देवभूमि परिवार विधेयक 2026: हर परिवार की बनेगी यूनिक ID, योजनाओं का लाभ मिलेगा सीधे
Pushkar Singh Dhami सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुँचाने के लिए “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” को सदन के पटल पर पेश कर दिया है।
यह विधेयक लागू होने के बाद Uttarakhand में एकीकृत और सत्यापित परिवार आधारित डेटाबेस “देवभूमि परिवार” स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी डेटा को एक मंच पर लाकर योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बनाना है।
परिवार की वरिष्ठ महिला होंगी मुखिया
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार देवभूमि परिवार आईडी में परिवार के मुखिया के रूप में 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
क्यों जरूरी है देवभूमि परिवार आईडी
वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी योजनाओं के लिए अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इससे कई समस्याएं सामने आती हैं—
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लाभार्थी डेटा का दोहराव
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बार-बार सत्यापन की जटिल प्रक्रिया
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विभागों के बीच समन्वय की कमी
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योजनाओं के मूल्यांकन में कठिनाई
इन चुनौतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार एक एकीकृत परिवार-स्तरीय डेटा प्रणाली तैयार कर रही है।
बनेगा “Single Source of Truth”
इस विधेयक के लागू होने के बाद एक एकीकृत परिवार डेटा भंडार तैयार होगा, जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थियों की जानकारी का विश्वसनीय स्रोत (Single Source of Truth) बनेगा।
इसके माध्यम से—
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योजनाओं का लक्षित वितरण बेहतर होगा
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जरूरतमंद परिवारों की सही पहचान संभव होगी
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प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा
डेटा सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी व्यवस्था Digital Personal Data Protection Act 2023 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी।
इसमें नागरिकों के डेटा की सहमति, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान प्रणाली विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार यह विधेयक सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और इससे योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से नागरिकों तक पहुंच सकेगा।
सदन में पेश किए गए अन्य महत्वपूर्ण विधेयक
इसके साथ ही विधानसभा में कई अन्य संशोधन और नए विधेयक भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें—
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उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026
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उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन विधेयक-2026
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आरक्षण से संबंधित उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक-2026
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उत्तराखंड जन विश्वास अधिनियम (संशोधन) विधेयक-2026
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उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026
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उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक-2026
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उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक-2026
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उत्तराखंड कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक-2026 उत्तराखंड में हर परिवार की बनेगी देवभूमि परिवार ID


