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उत्तराखंड में संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए उच्चस्तरीय आयोग बनेगा: मुख्यमंत्री धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में अंतर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में संस्कृत के उत्थान के लिए उच्चस्तरीय आयोग बनाने की घोषणा की। उन्होंने संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी बताया और एसआईआर का विरोध कर रहे विपक्ष पर निशाना साधा।

हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में संस्कृत भाषा के विकास और उत्थान के लिए एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने यह घोषणा सोमवार को हरिद्वार में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए की। उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्कृत के आधार पर ही मानव सभ्यताओं का विकास संभव हुआ है।

संस्कृत का महत्व और सनातन संस्कृति

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संस्कृत के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि विश्व की अधिकतर भाषाओं की जड़ें किसी न किसी रूप में संस्कृत से ही जुड़ी हुई हैं, इसलिए इसे सभी भाषाओं की जननी माना जाता है। उन्होंने सनातन संस्कृति के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि समस्त वेद, पुराण और उपनिषदों की रचना भी संस्कृत में ही की गई है। धामी ने संस्कृत को अनादि और अनंत भाषा बताते हुए इसके संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

अर्द्धकुंभ और विपक्ष पर टिप्पणी

सम्मेलन के दौरान, मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुंभ-2027 को दिव्य और भव्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और सभी से इस सनातन संस्कृति के आयोजन से जुड़ने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। सीएम ने कहा कि कुछ दल सिर्फ विरोध करने की मानसिकता रखते हैं और वे देश में शुरू किए गए अच्छे और सार्थक प्रयासों, जैसे कि एसआईआर (वोटर लिस्ट सत्यापन), का भी बिना वजह विरोध करते हैं।

विकासखंड डोईवाला के दूरस्थ इठारना में सरकार जनता के द्वार; डीएम ने सुनी जन समस्याएं; अधिकतर समस्याओं का निस्तारण

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दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम छोर पर निवासरत बुजुर्ग महिला बच्चे; सरकार, जिला प्रशासन के लिए प्रथम: डीएम

35 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर जनमानस की समस्या का किया निस्तारण; लाभार्थियों से मौके पर ही भरवाये योजनाओ के फॉर्म

ग्राम पंचायत रानीपोखरी को कूड़ा निस्तारण हेतु वाहन की मौके पर ही स्वीकृत; मृत पशु के शव निस्तारण हेतु भूमि चिन्हित करने को राजस्व विभाग को निर्देश

ग्राम पंचायत गदुल में लगेगा आधार एवं श्रम कार्ड बनाने हेतु कैंप; डीएम ने दिए निर्देश

50 आधार कार्ड; 64 छात्र-छात्राओं की रोजगार हेतु काउंसलिंग; 2 जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र; 2 दिव्यांग प्रमाण पत्र; 33 आयुष्मान कार्ड; 180 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच; नई गैस कनेक्शन है तो 11 आवेदन फार्म; राशन कार्ड हेतु 6 आवेदन; 2 महालक्ष्मी 10 किशोरी किट वितरित; 3 लाभार्थियों को कृषि उपकरण 1.65 लाख अनुदान राशि वितरित; 3 लाभार्थियों को मौके पर ही पेंशन; वृद्ध जनों को समाज कल्याण विभाग द्वारा 46 लाभार्थियों को 132 सहायक उपकरण वितरित; 30 लाभार्थियों को पशु औषधि वितरित

बहुउद्देशीय शिविर में 200 से अधिक शिकायत प्राप्त; अधिकतर शिकायतों का मौके पर निस्तारण

देहरादून दिनांक 01 दिसंबर 2025(सूवि) जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज विकासखंड डोईवाला के ग्राम इठारना में बहुउद्देशीय शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत आमजन को विभिन्न शासन की कल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था। जिलाधिकारी नहीं कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम छोर में निवासरत प्रत्येक बुजुर्ग, व्यक्ति, महिला बच्चा सरकार और जिला प्रशासन के लिए प्रथम व्यक्ति है। जिला अधिकारी ने कहा कि हमारा यही प्रयास है कि बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त हुए प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं, मांगों एवं अपेक्षाओं को विस्तार से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को तुरंत लाभान्वित किया जाए। बहुउद्देशीय शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए वहीं शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में जीआईसी इठरना के बच्चों ने अपने बने प्रोडक्ट की जानकारी जिलाधिकारी को दी, जिसमें अवनीश रावत ने मिश्रित खेती तथा कनिष्का पुंडीर ने देवी आपदा के दौरान बचाव संबंधी बनाए गए प्रोडक्ट की प्रस्तुति दी।

