देहरादून। आइएसबीटी निर्माण के लिए अधिग्रहित संत निरंकारी मिशन की भूमि के बदले अन्यत्र भूमि उपलब्ध कराने के मामले में जन संघर्ष मोर्चा ने एक बार फिर शासन स्तर पर दस्तक दी है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री के जून 2024 के निर्देशों की अनुपालन कराने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात कर लंबित प्रकरण पर कार्रवाई की मांग की।
नेगी ने बताया कि माजरा राजस्व ग्राम स्थित संत निरंकारी मिशन की लगभग साढ़े चार बीघा भूमि आइएसबीटी निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले अन्यत्र भूमि दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री ने पूर्व में प्रमुख सचिव राजस्व को निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक फाइलें विभागों के बीच ही घूमती रही हैं।
राजस्व विभाग से परिवहन विभाग और वहां से आवास विभाग व उत्तराखंड परिवहन निगम तक पत्राचार होने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। मुख्य सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव राजस्व एवं आवास को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी दौरान विकासनगर विधानसभा क्षेत्र के ढ़करानी स्थित महिला आईटीआई भवन का भी मामला उठाया गया।
नेगी ने बताया कि यह भवन करीब नौ वर्षों से निष्क्रिय है और खंडहर की स्थिति में पहुंच गया है। दिसंबर 2024 में भी इसे संचालित कराने की मांग की गई थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए। मुख्य सचिव ने सचिव कौशल विकास को पूरे मामले की अद्यतन स्थिति और कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।


