Sunday, January 18, 2026
spot_imgspot_imgspot_img
HomeHaridwarआस्था भी प्रशासन भी — यही है देवभूमि का नया संकल्प

आस्था भी प्रशासन भी — यही है देवभूमि का नया संकल्प

आस्था भी, प्रशासन भी — यही है देवभूमि का नया संकल्प देवभूमि हरिद्वार में आस्था, संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित शताब्दी ध्वज वंदन समारोह में सहभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह शताब्दी समारोह वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के तपस्वी जीवन, निःस्वार्थ सेवा और अखंड साधना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का सजीव प्रतीक है। गायत्री परिवार केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युग चेतना का वह प्रवाह है जो व्यक्ति से राष्ट्र निर्माण तक प्रेरणा देता है

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार संस्कृति संरक्षण और सुशासन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
 समान नागरिक संहिता लागू
 सख्त दंगारोधी व धर्मांतरण कानून
 10,000 एकड़ से अधिक अवैध अतिक्रमण हटाया गया

केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सेवा, साधना और संस्कार का यह शताब्दी समारोह नवयुग निर्माण की दिशा में मील का पत्थर है। सशक्त समाज और सभ्यता का निर्माण नैतिक मूल्यों और सामूहिक चरित्र से ही संभव है।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने इसे आत्मपरिवर्तन से सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा बताते हुए कहा—
“कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा।”

राजा दक्ष की नगरी कनखल में शताब्दी ध्वज के लहराने के साथ ही अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित यह आयोजन सांस्कृतिक नवजागरण का सशक्त संदेश दे रहा है। यह शताब्दी समारोह 23 जनवरी तक चलेगा।

आस्था भी, प्रशासन भी — यही है देवभूमि का नया संकल्प।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments