात कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र के अंतर्गत निरंजनपुर सब्जी मंडी के गेट संख्या एक के पास एक दुकान की छत पर रखी अंडों की खाली क्रेट में एक रॉकेट आकर गिर गया. जिसके कारण अंडे की खाली क्रेट में आग लग गई. आग लगने से आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया.

कोतवाली पटेल नगर प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया है कि सूचना के बाद दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. साथ ही घटना के संबंध में अग्रिम कार्रवाई जारी है. वही नगर अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने बताया है कि देहरादून शहर में दीपावली की रात को 12 जगह आग लगी, जहां फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया है.

दिवाली पर सियासी मेलजोल! सरकार से संगठन तक मिले सीएम, पूर्व मुख्यमंत्रियों से मुलाकातों ने बटोरी सुर्खियां

0

दिवाली पर सीएम धामी ने सरकार से संगठन तक के लोगों से मुलाकात की. इस दौरान वे पूर्व मुख्यमंत्रियों से भी मिले.

देहरादून: दिवाली का दिन उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में काफी सुर्खियों में रहा. दिवाली के दिन सीएम धामी की पॉलिटिकल मुलाकातों ने खूब सुर्खियां बटोरी. इस दिन सीएम धामी ने कई पूर्व मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की. जिसके कई आसार निकाले गये. वहीं, इसके बाद सीएम धामी ने कई विधायकों से भी मुलाकात की. इसे भी पॉलिटिकल पंडितों ने कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा. आइये आपको इन मुलाकातों के बारे में विस्तार से बताते हैं.

सीएम धामी की मुलाकातों का सिलसिला 19 अक्टूबर से शुरू हुआ. इसमें सीएम धामी ने सबसे पहले पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की. इसके बाद सीएम धामी भुवन चंद्र खंडूड़ी के आवास पर पहुंचे. जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की कुशलक्षेम जानी. इसके बाद सीएम धामी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने उनके आवास पर पहुंचे. सीएम धामी की इस मुलाकात की सबसे ज्यादा चर्चा हुई.

इसके बाद सीएम धामी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की. साथ ही सीएम धामी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत और भगत सिंह कोश्यारी से भी मुलाकात की. इसके बाद सीएम धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से भी भेंट की.

पूर्व मुख्यमंत्रियों से मुलाकात के बाद सीएम धामी ने सरकार और संगठन के लोगों से भी मुलाकात की. इस कड़ी में सीएम धामी ने सबसे पहले कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से मुलाकात की.

इसके बाद सीएम धामी ने बीजेपी के विधायकों से भी मुलाकात की. इसमें मुन्ना सिंह चौहान, विनोद कंडारी, खजान दास जैसे नाम शामिल रहे. इन सभी विधायकों की स्पेशल मुलाकातों के जानकार कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देख रहे हैं.

बता दें उत्तराखंड में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं चल रही हैं. कई विधायक ऐसे हैं, जो कि मंत्रिमंडल में जगह को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं. उत्तराखंड में मंत्रिमंडल कोटे की बात करें तो 8 मंत्रियों, 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समेत 1 मुख्यमंत्री यानी कुल 12 लोगों का कोटा है. धामी सरकार के इस तीन साल के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद अब कैबिनेट के 2 पद और खाली हो गए. इसके बाद चंदन राम दास के पास मौजूद महत्वपूर्ण इंडस्ट्री डिपार्मेंट और प्रेमचंद अग्रवाल के पास मौजूद वित्त, हाउसिंग डिपार्टमेंट भी मुख्यमंत्री के पास है.

रामनगर में हाईवे पर अचानक आया टस्कर हाथी, खौफ से कार छोड़कर भागा परिवार

0

रामनगर में हाईवे पर अचानक टस्कर हाथी आने से राहगीर खौफजदा हो गए.

रामनगर: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे क्षेत्रों में अक्सर जंगली जानवर आबादी के आसपास तक पहुंच जाते हैं, जिससे मानव व वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं होने का खतरा बना रहता है. रविवार शाम को रामनगर-भंडारपानी मार्ग पर टेड़ा गेट से आगे एक टस्कर हाथी अचानक सड़क पर आ जाने से अफरातफरी मच गई. हाथी ने वहां से गुजर रहे वाहनों का पीछा करना शुरू कर दिया, जिससे राहगीरों में दहशत का माहौल बन गया. कार सवार एक परिवार ने हाथी को अपने ओर आता देख, भागकर जान बचाई. गनीमत रही कि हाथी कुछ देर के बाद जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली.

