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पुलिस की गोली से घायल हुए दून हॉस्पिटल फायरिंग के असली दोषी, एक शातिर फरार

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देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में आज लालतप्पड़ के निकट हुई पुलिस मुठभेड़ में एक बड़ा मोड़ आया है। जिन दो बदमाशों के पैरों में गोली लगने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है, उनकी पहचान दून चिकित्सालय के सामने हुई कथित फायरिंग की घटना के मुख्य अभियुक्तों के रूप में हुई है।मुठभेड़ में घायल हुए दोनों बदमाशों की पहचान ईसी रोड करनपुर निवासी नूर मोहम्मद के पुत्र 25 वर्षीय सोहेल खान तथा चावला चौक नालापानी रोड करनपुर निवासी नौशाद के पुत्र 23 वर्षीय शानू के रूप में हुई है।इस खुलासे के बाद इस मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

इस घटना की शुरुआत तब हुई जब पुलिस को संदिग्ध बदमाशों की आवाजाही की सूचना मिली। लालतप्पड़ में बैरियर लगाकर चेकिंग की गई, लेकिन बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस पर गोलियां चला दीं। पुलिस द्वारा जवाबी कार्रवाई की गई जिसमें दो बदमाश घायल हो गए, जबकि उनका एक साथी जंगल की ओर फरार होने में सफल रहा। फरार बदमाश की तलाश के लिए पुलिस ने जंगल में घेराबंदी करते हुए व्यापक कांबिंग अभियान चलाया है।

घटनास्थल से पुलिस ने बदमाशों से एक स्कूटी, दो तमंचे तथा अनेक जिंदा और खोखा राउंड बरामद किए हैं। घायल बदमाशों को पहले नजदीकी सीएससी चिकित्सालय डोईवाला ले जाया गया, जहां से उन्हें आगे के उपचार के लिए जौलीग्रांट चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और इसके बाद चिकित्सालय जाकर अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। बदमाशों के विरुद्ध कोतवाली नगर, देहरादून में पहले ही हत्या के प्रयास का अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्तों से शहर में हुई अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।

बिग ब्रेकिंग : तीन युवकों की मौत, दो गंभीर घायल: टिहरी में गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो

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जनपद टिहरी के पावकी देवी मार्ग पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मंगलवार रात उस समय हुआ जब ग्राम सभा नाई के पास एक स्कॉर्पियो (UK07AC3409) वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 से 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी पांच युवक श्यामपुर घड़ी मेचक, ऋषिकेश से पावकी देवी, नाई एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में अचानक वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और वह गहरी खाई में जा समाया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने पुलिस चौकी गूलर को जानकारी दी, जिसके बाद एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया।

सूचना मिलते ही व्यासी पोस्ट से उपनिरीक्षक सावर सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने खाई से मृतकों के शवों और घायलों को बाहर निकाला।

घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतकों के शवों को पुलिस को सुपुर्द किया गया। एसडीआरएफ की तत्परता और साहसिक प्रयासों से रेस्क्यू अभियान सफल रहा। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

बेरीनाग के पांखू में बड़ा हादसा, दुकान के अंदर फटे गैस सिलेंडर, मकान की छत उड़ी

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कारोबारी के मुताबिक उसे इस घटना में चार लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है.

बेरीनाग: तहसील मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर पांखू के संगौड़ में दिवाली पर दीये से एक परचून की दुकान में आग लग गई. घटना में कारोबारी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. गौड़ निवासी आनंद पाठक बीते रात्रि दुकान में दीया जलाकर 200 मीटर दूर अपने घर गए. इसी बीच दीये से दुकान में आग फैल गई. कुछ ही देर में आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया. दुकान के भीतर रखे तीन रसोई गैस सिलेंडर भी फट गए. इससे दुकान की छत भी उड़ गई.

कारोबारी और अन्य ग्रामीणों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. संयोग से आसपास कोई भवन या दुकान नहीं थीं. इससे बड़ा नुकसान होने से बच गया. कारोबारी के मुताबिक उसे इस घटना में चार लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है.

