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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भारत के संविधान की उद्देशिका की शपथ दिलाई

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संविधान दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में भारत के संविधान की उद्देशिका की शपथ दी और अभियोजन विभाग की पत्रिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को संविधान एवं विधि दिवस की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी भावपूर्ण स्मरण किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नए आपराधिक कानूनों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अभियोजन विभाग को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग को डिजिटलीकरण के कार्य के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। अभियोजन विभाग में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। अभियोजन विभाग के अधिकारियों को राज्य में बोली जाने वाली विभिन्न बोलियों का प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियोजन सेवा हमारी न्याय व्यवस्था का वह महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो सत्य को प्रतिष्ठित करने और न्याय की प्रक्रिया को पारदर्शी व प्रभावी बनाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 1949 का दिन भारत के इतिहास में सदैव एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा। इसी दिन भारत की संविधान सभा ने भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार किया था। 26 नवंबर को विधि दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत 1979 में प्रख्यात विधिवेत्ता स्व. डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी के प्रयासों और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा की गई थी।

वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में एक राष्ट्रीय पर्व की भांति मनाने का निर्णय लेकर हमारे सभी संविधान निर्माताओं को सच्ची श्रद्धांजलि देने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी न्याय-व्यवस्था को आधुनिक, सशक्त, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार “भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023” लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। लोगों को सुलभ, सरल और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, मेडिएशन बिल, टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सभी पहलें न्याय व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तीव्र और सुगम बनाने की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं। नए कानूनों के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड को भी सबूत के रूप में मान्यता प्रदान की गई है, जिससे जांच और अभियोजन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक विश्वसनीय, वैज्ञानिक और प्रमाणिक बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के लिए नए न्यायालय भवनों का निर्माण और मौजूदा संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण भी किया जा रहा है। डिजिटल कोर्ट्स, ई-फाइलिंग और वर्चुअल हियरिंग की प्रणालियों को और अधिक सशक्त किया जा रहा है। विधि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और युवा अधिवक्ताओं को मेंटरशिप उपलब्ध कराने के साथ ही महिला अधिवक्ताओं के लिए भी सुरक्षित व अनुकूल वातावरण developed करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

प्रदेश में सख्त नकल-विरोधी कानून लागू करने, यूसीसी जैसे अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक श्री विनोद चमोली, सचिव गृह श्री शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, निदेशक अभियोजन श्री ए.पी. अंशुमान तथा पुलिस एवं अभियोजन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

महाराज ने की यूपी के मुख्यमंत्री योगी से शिष्टाचार भेंट

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इकबालपुर नहर के निर्माण, बनबसा बैराज की मरम्मत, शुक्रताल सहित कई विषयों पर चर्चा

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, पंचायतीराज, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट कर बनवसा बैराज की मरम्मत, शुक्रताल घाट पर पर्याप्त जल की उपलब्धता और जनपद हरिद्वार स्थित इकबालपुर नहर के निर्माण की इजाजत देने का उनसे अनुरोध किया है।

प्रदेश के सिंचाई मंत्री एवं हरिद्वार जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे इकबालपुर नहर के निर्माण की इजाजत देने का अनुरोध किया है ताकि भगवानपुर और आसपास के क्षेत्रों में गिरते भूजल स्तर की समस्या को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा है कि यह नहर किसानों के लिए बहुत लाभकारी होगी और इससे क्षेत्र का विकास होगा।

इसके अलावा श्री महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हरिद्वार में स्थित दो नहरों के उत्तराखंड को हस्तांतरण एवं जनपद चंपावत के बनबसा में बने बैराज के वृहद रूप से मरम्मत किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का भी अनुरोध किया है।

श्री महाराज ने मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुजफ्फरनगर जनपद में सोलानी व बांणगंगा नदी के तट पर स्थित तीर्थ स्थल शुक्रताल घाट पर जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी कहा है ताकि धार्मिक अनुष्ठानों एवं महापर्वों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान घाट पर जल की पर्याप्त उपलब्धता रहे।

जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका वाले क्षेत्रों में शीघ्र करें झाड़ियां का कटान: महाराज

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प्रभावित परिवारों की मुआवजा राशि बढ़ने पर मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त