विकासखंड डोईवाला के दूरस्थ इठारना में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत डीएम ने जन समस्याएं सुनी अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया जिलाधिकारी ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम छोर पर निवासरत बुजुर्ग महिला बच्चे; सरकार, जिला प्रशासन के लिए प्रथम व्यक्ति हैं जिन्हें जिन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना हमारी प्राथमिकता है।

बहुउद्देशीय शिविर में 35 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर जनमानस की समस्या निस्तारण किया तथा योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु आवेदन प्राप्त किये तथा लाभार्थियों से मौके पर ही योजनाओ के फॉर्म भरवाये।

ग्राम पंचायत रानीपोखरी को कूड़ा निस्तारण हेतु वाहन की मौके पर ही स्वीकृत; मृत पशु के शव निस्तारण हेतु भूमि चिन्हित करने को राजस्व विभाग को निर्देश

ग्राम पंचायत गदुल में लगेगा आधार एवं श्रम कार्ड बनाने हेतु कैंप; डीएम ने दिए निर्देश

50 आधार कार्ड; 64 छात्र-छात्राओं की रोजगार हेतु काउंसलिंग; 2 जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र; 2 दिव्यांग प्रमाण पत्र; 33 आयुष्मान कार्ड; 180 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच; नई गैस कनेक्शन है तो 11 आवेदन फार्म; राशन कार्ड हेतु 6 आवेदन; 2 महालक्ष्मी 10 किशोरी किट वितरित; 3 लाभार्थियों को कृषि उपकरण 1.65 लाख अनुदान राशि वितरित; 3 लाभार्थियों को मौके पर ही पेंशन; वृद्ध जनों को समाज कल्याण विभाग द्वारा 46 लाभार्थियों को 132 सहायक उपकरण वितरित; 30 लाभार्थियों को पशु औषधि वितरित की गई। वही उद्यान विभाग द्वारा 12 लाभार्थियों को 50% अनुदान दिया गया। चिकित्सा विभाग द्वारा 102 सामान्य ओपीडी, 15 गायनी ओपीडी, तथा 30 से अधिक रक्त जांच, 16 की टीवी जांच तथा 2 लोगों के एक्स-रे भी कराए गए।

उत्तराखंड ‘राजभवन’ का बदला गया नाम, अब कहलाएगा ‘लोक भवन’

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देहरादून और नैनीताल में मौजूद ‘राजभवन’ को अब ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा. जिसके आदेश जारी कर दिए गए हैं.

देहरादून: उत्तराखंड ‘राजभवन’ का नाम बदलकर अब ‘लोक भवन’ कर दिया गया है. जिसके तहत देहरादून और नैनीताल में मौजूद ‘राजभवन’ को अब ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा.

दरअसल, 25 नवंबर 2025 को जारी गृह मंत्रालय भारत सरकार के पत्र संख्या के तहत और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह की स्वीकृति के बाद देहरादून और नैनीताल स्थित राजभवन (Raj Bhavan) का नाम आधिकारिक रूप से लोक भवन (Lok Bhavan) कर दिया गया है. अब राजभवन उत्तराखंड (Raj Bhavan Uttarakhand) को अब से लोकभवन उत्तराखंड (Lok Bhavan Uttarakhand) कहा जाएगा. राज्यपाल सचिव रविनाथ रमन की ओर से अधिसूचना जारी किया गया है.

नैनीताल राजभवन के बारे में जानिए: नैनीताल में स्थापित ब्रिटिश कालीन राजभवन को हाल में ही 125 साल पूरे हुए हैं. जिसके बाद इस ऐतिहासिक राजभवन ने 126वें साल में प्रवेश कर लिया है. राजभवन के 125 साल पूरे होने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद नैनीताल राजभवन पहुंचीं थी. जहां उन्होंने नैनीताल राजभवन के ऐतिहासिक महत्व को करीब से जाना था.

बता दें कि नैनीताल राजभवन (अब लोक भवन) की नींव 27 अप्रैल 1897 को रखी गई थी. मार्च 1900 में राजभवन का बिल्डिंग बनकर पूरी तरह से तैयार हुआ था. पश्चिमी गौथिक शैली में बने अंग्रेजी के E आकार के इस राजभवन को तैयार करने में ब्रिटिश गवर्नर सर एंटनी पैट्रिक मैकडोनाल्ड ने अहम भूमिका निभाई थी.