अचानक हाईवे पर आया हाथी: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम के समय सड़क से कई वाहन गुजर रहे थे, तभी जंगल की झाड़ियों से एक विशाल टस्कर हाथी अचानक सड़क पर आ गया. हाथी वाहनों की ओर बढ़ने लगा और आक्रामक तरीके से सूंड उठाकर चिंघाड़ने लगा. इस बीच, एक कार में सवार परिवार को अपनी और बच्चों की जान बचाने के लिए कार से उतरकर भागना पड़ा. परिवार में छोटे बच्चे भी मौजूद थे, जो हाथी को अपनी ओर बढ़ता देख घबरा गए. परिवार ने जैसे-तैसे सड़क किनारे जंगल की ओर भागकर अपनी जान बचाई.

हाथी के हाईवे पर आने से मचा हड़कंप: मौके पर मौजूद अन्य वाहन चालक भी भयभीत होकर अपनी गाड़ियां रोककर दूर हट गए. कुछ देर तक सड़क पर हड़कंप की स्थिति बनी रही. गनीमत यह रही कि किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ, कुछ ही देर में टस्कर हाथी ने वाहनों का पीछा छोड़ दिया और वापस जंगल की ओर चला गया. जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन घटना ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को डरा दिया.

वन विभाग ने लोगों से की ये अपील: स्थानीय लोगों के अनुसार, टस्कर हाथी पिछले कुछ दिनों से इसी क्षेत्र में देखा जा रहा है और कई बार सड़क पर अचानक आकर वाहनों को दौड़ा चुका है. लोगों ने वन विभाग को घटना की जानकारी दे दी है. वन अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि मार्ग से गुजरते वक्त सतर्क रहें, विशेषकर शाम और रात के समय वाहन धीरे चलाएं, हॉर्न का उपयोग न करें और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें. बता दें कि ये पहला वाक्या नहीं हैं, रामनगर के कई क्षेत्र जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे हुए हैं, यहां अक्सर जंगली जानवर आबादी के समीप दिखाई देते हैं. कई बार बाघ के हमले में कई लोगों की जान जा चुकी है.

दीपावली पर आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम धामी, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

0

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 15 और 16 सितंबर को बादल फटने की वजह से भारी तबाही हुई थी. सहस्त्रधारा से लगभग 5 किलोमीटर दूर कार्लीगाड़ गांव में बादल फटने की वजह से स्थानीय लोगों को काफी अधिक नुकसान पहुंचा है. ऐसे में दीपावली त्यौहार के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने आपदा प्रभावितों से न सिर्फ बातचीत की, बल्कि क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण के कार्यों का निरीक्षण भी किया.

मुख्यमंत्री ने मौके पर अधिकारियों को इस बाबत निर्देश भी दिए कि जल्द से जल्द से जल्द पुनर्निर्माण के कार्यों को पूरा किया जाए ताकि प्रभावितों का जीवन सामान्य हो सके. मझाड़ा और कार्लीगाड़ गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में बादल फटने की वजह से भारी तबाही हुई थी. आपदा को आए एक महीने का वक्त बीच चुका है, लेकिन अभी तक आपदा प्रभावितों का जीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है.

यही नहीं, कुछ ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें दीपावली त्यौहार की कोई खुशी नहीं है. क्योंकि इस साल उन्हें बर्बादी के अलावा कुछ नहीं मिला. ऐसे में दीपावली त्यौहार के दिन खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावितों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना. साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण के कार्यों का निरीक्षण भी किया.

