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Uttarakhand: 15 दिसंबर से शराब की कीमत प्रति बोतल इतने रुपये बढ़ जाएगी

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Uttarakhand उत्तराखंड: उत्तराखंड में शराब पीने वालों को 15 दिसंबर से एक और झटका लगने वाला है। राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए अपनी एक्साइज पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसमें एक्साइज ड्यूटी पर 12% वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) फिर से लगा दिया गया है। इस फैसले से राज्य में शराब की कीमतें ₹40 से ₹100 प्रति बोतल तक बढ़ जाएंगी।

एक्साइज कमिश्नर अनुराधा पाल ने बताया कि सरकारी आदेश मिलने के बाद बदले हुए रेट को ट्रांसपेरेंट तरीके से लागू करने के लिए एक टाइमलाइन तय की गई है। डिपार्टमेंट को एक हफ्ते का समय मिला था, और नए रेट लागू करने का प्रोसेस पूरा करने के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है।

गौरतलब है कि एक्साइज डिपार्टमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपनी पॉलिसी बनाते समय एक्साइज ड्यूटी से VAT हटा दिया था। डिपार्टमेंट ने बताया कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश एक्साइज ड्यूटी पर VAT नहीं लगाता है। यह कदम उत्तराखंड की पॉलिसी को दूसरे राज्यों के मुकाबले का बनाने और गैर-कानूनी शराब की तस्करी को रोकने के लिए उठाया गया था। राज्य के फाइनेंस डिपार्टमेंट ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। फाइनेंस डिपार्टमेंट की आपत्ति के कारण, VAT को एक्साइज ड्यूटी में फिर से जोड़ा जाएगा।

इसके बाद, देसी शराब के एक पाउच की कीमत ₹10 और विदेशी शराब की एक बोतल की कीमत ₹100 तक बढ़ जाएगी। ध्यान दें कि उत्तराखंड में शराब की कीमतें पहले से ही हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से ज़्यादा हैं।

यमुना नदी में अवैध खनन कर रहे 3 लोग ट्रैक्टर ट्रॉली सहित फंसे, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

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तीन लोग कटापत्थर इलाके में अवैध खनन करने यमुना नदी में गए थे, तभी डैम से छोड़े गए पानी की धारा में फंस गए

विकासनगर: देहरादून जिले के विकासनगर स्थित कटापत्थर के पास यमुना नदी में कुछ लोग फंस गए थे. फंसे व्यक्तियों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाल लिया है. बताया जा रहा है कि यह लोग यमुना नदी में खनन करने गए हुए थे.

यमुना नदी में अवैध खनन कर रहे तीन लोग फंसे: यमुना नदी में अवैध रूप से खनन करने गए ट्रैक्टर ट्रॉली सहित तीन लोगों को आभास भी नहीं हुआ कि समय समय पर जुड्डो डैम का पानी छोड़ा जाता है. जबकि डैम से पानी रिलीज करने के दौरान साइरन भी बजता है. अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से ट्रैक्टर ट्रॉली बीच नदी में फंस गई.

डैम से छूटे पानी में फंसे खनन करने गए लोग: ट्रैक्टर में सवार तीन लोगों की जान पर बन आई. CCR (Central Control Room) देहरादून के माध्यम से एसडीआरएफ डाकपत्थर को सूचना मिली कि कटापत्थर के पास नदी में एक ट्रैक्टर ट्रॉली सहित तीन लोग तेज धारा में फंसे हुए हैं. सूचना मिलते ही पोस्ट डाकपत्थर को अवगत कराते हुए एसडीआरएफ टीम को तत्काल रवाना होने के निर्देश दिए गए. अपर उपनिरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में टीम घटनास्थल पर पहुंची. टीम ने देखा कि नदी की तेज धारा के बीच ट्रैक्टर ट्रॉली में 3 लोग फंसे हुए हैं. टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. कड़ी मशक्कत के बाद यमुना नदी में फंसे तीनों लोगों को बाहर निकाल लिया गया.

