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राज्य में लंबे समय से Dental Surgeons की लंबित मांग को मिली मंजूरी: डेंटिस्टों का बढ़ेगा मनोबल

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने दंत चिकित्साधिकारियों (Dental Surgeons) को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एसडीएसीपी (SDACP) लाभ देने की औपचारिक मंजूरी प्रदान की है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के दंत शल्य चिकित्साधिकारियों को एसडीएसीपी का लाभ प्रदान किया जाएगा।

यह निर्णय शासन के पूर्व के आदेश संख्या-654 (जुलाई 2016) और संख्या-154 (4 फरवरी 2019) के आधार पर लिया गया है। स्वास्थ्य सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा की गई संस्तुति के आधार पर दंत शल्य चिकित्साधिकारियों को यह लाभ अनुमन्य किया जाता है।

इसमें चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-1, देहरादून की संस्तुति को स्वीकार करते हुए

एसडीएसीपी (Special Duty Allowance Cum Promotion) का लाभ प्रदान करने की अनुमति दी गई है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। दंत चिकित्साधिकारियों को एसडीएसीपी लाभ देने की मांग लंबे समय से लंबित थी।
यह निर्णय न केवल वित्तीय रूप से उन्हें लाभान्वित करेगा, बल्कि विभागीय मनोबल को भी ऊँचा करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि हर स्वास्थ्य अधिकारी को उसका अधिकार और सम्मान मिले।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस निर्णय से राज्यभर के दंत चिकित्साधिकारियों को न केवल पदोन्नति संबंधी लाभ प्राप्त होंगे, बल्कि उन्हें विशेष भत्ता (Special Duty Allowance) का आर्थिक फायदा भी मिलेगा। इससे चिकित्सकों की सेवा भावना को बल मिलेगा और ग्रामीण तथा शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यकुशलता बढ़ेगी।

जानकारी के मुताबिक, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग से जुड़े कई दंत चिकित्सक पिछले कई वर्षों से इस लाभ की प्रतीक्षा कर रहे थे। एसडीएसीपी स्वीकृति के बाद उन्हें अब वित्तीय और पदोन्नति दोनों स्तरों पर समान अवसर प्राप्त होंगे। यह फैसला राज्य में चिकित्सकों की सेवा संतुलन व्यवस्था (Service Parity) की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का कहना है कि यह कदम चिकित्सा सेवा में पारदर्शिता, प्रेरणा और स्थायित्व लाने में मदद करेगा।दंत चिकित्सक समुदाय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि सरकार ने वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त की है, यह निर्णय वास्तव में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्साहजनक है।

स्कूल से लौट रही छात्राओं से छेड़छाड़, बेकरी के अंदर ले जाने की कोशिश

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देहरादून। कारगी चौक के निकट स्कूल से लौट रही छात्राओं के साथ बेकरी में काम करने वाले तीन आरोपितों ने छेड़छाड़ कर दी। आरोपित छात्राओं को जबरन बेकरी के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान शोर मचने पर लोग एकत्र हो गए। इस दौरान दो आरोपितों को पकड़ लिया जबकि एक फरार हो गया। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि फरार आरोपित की तलाश की जा रही है। घटना के बाद पहुंचे भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने हंगामा किया और बेकरी सीज करने की मांग की।

पुलिस को दी तहरीर में दो महिलाओं ने बताया कि शुक्रवार को उनकी पुत्री स्कूल से घर आ रही थी। रास्ते में 5 स्टार नाम से बेकरी है, जहां पर काम करने वाले तीन युवक अकसर बच्चियों के साथ छेड़छाड़ करते हैं और वीडियो बनाते हैं। उनकी पुत्री जब स्कूल से घर आ रही थी तो आरोपित अमित, मोइनुद्दीन व महफूज ने उनका रास्ता रोका उन्हें बेकरी के अंदर ले जाने की कोशिश की। आरोपितों ने बच्चियों के साथ गंदी हरकत करते हुए उनका हाथ पकड़ा। पहले भी बच्चियों के साथ कर चुके हैं छेड़छाड़