दरअसल, 15 और 16 सितंबर को आई आपदा में न सिर्फ लोगों के घर बार बर्बाद हुए थे, बल्कि कई परिवारों ने अपने परिजनों को भी खोया है. कई परिवार तो ऐसे है, जिनके पास सिर छुपाने तक भी जगह नहीं बची है. इसीलिए दीपावली पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा देते हुए उनकी परेशानी को समझा.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मझाड़ा और कार्लीगाड़ गांव समेत अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश, बादल फटने और लैंडस्लाइड की वजह से काफी अधिक नुकसान हुआ है. इस आपदा की वजह से भारी जनहानि के साथ ही लोगों के मकान, सड़कों और पुलों को काफी अधिक नुकसान पहुंचा है. सरकार की प्राथमिकता है कि इन लोगों तक राहत पहुंचे, इसीलिए अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए है.

नियमितीकरण का मामला, नियमावली पर उपनलकर्मियों की चिंताएं, एक समान मामलों में बनी है दो समितियां

0

संविदा कर्मियों और उपनल कर्मियों के लिए अलग-अलग समिति नियमावली पर चिंतन कर रही है.

देहरादून: उत्तराखंड में नियमितीकरण नियमावली पर पिछले लंबे समय से बहस जारी है. कैबिनेट में नियमावली लाए जाने की चर्चाओं के बीच उपनल कर्मियों में चिंता इस बात को लेकर है कि क्या उनके मामले में भी नियमितीकरण के लिए नियमावली पर होमवर्क पूरा कर लिया गया है.

दरअसल संविदा कर्मियों और उपनल कर्मियों के लिए अलग-अलग समिति नियमावली पर चिंतन कर रही है., जिससे ऐसे कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है. उत्तराखंड में दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को नियमित करने की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी है.

माना जा रहा है कि जल्द ही ऐसे कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण नियमावली बनकर तैयार हो जाएगी, जिस पर कैबिनेट की मोहर लगने के बाद कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो जाएगा, लेकिन उपनल कर्मियों का क्या होगा इस पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. हालांकि संविदा और तदर्थ कर्मियों की तरह ही उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के लिए भी नियमावली बनाने का काम चल रहा है.

प्रदेश में जिस तरह संविदा और तदर्थ समेत कुछ दूसरी अस्थाई सेवाओं के नियमितीकरण को लेकर नियमवाली पर काम चल रहा है, इस तरह से उपनल कर्मियों को भी नियमित करने के लिए नियमावली बनाई जा रही है. खास बात यह है कि इन उपनल कर्मी और संविदा, तदर्थ कर्मियों के स्थाईकरण कई फैसला कोर्ट के निर्देशों के क्रम में किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री कर चुके है घोषणा: उपनल कर्मियों को लेकर मुख्यमंत्री भी नियमावली बनाई जाने की घोषणा कर चुके हैं, जिसके बाद शासन स्तर पर एक समिति का गठन भी किया गया है, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी अब तक नियमावली अंतिम रूप नहीं ले पाई है.

उपनल कर्मियों में संशय की स्थिति: दूसरी तरफ संविदा कर्मियों के नियमितीकरण से जुड़ी नियमावली पर जल्द ही काम पूरा होने की चर्चाएं हैं. ऐसे में उपनल कर्मियों में भी संशय की स्थिति बनी हुई है. उनका मानना है कि जब संविदा, तदर्थ कर्मियों को भी उपनल कर्मियों की तरह ही नियमित किए जाने पर विचार चल रहा है तो फिर दोनों के लिए एक ही समिति का गठन क्यों नहीं किया गया?

उपनल कर्मियों की याचिका पर हाईकोर्ट दे चुका है आदेश: प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है. उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर पूर्व में उपनल कर्मियों की ही याचिका पर हाईकोर्ट स्थाईकरण और समान काम का समान वेतन दिए जाने के आदेश कर चुका है. हालांकि इस आदेश के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) को खारिज कर दिया था. इसके बाद उपनल कर्मियों ने हाईकोर्ट में सरकार पर कंटेंप्ट की एप्लीकेशन दी थी, जिस पर आनन फानन में सरकार ने कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए नियमावली बनाने की तरफ कदम उठाया है.