एसडीआरएफ ने यमुना नदी में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया: एसडीआरएफ डाकपत्थर पोस्ट के अपर उपनिरीक्षक सुरेश तोमर ने बताया कि-

सेंट्रल कंट्रोल रूम देहरादून के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि कटापत्थर के पास नदी में ट्रैक्टर ट्रॉली सहित तीन लोग तेज धारा मे फंसे हुए हैं. तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. तीनों लोगों के नाम केदार उम्र 35 निवासी कोथी भोन्दी, मनीष उम्र 23 निवासी बौसान, अनिल उम्र 18 निवासी बौसान हैं.
-सुरेश तोमर, अपर उप निरीक्षक, एसडीआरएफ पोस्ट, डाकपत्थर-

नैनीताल में मकान में घुसा गुलदार:गले पर चोट के निशान, ग्रामीणों में दहशत

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नैनीताल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक निर्माणाधीन मकान में गुलदार दिखाई दिया। गुलदार मंगलवार को कालाढूंगी नगर के वार्ड नंबर 1 में दिखा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देखा कि गुलदार घायल अवस्था में है।

ग्रामीणों के शोरगुल के बीच वह जंगल की ओर भाग गया, जिसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजड़ा लगाकर कैमरा ट्रैप के माध्यम से उसकी लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी। मंगलवार सुबह दोबारा गुलदार आबादी क्षेत्र में लौट आया। इस पर वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक उसे ट्रेंकुलाइजर कर काबू में किया।

रेंजर मुकेश जोशी ने बताया कि गुलदार नर है और उम्र लगभग सात साल आंकी गई है। उसके गले पर तार से कटने के गहरे घाव मिले, जिसकी वजह से वह काफी कमजोर और परेशान था। टीम ने गुलदार को प्राथमिक उपचार देने के बाद रेस्क्यू सेंटर रानीबाग भेज दिया है। वन विभाग लगातार क्षेत्र में निगरानी रखे हुए है ताकि गुलदारों की बढ़ती आवाजाही से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

लालकुआं : हल्दूचौड़ में दंपत्ति की संदिग्ध मृत्यु से क्षेत्र स्तब्ध, आर्थिक दबाव को माना जा रहा कारण

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हल्दूचौड़: हल्दूचौड़ के मुख्य बाजार क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक बेहद दुखद घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। स्थानीय व्यवसायी दुम्का ट्रेडर्स के स्वामी रमेश दुम्का (65) और उनकी पत्नी कमला दुम्का (50) अपने घर के प्रथम तल पर मृत पाए गए।

सुबह परिजनों की नजर पड़ने पर दोनों अलग-अलग कमरों में पंखों से लटके मिले। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रमेश दुम्का पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी और कर्ज को लेकर मानसिक दबाव में थे, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। दंपत्ति अपने शांत स्वभाव और सरल व्यवहार के लिए समुदाय में सम्मानित माने जाते थे। पुलिस ने स्थल का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

हल्द्वानी : सीएम पुष्कर सिंह धामी का कल हल्द्वानी दौरा

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हल्द्वानी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कल हल्द्वानी पहुंच रहे हैं, सीएम धामी कल सीआरपीएफ के सैनिक सम्मेलन कार्यक्रम में पहुंचेंगे, पंतनगर से कल वह 12:45 बजे सीआरपीएफ काठगोदाम पहुंचेंगे जहां पर वह पूर्व अर्ध सैनिक सम्मेलन में प्रतिभा करेंगे इसके बाद वह 1:00 बजे विश्व दिव्यांग दिवस के मौके पर एमबीपीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

हल्द्वानी: रेलवे अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दी 10 दिसंबर की अगली डेट

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बिग ब्रेकिंग- हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट ने दी अगली तारीख

अब 10 दिसंबर को होगी मामले में बड़ी सुनवाई

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सचिवालय कूच:मानदेय बढ़ाने की मांग पर आंदोलन तेज, पूर्व सीएम हरीश रावत समर्थन देने पहुंचे

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मंगलवार को देहरादून में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त राशि देने की मांग को लेकर को लेकर सचिवालय की ओर कूच किया। उत्तराखंड के 13 जिलों से पहुंची महिलाओं ने कनक चौक से सचिवालय तक मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