बेरीनाग क्षेत्र में फायर स्टेशन स्वीकृत के बाद भी निर्माण नहीं: बेरीनाग और गंगोलीहाट थल में क्षेत्र में फायर स्टेशन नहीं होने के कारण आग की घटनाओं पर जिला मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है. जिला मुख्यालय से फायर के वाहन यहां तक पहुंचने पर पांच घंटे लग जाते हैं. जिससे कभी आग की घटना होने पर फायर स्टेशन का कोई लाभ नहीं मिलता. बेरीनाग में पांच वर्ष पूर्व एक फायर स्टेशन स्वीकृत हुआ था. जिसके लिए भूमि चयन तक हो गया था, लेकिन, अभी तक निर्माण कि कोई कार्रवाई शुरू नही हुई है. लम्बे समय से लोग फायर स्टेशन शुरू करने की मांग कर रहे हैं.

दीपावली पर पटाखों से झुलसे पांच दर्जन लोग: सीमांत जिला पिथौरागढ़ में पिछले साल की अपेक्षा इस बार दिवाली पर 40 फीसदी से अधिक पटाखे जले. इसके नुकसान भी सामने आए हैं. कई जगहों पर लोग आतिशबाजी के दौरान झुलस गए. जिले भर में पटाखों से झुलसकर 68 लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे. झुलसे लोगों में 50 से अधिक बच्चे शामिल हैं. हालांकि कोई भी गंभीर तरीके से नहीं झुलसा है. जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार को पटाखों से झुलसकर बच्चे, युवा, युवतियों सहित 68 लोग अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे. किसी के हाथ और पैर तो किसी का चेहरा पटाखों से झुलस गया है. इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर आशु अवस्थी ने बताया संयोग से कोई भी गंभीर रूप से नहीं झुलसा है. सभी का इलाज कर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

जहरीली हुई दिल्ली-एनसीआर की हवा तो पैक हुये पहाड़, नैनीताल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़

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इन दिनों दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा हुआ है. जिसका असर नैनीताल के पर्यटन पर भी पड़ा है.

नैनीताल: दीपावली वीकेंड पर सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों से पर्यटक नैनीताल का रुख कर रहे हैं. महानगरों में प्रदूषण और बढ़े AQI से स्तर से राहत पाने के लिए लोग नैनीताल की ओर रुख कर रहे हैं.

नैनीताल में फिलहाल मौसम बेहद साफ, खुशनुमा और प्रदूषण रहित है. इन दिनों दिल्ली की हवा दिन प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है. दिल्ली की हवा का AQI लेवल बढ़ता जा रहा है. आलम ये है कि दिल्ली के कुछ इलाकों में AQI लेवल 600 तक पहुंच चुका है. ऐसे मैं दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही है. इसका कारण दिवाली के दौरान हुआ प्रदूषण है. दिल्ली के प्रदूषण से निजात पाने के लिए काफी संख्या में पर्यटक नैनीताल पहुंच रहे हैं.

नैनीताल में अप्रैल माह में हुई नाबालिग से दुष्कर्म की घटना के बाद से पर्यटन सीजन बेहद कम था, लेकिन अब दीपावली के बाद पर्यटकों से इन दिनों सरोवर नगरी गुलज़ार होने लगी. दिल्ली से नैनीताल घूमने पहुंची पर्यटक प्रियांशी अग्रवाल ने बताया दिल्ली में इन दिनों प्रदूषण का कहर है. पूरी दिल्ली में धुंध छाई हुई है. सांस लेने में तक लोगों को तकलीफ हो रही है. दिल्ली की हवा का AQI लेवल बढ़ा हुआ है. जिस वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया पहाड़ों में इन दिनों ठंड है. नैनीताल में मौसम खुशनुमा बना हुआ है.

दिल्ली से नैनीताल पहुंचे पर्यटक शिवांग ने बताया दिल्ली में स्थिति बेहद खराब है. यही वजह है कि वो कुछ दिन नैनीताल घूमने आ गए हैं. यहां के प्राकृतिक नजारे, शुद्ध वातावरण उन्हें बेहद पसंद है. हालांकि पहाड़ों में ठंड बढ़ चुकी है, लेकिन नैनीताल में उन्हें काफी अच्छा लग रहा है.