यूपी की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी नैनीताल: ब्रिटिश काल में अंग्रेजों ने दिल्ली को देश की राजधानी और शिमला को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था. जबकि, अवध की राजधानी के लिए लखनऊ और ग्रीष्मकालीन राजधानी नैनीताल को चुना था. जिसके बाद सबसे पहले नैनीताल में पहला राजभवन साल 1862 में रैमजे अस्पताल परिसर में स्थापित किया गया था. इसके बाद साल 1865 में राजभवन माल्डन हाउस में स्थापित हुआ.

इसी बीच साल 1875 में राजभवन को नैनीताल के स्नो व्यू क्षेत्र में स्थापित किया गया. जिसके बाद इस क्षेत्र में भूस्खलन हुआ. जिसे देखते हुए 27 अप्रैल 1897 को राजभवन शेरवुड हाउस के पास स्थायी रूप से बनाया गया. ब्रिटिश शासकों ने नैनीताल राजभवन को करीब 160 एकड़ के घने जंगल में स्थापित किया. जिसके बाद हर साल ब्रिटिश शासक गर्मियों के दौरान नैनीताल आते थे.

ब्रिटिश शासकों ने साल 1925 में राजभवन क्षेत्र के घने जंगल की करीब 75 एकड़ भूमि पर एशिया का सबसे ऊंचा एवं देश का सबसे बेहतरीन गोल्फ कोर्स बनाया. जिसमें वो गोल्फ खेला करते थे. यह ऐतिहासिक भवन लंबे समय तक स्थानीय लोगों और पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंधित था, लेकिन साल 1994 में इस राजभवन को स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया गया.

अभी-अभी(उत्तराखंड)भालू के हमले से महिला गंभीर. हायर सेंटर रेफर

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उत्तरकाशी। जनपद उत्तरकाशी में मानव–वन्यजीव संघर्ष का एक और मामला सामने आया है। ग्राम पाही, तहसील भटवाड़ी में सोमवार शाम एक भालू ने 65 वर्षीय महिला पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

राजस्व उपनिरीक्षक लाटा मल्ला द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दिनांक 01 दिसंबर 2025 को लगभग शाम 5 बजे ग्राम पाही निवासी श्रीमती रूकमणी देवी (पत्नी श्री सुरेन्द्र सिंह रावत) अपनी गोशाला की ओर जा रही थीं, तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। महिला को स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भटवाड़ी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी रेफर कर दिया।

बताया गया कि महिला की उम्र 65 वर्ष है और हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

‘केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कर रहे हैं काम’:मथुरा दत्त जोशी बोले- सरकारी योजनाओं से मिल रहा सीधा लाभ

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने अल्मोड़ा में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड तेजी से विकास कर रहा है। जोशी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाएं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का कार्य मिलकर प्रदेश को विकास की नई दिशा दे रहे हैं।

जोशी ने बताया कि केदारनाथ-बद्रीनाथ योजना, चारधाम सड़क सुधार परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण और प्राचीन स्वरूप के संरक्षण कार्यों की सराहना की। इसके साथ ही, बद्रीनाथ में सड़क, पार्किंग और अन्य यात्री सुविधाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। जोशी ने बताया कि सौंग, किसाऊ, लखवाड़-व्यासी और जमरानी जैसी लंबित जल एवं बिजली परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य प्रगति पर है।

‘जल जीवन मिशन’ के तहत पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों तक नल से पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे महिलाओं का कार्यभार कम हुआ है। उन्होंने ‘किसान सम्मान निधि’, ‘फसल बीमा’, ‘ग्रामीण सड़क योजना’, ‘आयुष्मान योजना’ और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी केंद्रीय योजनाओं का भी जिक्र किया। जोशी ने दावा किया कि इन योजनाओं से किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को बड़ी सहायता मिली है। इससे गांवों में सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं मजबूत हुई हैं।

जोशी ने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। खनन सुधारों से सरकार को राजस्व में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, पर्यटन, मछली पालन और फिल्म से संबंधित योजनाओं के लिए राज्य को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं।

उन्होंने जागेश्वर और चितई मंदिरों के विकास कार्यों का उल्लेख किया, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अल्मोड़ा के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को देशव्यापी पहचान दिलाने की भी तैयारी चल रही है, जिससे कारीगरों और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। इस पत्रकार वार्ता में भाजपा के जिला अध्यक्ष महेश नयाल, महापौर अजय वर्मा, नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट, मीडिया प्रभारी मनीष जोशी, पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

