हल्द्वानी। दिल्ली और मेरठ के लिए रवाना हुई परिवहन निगम से जुड़ी तीन अनुबंधित बसें रविवार सुबह हाईवे पर हादसे का शिकार हो गई। जिससे 16 यात्री चोटिल हो गए। इसके बाद दूसरी बसों की व्यवस्था कर 90 से अधिक सवारियों को उनमें शिफ्ट किया गया।
सूचना मिलने पर रुद्रपुर डिपो की टीएस इंदिरा भट्ट टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि कोहरे के कारण तीनों बसें भिड़ी थीं।
परिवहन निगम के अनुसार हल्द्वानी डिपो की अनुबंधित बस सुबह 6 बजे मेरठ के लिए रवाना हुई थी, गाड़ी में 40 यात्री सवार थे। जबकि काठगोदाम डिपो की बस 25 सवारियों को लेकर स्टेशन से दिल्ली के लिए निकली थी। सुबह 8:30 बजे मुरादाबाद के पास दलपतपुर पहुंचने पर उत्तर प्रदेश की एक बस हादसे का शिकार हो गई थी।
वाहन को सड़क से हटाने के लिए स्थानीय पुलिस ने ट्रैफिक रोका था। लेकिन कोहरे की वजह से हाईवे पर दृश्यता कम थी। इसलिए पीछे से आ रही गाड़ियां एक के बाद एक भिड़ती चली गईं। जिस वजह से मेरठ और दिल्ली जाने वाली बसें भी हादसे का शिकार हो गई।
एआरएम हल्द्वानी संजय पांडे ने बताया कि एक यात्री को चोट आई थी। जबकि काठगोदाम एआरएम गणेश पंत ने बताया कि केवल यात्री चोटिल हुआ था। वहीं, तीसरी बस सुबह 9:30 बजे करीब गजरौला के पास सड़क पर गलत तरीके से खड़े ट्राले के पीछे भिड़ी थी।
सूचना मिलने पर चेकिंग में जुटी यातायात अधीक्षक इंदिरा भट्ट भी मौके पर पहुंच गई। रुद्रपुर डिपो की यह गाड़ी 27 यात्री लेकर रवाना हुई थी। 15 लोगों को चोट पहुंची है। जबकि सीएनजी बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। हादसों के कुछ देर बाद सवारियों को दूसरी बसों से आगे भेजा गया।
अनुबंधित सीएनजी बसों की बॉडी ज्यादा मजबूत नहीं
दिल्ली जा रही दोनों बसें अनुबंधित सीएनजी हैं। जिनमें परिचालक रोडवेज का और चालक बस मालिक का होता है। लेकिन निगम की अपनी बसों के मुकाबले इन सीएनजी बसों की बाडी ज्यादा मजबूत नहीं है। जिस वजह से भी टक्कर लगने पर नुकसान ज्यादा हुआ।