नैनीताल होटल एसोसिएशन के सचिव वेद शाह बताते हैं कि इन दिनों दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा हुआ है. जिसका असर नैनीताल के पर्यटन पर भी पड़ा है. जिस वजह से नैनीताल आने वाले दिल्ली-NCR के पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है. उन्होंने बताया कि बीते अप्रैल माह से नैनीताल में पर्यटकों की संख्या बेहद कम थी अब धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है. आगे और अच्छा काम होने की उम्मीद है.

केदारनाथ कपाटबंदी के साक्षी बने सीएम धामी, गौरीकुंड गौरामाई को लेकर भी आया अपडेट, पढ़िये पूरी खबर

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सुबह 8 बजे पुजारी एवं ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पौराणिक रीति रिवाज के साथ मां गौरा माई के कपाट बंद कर दिए हैं.

रुद्रप्रयाग: भैया दूज के पावन मौके पर आज केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिये गये हैं. केदारनाथ कपाट बंद होने के मौके पर सीएम धामी भी धाम पहुंचे. सीएम धामी कपाट बंद होने से पूर्व बाबा केदार की पूजा-अर्चना में शामिल हुये.

इसके बाद सुबह 8.30 बजे शीतकाल के लिए बाबा केदार के कपाट बंद कर दिये गये हैं. केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओम्कारेश्वर मंदिर के लिए रवाना हो गई है.

वहीं, केदारनाथ यात्रा का प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड स्थित मां गौरा माई के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं. कपाट बंद करने को लेकर बदरी-केदार मंदिर समिति एवं हक हकूकधारियों की ओर से तैयारियां की गई थी.

भैयादूज के अवसर पर शीतकाल के लिए गौरीकुंड स्थित गौरामाई के कपाट बंद कर दिए गए हैं. वीरवार सुबह 8 बजे पुजारी एवं ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पौराणिक रीति रिवाज के साथ भक्तों की उपस्थिति में मां गौरा माई के कपाट बंद कर दिए. मां की डोली ने मंदिर की एक परिक्रमा करने के बाद गौरी गांव के लिए रवाना हुई. अब शीतकाल के छह माह तक गौरी गांव में मां गौरामाई की पूजा अर्चना संपन्न की जाएगी.

मान्यता है कि कैलाश से भगवान शिव की उत्सव डोली गौरीकुंड पहुंचने से पहले गौरामाई की डोली गर्भगृह से बाहर निकालकर अपने शीतकालीन गद्दीस्थल को रवाना हो जाती है. जिससे बाबा केदार व गौरामाई का मिलन नहीं हो पाता है. यहां पर भगवान शिव ने पार्वती के अंग निर्मित पुत्र गणेश से युद्धकर उसके सिर काटने से गौरामाई नाराज हुई थी.

व्यापार संघ अध्यक्ष गौरीकुण्ड राम गोस्वामी ने बताया ठीक 8 बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए. अब शीतकाल के छह माह तक मां गौरा की पूजा गौरी गांव में संपन्न की जाएगी. उन्होंने बताया यह परंपरा वर्षो से चली आ रही है. जब बाबा केदार के कपाट बंद होते हैं तो डोली के गौरीकुंड पहुंचने से पहले ही मां गौरा माई के कपाट बंद कर डोली गौरी गांव के लिए रवाना हो जाती है.

भैयादूज से पहले बुझे घरों का चिराग, ऋषिकेश में बड़ा सड़क हादसा, तीन युवकों की मौत

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भाई दूज से पहले इन तीन युवकों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है.

ऋषिकेश: देर रात ऋषिकेश में बड़ा सड़क हादसा हुआ है. यहां शादी समारोह से लौट रहे युवकों की गाड़ी खाई में गिर गई. इस हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है. इस घटना में वाहन सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है. हादसा गूलर पावकी देवी मार्ग पर देर रात हुआ है. घायलों की पहचान निखिल रमोला और तनुज पुंडीर निवासी श्यामपुर के रूप में हुई है. मृतकों की पहचान विमल कंडियाल, राहुल कलूड़ा और आशीष कलूड़ा निवासी श्यामपुर के रूप में हुई है.