एक महिला ने बताया कि स्कूल से लौट रही बच्चियों के साथ आरोपित पहले भी छेड़छाड़ कर चुके हैं। पहले तो उन्हें समझाया गया था, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं सुधरे और शुक्रवार को एक बार फिर इस तरह की घटना को अंजाम दिया। घटना से गुस्साए लोगों ने बेकरी के बाहर खूब हंगामा किया। इसके चलते काफी देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने घटनास्थल पर ही शिकायतपत्र लेकर तत्काल मुकदमा दर्ज किया

मुख्य मांगों को लेकर पीआरडी जवान 10 नवम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे, सरकार को दी चेतावनी

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पी०आर०डी० जवानों की मुख्य मांगों हेतु कार्य बहिष्कार, धरना प्रदर्शन एवं हडताल पर जाने के सम्बन्ध मे

उपर्युक्त विषयक अवगत कराना है कि विगत कई वर्षों से पी०आर०डी० की मूलभूत मांगे समान कार्य समान वेतन एवं पी०आर०डी० स्वयंसेवक के स्थान पर पी०आर०डी० कार्मिक किये जाने पर आतिथि तक किसी भी प्रकार का निर्णय नही लिया गया है, जबकि पूर्व मे विभिन्न पत्रचार (ज्ञापन) एंव मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किये जाने का प्रयास करते आ रहे है, किन्तु अब प्रतीत होता है, कि सकार द्वारा पी०आर०डी० हित मे किसी भी प्रकार का सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है, फलस्वरूप पी०आर०डी० जवानों का मनोबल गिरता जा रहा है। आज इस पत्र के माध्यम से सरकार के संज्ञान में लाना है कि 09 नवम्बर, 2025 तक इन मुख्य 02 मांगे (समान कार्य समान वेतन एवं पी०आर०डी० स्वयंसेवक शब्द हटाकार पी०आर०डी० कार्मिक किया जाय) पर कोई अहम निर्णय नहीं लिया गया तो, उत्तराखण्ड का समस्त पी०आर०डी० जवान दिनांक 10 नम्बर, 2025 को कार्य बिहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हडताल पर जाने को बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

लोडर वाहन ने बाइक को मारी टक्कर जीजा-साले की दर्दनाक मौत दोनों परिवारों में कोहराम

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हरिद्वार के रुड़की में बुंगगावाला थाना क्षेत्र के तेलपुरा पुल के पास शुक्रवार देर शाम एक डीसीएम ने बाइक को टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार जीजा साले की मौत हो गई। घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है। चालक फरार हो गया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

शुक्रवार की शाम को सचिन पुत्र वेदपाल निवासी ग्राम टांडा मानसिंह थाना बिहारीगढ़ सहारनपुर अपने साले काका निवासी ग्राम अनेकरी हरिद्वार के साथ बाइक पर अनेकरी गांव जा रहा था। जैसे ही दोनों तेलपुरा के निकट पहुंचे तो सामने से आ रहे लोडर वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी बुंगगावाला भगवान महर ने एंबुलेंस से शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

इस दौरान सड़क पर जाम लग गया। पुलिस वाहन को कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी भगवान महर ने बताया मृतक जीजा-साले हैं। वाहन संख्या के आधार पर चालक की तलाश की जा रही है।

मुनस्यारी ब्लॉक के 6 गांव चार महीने से बिना रास्ते के परेशान, जान जोखिम में जाल कर रहे सफर

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ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए नदी पार करनी पड़ती है. जिसमें जरा सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है.

पिथौरागढ़: सीमांत जिले पिथौरागढ़ जिले के सीमांत ब्लॉक मुनस्यारी के 6 गांवों-रिंगू, गैला, राप्ती, वल्थी, मदकोट और चुलकोट के लगभग तीन हजार से अधिक ग्रामीण पिछले चार महीने से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं. मंदाकिनी नदी पर बना अस्थायी पुल और पैदल रास्ता आपदा में बह गया. जिसके बाद से अब तक उसकी मरम्मत नहीं हो पाई है.

