सुप्रीम कोर्ट में बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले पर सुनवाई कल

    0
    243

    हल्द्वानी: रेलवे भूमि पर हुए अतिक्रमण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल 14 नवंबर को सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि रेलवे और नगर निगम की भूमि पर कथित रूप से काबिज लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पिछले तीन सालों से शरण ली हुई है।

    रेलवे भूमि और नगर निगम अपनी भूमि अवैध कब्जों से मुक्त चाहता है। रेलवे ने पिछली तारीखों में सुप्रीम कोर्ट को ये बताया था कि उसे अपनी रेल योजनाओं के विस्तार के लिए अपनी भूमि चाहिए, रेलवे मंत्रालय का तर्क था कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और अन्य ट्रेनें भूमि के अभाव में हल्द्वानी तक नहीं आ पा रही है। एक तरफ अतिक्रमण है तो दूसरी तरफ गौला नदी के भूमि कटान से रेलवे ट्रैक को खतरा है।
    बनभूलपुरा में रेलवे ट्रैक किनारे करीब 30 एकड़ भूमि रेलवे अपनी बताता रहा है। क्षेत्र में नगर निगम भी अपनी भूमि बताती है।यहां 4365 घरों को अतिक्रमण की जद में बताया गया है इन में रहने वाले कब्जेदारों ने वृहद आंदोलन तब किया था जब हाईकोर्ट ने इन कब्जों को हटाने के आदेश दिए थे। उस समय जिला प्रशासन की चूक की वजह से अतिक्रमण हट नहीं पाया और कब्जेदार सुप्रीम कोर्ट चले गए।

    जानकारी के मुताबिक 14 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में तारीख लगी है। रेलवे और राज्य सरकार की तरफ से वकीलों ने अपना पक्ष रखने की तैयारी कर ली है जबकि कब्जेदारों की तरफ से सलमान खुर्शीद, प्रशांत भूषण आदि वरिष्ठ वकील मौजूद रहेंगे।
    जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड सरकार ने सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता से भी इस मामले में विधिक राय मांगी है।
    राज्य प्रशासन की तरफ से नामित नोडल अधिकारी आईएएस विशाल मिश्रा, परितोष वर्मा, पंकज उपाध्याय ने दिल्ली में अधिवक्ताओं के साथ चर्चा की है। राज्य सरकार का पक्ष देख रहे अभिषेक अत्रे ने राज्य सरकार के पक्ष को रखना है।
    पूर्व तिथि में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर राज्य सरकार और रेलवे ने संयुक्त सर्वे एक बार पुनः कर लिया है।
    राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए भी प्रस्ताव तैयार कर कोर्ट में रखना है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस विषय पर बार बार कहते रहे है कि बनभूलपुरा मामले को सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार गंभीरता से पैरवी कर रही है।यहां से कब्जेदार हटेंगे तभी रेल प्रोजेक्ट्स आ पाएंगे।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here