एसडीआरएफ इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कड़ी मशक्कत के बाद उनकी टीम ने खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकाला है. मृतकों के शव निकालकर पुलिस के हवाले किए हैं. मुनिकीरेती थाना पुलिस पंचायतनामा और पोस्टमार्टम करने की कार्रवाई कर रही है. घटना के बाद जहां शादी समारोह की खुशियों ने खलल पड़ा, वहीं मृतकों के घर कोहराम मच गया है.भाई दूज से पहले इन तीन युवकों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है.

जानकारी के मुताबिक घायल और मृतक देर रात अपने वाहन से शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले. मुनिकीरेती थाना क्षेत्र अंतर्गत गूलर पावकी देवी मार्ग पर वाहन अचानक अनियंत्रित हुआ और खाई में गिर गया. लोगों की सूचना पुलिस के पास पहुंची. पुलिस ने रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया. पुलिस घटना की जांच में जुट गई है.

सड़क दुर्घटनाओं से ऐसे बचें

  • कार या दोपहिया वाहन से यात्रा कर रहे है तो अपनी गाड़ी की गति हमेशा नियंत्रित रखें. ताकि यदि अचानक से कोई वाहन या जानवर सामने से आ जाए तो आप हादसे से बच सके.
  • तकरीबन 60% हादसे नींद की वजह से होते है. यदि आप रात में सफर तय कर रहे है तो अपने ड्राइवर से बातें करते रहे, ताकि ना तो उसे नींद लगे और आप सड़क हादसों से भी बचे रहे.
  • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें. करीब 20 प्रतिशत हादसे वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करने या किसी को मैसेज भेजने की वजह से होते हैं.
  • शराब पीकर या नशा करने के बाद तो वाहन बिल्कुल न चलाए.
  • हमेशा यू-टर्न या मोड़ पर गाड़ी बहुत संभाल कर निकाले.
  • रात के समय डिपर का प्रयोग अवश्य करें.
  • ओवरटेक हमेशा सीधी साइड से ही करें.
  • ट्रक और ओवरलोडेड वाहनों के पास से गुजरते समय पास और हॉर्न का उचित उपयोग करें.
  • भीड़ वाले रास्तों पर अपने वाहन की गति हमेशा धीमी ही रखें, क्योंकि दुर्घटना से देर भली.
  • ट्रैफिक नियमों को अनदेखा न करें, ये हमारी सुरक्षा के लिए ही बनाए गए हैं. ट्रैफिक नियमों का पालन अवश्य करें.

केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, ऊखीमठ में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह का सागर

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केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, ऊखीमठ में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह का सागर

रुद्रप्रयाग — भगवान भोलेनाथ के दिव्य धाम श्री केदारनाथ के कपाट आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शीतकाल के लिए विधिवत बंद कर दिए गए। इस पावन अवसर पर सम्पूर्ण धाम में श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल, तीर्थ पुरोहितगण और हजारों श्रद्धालु कपाट बंद होने की इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के साक्षी बने।

वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई कपाट बंदी

सुबह चार बजे से ही केदारनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट बंद करने की प्रक्रिया आरंभ हुई। पूरे क्षेत्र में “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

कपाट बंद होने के उपरांत बाबा केदारनाथ की डोली पारंपरिक विधि से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए रवाना हुई।

डोली यात्रा में उमंग और भक्ति का माहौल

डोली यात्रा के दौरान मार्ग के हर पड़ाव पर श्रद्धालु उमंग और भक्ति भाव से बाबा केदारनाथ के जयकारे लगाते नजर आए। डोली का पहला पड़ाव रामपुर में रहेगा, इसके बाद कल गुप्तकाशी पहुंचेगी।
25 अक्टूबर को यह पवित्र डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी, जहां अगले छह महीनों तक भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना संपन्न होगी।

ऊखीमठ में उत्सव का वातावरण

डोली के स्वागत को लेकर ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विशेष तैयारियाँ की गई हैं। पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास से सराबोर है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु डोली के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

शीतकाल के लिए बंद हुये गंगोत्री धाम के कपाट, मुखबा के लिए रवाना हुई मा गंगा की डोली