नियमावली 10 साल से जुड़ी हो सकती है: संविदा और तदर्थ कर्मियों के लिए माना जा रहा है कि नियमावली 10 साल से जुड़ी होगी. यानी 2018 तक 10 साल सेवा पूरी करने वाले संविदा और तदर्थ कर्मचारियों को रेगुलर किया जा सकता है. हालांकि पहले भी नियमितीकरण 10 साल की सेवा वाले कर्मी को किए जाने की नियमावली थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 5 साल कर दिया गया था. वहीं 2018 में ही मामला हाईकोर्ट पहुंच गया और कोर्ट ने 5 साल में नियमितीकरण वाली इस नियमावली पर रोक लगा दी. अब मान जा रहा है कि सरकार एक बार फिर 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को नियमावली में लाभ दे सकती है.

इसी आधार पर उपनाम कर्मचारियों के लिए अलग से बनाई गई समिति भी निर्णय ले सकती है. हालांकि इस पर भी उपनल कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को नियमावली इस तरह की बनानी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा उपनल कर्मचारी को इसका लाभ मिल सके. इस मामले पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर के सुधांशु नियमावली बनाए जाने के लिए भी गतिमान होने की बात कहते हैं. उधर उपनल कर्मचारी की नजरे भी इस समिति पर बनी हुई है.

दीपावली की सुबह बेटे ने किया मां का मर्डर, चाकू से रेता गला, उत्तराखंड रहने वाले है परिवार

0

चंडीगढ़ से सनसनीखेज खबर सामने आया है. यहां उत्तराखंड मूल के व्यक्ति पर मां की हत्या का आरोप लगा है.

देहरादून: चंडीगढ़ में उत्तराखंड मूल की महिला की हत्या हो गई. आरोपी ने महिला का गला कटा है. महिला की हत्या का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि मृतका का बेटा ही है. वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी बेटा फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी हुई है. परिवार मूल से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले का रहने वाला है. ये पूरा मामला चंडीगढ़ के सेक्टर 40 का है.

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है परिवार: मृतका का शिनाख्त सुशीला नेगी (39) मूल निवासी बरसी भटौली पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड रूप में हुई है. जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार 20 अक्टूबर दीपावली के दिन सुबह की है. बताया जा रहा है कि सेक्टर 40 में सुशीला नेगी के पड़ोसियों की उनके घर से कुछ चिल्लाने की आवाज आई. शोर-शराबे की आवाज सुनकर पड़ोसी सुशीला नेगी के घर पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था.

मां की हत्या कर बेटा फरार: इसके बाद लोग छत के रास्ते घर में दाखिल हुए तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. क्योंकि घर में 39 साल की सुशीला नेगी का खून से लथपथ हालत में शव पड़ा हुआ था. लोगों के आने से पहले सुशीला नेगी का बेटा रवि फरार हो चुका था. पड़ोसियों ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी.

आरोपी की पत्नी और बेटी अगल रहती है: पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल और मौके से साक्ष्य एकत्र किए. पुलिस ने बताया कि आरोपी पंजाब यूनिवर्सिटी का मुलाजिम है. आरोपी पत्नी और बेटी अलग रहती हैं. छह महीने पहले ही आरोपी रवि अपनी मां सुशीला नेगी के पास चंडीगढ़ के सेक्टर 40 में रहने वाला था.

पुलिस ने बताया कि आरोपी वारदात में प्रयोग किया गया चाकू भी अपने साथ ले गया. पुलिस ने इस मामले में टीमें गठित कर दी हैं. पुलिस का कहना है कि मृत महिला के बड़े बेटे और आरोपी रवि की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है. आरोपी को जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा. आरोपी मानसिक तौर पर परेशान है.

वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह सात बजे करीब उन्हें महिला के घर से चिल्लाने की आवाज आ रही थी. जब वे मौके पर पहुंचे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था. वे छत के रास्ते अंदर पहुंचे तो वहां खून से लथपथ सुशीला का शव फर्श पर पड़ा था. आरोपी ने गला चाकू से रेता था, जिसकी वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

पत्नी दस्तावेज लेकर हुई फरार,परेशान पति पहुंचा कोतवाली

0

नैनीताल — हल्द्वानी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई और जाते-जाते घर के जरूरी दस्तावेज भी साथ ले गई। परेशान पति ने जब पत्नी की तलाश शुरू की, तो वह एक युवक के साथ सीसीटीवी फुटेज में नजर आई। अब पति ने प्रेमी पर अपहरण का शक जताते हुए हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी बीते अगस्त महीने में अचानक बिना किसी को कुछ बताए घर से गायब हो गई। महिला अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गई, लेकिन घर से उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।

काफी तलाश के बाद जब पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला, तो पति ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए। तीनपानी इलाके के एक कैमरे में महिला एक युवक के साथ जाती हुई नजर आई। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी पिछले छह महीनों से उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति से लगातार बातचीत कर रही थी और संभवतः उसी ने बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ भगा लिया है।

हल्द्वानी पुलिस बताया कि पति की शिकायत पर महिला की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही महिला का सुराग लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नॉट : यह रिपोर्ट एक चल रही पुलिस जांच पर आधारित है। सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।

चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार वाहन ने 3 पुलिसकर्मियों को रौंदा, गंभीर घायल

0

देहरादून में वाहन की टक्कर से घायल पुलिसकर्मियों का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.

देहरादून: थाना डालनवाला के अंतर्गत आराघर टी जंक्शन पर आज सुबह तड़के चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को एक वाहन चालक ने टक्कर मार दी. आनन-फानन में घटना में बुरी तरह से घायल हुए तीनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की खबर मिलते ही एसएसपी अजय सिंह भी तत्काल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को कर्मियों के बेहतर इलाज के लिए कहा. वहीं पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागने वाले आरोपी को थाना डालनवाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही आरोपी युवक की महिंद्रा थार वाहन को भी कब्जे में लेकर सीज किया गया हैं, जिसके द्वारा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर टक्कर मारी गई.

वाहन की टक्कर से पुलिसकर्मी गंभीर घायल: राजधानी देहरादून में एक तेज रफ्तार वाहन चालक ने तीन पुलिस कर्मियों को रौंद दिया. घटना में तीनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. बता दें कि सुबह करीब 3:45 पर आराघर टी जंक्शन पर चेकिंग ड्यूटी में नियुक्त पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल सुगन पाल, कांस्टेबल सचिन ओर कांस्टेबल कमला प्रसाद ने आराघर टी जंक्शन में चेकिंग के दौरान एक वाहन को रोकने का इशारा किया. लेकिन तेज रफ्तार चालक ने तीनों पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया.

घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल में किया गया भर्ती: जिनको तत्काल प्राथमिक इलाज के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर करते हुए निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां पर तीनों पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है. पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागने वाले आरोपी वाहन चालक को थाना डालनवाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. घटना की सूचना पर एसएसपी अजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर पुलिसकर्मियों का हाल जाना और सभी पुलिसकर्मियों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों से वार्ता की गई.

वाहन चालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार: इस दौरान प्रभारी निरीक्षक कैंट और डालनवाला को पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए हर संभव सहायता के निर्देश दिए गए. एसएसपी अजय सिंह ने बताया है कि घटना के सम्बंध में संबंधित वाहन चालक के खिलाफ धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर घटना में प्रयोग थार वाहन को कब्जे में लेकर आरोपी मोहम्मद उमर उर्फ ताहिर को गिरफ्तार किया गया. पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई जारी है.

दीपावली को लेकर स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहेंगी गाड़ियां

0

दीपावली को लेकर फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग ने 108 एम्बुलेंसों को जगह-जगह तैनात किया है.

देहरादून: दीपावली के दौरान लोग जमकर आतिशबाजी करते हैं, जिसके चलते कई बार लोग घायल हो जाते हैं. साथ ही आसपास के क्षेत्र में भी आग लगने की संभावनाएं बनी रहती हैं, ऐसे में दमकल और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम होती है. जहां एक ओर पुलिस प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद में जुटा है, वहीं, दूसरी ओर दीपावली पर्व पर कोई अनहोनी या आगजनी की घटनाएं ना हो, इसके लिए फायर ब्रिगेड ने भी कमर कस ली है. साथ ही आपात स्थिति के लिए 108 एम्बुलेंस को भी जगह-जगह तैयार रखा गया है.