हालत यह है कि नदी पार करने के लिए लगी ट्रॉली भी चार महीने से हवा में लटकी है. ग्रामीणों को खतरनाक बोल्डरों और फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है. ग्रामीणों के सामने राशन और दवाइयां पहुंचाना हुआ मुश्किल हो गया है. पैदल रास्ता और ट्रॉली बंद होने के कारण गांवों तक राशन, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाना बेहद कठिन हो गया है.

ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए नदी पार करनी पड़ती है. जिसमें जरा सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है. कई बार महिलाएं और बुजुर्ग रास्ते में गिरकर चोटिल भी हुए हैं, लेकिन फिर भी मजबूरी में लोगों को इसी खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है. मदकोट क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य भावना दानू ने बताया कि प्रशासन और सरकार को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है. उन्होंने कहा, अगर जल्द रास्ता और ट्रॉली की मरम्मत नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. जिला पंचायत सदस्य भावना दानू ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से तुरंत स्थायी पुल निर्माण और वैकल्पिक रास्ते की मांग की है.

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष कुमार भटगांई ने बताया मामला उनके संज्ञान में है. ग्रामीणों को हो रही परेशानी को देखते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. जिलाधिकारी ने बताया तब तक के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने और अस्थायी ट्रॉली को फिर से चालू करने के आदेश जारी किए गए हैं. डीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द ही आवाजाही सुचारू कर दी जाएगी.

AI से जुड़ेंगी उत्तराखंड की बोलियां, लॉन्च हुआ भाषा डेटा कलेक्शन पोर्टल, सीएम ने किया शुभारंभ

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कनाडा के सरे-वैंकूवर में भाषा डेटा कलेक्शन पोर्टल को शुरू किया गया है. सीएम धामी ने इसे लेकर वीडियो संदेश दिया.

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की लोकभाषाओं, गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी को AI से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. इसके लिए अमेरिका के सिएटल और कनाडा के सरे-वैंकूवर में भाषा डेटा कलेक्शन पोर्टल (Bhasha AI Portal) का भव्य शुभारंभ किया गया. इस ऐतिहासिक पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वीडियो संदेश के जरिए किया.

इस पोर्टल के जरिए गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं के करीब 10 लाख (1 मिलियन) शब्द, वाक्य, कहावतें, और कहानियाँ एकत्र की जाएंगी, ताकि AI प्लेटफ़ॉर्म इनसे सीखकर भविष्य में हमारी भाषाओं में संवाद कर सकें. यह ऐतिहासिक लॉन्च Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada की ओर से आयोजित भव्य कार्यक्रम में किया गया, जिसमें करीब 4000 से अधिक प्रवासी उत्तराखंडी मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री ने इस पहल को उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता को डिजिटल युग से जोड़ने वाला युगांतकारी प्रयास बताया. साथ ही अमेरिका और कनाडा में रहने वाले उत्तराखंडी प्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. सीएम धामी ने अपने संदेश में कहा कि जब तक हमारी भाषा जीवित है, हमारी संस्कृति जीवित है. उत्तराखंड सरकार सदैव अपनी मातृभाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए तत्पर है. इस ऐतिहासिक पहल में पूरा सहयोग करेगी.

अमेरिका में रह रहे एआई आर्किटेक्ट सचिदानंद सेमवाल ने कहा कि यह केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखने का एक जन-आंदोलन है. उन्हें 20 सालों से अधिक के इंजीनियरिंग अनुभव और 4 सालों से अधिक के AI अनुभव का उपयोग यदि अपनी मातृभाषा के संरक्षण में हो रहा है, तो इससे बड़ा सौभाग्य उनके जीवन के लिए और क्या होगा. इस पहल को हम एक सामाजिक आंदोलन के रूप में चलाएंगे. उन्होंने कहा जो भी इसमें जुड़ना चाहेगा उसका स्वागत है, चाहे वो इंजीनियर हो, भाषा विशेषज्ञ, लोक कलाकार, समाजसेवी या व्यवसायी हो.