हालांकि कूच के दौरान सचिवालय से पहले ही पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत उनका समर्थन करने वहां पहुंचे।

9300 रुपये में घर नहीं चलता-सुशीला खत्री

उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कई विभागों का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं, लेकिन बदले में मानदेय बेहद कम मिलता है। हमारा मानदेय सिर्फ 9300 रुपये है। मंत्री रेखा आर्य ने 1600 रुपये की बढ़ोतरी की बात की है लेकिन इतने से घर नहीं चलता। हम पोषाहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर चुनावी ड्यूटी तक करते हैं। काम बढ़ रहा है, पर मानदेय नहीं। जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी, आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की सिटी अध्यक्ष तुन ने बताया कि 13 अक्तूबर से कार्य बहिष्कार और 14 नवंबर से सभी केंद्रों पर तालाबंदी जारी है। हम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की सेवाएं बंद कर चुके हैं। मांग पत्र सौंपा लेकिन मंत्री जी को फर्क ही नहीं पड़ा। महिलाओं को सड़कों पर उतरने पर मजबूर किया गया है।

वर्कलोड बढ़ा लेकिन मानदेय क्यों है कम- हरीश रावत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर किए गए सचिवालय कूच में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। 2016 की तुलना में इनका वर्कलोड चार गुना बढ़ा है, लेकिन मानदेय वहीं का वहीं है। सरकार इनका शोषण कर रही है। मैं एक नागरिक के रूप में इनके साथ खड़ा हूं। सरकार को इनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सचिवालय कूच के बाद अब मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक मानदेय में वृद्धि का निर्णय नहीं लिया जाता,आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला मानदेय बेहद कम है। आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है।

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला- सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज:50 हजार लोगों का भविष्य टिका, हल्द्वानी में हाई अलर्ट; ITBP-SSB को रिजर्व रखा

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उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा में भारी फोर्स को तैनात कर दिया है। ड्रोन से इलाके में नजर रखी जा रही है।

साथ ही ITBP और SSB को रिजर्व पर रखा गया है, जिन्हें दोपहर 12 बजे तैनात किया जाएगा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बाहरी लोगों और गाड़ियों की चेकिंग कर रही है। प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने मामले में 121 उपद्रवी लोगों के खिलाफ 126/135 BNS के तहत कार्रवाई की है।

जबकि 21 लोगों को धारा 170 BNS के तहत हिरासत में लिया गया है, जिनमें से अधिकांश बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण में भी शामिल थे। रेलवे का दावा है कि बनभूलपुरा इलाके में लगभग 29 एकड़ भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। इस जमीन पर 5,000 से ज्यादा परिवार, जिनमें लगभग 50,000 लोग शामिल हैं, जो दशकों से रह रहे हैं।

पहले जानिए क्या है मामला…

इस मामले की शुरुआत 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) से हुई थी। नैनीताल हाईकोर्ट ने 2023 में इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुसार, अतिक्रमणकारियों को एक हफ्ते का नोटिस देकर जमीन खाली करनी थी।

अतिक्रमण खाली करने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां भी कर ली थी। लेकिन इस आदेश के खिलाफ उस दौरान कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए और करीब 50,000 लोगों को रातों-रात घर खाली करने के लिए नहीं कहा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और रेलवे से इस मामले में समाधान निकालने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा था।

एसपी क्राइम बोले- कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दृष्टिगत रेलवे ने भी सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद बंद कर दिया है। रेलवे स्टेशन और रेल पटरियों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। मामले को गंभीरता देखते हुए नैनीताल पुलिस ने पैरामिलिट्री फोर्स को भी मंगवाया है। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र को 4 सेक्टर में बांटा है।

एसपी क्राइम डॉक्टर जगदीश चंद्रा ने बताया कि रेलवे अतिक्रमण भूमि मामले में कोर्ट का फैसला आ सकता है। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारी कर ली है। आरपीएफ और जिला पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर लोगों को अपील की है कि किसी भी भ्रामक अफवाहों में ध्यान न दें। कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा।

सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले में नजर बनाए हुए है। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।