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर: देशभर में दीपावली पर्व की धूम देखने के मिल रही है. दीपावली के लेकर जहां एक ओर बाजारों में रौनक है तो वहीं दूसरी ओर दीपावली त्यौहार की तैयारियों में स्वास्थ्य महकमा और पुलिस विभाग जुटा हुआ है. मुख्य रूप से त्यौहारी सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने जहां पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है तो वहीं दूसरी ओर आतिशबाजी के दौरान आग लगने के दौरान फायर ब्रिगेड भी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है. पिछले सालों में भी आतिशबाजी के दौरान लोगों के घायल होने और आग लगने की घटना सामने आती रही हैं, खासकर शॉर्ट सर्किट की वजह से भी काफी अधिक आग लगती है.

108 एंबुलेंस सेवा तैयार: जिसको देखते हुए अग्निशमन विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है, ताकि दीपावली के दौरान अगर कहीं भी आग लगने की घटना होती है तो तत्काल अग्निशमन वाहनों को मौके पर भेजा जा सके, ताकि आग पर काबू पाए जा सके. इसी तरह 108 सेवा भी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि अगर आतिशबाजी के दौरान या फिर किसी वजह से आपात स्थिति बनती है तो 108 एंबुलेंस सेवा को तैयार रखा गया है.

दीपावली पर इतनी टीमों को किया गया तैयार: दीपावली को देखते हुए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा की ओर से प्रदेश के सभी 13 जिलों में 129 स्थानों पर अग्निशमन ड्यूटी स्थल चिन्हित किए गए हैं. जहां पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और टीमों को तैनात किया गया है. अल्मोड़ा जिले में 7 स्थानों, बागेश्वर जिले में तीन स्थानों, चमोली जिले में 11 स्थानों, चंपावत जिले में 6 स्थानों, देहरादून जिले में 27 स्थानों, हरिद्वार जिले में 16 स्थानों, नैनीताल जिले में 14 स्थानों, पौड़ी गढ़वाल जिले में 11 स्थानों, पिथौरागढ़ जिले में 5 स्थानों, रुद्रप्रयाग जिले में 4 स्थानों, टिहरी गढ़वाल जिले में 4 स्थानों, उधमसिंह नगर जिले में 14 स्थानों और उत्तरकाशी जिले में 7 स्थानों पर फायर ब्रिगेड की टीमों को तैनात किया गया है.

पर्व को लेकर हाई अलर्ट पर विभाग: इसी तरह दीपावली के मद्देनजर 108 एम्बुलेंस सेवा की 272 एम्बुलेंस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. साथ ही विभाग की ओर से सभी कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. देहरादून जिले में सर्वे चौक, घंटाघर, जाखन, रायपुर, बल्लूपुर चौक, प्रेमनगर, विधानसभा, रेसकोर्स के मुख्य चौराहों पर एंबुलेंस की तैनाती की गई है. 108 एम्बुलेंस सेवा के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) ने बताया कि साल 2024 में 31 अक्टूबर से एक नवंबर तक कल 759 मामले सामने आए थे. जिसमें से प्रसव संबंधी 210 मामले, एंबुलेंस में प्रसव के तीन मामले, रोड एक्सीडेंट के 57 मामले, हृदय रोग से संबंधित 19 मामले और जलने समेत अन्य 473 मामले सामने आए थे.

दीपावली हर्षोल्लास का पर्व है, पर्व पर आतिशबाजी, डेकोरेशन समेत अन्य तरह की गतिविधियां रहती है. जिसको देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. जिसमें मुख्य रूप से पटाखे की बिक्री के लिए चार से पांच दिन का जो लाइसेंस दिया जाता है, उस दौरान सभी को यह आदेश दिए गए हैं कि पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं की जाएगी. ऐसे में जो चिन्हित क्षेत्र हैं और जहां के लिए जिन विक्रेताओं को लाइसेंस दिए गए हैं, वहीं पर ही पटाखे की बिक्री होगी. इसके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात करने के लिए जगह भी चिन्हित है.
संदीप राणा, उपनिदेशक, अग्निशमन विभाग

कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश: संदीप राणा ने आगे बताया कि बाजारों और छोटी गलियों के लिए बैकपैक सेट मोटरसाइकिल तैनात किए जाते हैं, इसके अलावा अन्य जगहों पर छोटे-बड़े फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात की जाती है. पुलिस, फायर सर्विस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को यह निर्देश दिए गए हैं कि संयुक्त अभियान चलाया जाए. साथ ही जहां भी पटाखों का अवैध भंडारण किया गया है, विधिक कार्रवाई की जाए. ऐसे में सभी जिलों के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं ताकि दीपावली त्यौहार के दौरान सतर्क रहे.