महाराज ने गोवा के राज्यपाल का देवभूमि आगमन पर किया स्वागत

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देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर स्वागत किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू को उत्तराखंड में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से अवगत कराते हुए गोवा और उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उन्हें बताया कि ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा के पश्चात सरकार ने 24 अक्टूबर 2025 से शीतकालीन यात्रा का श्री गणेश कर दिया है। चारों धामों के कपाट बंद होने के पश्चात परंपरागत रूप से चार धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए पूजा अर्चना और दर्शनों के लिए सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं।

मोतीचूर रेंज में ट्रेन की टक्कर से शिशु हाथी की मौत, 2 घंटे प्रभावित रहा रेल यातायात, लोको पायलट पर मुकदमा

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हाथियों के झुंड के रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान हुई घटना, लोको पायलट समेत दो पर मुकदमा

हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में एक हाथी के बच्चे की ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई. हाथी के बच्चे की मौत से राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. ट्रेन की टक्कर लगते ही हाथी का बच्चा गिर पड़ा और उसके ऊपर से ट्रेन की बोगी उतर गई. ट्रेन के नीचे हाथी के बच्चे का शव पड़ा रहा और करीब दो घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा.

मोतीचूर रेलवे स्टेशन और रायवाला के बीच खड़खड़ी उत्तरी बीट की यह घटना है. अक्सर हाथी यहां से रेलवे ट्रैक को पार करते हैं. हादसा उस समय हुआ जब हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर ट्रैक पार कर रहा था. तभी यहां से हावड़ा देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन गुजर रही थी. टक्कर लगते ही शिशु हाथी ट्रेन के इंजन के नीचे फंस गया. बताया जा रहा है कि रफ्तार अधिक होने से चालक ब्रेक नहीं लगा सका और शिशु हाथी इंजन के नीचे आ गया. इस कारण उसकी मौके पर ही जान चली गई.

हादसे के चलते करीब दो घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा. इसके कारण देहरादून हरिद्वार रूट पर कई ट्रेनें लेट हो गईं. सूचना पर राजाजी टाइगर रिजर्व और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं. वनकर्मियों ने हाथी के बच्चे के शव को ट्रैक से हटवाया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई. बताया जा रहा है कि चालक ने हाथियों के झुंड को देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन दूरी कम होने के कारण हादसा नहीं टल सका. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धुंध के कारण घटना हुई है. धुंध अधिक होने के कारण हाथियों का झुंड दूर से नहीं दिख पाया था. पास आते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाई, लेकिन शिशु हाथी रेलवे ट्रेक नहीं पार कर पाया. जबकि साथ में मौजूद चार अन्य हाथी रेलवे ट्रेक पार कर चुके थे.

5 से 7 साल के बीच थी शिशु हाथी की उम्र: राजाजी टाइगर रिजर्व के ACF अजय लिंगवाल ने बताया कि-

मृतक शिशु हाथी है, जिसकी उम्र करीब 5 से 7 साल के बीच है. ट्रेन से टक्कर लगकर हाथी की मौत हुई है. सूचना मिलते ही राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद हाथी के शव को ट्रैक से बाहर निकाला गया. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है. वैसे तो उनकी टीम लगातार गश्त करती रहती है, इस हादसे के बाद गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले ट्रेन की स्पीड निर्धारित स्पीड से ज्यादा थी. लापरवाही सामने आने पर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से लोको पायलट खुशी राम मौर्य और सहायक लोको पायलट दीपक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. मोतीचूर रेंज अधिकारी महेश सेमवाल ने बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

बनभूलपुरा: सुप्रीम कोर्ट फैसले से पहले सतर्कता, रेलवे अतिक्रमण मामले की कल सुनवाई

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हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा क्षेत्र में आगामी दो दिसंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में सर्वोच्च न्यायालय कल सुनवाई करेगा, और संभव है कि अदालत अपना निर्णय भी सुना दे। मामले की संवेदनशीलता और संभावित स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रविवार को क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ट्रैक से सटे क्षेत्र में वर्षों से रेलवे की भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है। रेलवे का कहना है कि बनभूलपुरा में लगभग 29 एकड़ जमीन पर करीब 4365 अतिक्रमणकारी बसे हुए हैं। कई वर्ष पहले रेलवे ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन मामला न्यायालय में चला जाने के कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी थी।

सुनवाई से एक दिन पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रविवार को बहुउद्देशीय भवन में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में डीएम ललित मोहन रयाल ऑनलाइन शामिल हुए, जबकि रेलवे, आरपीएफ और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया।

एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने या सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध हथियार रखने, संसाधन जुटाने या अफवाह फैलाने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।

