पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सांस लेने में दिक्कत के बाद दून अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने दिल की जांच के लिए एंजियोग्राफी और किडनी के लिए नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह दी है।
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें देहरादून के दून अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक, रावत को पिछले कुछ समय से लगातार सांस फूलने की समस्या हो रही थी, जिसके बाद वे विशेषज्ञों से परामर्श लेने ओपीडी पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने उनकी प्रारंभिक जांच के बाद कुछ गंभीर चिकित्सा परीक्षणों की सलाह दी है।
दून अस्पताल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय, ईएनटी सर्जन डॉ. नितिन शर्मा और फिजिशियन डॉ. अरुण पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि उन्हें दिल और किडनी संबंधी कुछ जटिलताएं हो सकती हैं। कॉर्डियोलॉजिस्ट ने उनकी स्थिति को देखते हुए दिल की महत्वपूर्ण जांच ‘एंजियोग्राफी’ कराने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही उनकी नाक बंद होने की समस्या की भी पुष्टि हुई है।
मेडिकल जांच में हरीश रावत के शरीर में ‘क्रिएटिनिन’ का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है, जो किडनी (गुर्दे) की कार्यक्षमता में कमी का संकेत देता है। इस कारण डॉक्टरों ने एंजियोग्राफी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) से परामर्श लेना अनिवार्य बताया है। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दवाइयां दी हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने पहले भी सांस फूलने की शिकायत पर चिकित्सकों से सलाह ली थी।
हरीश रावत की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। अस्पताल परिसर में उनके प्रशंसकों की भीड़ जुटने लगी है। वरिष्ठ नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट आने और नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह के बाद ही आगे के इलाज की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल उन्हें आराम करने और स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने को कहा गया है।