त्यौहारों में अक्सर लोग असावधानी के चलते दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं. साथ ही कहा कि दीपावली के त्यौहार में अक्सर एक्सीडेंट और जलने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है. ऐसे में दीपावली त्यौहार को लेकर 108 एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह से सक्रिय हैं. ऐसे में पिछले सालों के अनुभवों के आधार पर जिन स्थानों पर दुर्घटनाएं होती हैं, उन जगहों पर एम्बुलेंस की टीमें तैनात की गई हैं.
अनिल शर्मा, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट), 108 एम्बुलेंस

संकरी गलियों के लिए ये है व्यवस्था: अग्निशमन विभाग के उपनिदेशक संदीप राणा ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में जो क्षेत्र संवेदनशील हैं और जहां पर पटाखों का क्रय विक्रय किया जाता है. उनके आसपास ही फायर ब्रिगेड की टीमों को तैनात किया जाता है. ऐसे में अगर कहीं आग लगने की घटना सामने आती हैं तो तत्काल नजदीकी फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर भेजा जाता है. सामान्य दिनों में भी फायर ब्रिगेड की टीम में तैनात रहती हैं. जिन्हें इमरजेंसी के दौरान रवाना किया जाता है. जो संकरी गलियां या छोटे सड़क मार्ग हैं, वहां पर छोटे फायर ब्रिगेड या फिर इक्विपमेंट से बैकपैक सेट मोटरसाइकिल को भेजा जाता है.

अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण और दंगा फैलाने वालों पर सख्त एक्शन ले रही सरकार, 250 अवैध मदरसों को किया सील

0

सूबे में सरकारी और निजी संपत्तियों पर लंबे समय से अवैध अतिक्रमण के मामले सामने आते रहे हैं. जिसके बाद सरकार लगातार एक्शन में है.

देहरादून: उत्तराखंड की सौहार्दभाव को ठेस पहुंचाने वालों और अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिर कड़ा संदेश दिया है. सीएम धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि उत्तराखंड में अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण और दंगा फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है. उत्तराखंड में 9,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि ‘लैंड जिहादियों’ से वापस ली गई है और 250 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है.

सरकार कर रही सख्त कार्रवाई: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि “जिस प्रकार दीपावली में दीपों की ज्योति अंधकार को समाप्त करती है, उसी प्रकार हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड में सुशासन का दीप प्रज्वलित कर जिहादी और नक्सली सोच को समाप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. प्रदेश में अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण और दंगा फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है”

सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति: गौर हो कि उत्तराखंड में धामी सरकार का रूख सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण समेत अवैध धार्मिक निर्माणों के खिलाफ सख्त रहा है. साथ ही यूपी की तर्ज पर धामी सरकार भी लगातार कार्रवाई करती आ रही है. यहां तक कि उत्तराखंड सरकार ने लैंड जिहाद जैसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति स्पष्ट की है. जिसके बाद पूर्व में प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई.

250 अवैध मदरसों को किया सील: उत्तराखंड में सीएम धामी का ताबड़तोड़ एक्शन भी सियासी गलयारों में चर्चा का विषय बना रहा. रुड़की में भाजपा के नए कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर सीएम धामी ने कहा किसीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में 9,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि ‘लैंड जिहादियों’ से वापस ली गई है. 250 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है और 500 से अधिक अवैध ढांचों को ध्वस्तीकरण किया जा चुका है. उन्होंने आगे कहा कि अभी भी सरकार का एक्शन जारी है. इस पर काम अभी भी जारी है.

मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का फैसला: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत “सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने वाले छद्मवेशियों” के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है. जो अपनी असली पहचान छिपाकर हिंदू संतों का ढोंग रचकर लोगों को ठगते हैं.उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने “हाल ही में अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम बनाकर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का भी फैसला किया है.