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राज्य स्थापना की रजत जयंती — 25 वर्षों की विकास यात्रा और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

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देहरादून उत्तराखंड, जिसे “देवभूमि” के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए मशहूर है। इस राज्य की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई थी, और तब से यहाँ कई नेताओं ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है। उत्तराखंड अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है राज्य में अपने जन्म के बाद से लेकर अभी तक 25 साल पूरे किये जाने का सफर देखा है जिसमे राज्य की सरकारों का लेखा जोखा यहाँ के मतदाता बखूबी समझते है बीजेपी सरकार ने मुख्यमंत्री कई ऐसे लोगो को बनाया जो अपना कार्यकाल राज्य में पूरा नहीं कर सके या उनका सिमित समय मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहा जिसमे सबसे पहला नाम नित्यांनंद स्वामी का आता है फिर उनकी जगह भगत सिंह कोश्यारी मुख्यमंत्री बने

पहले विधानसभा चुनाव 2002में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में बनी जो पांच साल तक राज्य में विकास से लेकर बड़े उद्योग लगा कर लाखो परिवारों को रोज़गार का साधन उपलब्ध करवा पाई इसके बाद कांग्रेस का कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

वर्ष 2007 में भुवन चंद खंडूरी को उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन ये भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके उनके कड़क फैसले अधिकारी वर्ग के लिए कड़क साबित हुए जिसके बाद रमेश पोखरियाल निशक को मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन अपना कार्यकाल ये भी पूरा नहीं कर पाए उनको हटा कर फिर से भुवन चंद खंडूरी को दोबारा मुखयमंत्री बनाया गया लेकिन विधानसभा चुनाव 2012 में खंडूरी है जरुरी नारे की हवा ठीक वैसे ही निकल दी जैसी हवा हरदा है मतलब हरीश रावत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भरी पड़ी

विजय बहुगुणा 2012 में मुख्यमंत्री बनाये गए जो 31 जनवरी 2014 तक रहे इसके बाद उनको हटा कर हरीश रावत को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन हरीश रावत सरकार ने कई तरह के उतार चढ़ाव देखे आपदा से तबाह हुए केदारनाथ धाम में फिर से यात्रा को पटरी पर लाने में वक्त लगा लेकिन उत्तराखंड रोजगार विहीन होने से कई वर्षो तक अपने पैरो पर खड़ा नहीं हो पाया उत्तराखंड में 2017 के लिए विधानसभा चुनावो में कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटा दिया जो आज तक सत्ता से दूर है

2017 में हुए विधानसभा चुनावो में बीजेपी सरकार सत्ता में आई त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पारी को शुरू किया लेकिन वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके उनको भी निशंक की तरफ हटाया गया उसके बाद तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन कुछ महीने बाद भी उनको हटा कर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बना कर सत्ता में वापिसी का मसौदा तैयार किया गया लेकिन धामी खटीमा से साजिश रूप में मुख्यमंत्री रूप में वैसे ही हराये गए जैसे हरीश रावत को हराया गया था धामी हार जाने के बाद भी बीजेपी हाई कमान ने दूसरी बार पुष्कर सिंह धामी को 2022 में मुख्यमंत्री बनाया गया तब से लेकर अभी तक धामी कांग्रेस के तिवारी सरकार से अधिक समय तक अपना कार्यकाल चला रहे है रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड अपने 25 सालो का विकास यात्रा का उल्लेख कर रहा है ऐसे में युवा मुख्यमंत्री का उल्लेख भी किया जाना जरुरी है कांग्रेस सरकार के समय सबसे बड़ी युवा मोर्चा रैली से विधानससभा कूच ने तिवारी सरकार को असहज कर दिया था आज तक इतनी बड़ी युवा कूच कोई भी राजनैतिक दल धामी को छोड़ कर नहीं कर पाया है