देवभूमि उत्तराखंड कल्चरल सोसाइटी कनाडा के अध्यक्ष बिशन खंडूरी ने कहा यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि इस ऐतिहासिक लॉन्च की मेजबानी का अवसर हमारी संस्था को मिला. यह पहल विदेशों में रह रहे सभी उत्तराखंडियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखेगा. साथ ही सोसाइटी ने यह भी घोषणा की कि, कनाडा और अमेरिका में AI सक्षम भाषा शिक्षण केंद्र (AI-enabled Learning Centers) स्थापित किए जाएंगे. जहां प्रवासी बच्चे आधुनिक तकनीक की सहायता से गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाएँ सीख सकेंगे. ये केंद्र प्रीतम भारतवाण की जागर अकादमी से संबद्ध रहेंगे.

सरकारी आवास में मिला वन दरोगा का शव

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हल्द्वानी: हल्द्वानी के कोटाबाग इलाके से शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जब वन दरोगा पूरन चंद्र आर्या अपने सरकारी कमरे में बेसुध पाए गए। उन्हें तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया…लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, पूरन चंद्र आर्या मूल रूप से पंतनगर, शांतिपुरी नंबर-3, ऊधमसिंह नगर के निवासी थे और कोटाबाग में वन विभाग में तैनात थे। गुरुवार रात उन्होंने खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गए थे। रात तक उनकी स्थिति सामान्य थी, लेकिन शुक्रवार सुबह कर्मचारियों ने उन्हें बेहोश पाया।

दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं आया…तो कर्मचारियों ने चिंता जताई और कमरा खोला। आनन-फानन में उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया…लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पूरन चंद्र आर्या अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। कोमवाल अमरचंद शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया है।

नैनीताल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी खबर, कैंची धाम तक नहीं ले जा सकेंगे वाहन

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दो दिनों के वीकेंड को लेकर नैनीताल पुलिस ने जारी किया रूट प्लान, भीमताल और भवाली से शटल सेवा से होंगे कैंची धाम के दर्शन

नैनीताल: अगर आप भी वीकेंड पर नैनीताल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो घर से रूट प्लान देखकर ही निकलें. नहीं तो आपकी फजीहत हो सकती है. लिहाजा, वीकेंड के दौरान पहाड़ों में लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए नैनीताल पुलिस ने 1 और 2 नवंबर के लिए रूट प्लान जारी किया है. जिसमें कैंची धाम दर्शन करने वाले श्रद्धाओं के लिए भीमताल और भवाली से शटल सेवा शुरू की गई है. कोई भी पर्यटक दो दिनों के लिए कैंची धाम तक वाहन नहीं ले जाएगा. इसके अलावा पहाड़ों को जाने वाले भारी वाहन खुटानी से रामगढ़ मुक्तेश्वर होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे.

छुट्टियों के दौरान पहाड़ों में यातायात के दबाव को कम करने के लिए अब नैनीताल पुलिस ने कमर कस ली है. अक्सर वीकेंड के दौरान पर्यटक नैनीताल, भीमताल और कैंची धाम की ओर रुख करते हैं. जिस कारण नैनीताल और भीमताल सड़क में लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है. ऐसे में 1 और 2 नवंबर को अवकाश होने के चलते कैंची धाम, भीमताल और नैनीताल क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में इजाफे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने रूट प्लान तैयार किया है.

कैंची धाम यात्रा रूट में वाहनों का दबाव बढ़ने पर रूट प्लान-

  • नैनीताल व ज्योलिकोट से कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के वाहनों को भवाली सेनेटोरियम में पार्क किया जाएगा. पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम में दर्शन कराए जाएंगे.
  • भीमताल से कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के वाहनों को विकास भवन में पार्क किया जाएगा. पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम भेजा जाएगा.
  • हल्द्वानी से पर्वतीय क्षेत्र को जाने वाले भारी वाहन भीमताल रोड से खुटानी से मुक्तेश्वर व रामगढ़ होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे.
  • आवश्यक सेवा वाले भारी वाहन जैसे सब्जी, फल, ईंधन, गैस, दूध आदि का आवागमन सुचारू रहेगा.
  • अल्मोड़ा/रानीखेत/बागेश्वर से हल्द्वानी की ओर जाने वाले भारी वाहन क्वारब से रामगढ़, मुक्तेश्वर से खुटानी होते हुए भीमताल से अपने गंतव्य को जाएंगे.