नया ट्रैफिक प्लान लागू

हल्द्वानी आने वाले वाहनों के यातायात प्लान

  • रामपुर/रुद्रपुर से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन पंतनगर तिराहा (दिनेशपुर मोड़) से डायवर्ट होकर NH 109 (नया बाईपास) होते हुए पंतनगर से नगला तिराहा होते हुए किच्छा से सितारगंज से खटीमा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • बरेली/किच्छा रोड से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन किच्छा से सितारगंज होते हुए खटीमा से अपने गंतव्य को जाएंगे। किसी भी प्रकार का वाहन नगला तिराहा से नैनीताल सीमा में प्रवेश नहीं करेगा।
  • सितारगंज/चोरगलिया रोड से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन सितारगंज से खटीमा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। किसी भी प्रकार का वाहन चोरगलिया से जिला सीमा में प्रवेश नहीं करेगा।
  • काशीपुर/बाजपुर से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन काशीपुर-बाजपुर से रुद्रपुर होते हुए किच्छा से सितारगंज होते हुए खटीमा से अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • पर्वतीय जिलों से मैदानी क्षेत्र की ओर आने वाले सभी वाहन वाया चंपावत होते हुए टनकपुर रोड का इस्तेमाल करेंगे। कोई भी वाहन नैनीताल जिले में प्रवेश नहीं करेगा।

हल्द्वानी शहर का यातायात/डायवर्जन प्लान

  • रामपुर रोड से आने वाले और नैनीताल, भीमताल, भवाली और कैंची धाम की ओर जाने वाले सभी वाहन गन्ना सेंटर/शीतल होटल तिराहा से डायवर्ट होकर तीनपानी फ्लाईओवर से गौलापार रोड का इस्तेमाल कर नारीमन तिराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन देवलचौड़ तिराहा से डायवर्ट होकर छड़ैल चौराहा से सेंट्रल हॉस्पिटल तिराहा होकर लालढांठ तिराहा से पंचक्की रोड का इस्तेमाल कर नारीमन तिराहा से अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • बरेली रोड से आने वाले एवं नैनीताल, भीमताल, भवाली और कैंची धाम की ओर जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन तीनपानी फ्लाईओवर से गौलापार रोड का इस्तेमाल कर नारीमन तिराहा से होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन गांधी इंटर कॉलेज तिराहा से डायवर्ट होकर FTI तिराहा से ITI तिराहा होते हुए मुखानी चौराहा से पंचक्की तिराहा से नारीमन तिराहा होकर अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • रामनगर/बाजपुर से आने वाले एवं नैनीताल, भीमताल, भवाली और कैंची धाम की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन नैनीताल तिराहा कालाढूंगी से डायवर्ट होकर मंगोली होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन ऊंचा पुल चौराहा/लालढांठ तिराहा से डायवर्ट होकर पंचक्की तिराहा होते हुए कॉल्टेक्स तिराहा से नारीमन तिराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • नैनीताल से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले सभी वाहन रूसी बाईपास द्वितीय से डायवर्ट होकर रूसी बाईपास प्रथम होते हुए मंगोली से कालाढूंगी होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन नारीमन तिराहा से डायवर्ट होकर गौलापार रोड के जरिए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • कैंची धाम/भवाली से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले सभी वाहन भवाली तिराहा से डायवर्ट होकर मस्जिद तिराहा से नंबर वन बैंड ज्योलिकोट से होते हुए रूसी बाईपास द्वितीय से रूसी बाईपास प्रथम होते होकर मंगोली से कालाढूंगी होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • मुक्तेश्वर/भीमताल से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले सभी वाहन खुटानी बैंड भीमताल से डायवर्ट होकर भवाली मस्जिद तिराहा से नंबर वन बैंड ज्योलिकोट-रूसी बाईपास द्वितीय-रूसी बाईपास प्रथम होकर मंगोली से कालाढूंगी होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।

काठगोदाम से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान

  • कॉल्टेक्स/हाइडिल तिराहा से डायवर्ट होकर पंचक्की तिराहा से लालढांठ तिराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे.
  • महारानी होटल तिराहा से डायवर्ट होकर सरस्वती रेस्टोरेंट तिराहा से दोनहरिया तिराहा होते हुए पानी की टंकी से मुखानी चौराहा से अपने गंतव्य को जाएंगे.