रजत जयंती उत्सव उत्तराखंड 25 साल साथ रहा अवसर है अब आगे अपना कार्य आपको नए संकल्प से कार्य करना है उत्तराखंड बहुत आगे जाना चाहिए ऐसी आशा है नए विचार नयी सोच नया संकल्प बहुत कुछ करीब से देखने का अवसर मिला ये उत्तराखंड देवो की भूमि से लेकर साजिश रचनाकारों की कई कहानियो का केंद्र रहा है आज अगर देखा जाएं तो उत्तराखंड को एक नयी दिशा का अग्रदूत बन रहा है राज्य में हो रहे हर काम यहाँ के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर रहे है ऐसे में उनकी चर्चा सनातन सस्कृति से लेकर हर वर्ग का विकास किये जाने वाली जानी कही जा सकती है हर वयक्ति को साथ रखने का कोई हुनर अगर धामी जी के पास है समय के अनुकूल वो हर कदम को पहचान लेते है

पर्यटन क्षेत्र में 1200 करोड़ की परियोजनाओं पर हुआ निजी निवेश: महाराज

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प्रदेश में बनेंगे नए पर्यटन डेस्टिनेशन

राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण रही पर्यटन विभाग की भूमिका

देहरादून। राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा में पर्यटन विभाग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं एवं प्रदेश में तमाम पर्यटक सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है। पर्यटन सेक्टर में निजी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति 2023-30 लागू होने के बाद पर्यटन क्षेत्र में 1200 करोड़ की परियोजनाओं पर निजी निवेशकों ने कार्य प्रारंभ किया है।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर राज्य की विकास यात्रा में पर्यटन विभाग की भूमिका की जानकारी देते हुए भविष्य में किये जाने वाले कार्यों के विषय में भी सरकार के योजनाओं का खाका खींचा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में जहां राज्य में 110.79 लाख देशी और 56,766 लाख विदेशी पर्यटक उत्तराखंड आए वहीं वर्ष 2024 तक राज्य में 593.74 लाख देशी और 177 लाख विदेशी सहित कुल 596 लाख पर्यटक उत्तराखंड की धरती पर आए। वर्ष 2000 में जहां राज्य में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा एवं हेमकुंड यात्रा पर 1619961 आये वहीं 2025 में 59 लाख श्रद्धालु और पर्यटकों का उत्तराखंड में आगमन हुआ है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि 2013 में आई केदारनाथ त्रासदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दिशा-निर्देशों राज्य सरकार ने केदारनाथ धाम में 225 करोड़ के पुनर्निर्माण कार्य करवाए हैं जबकि 191 करोड़ के कार्य अभी भी चल रहे हैं। इसी प्रकार बद्रीनाथ धाम को “स्मार्ट स्पिरिचुअल हिल टाउन”के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चरणबद्ध रूप से भारत सरकार के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से 273 करोड़ के सीएसआर फंड से कार्य करवाए जा रहे हैं।

श्री महाराज ने कहा कि राज्य में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत पर्यटन व्यवसाय के लिए अधिकतम 33 लाख तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना के अंतर्गत अधिकतम 15 लाख के अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसी योजना से अब तक 1118 लोग लाभन्वित भी हो चुके हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शीतकालीन यात्रा के साथ साथ सहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। आदि कैलाश यात्रा को सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि भारत की धरती लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के दर्शन हो सकें इसके लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है। उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य की जी०डी०पी० को दोगुना करना है, जिसमें पर्यटन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने कहा कि राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अतिथ्य सत्कार, टूरिस्ट डेस्टिनेशन गाइड, टूर मैनेजर, एस्ट्रो टूर गाइड, स्ट्रीट फूड वेंडर आदि में 8,000 से अधिक युवक एवं युवतियों को रोजगार से जोड़ा गया है। राज्य में पर्यटन सर्किटों की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है। राज्य सरकार ने शाक्त, शैव और वैष्णव सर्किटों के अलावा विवेकानंद सर्किट, गोल्ज्यू सर्किट, गुरुद्वारा सर्किट, नवग्रह सर्किट, नागराजा सर्किट, हनुमान सर्किट और महासू देवता सर्किट जैसे कई पर्यटन सर्किटों की स्थापना की है।मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 16 प्राचीन मंदिरों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन की तरह ही केदारखण्ड मंदिर माला मिशन योजना को भी धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।