वहीं, नैनीताल पुलिस ने स्थानीय निवासियों, आम जनमानस, पर्यटकों और समस्त वाहन स्वामियों व चालकों से अनुरोध है कि उक्त यातायात प्लान का अनुसरण कर अपनी यात्रा करें. ताकि, सड़कों पर जाम न लगे. साथ ही लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े. बता दें कि वीकेंड पर काफी संख्या में लोग नैनीताल और उसके आसपास के पर्यटक स्थलों की ओर रुख करते हैं. जिससे भारी जाम लग जाता है. जिसे देखते हुए पुलिस ने रूट प्लान जारी किया है.

बिल लाओ ईनाम पाओ से बढ़ा राजस्व और कर अनुपालन

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मुख्यमंत्री ने किया ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ मेगा लक्की ड्रॉ के साथ राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह का शानदार शुभारंभ।

देहरादून:- मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह का शुभारंभ करते हुए शुक्रवार को सचिवालय में ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ के अंतर्गत मेगा लक्की ड्रॉ निकाला। राज्य कर विभाग, उत्तराखंड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1888 लक्की ड्रॉ विजेता चुने गए। नैनीताल जनपद की सोनिया और टिहरी जनपद के जसपाल रावत ने प्रथम विजेता के रूप में एक-एक इलेक्ट्रिक कार जीती।

मुख्यमंत्री ने दोनों विजेताओं से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल लाओ, ईनाम पाओ योजना राज्य में जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस नवाचार ने राज्य के राजस्व संकलन को एक नई चेतना और ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में शुरू की गई इस योजना के माध्यम से जनभागीदारी को कर प्रणाली से सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया। इस योजना के तहत 6 लाख 50 हजार बिलों के माध्यम से 263 करोड़ रुपये का लेनदेन लोगों द्वारा अपलोड किया गया। इससे व्यापारी वर्ग में कर अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा मिला है और राज्य की राजस्व प्राप्ति में निरंतर वृद्धि हुई है। यह योजना आज एक और जहां उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बन चुकी है, वहीं साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से व्यवसायियों को भी सुविधा मिली है। राज्य सरकार व्यापार तंत्र को और अधिक कुशल व पारदर्शी बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापार, उद्योग और रचनात्मकता को साथ लेकर लोगों में नया विश्वास पैदा किया जा रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त व भयमुक्त वातावरण में आज व्यापारी वर्ग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।

दून स्मैशर्स बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 4वीं मास्टर्स बैडमिंटन प्रतियोगिता का डीएम सविन बंसल ने किया उद्घाटन

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देहरादून, दिनांक 31 अक्टूबर 2025, (सूवि), दून स्मैशर्स बैडमिन्टन एसोसिएशन ऑफ देहरादून 31 अक्टूबर से 02 नवम्बर 2025 तक परेड ग्राउण्ड के मल्टीपर्पज हॉल में अपनी 4 वीं मास्टर्स बैडमिन्टन प्रतियोगिता का उद्घाटन आज जिलाधिकारी सविन बसंल ने किया।

दून स्मैशर्स बैडमिन्टन एसोसिएशन ऑफ देहरादून 31 अक्टूबर से 02 नवम्बर 2025 तक प्रतियोगिता आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 12 राज्यों के खिलाड़ी प्रतिगाभाग कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता पुरुष और महिला दोनों के लिए 35+ से 80+ आयु वर्ग के खिलाडियों के लिए है। प्रतियोगिता के आयोजन 35+, 40+ 45+ 50+, 55+, 60+, 65+, 70+, 75+ और 80+ सिंगल्स, डबल्स और मिकस्ड डबल्स हैं। प्रतियोगिता में कुल प्रविष्टियों की संख्या लगभग 450 है, जिसमें 350 से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं, जो देहरादून में आयोजित किसी भी मास्टर्स प्रतियोगिता में सबसे अधिक है। स्थानीय खिलाडियों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। जिनमें से कई उत्कृष्ट खिलाडियों ने भारत का कई बार प्रतिनिधित्व किया है। जिसमें पंजाब से रामलखन, दिल्ली विक्रम भसीन एवं उत्तर प्रदेश से अभिन्न श्याम गुप्ता प्रमुख है।