उन्होंने बताया कि पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात की गई है और सुरक्षा उपकरण—जैसे हेलमेट, डंडे, बॉडी प्रोटेक्टर आदि—फोर्स को उपलब्ध करा दिए गए हैं। रेलवे ने भी अपने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है और सुनवाई वाले दिन आरपीएफ की विशेष तैनाती रहेगी।

बैठक में एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, नगर निगम के अधिकारी, रेलवे इंजीनियरिंग टीमें, आरपीएफ के अधिकारी, वन विभाग और यूपीसीएल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

प्रशासन ने रविवार को बनभूलपुरा को चार सेक्टरों में बांटकर व्यापक सत्यापन और चेकिंग अभियान चलाया। एएसपी लालकुआं दीपशिखा के नेतृत्व में हल्द्वानी, रामनगर और नैनीताल सर्किल के अधिकारियों ने इंदिरानगर, बड़ी रोड, छोटी रोड, शनिवार बाजार, ढोलक बस्ती, गफूर बस्ती, रेलवे स्टेशन परिसर और लाइन नंबर 1 से 18 तक सघन जांच की।

इस दौरान पुलिस ने लगभग 350–400 लोगों का सत्यापन किया। सत्यापन न मिलने पर 32 व्यक्तियों पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन पर 10 वाहन चालकों को चालान किया गया और नशे में वाहन चलाने पर एक वाहन सीज कर दिया गया।

एसएसपी ने बताया कि संवेदनशीलता को देखते हुए यह कार्रवाई एहतियातन की गई है ताकि किसी भी संभावित परिस्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

रविवार को एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बनभूलपुरा के संभ्रांत लोगों और समुदाय प्रतिनिधियों के साथ शांति कमेटी की बैठक भी आयोजित की। बैठक में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को सम्मान करना चाहिए और किसी भी तरह के दुष्प्रचार या भ्रामक संदेशों से बचना अनिवार्य है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर उकसाने वाली सामग्री पोस्ट या फॉरवर्ड न करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि दुष्प्रचार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि अराजक तत्वों की पहचान में समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी अहम है और सबको मिलकर शांति बनाए रखनी होगी।

बैठक में मौजूद सामाजिक प्रतिनिधियों और पार्षदों—जैसे मोहम्मद नबी, मौलाना मुफीम कासमी, सलीम सैफी, इमरान खान, तस्लीम अंसारी और धर्मवीर—ने भी फैसले का सम्मान करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया। बैठक में एसडीएम राहुल शाह, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान और सीओ सिटी अमित कुमार सैनी भी उपस्थित रहे।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि प्रशासन सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रख रहा है और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने दोहराया कि अदालत के आदेशों के पालन में सभी से सहयोग की अपेक्षा है और शांति व्यवस्था को बिगाड़ने वालों पर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

उत्तराखंड की 40 हजार आंगनबाड़ी बहनों को बड़ी सौगात! मानदेय बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार—जल्द मिलेगी खुशखबरी

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देहरादून। उत्तराखंड की 40 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने मानदेय बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, मानदेय में 1600 रुपये तक की बढ़ोतरी की संभावना है।

किच्छा में सरकारी भूमि पर ड्रोन से अतिक्रमण चिन्हित:अवैध मस्जिद सील, बिजली कनेक्शन पर FIR के निर्देश

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ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा में जिला विकास प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान ग्राम सिरोली में ड्रोन की मदद से अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया। कार्रवाई के तहत सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मस्जिद को सील कर दिया गया और उसके बिजली कनेक्शन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

यह अभियान जिला विकास प्राधिकरण के वीसी जयकिशन, एडीएम पंकज उपाध्याय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा और एसडीएम गौरव पाण्डे की मौजूदगी में चलाया गया। अधिकारियों की टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और ड्रोन उड़ाकर क्षेत्र के नक्शे का विस्तृत अवलोकन किया।

ड्रोन सर्वेक्षण के दौरान सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित किया गया। अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को तत्काल भूमि खाली करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में, सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित एक मस्जिद के प्रतिनिधियों को बुलाया गया। जब काफी देर तक कोई नहीं आया, तो टीम ने मस्जिद को सील कर दिया।

मस्जिद में लगे अवैध विद्युत कनेक्शन को गंभीरता से लेते हुए विद्युत अधिकारियों को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोटिस देने के बाद भी यदि भूमि खाली नहीं की गई, तो प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान क्षेत्रवासियों में हड़कंप मचा रहा। मौके पर किच्छा और पुलभट्टा थाने की पुलिस टीम के साथ-साथ भारी संख्या में विभागीय कर्मचारी भी मौजूद रहे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।