श्री महाराज ने कहा कि देहरादून से मसूरी, गोविन्द घाट से हेमकुण्ड साहिब तथा सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे के निर्माण की कार्यवाही गतिमान है। जनपद देहरादून के ग्राम हनोल में महासू देवता के लिए 120 करोड़ की धनराशि से मास्टर प्लान तैयार कर अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जनपद चमोली के अन्तर्गत भारत के प्रथम गांव माणा एवं उत्तरकाशी के जादुंग गांव को वाईब्रेट विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा नीति गांव के समीप टिम्मर सैंण महादेव को अमरनाथ की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। जनपद उत्तरकाशी में ऐतिहासिक गर्तंग गली को 59 वर्षों बाद जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के बाद पर्यटकों के लिए खोला गया है। भारतीय पर्यटन अवस्थापना के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ऋषिकेश के गुलर में “द बिग ब्रिज होटल” का निर्माण किया गया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अनुपयोगी हो चुके पुराने पुलों को पर्यटक सुविधाओं की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। कैबिनेट ने पहले चरण में टिहरी, चमोली और रूद्रप्रयाग जिलों में तीन पुलों पर रेस्टोरेंट, पार्किंग और शौचालय बनाने की मंजूरी दी है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् के माध्यम से इन पुलों को पर्यटक सुविधाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में सरकार की योजना विभिन्न पर्यटन गंतव्य को विकसित करने की भी है जिससे पर्यटक उत्तराखंड का रुख कर सकें।

रजत जयंती 2025 साजिश जयचंद नाबाद पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती — 25 वर्षों की विकास यात्रा और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

देहरादून, जिसे “देवभूमि उत्तराखण्ड” के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और अध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। यह राज्य 9 नवम्बर 2000 को अस्तित्व में आया था, और आज रजत जयंती वर्ष 2025 में अपने 25 वर्षों की विकास यात्रा का साक्षी बन रहा है।

राजनीतिक सफर: 25 वर्षों का इतिहास

राज्य गठन के बाद से उत्तराखण्ड ने कई मुख्यमंत्रियों को देखा —
पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी बने, जिनके बाद भगत सिंह कोश्यारी ने पद संभाला।

वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल में राज्य में उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसरों का विस्तार हुआ। यह वह दौर था जब उत्तराखण्ड ने विकास की ठोस नींव रखी।

इसके बाद 2007 में सत्ता परिवर्तन हुआ और भुवन चंद्र खंडूरी ने मुख्यमंत्री पद संभाला। उनके सख्त प्रशासनिक निर्णयों ने शासन में अनुशासन लाया, परंतु राजनीतिक अस्थिरता के कारण उनका कार्यकाल अधूरा रह गया।
बाद में रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ मुख्यमंत्री बने, परंतु उन्हें भी जल्द ही पद छोड़ना पड़ा, और खंडूरी को दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया।

2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में लौटी और विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बने। 2014 में उनकी जगह हरीश रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई। हरीश रावत सरकार ने आपदा प्रभावित केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का कार्य किया, परंतु रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी।
2017 के चुनावों में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई और आज तक वापसी नहीं कर सकी।

बीजेपी युग और पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व

2017 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई।
पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत, फिर तीरथ सिंह रावत, और उसके बाद पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। धामी, जो राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं, 2022 में दूसरी बार पद संभालने के बाद से लगातार राज्य की विकास योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

धामी सरकार ने राज्य को ड्रग-फ्री, डिजिटल, और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लक्ष्य के साथ अनेक जन-हितकारी योजनाएँ लागू की हैं।
उनका नेतृत्व न केवल संगठनात्मक रूप से मजबूत माना जा रहा है, बल्कि वह हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में उभरे हैं।

रजत जयंती वर्ष — आत्मचिंतन और संकल्प का समय

उत्तराखण्ड की 25 वर्षीय यात्रा उपलब्धियों, चुनौतियों और अनुभवों से भरी रही है।
आज जब राज्य अपनी रजत जयंती मना रहा है, यह अवसर है कि हम अपने अतीत से सीखते हुए एक नए भविष्य का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।
उनकी कार्यशैली में सनातन संस्कृति के संरक्षण और हर वर्ग के विकास की झलक स्पष्ट दिखाई देती है।
यह कहा जा सकता है कि उत्तराखण्ड अब एक नई दिशा और नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।