बनभूलपुरा क्षेत्र में यातायात/डायवर्जन प्लान

  • गौला पुल बनभूलपुरा से ताज चौराहा की ओर आने वाले सभी वाहनों का आवागमन वर्जित रहेगा.
  • रेलवे स्टेशन तिराह /ताज चौराहा से बनभूलपुरा की ओर जाने वाले सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • मंगल पड़ाव से घास मंडी होते हुए बनभूलपुरा की ओर जाने वाले सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • तिकोनिया चौराहा/एसडीएम कोर्ट तिराहा/प्रेम टॉकीज से रोडवेज पूर्वी गेट होते हुए ताज चौराहा की ओर जाने वाले सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • इंद्रानगर फाटक से मंडी गेट की ओर और मंडी गेट से इंद्रानगर फाटक की ओर सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • इन रूटों से आवागमन करने वाले वाहन वाया तीनपानी फ्लाईओवर होते हुए अपना आवागमन करेंगे.

नंदा गौरा योजना- आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी:30 हजार से ज्यादा आवेदन मिले, राज्य सरकार 51 हजार रुपए देती

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उत्तराखंड सरकार ने नंदा गौरा योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के निर्देश पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने यह निर्णय लिया। अब अभ्यर्थी 20 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकेंगे। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय थी।

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेशभर से अब तक 30,000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जन मिलन कार्यक्रमों के दौरान कई स्थानों पर लोगों ने यह मुद्दा उठाया कि पात्र होने के बावजूद विभिन्न कारणों से वे समय पर आवेदन नहीं कर पाए। ऐसे आवेदकों को मौका देने के लिए तिथि बढ़ाना जरूरी समझा गया।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राप्त आवेदनों में सुधार का अवसर 21 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक दिया जाएगा। इसके बाद आवेदन या सुधार की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

नंदा गौरा योजना में क्या मिलता है फायदा?

राज्य की बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही इस योजना के तहत कन्या जन्म के आधार पर सहायता दी जाती है। वहीं, 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर पात्र छात्रा के खाते में सरकार द्वारा 51,000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

सरकार ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन अवश्य पूरा करें, ताकि उन्हें योजना का फायदा मिल सके।

UKSSSC पेपर लीक मामले में बॉबी पंवार से पूछताछ:सुमन चौहान से संपर्कों पर किए सवाल, सभी भर्ती घोटालों की CBI जांच की मांग

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UKSSSC पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 9 घंटे तक पूर्व बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार से पूछताछ की। इस दौरान पंवार से सुमन चौहान से उनके संपर्कों और अन्य जानकारियों के बारे में पूछताछ की गई।

बॉबी पवार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे। पूछताछ के बाद सीबीआई दफ्तर से बाहर निकले बॉबी पवार ने एक बयान जारी करते हुए पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई को सहयोग करने की बात कही। साथ ही बॉबी पवार ने राज्य सरकार से सभी भर्ती घोटाले को सीबीआई की जांच के दायरे में लाने की भी मांग की।

27 अक्टूबर को सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। इस मामले में सीबीआई ने 28 नवंबर को सुमन चौहान को गिरफ्तार किया था। सुमन ने बॉबी पंवार को ही पेपर दिया था। जिसके बाद पंवार ने इस परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाया था।

नौ घंटे की पूछताछ के बाद जारी किया बयान

सीबीआई की पूछताछ के बाद करीब 9 घंटे बाद बॉबी पवार ने देहरादून के इंदिरा नगर स्थित सीबीआई दफ्तर से बाहर आकर एक बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच में वह पूरा सहयोग कर रहे हैं।

बॉबी पवार ने कहा कि सीबीआई अपना काम कर रही है, लेकिन सीबीआई को परीक्षा से एक दिन पहले हाकम सिंह और उसके दो दोस्तों की गिरफ्तारी वाले एंगल पर भी जांच करने की जरूरत है। वहीं अपने इस बयान में उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को एक प्रस्ताव लाना चाहिए कि जिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के पूरे साक्ष्य हों, उनकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