पौड़ी। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने बाघ के हमले में मारी गई विकास खंड जयहरीखाल, ग्राम बौंठ निवासी श्रीमती सतीश्वरी देवी पत्नी सुरेन्द्र प्रसाद के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि महिलाएं काम के सिलसिले में अकेले न जाकर समूह में जायें। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों और उनसे आम जन की सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पंचायत विभाग के अधिकारियों को अनटाइड फंड से रिहायशी इलाकों में ऐसे स्थानों की झाड़ियों को काटवाने के निर्देश दिए गए हैं जहां जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका रहती है।

श्री महाराज ने जंगली जानवरों के हमलों में मारे जाने वाले लोगों को 10 लाख की मुआवजा राशि दिये जाने और घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किये जाने के निर्णय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को देखते हुए आमजन एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के मध्येनजर पकड़े गए जंगली जानवरों को प्राणी उद्यानों और वनतारा में रखने की व्यवस्था बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी-बड़ी संस्थाओं एवं कंपनियों से उनके रखरखाव एवं खान-पान की व्यवस्था पर होने वाले खर्च को वाहन करने का उनसे अनुरोध किया जा रहा है। क्योंकि एक बाघ को पड़कर यदि किसी भी प्राणी उद्यान में रखा जाता है तो उसके खान-पान एवं रखरखाव पर 20 से 25 लाख रुपए के लगभग वार्षिक खर्च आता है। इसलिए इस तरह की पहल करना आवश्यक है। ताकि आम लोगों के साथ-साथ वन्य जीवों के भी सुरक्षा हो सके।

पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए उड़ान भरेगा 42 सीटर विमान:नैनीसैनी से स्पाइस होप कंपनी के विमान भरेंगे उड़ान, टैंडर प्रक्रिया पूरी, लाइसेंस मिलने का इंतजार

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पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्‌टी से देहरादून के लिए 42 सीटर विमान उड़ान भरेगा। इसके लिए नई कंपनी के टैंडर हो चुके हैं। नये साल की शुरुआत में ही पिथौरागढ़ की जनता को प्रदेश की राजधानी के लिए हवाई उड़ान भरने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

भाजपा के दर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ के नैनीसैनी से देहरादून के लिए विमान सेवा संचालन के प्रयास प्रदेश सरकार लगातार कर रही है। कुछ दिन पूर्व उनकी इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और अपर सचिव नागरिक उड्डयन आशीष चौहान से वार्ता हुई थी। बताया कि पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए स्पाइस जेट की बी कंपनी स्पाइस होप का टेंडर हो चुका है। अब लाइसेंस की प्रक्रिया चल रही है। लाइसेंस मिलने के बाद पिथौरागढ़ से देहरादून के लिए 42 सीटर विमान उड़ान भरेगा।

जनवरी या फरवरी में शुरू होगी विमान सेवा

दर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी ने बताया कि नई कंपनी की ओर से जनवरी या फरवरी माह में विमान सेवा शुरू करने की उम्मीद है। 42 सीटर विमान के देहरादून के लिए संचालित होने से सीमांत पिथौरागढ़ के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। यदि नये साल में 42 सीटर विमान की सौगात मिलती है तो यह सीमांत के लोगों के लिए बड़ी सौगात होगी।

19 सीटर विमान सेवा बंद होने से परेशान हैं सीमांत के लोग

पिथौरागढ़ के नैनीसैनी एयरपोर्ट से देहरादून के लिए साल 2024 में 19 सीटर विमान का संचालन शुरू हुआ था। विमान का संचालन करने वाली स्पाइस जेट कंपनी के अपनी सेवाएं बंद करने के कारण पिथौरागढ़-देहरादून के बीच लगभग दो माह से विमान सेवा बंद पड़ी है। लोग सड़क मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। तमाम कंपनियों में नौकरी कर रहे युवाओं, व्यापारियों के साथ ही देश की सीमाओं में तैनात सेना और अर्द्धसैन्य बलों के जवानों को भी सुविधा मिली है।

दिल्ली के लिए जारी है विमान सेवा

पिथौरागढ़ के नैनीसैनी हवाई अड्‌डे से दिल्ली के लिए 42 सीटर विमान का संचालन जारी है। इस समय यह सेवा सप्ताह में तीन दिन चलती है। इससे लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। विमान सेवा शुरू होने के बाद शहरों में रह रहे लोग अब दीवाली, होली जैसे पर्वों के साथ ही तमाम अन्य कार्यों में भी अपने गांवों की ओर आ रहे हैं। नये साल में देहरादून के लिए भी 42 सीटर विमान का यदि संचालन होता है तो लोगों के लिए सीमांत पिथौरागढ़ पहुंचना और अधिक आसान हो जाएगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