लेखक: नारायण परगाई
संपादक, उत्तराखण्ड का पहला डिजिटल पोर्टल — “भड़ास फॉर इंडिया”

ढाई घंटे देहरादून में रुकेंगे पीएम मोदी, FRI के 500 मीटर दायरे में जीरो जोन, देखें रूट प्लान

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देहरादून: कल उत्तराखंड स्थापना दिवस है. उत्तराखंड स्थापना दिवस को रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है. उत्तराखंड स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम एफआरआई में होगा. उत्तराखंड स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम में पीएम मोदी मुख्य अतिथि होंगे. पीएम मोदी देहरादून में ढाई घंटे रुकेंगे पीएम. उत्तराखंड स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में एक लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है. कार्यक्रम को लेकर पुलिश प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

11 बजे दून पहुंचेंगे देहरादून: पीएम मोदी 11:00 बजे देहरादून पहुंचेंगे. इसके बाद वे रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. कल पीएम मोदी 8000 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण करेंगे.

FRI के 500 मीटर के दायरे में जीरो जोन: पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए दून पुलिस ने व्यवस्थाएं चाक चौबंद की हैं. इसके लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है. जिसके तहत एफआरआई के 500 मीटर के दायरे को जीरो जोन घोषित किया गया है. सामान्य वाहन उस दायरे में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. लिहाजा, सड़क पर निकलने से पहले रूट प्लान अवश्य देख लें.

दून पुलिस के ट्रैफिक प्लान के अनुसार ट्रैफिक प्लान 9 नवंबर को सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान सभी प्रकार के भारी वाहन शहर के आंतरिक और बाहरी मार्गों पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे. रूट डायवर्जन प्लान शाम 4 बजे तक ही लागू रहेगा.

कार्यक्रम में शामिल होंगे दिग्गज; उत्तराखंड स्थापना दिवस मुख्य कार्यक्रम में सभी पूर्व मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, बुद्धिजीवी वर्ग और अन्य फील्ड से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया गया है.

खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित, हल्द्वानी में आयोजित हुई मैराथन दौड़

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हल्द्वानी, 8 नवंबर। शनिवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इंपीरियम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आंचल मैराथन दौड़ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। प्रतियोगिता का आयोजन नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा किया गया था।

मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्य ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में रेखा आर्य ने कहा कि मैराथन हमें फिटनेस, लगातार परिश्रम और प्रत्येक परिस्थिति में उम्मीद का दामन थामे रखने की सीख देती है। युवाओं को इन सभी गुणों को अपने अंदर विकसित करना चाहिए, जिससे वह प्रदेश और देश की विकास यात्रा में सहयात्री बन सकें।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल के क्षेत्र में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए युवाओं को कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस बड़े लक्ष्य की पूर्ति के लिए सरकार हर तरह से खिलाड़ियों को समर्थन दे रही है ।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दी जा रही है, साथ ही अन्य सरकारी नौकरियों में भी उन्हें 4% आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है।

मैराथन दौड़ में बालक और बालिका वर्ग में पूजा बिष्ट और नीरज नेगी प्रथम स्थान पर रहे, जबकि मेघा गोस्वामी और तुषार ने दूसरा स्थान हासिल किया । अनु भट्ट और सौरभ रावत तीसरे स्थान पर रहे । इन सभी को मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सम्मानित किया।

इस अवसर पर दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा, पूर्व विधायक नवीन चंद्र दुमका, प्रदेश महामंत्री युवा मोर्चा दीपेंद्र कोश्यारी, मंडल अध्यक्ष पान सिंह मेवाड़ी, गोपाल सिंह गंगोला, लीला बिष्ट, त्रिलोक सिंह, प्रकाश गाजुला, दीपा रैक्वाल, गोविंद मेहता, दीपा बिष्ट, अशोक जोशी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

भीमताल-हल्द्वानी मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा: जन्मदिन की रात छिन गई युवक की जिंदगी, बोलेरो चालक फरार