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गंगोत्री धाम से मां गंगा की उत्सव डोली रात्री विश्राम के लिए मार्कंडेयपुरी देवी मंदिर में रहेगी

उत्तरकाशी(उत्तराखंड): गंगोत्री धाम के कपाट छह माह शीतकाल के लिए अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मूहूर्त में पूर्वाहन 11 बजकर 36 मिनिट पर विधिविधान के साथ बंद कर दिए गए हैं. सेना के बैंड एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों तथा गंगा मम्या की जय के उद्घोष के साथ गंगा जी की डोली यात्रा के साथ अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना हुई. इसके बाद अब मां गंगा की उत्सव डोली 6 महीने मुखबा गांव में प्रवास करेगी.

बुधवार सुबह से ही गंगोत्री धाम में अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया था. तीर्थ पुरोहितों ने घाट पर गंगा जी का अभिषेक और आरती तथा मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की. हर्षिल से अर्मी सेना के जवानों ने यहां निशुल्क मेडिकल कैंप तथा लंगर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की.

यह मुहूर्त के अनुसार पूर्वाहन 11 बजकर 36 मिनट गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए. इसके साथ ही यहां से गंगा जी की भोग मूर्ति डोली यात्रा के साथ मुखबा के लिए रवाना हुई. इस दौरान पर शीतकाल में भी गंगोत्री धाम में ही साधनारत रहने वाले साधु संतो तथा मंदिर, आश्रम व होटलों की देखरेख करने वाले कर्मचारियों ने गंगा जी को विदाई दी.

गंगोत्री धाम के तीर्थपुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया गंगोत्री धाम से मां गंगा की उत्सव डोली रात्री विश्राम के लिए मार्कंडेयपुरी देवी मंदिर में रहेगी. यहा रातभर भजन कृतन का किया जाएगा. जिसके अगले दिन मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन के लिए मुखबा गांव में रहेगी. अब छाह माह के लिए मां गंगा के दर्शन मुखबा गांव में ही होगा. उन्होंने कहा इस बार हजारों श्रद्धालुओं के बीच गंगात्री धाम के कपाट बंद कर दिया है.

कपाट बंद होने के बाद भी जलता रहता है अखंड दीपक: गंगोत्री धाम के कपाट भले बंद हो जाएंगे, लेकिन यहां तांबे के एक बड़े दीपक में अखंड जोत जलती रहेगी. मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल बताते हैं कि मंदिर में ताबे का एक बहुत बड़ा दीपक बना हुआ है. उसमें तेल भरकर व अखंड जोत जलाकर जाते हैं, जब अगले वर्ष अक्षय तृतीय पर धाम के कपाट खुलेंगे तो वह अखंड जोत जलती हुई मिलती है. कपाट खुलने पर तीर्थयात्रियों को अखंड जोत के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है.

कहां है मुखबा: मुखबा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है. यह भागीरथी नदी के किनारे स्थित है. समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 8000 फीट है. उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से मुखबा की दूरी करीब 80 किलोमीटर है. चारों ओर से बर्फ की पहाड़ियों से घिरे मुखबा का सौंदर्य देखते ही बनता है.

चारधाम के कपाट बंद की तिथियां-

  • गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को सुबह 11:36 बजे बंद
  • केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे बंद किए जाएंगे.
  • यमुनोत्री धाम के कपाट भी इसी दिन यानी 23 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे
  • बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे.

शिक्षकों के तबादलों पर अटका फैसला, शिक्षा विभाग को मिले तीन हजार से अधिक आवेदन

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बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों ने धारा 27 के तहत की तबादले की मांग, अनिवार्य तबादले न होने से नाराजगी बढ़ी

देहरादून। प्रदेश में शिक्षकों के तबादले को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। शिक्षा विभाग को धारा 27 के तहत अब तक तीन हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें बेसिक शिक्षा के करीब 1500 और माध्यमिक शिक्षा के लगभग 1800 शिक्षक शामिल हैं।