चाइनीज मांझे के कारण मौत के मुंह में जाने से बचा युवक, गर्दन पर हुआ गहरा घाव

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हरिद्वार। चाइनीज मांझा एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। गनीमत रही की चाइनीज मांझे की चपेट में आने से युवक की जान बच गयी। मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह से घायल हो गया। उसकी गर्दन पर कई टांके आए हैं। उत्तर हरिद्वार क्षेत्र में मोतीचूर फ्लाईओवर पर बाइक सवार युवक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। मांझा गर्दन में फंसने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल प्रेम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गर्दन पर कई टांके लगाए आए हैं। घायल युवक की पहचान करन शर्मा निवासी हरिद्वार के रूप में हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक बाइक से फ्लाईओवर से गुजर रहा था, तभी हवा में उड़ रहा चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में उलझ गया। मांझे के कारण युवक की गर्दन में गहरा घाव हो गया। राहगीरों की मदद से युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन की लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हर साल हादसे होने के बाद कुछ दिनों के लिए औपचारिक कार्रवाई दिखाई जाती है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि लगातार जानलेवा हादसे सामने आ रहे हैं।
फिलहाल अभी पतंगबाजी का समय दूर है, किन्तु जिस प्रकार से चाइनीज मांझे को लेकर हादसा हुआ है। उसको देखते हुए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

कैबिनेट ने दी सात प्रस्तावों को मंजूरी, वन्यजीव संघर्ष में मृतकों के परिजन को 10 लाख और महिलाओं को लेकर भी लिया गया निर्णय

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देहरादूनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में दस प्रस्ताव आए। इनमें से सात प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी।

बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक जताया गया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय

  • उत्तराखंड में मानव वन्य जीव संघर्ष में मृतक के स्वजनों को अब मिलेगी 10 लाख रूपए की अनुग्रह राशि। पहले यह थी छह लाख। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वन्यजीवों के हमले में घायलों के उपचार का पूरा खर्च उठाएगी सरकार।
  • दुकानों, प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को रात्रि पाली में रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने को मंजूरी। लेकिन, महिला कर्मियों को लिखित में देनी होगी सहमति
  • देहरादून शहर में मेट्रो निओ प्रोजेक्ट को कैबिनेट ने दी मंजूरी।केंद्रीय आवासन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव को किया जाएगा शामिल।
  • अभियोजन विभाग के नए ढांचे को दी गई मंजूरी, कुल 46 पद स्वीकृत करने को मंजूरी।
  • ऊर्जा निगम के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।
  • पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।
  • दुकान अवस्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी। केंद्रीय श्रम सहिता को किया अंगीकृत।

रुद्रप्रयाग हादसा: सीएम धामी के विशेष सचिव पराग धकाते गंभीर रूप से घायल

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष सचिव IFS पराग धकाते रुद्रप्रयाग में गंभीर हादसे का शिकार हो गए। जानकारी के अनुसार धकाते घोड़े से गिरकर घायल हो गए, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया।

घटना के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आज उनका ऑपरेशन किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर हैं, वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय भी लगातार स्वास्थ्य अपडेट ले रहा है।

मुख्य बिंदु

रुद्रप्रयाग में घोड़े से गिरने से हुआ हादसा

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर
गंभीर स्थिति में एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भर्ती

डॉक्टरों की टीम निगरानी में, आज होगा ऑपरेशन

सीएम धामी कार्यालय लगातार संपर्क में

दुआएं की जा रही हैं कि पराग धकाते जल्द स्वस्थ होकर वापस अपने कार्य पर लौटें।

कैबिनेट बैठक से पहले पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर सीएम धामी ने किया शोक व्यक्त