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भीमताल से अपने दोस्त के साथ बाइक पर हल्द्वानी लौट रहे दो युवकों को बोलेरो वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, रामगढ़ ब्लॉक के हरतोला सतुपरी निवासी 25 वर्षीय पवन कुमार पुत्र महेन्द्र पाल बीएसएनएल की केबल बिछाने का काम करता था। विगत दिवस उसका जन्मदिन था। देर रात वह अपने 35 वर्षीय दोस्त मोहित कुमार के साथ बाइक से भीमताल से हल्द्वानी लौट रहा था।

 

जैसे ही दोनों एचएमटी कॉलोनी स्थित महर्षि स्कूल के पास पहुंचे, तभी हल्द्वानी की ओर से तेज रफ्तार से आ रही बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची काठगोदाम पुलिस ने घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पवन कुमार को मृत घोषित कर दिया। मोहित की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

थानाध्यक्ष काठगोदाम विमल मिश्रा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस फरार बोलेरो चालक और वाहन की तलाश में जुटी है। परिजनों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

साइबर ठगों ने पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर नौ लाख 58 हजार तीन सौ अस्सी रुपये ठगे

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रुद्रपुर। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर नौ लाख 58 हजार तीन सौ अस्सी रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुनीश कुमार पुत्र देवराज निवासी गीतांजलि विहार किशनपुर वार्ड-3 ने पुलिस को बताया वह टाटा मोटर्स कंपनी सिडकुल पंतनगर में टीम मेंबर के पद पर कार्यरत है।

बीते 11 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर बने टेलीग्राम अकाउंट पर यूजर नेम निशा शर्मा से मैसेज आया और बगैर इन्वेस्टमेंट के पार्ट टाइम काम करने पर प्रतिदिन 900 रुपये से 1250 रुपये कमाने के बारे में बताया। मुनीश ने सहमति देते हुए निशा शर्मा के बताई गई एक कंपनी पर अपनी आईडी बना ली। 14 अक्तूबर को पहले दिन काम करने के उसे 889 रुपये मिले। जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। मुनीश ने विश्वास में आकर पैसे इन्वेस्टमेंट करने शुरू कर दिए। मुनीश ने निशा के कहने पर बैंक से 1.47 हजार का लोन लेकर एक लाख 25 हजार छह सौ तीन रुपये विभिन्न खातों में जमा कर दिए। इस प्रकार आरोपियों ने मुनीश से कुल नौ लाख 58 हजार तीन सौ अस्सी रुपये हड़प लिए। तब मुनीश को अपने ठगे जाने का अहसास हुआ।

देहरादून में लोगों को स्ट्रीट डॉग से मिलेगी निजात, एग्रेसिव व्यवहार मिला तो भेजा जाएगा डॉग शेल्टर सेंटर

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राजधानी देहरादून में जल्द लोगों को स्ट्रीट डॉग से निजात मिलने वाली है. नगर निगम डॉग शेल्टर सेंटर बनाने की तैयारी में जुटा है.

देहरादून: देहरादून में लोगों को स्ट्रीट डॉगों से जल्द राहत मिल सकती है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब देहरादून नगर निगम अब उन स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम कसने जा रहा है. जो शहर में लोगों पर हमला करते हैं या जिनका व्यवहार एग्रेसिव हो गया है. नगर निगम ने इन डॉग्स के लिए राज्य का पहला डॉग शेल्टर सेंटर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. नई नीति के तहत ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो सार्वजनिक जगहों पर स्ट्रीट डॉगों को नियमित रूप से खाना खिलाते हैं. यदि उनके कुत्ते किसी राहगीर पर हमला करते हैं तो उन्हें कुत्ते का मालिक माना जाएगा और एक से दो हजार रुपए तक का चालान किया जा सकेगा.

शेल्टर के लिए शासन से मंजूरी मिल चुकी है और जल्द काम भी शुरू होगा. देहरादून के इस डॉग शेल्टर सेंटर में हर डॉग को तब तक रखा जाएगा.जब तक उसका व्यवहार सामान्य न हो जाए और सजा से पहले डॉग की पूरी जांच होगी. बिना जांच के नहीं रखा जाएगा. नगर निगम की एक स्पेशल कमेटी व्यवहार की जांच करेगी और फिर उसके रिकमेंडेशन के बाद ही डॉग्स को शेल्टर भेजा जाएगा. वहीं पशु प्रेमी लोग इन निराश्रित कुत्तों को गोद भी ले सकेंगे. इसके लिए संबंधित नगर निकाय में आवेदन करना होगा. गोद लिए गए कुत्ते को चिह्नित कर विधिवत अनुमति दी जाएगी. एक बार गोद लेने के बाद उसका परित्याग नहीं कर सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने निराश्रित कुत्तों के संबंध में 22 अगस्त को आदेश जारी किया था. इसी आदेश के क्रम में शासन ने नियम जारी किए हैं. अपर सचिव संतोष बडोनी की ओर से इस संबंध में निर्देश निदेशक शहरी विकास, सभी नगर आयुक्त नगर निगम, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायत को भेजे गए हैं. वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी वरुण अग्रवाल ने बताया है कि नगर निगम शंकरपुर क्षेत्र में एक बड़े डॉग शेल्टर के निर्माण की योजना बना रहा है. जिसकी क्षमता मौजूद एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर से कहीं गुना अधिक होगी. फिलहाल नगर निगम की एबीसी सेंटर में 72 कुत्तों को रखने की सुविधा है, इसे भी बढ़ाकर 150 से 200 से अधिक किया जाएगा.

नगर निगम की ओर से एक कुत्ता शिकायत प्रकोष्ठ भी बनाया जा रहा है. जिसके लिए जल्द टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा. नागरिकों को जागरूक करने के लिए पोस्टर बैनर और प्रचार अभियानों की भी योजना है.नगर निगम अब हमलावर और आक्रामक कुत्तों की पहचान कर उन्हें लंबे समय तक केंद्र में रखकर इलाज और व्यवहार सुधार की नीति पर काम करेगा. साथ ही साल 2016 से अब तक करीब 54000 कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि अभी लगभग 20% कुत्तों की नसबंदी बाकी है. नई नीति के तहत ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो सार्वजनिक जगहों पर स्ट्रीट डॉगों को नियमित रूप से खाना खिलाते हैं. यदि उनके कुत्ते किसी राहगीर पर हमला करते हैं तो उन्हें कुत्ते का मालिक माना जाएगा और एक से दो हजार रुपए तक का चालान किया जा सकेगा.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निकायों को राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने का आदेश दिए हैं.

रुद्रप्रयाग में स्वास्थ्य व्यवस्था कर गई निराश, सड़क पर ही हुआ प्रसव

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एंबुलेंस बनी परेशानी का सबब: रास्ते में ही बच्चे को जन्म देने को मजबूर हुई गर्भवती, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

नैनीताल: अपहरण की साजिश नाकाम, पुलिस की नाकेबंदी में फंसे आठ आरोपी हिरासत में

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नैनीताल- नैनीताल पुलिस के फास्ट एक्शन ने एक बड़ा अपराध होने से टाल दिया। गुरुवार को हुई इस पूरी घटना में अपराधियों की प्लानिंग और भागने की कोशिश पर पुलिस की तेज़ नाकाबंदी भारी पड़ गई। दरअसल, हरियाणा निवासी दीपक ने डायल 112 पर घबराई हुई आवाज़ में सूचना दी कि “कुछ लोग मेरे भाई राधा मोहन को जबरन गाड़ी में डालकर ले गए हैं।”बस फिर क्या था,एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टी.सी. ने तुरंत अलर्ट जारी किया और जिले भर में नाकाबंदी और बैरियर चेकिंग के आदेश दे दिए।एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल खुद फील्ड में उतर गए, और कुछ ही समय में पुलिस टीमों ने सभी रास्तों पर जाल बिछा दिया। जिसके थोड़ी ही देर बाद हल्दुआ चेक पोस्ट पर संदिग्ध XUV (HR26FH9594) को पुलिस ने रोक लिया। जांच की तो सबके होश उड़ गए। इस गाड़ी से अपहृत राधा मोहन सकुशल बरामद कर किया गया। वाहन में सवार सभी 8 आरोपी मौके पर ही दबोच लिए गए।जिनसे इन्वेस्टिगेशन चल रही है।