चारधाम यात्रा 2026: सेहत का रखें खास ध्यान, 13 भाषाओं में जारी एडवाइजरी
देहरादून। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने तीर्थयात्रियों के लिए 13 भाषाओं में स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड और ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत
यात्रा मार्ग पर व्यापक चिकित्सा इंतजाम किए गए हैं:
- 25 विशेषज्ञ डॉक्टर
- 178 मेडिकल अधिकारी
- 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात
- 47 स्थायी स्वास्थ्य केंद्र
- 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट
इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में 57 स्क्रीनिंग कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जहां बीपी, हृदय रोग, डायबिटीज जैसी बीमारियों की जांच होगी।
24×7 हेल्पलाइन सुविधा
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए:
- 112 (आपातकाल)
- 108 (एम्बुलेंस)
- 104 (स्वास्थ्य सलाह)
104 हेल्पलाइन के माध्यम से हाई-रिस्क यात्रियों की निगरानी भी की जाएगी।
मौसम और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी
बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में मौसम तेजी से बदलता है।
इसलिए यात्रियों को सलाह:
- गरम कपड़े, रेनकोट और छाता साथ रखें
- ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से बचने के लिए धीरे-धीरे चलें
- पैदल यात्रा के दौरान हर 2–3 किमी पर विश्राम करें
- पर्याप्त पानी और हल्का भोजन साथ रखें
क्यों जरूरी है सावधानी?
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में:
- ठंड बढ़ने से शरीर पर असर
- ऑक्सीजन कम होने से सांस लेने में दिक्कत
- हृदय और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं
प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद अनुभव बन सके।