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देहरादून। सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक की शुरुआत आज गमगीन माहौल में हुई। बैठक के आरंभ में कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के प्रमुख नेता, वरिष्ठ आंदोलनकारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महान योगदान को याद किया। कैबिनेट ने कहा कि दिवाकर भट्ट न केवल राज्य आंदोलन के अग्रणी चेहरों में से एक थे, बल्कि उन्होंने उत्तराखंड के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह हमेशा जनहित और पहाड़ की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित रहे। उनकी राजनीतिक यात्रा और संघर्षों ने उत्तराखंड आंदोलन को नई दिशा दी थी।बैठक में उपस्थित मंत्रियों ने दिवाकर भट्ट के निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कैबिनेट ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य हमेशा उनके संघर्ष, त्याग और सेवाभाव को याद रखेगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री धामी ने भी कहा कि दिवाकर भट्ट का व्यक्तित्व और नेतृत्व नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

रंगदारी केस: गोपाल वनवासी गिरफ्तार, रिमांड के बाद अल्मोड़ा जेल भेजा गया

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बागेश्वर। कोतवाली बैजनाथ पुलिस ने रंगदारी मांगने और लोगों को धमकाने के आरोप में एक शातिर अपराधी गोपाल चंद्र बनवासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर आरटीआई कार्यकर्ता की आड़ में वसूली करने का आरोप है।

गरुड़ के मेलाडुंगरी निवासी बलवंत सिंह ने 22 नवंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रीठा निवासी गोपाल चंद्र बनवासी उनसे मकान ध्वस्तीकरण आदेश दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, बनवासी ने झूठी शिकायतों के माध्यम से उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दी थी।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बैजनाथ पुलिस ने तत्काल मुकदमा संख्या 25/25, धारा 308(2)/308(6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक बागेश्वर चंद्रशेखर घोडके ने मामले की त्वरित विवेचना के निर्देश दिए। जांच के बाद पुलिस टीम ने 25 नवंबर को गोपाल चंद्र बनवासी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

आरोपी गोपाल बनवासी का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2011 में उसे धारा 366/306 (अपहरण व आत्महत्या के दुष्प्रेरण) के तहत पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी, जिसे वह काट चुका है। इसके अलावा, पूर्व में भी उस पर रंगदारी का एक और मामला (मु.अ.स. 21/25 धारा 308(2)/308(4)/316(2) बीएनएस) दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इन मामलों के बावजूद, आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और दोबारा लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगने लगा था।

इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक उमेश रजवार, हेड कांस्टेबल राजेंद्र रोतेला और कांस्टेबल नरेंद्र राणा शामिल थे। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में रंगदारी मांगने और फर्जी शिकायतों के माध्यम से लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून: तेज रफ्तार कार ने दंपत्ति को कुचला, पति की मौत—पत्नी गंभीर, चालक फरार

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देहरादून में तेज रफ्तार कार चालक ने दंपत्ति को कुचला, पति की हुई मौत, पत्नी का चल रहा है इलाज,कार चालक पर मुकदमा दर्ज

देहरादून- प्रेमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत तेज रफ्तार से जा रही कार ने कोरियर की डिलीवरी करने वाले स्कूटी चालक पति-पत्नी को कुचल दिया। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पति की मौत हो गई, जबकि, पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं. जिसका इस वक्त अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

दरअसल, बीती 24 नवंबर को गोरखपुर चौक निवासी प्रमोद कुमार ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उनका भाई विनोद कुमार और भाभी पूनम पाल कोरियर का काम करते थे। 22 नवंबर की शाम 8 बजे दोनों अपना काम खत्म करके घर की तरफ आ रहे थे। उसी दौरान फन एंड फूड वाटर पार्क नंदा की चौकी गेट के पास गलत दिशा में तेज रफ्तार से आ रही एक्सयूवी कार ने उन्हें टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर लगने के बाद आरोपी वाहन चालक उन्हें घसीटते हुए ले गया और फिर घटनास्थल से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में दोनों को उप जिला अस्पताल (प्रेमनगर) लाया. जहां हालत गंभीर होने पर अस्पताल ने दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनके भाई विनोद कुमार की 23 नवंबर को मौत हो गई। जबकि, उनकी भाभी का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा कि विनोद कुमार के तीन बच्चे हैं, इनमें दो बेटियां और एक बेटा है। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के चलते वो दिन में स्कूल बस और शाम के समय पत्नी के साथ कोरियर का काम करते थे। घटना के बाद परिवार के सामने आर्थिकी का संकट पैदा हो गया है। क्योंकि, विनोद कुमार की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल है, जो कि अस्पताल में उपचाराधीन है।