सभी भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच की मांग

सीबीआई दफ्तर से बाहर निकलते ही बॉबी पवार ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि सुबह करीब 11:30 बजे वह सीबीआई दफ्तर पहुंचे और 9 घंटे की पूछताछ के बाद वह बाहर आए हैं। उन्होंने सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग दिया है।

साथ ही बॉबी पवार ने कहा कि एक भर्ती के साथ-साथ सरकार को प्रदेश में सभी भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। जिससे युवाओं के साथ धोखा करने वाले लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

6 पॉइंट में समझिए पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ…

1. 21 सितंबर को UKSSSC ने ग्रेजुएट लेवल की परीक्षा कराई: UKSSSC ने 21 सितंबर को ग्रेजुएट लेवल की भर्ती के लिए 11 बजे एग्जाम शुरू​​​​ किया। एग्जाम 1 बजे तक होना था। लेकिन 11:30 बजे ही पेपर लीक हो गया, जिसके तीन पन्ने वॉट्सऐप से बाहर आ गए थे।

आरोपी खालिद मलिक नाम के व्यक्ति ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को अपने पेपर भेजे दिए थे, जिसमें खालिद की बहन साबिया भी शामिल थी। फिलहाल खालिद और उसकी बहन साबिया न्यायिक हिरासत में हैं।

2. प्रदेश भर में शुरू हुआ आन्दोलन- इसके बाद प्रदेश भर में आंदोलन शुरू हो गया। काफी लंबे समय तक बेरोजगार संगठन के लोग देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर धरने पर बैठे रहे। फिर सीएम पुष्कर सिंह धामी लगभग 8 दिन के बाद छात्रों से मिलने उनके धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने सीबीआई जांच की बात कही।

इसके बाद सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को लिख दिया था। छात्रों ने दूसरी मांग अपनी की थी कि इस परीक्षा को रद्द किया जाए और उसका रोस्टर दोबारा से जारी किया जाए।

3. एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया- छात्रों के बढ़ने प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यूसी ध्यानी को सौंपी गई।

इस आयोग को परीक्षा में हुई अनियमितताओं, पेपर लीक की प्रक्रिया, शामिल अधिकारियों और बाहरी नेटवर्क की भूमिका की जांच का अधिकार दिया गया था। आयोग ने प्रदेश के कई जिलों में जाकर छात्रों, अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जनसंवाद किया और उन्हीं बयानों के आधार पर अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी।

4- सरकार ने आयोग को सौंपी रिपोर्ट, पेपर रद्द- छात्रों की मांग थी कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए और परीक्षा को रद्द किया जाए। एकल सदस्यीय जांच आयोग की कई बैठकों में भी छात्रों ने इन मांगों को उठाया था।

वहीं, जब आयोग ने रिपोर्ट सीएम धामी को सौंपी तो इसके कुछ ही घंटों बाद सरकार ने ये रिपोर्ट यूकेएसएसएसी को सौंपी। और फिर इस रिपोर्ट के आधार पर ही यूकेएसएसएसी ने परीक्षा को रद्द कर दिया था।

5- CBI की एंट्री, FIR में 4 नाम: सीबीआई ने 28 अक्टूबर 2025 को जांच की कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हैंडओवर लिया। सीबीआई ने सबसे पहले देहरादून की एंटी करप्शन शाखा में एफआईआर दर्ज की। जिसमें चार आरोपी खालिद, सुमन, सबिया, और हीना के नाम दर्ज किया गया।

इसके बाद से लगातार सीबीआई मामले की जांच में जुटी हुई है , सीबीआई ने हरिद्वार के उस सेंटर की भी जांच की थी जहां से प्रश्न पत्र आउट हुआ था।

6- सहायक प्रोफेसर सुमन गिरफ्तार- मामले में सीबीआई ने 28 नवंबर को शहीद हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल), टिहरी गढ़वाल की एक सहायक प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से ही गिरफ्तार दो लोगों से की गई पूछताछ के बाद पकड़ी गई।