इस साल शिक्षा विभाग ने अनिवार्य तबादले लागू नहीं किए, जिससे शिक्षकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अन्य विभागों में कर्मचारियों के अनिवार्य तबादले किए गए, लेकिन शिक्षा विभाग में इस प्रक्रिया को टाल दिया गया।

शिक्षकों का स्पष्ट कहना है कि विभाग को भी अन्य विभागों की तरह अनिवार्य तबादले लागू करने चाहिए थे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने इस बार धारा 27 के तहत ही तबादलों की प्रक्रिया शुरू की है और इसी आधार पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बेसिक शिक्षा में लगभग 1500 शिक्षकों ने आवेदन किया है, जबकि माध्यमिक शिक्षा में 800 प्रवक्ता और करीब एक हजार एलटी शिक्षक तबादले की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन आवेदनों पर विचार कर जल्द प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति करेगी सिफारिश

शिक्षकों के तबादलों पर अंतिम निर्णय के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित है। यह समिति धारा 27 के तहत प्राप्त आवेदनों पर सिफारिश करती है, जिसके बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी से तबादले किए जाते हैं।

क्या है धारा 27

धारा 27, राज्य के तबादला एक्ट का वह प्रावधान है जिसके तहत विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को तबादले का अवसर दिया जाता है। इसमें वे कर्मचारी शामिल होते हैं जो सामान्य श्रेणी के तबादले के पात्र नहीं हैं — जैसे गंभीर रूप से बीमार या अन्य विशेष परिस्थितियों वाले कर्मचारी।

शिक्षक संघ ने चेताया आंदोलन से

राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि संगठन की हालिया बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शिक्षकों के तबादले जल्द किए जाएं। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने कहा — “यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”

दून अस्पताल के सामने फायरिंग करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, गोली लगने से युवक हुआ था घायल

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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने युवक को मारी थी गोली, दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, अब खाएंगे जेल की हवा

देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है. कोतवाली नगर पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया है. इसके साथ ही फायरिंग की घटना में शामिल अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है.

क्या था मामला? बता दे कि बीती 19 अक्टूबर को सुबह करीब 3:30 बजे कोतवाली नगर पुलिस को एक सूचना मिली थी. जिसमें बताया गया कि दून अस्पताल के सामने फायरिंग की घटना हुई है. सूचना मिलते ही तत्काल कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची. जहां उत्तरकाशी के पुरोला निवासी दीशांत राणा को गोली लगी थी. जिसे घायल अवस्था में दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

वहीं, घायल दीशांत के साथी आयुष्मान कौशिक निवासी रायपुर (देहरादून) से पुलिस ने पूछताछ की. जिसमें आयुष्मान ने पुलिस को बताया कि कैनाल रोड स्थित एक कैंटीन में उनका विवाद कव्यांश धामा, रोहन आर्य और विशाल तोमर से हो गया था. विवाद होने और इसी रंजिश के चलते उस पर गोली चलाई गई.

आयुष्मान ने बताया कि कव्यांश धामा के पक्ष से दो अन्य अज्ञात व्यक्ति ने दून अस्पताल के बाहर पहुंचकर उनके साथी दीशांत राणा को गोली मारी, फिर मौके से फरार हो गए. वहीं, घायल दीशांत के भाई शिवम सिंह राणा निवासी राजावाला, सेलाकुई (देहरादून) की तहरीर पर थाना कोतवाली नगर पर मुकदमा दर्ज किया गया.

क्या बोली पुलिस? वहीं, नगर कोतवाली प्रभारी प्रदीप पंत ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मौके का निरीक्षण किया. साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई.

फायरिंग और षड्यंत्र में शामिल दो आरोपी गिरफ्तार: इसी कड़ी में लगातार आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश के दौरान घटना में शामिल 2 आरोपी रोहन आर्य और विशाल तोमर को पुलिस की टीम ने फायरिंग की घटना व षड्यंत्र रचने की भूमिका में शामिल पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया. जिन्हें कोर्ट में पेश किया गया.

अन्य आरोपियों की तलाश के लिए 4 टीमें दे रही दबिश: कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया गया. साथ ही फायरिंग की घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए 4 टीम देहरादून समेत अन्य जिलों में लगातार दबिश दे रही है. ताकि, आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके.