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हल्द्वानी बनभूलपुरा भड़काऊ पोस्ट मामला, एक हिंदूवादी नेता गिरफ्तार, 3 के खिलाफ केस दर्ज

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हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने हिन्दू वादी नेता विपिन पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है

हल्द्वानी: बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में 16 नवंबर को हुए बबाल और तोड़फोड़ मामले में सोशल मीडिया में भड़काऊ पोस्ट पोस्ट करने पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने तीन हिन्दू वादी नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जिसमें से एक नेता विपिन पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है.

बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के उजाला नगर क्षेत्र में गौवंशीय पशु का अवशेष मिलने के मामले में हुए बबाल के बाद तोड़फोड़ में 40 से 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. मौके पर पुलिस ने शांति व्यवस्था दुरुस्त की. जांच में जुटी टीम को सोशल मीडिया में घटना को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट दिखी. जांच के दौरान टीम को जानकारी मिली कि उक्त पोस्ट यतिन पांडे, विपिन पांडेय एवं अतुल गुप्ता ने की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया फेसबुक अकाउंट से अत्यधिक भड़काऊ पोस्ट एवं वीडियो प्रसारित की.

जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि विपिन पांडेय ने अपने सोशल मीडिया एकाउन्ट फेसबुक से पोस्ट की. ये पोस्ट वायरल की गई. जिस पर लोगों की ओर से तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.

जिसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला. पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया. हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने हिन्दू वादी नेता विपिन पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अन्य की तलाश में पुलिस जुटी हुई है. एसपी सीटी मनोज कत्याल ने बताया भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं.

वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों को सरकार का तोहफा, वर्दी भत्ता दोगुना तो धुलाई भत्ता 6 गुना बढ़ा

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वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों को तीन साल में एक बार मिलने वाला वर्दी भत्ता 3,000 रुपए कर दिया गया है

देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में फील्ड कर्मचारियों को वर्दी भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए शासन ने आदेश भी जारी कर दिया है. काफी समय से वनकर्मी इसकी मांग कर रहे थे. अब नए साल से पहले उनकी इस मांग को पूरा किया गया है.

उत्तराखंड शासन ने साल के अंत में वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए वर्दी भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ते में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी कर दी है. लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शासन ने आदेश जारी कर दिया है, जिसके बाद विभाग के वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों सहित कई फील्ड कर्मियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. यह निर्णय फील्ड में दिन-रात काम करने वाले वन कर्मियों के मनोबल को मजबूत करने वाला माना जा रहा है.

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब तक वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों को तीन साल में एक बार 1,500 रुपए का वर्दी भत्ता मिलता था. लेकिन नई व्यवस्था में इसे दोगुना करते हुए 3,000 रुपए कर दिया गया है. बढ़ते कार्यभार, कठिन फील्ड परिस्थितियों और यूनिफॉर्म की गुणवत्ता बनाए रखने की जरूरत को देखते हुए वर्दी भत्ते में यह बढ़ोत्तरी लंबे समय से अपेक्षित थी.

इसके साथ ही वर्दी धुलाई भत्ते की दरों में भी बड़ा बदलाव किया गया है. वन क्षेत्राधिकारी और उप वन क्षेत्राधिकारियों को अब तक प्रतिमाह मात्र 45 रुपए धुलाई भत्ता मिलता था. इसे शासन ने बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिमाह कर दिया है. वहीं वन दारोगा, वन आरक्षी और जमादार जैसे फील्ड स्तर पर तैनात कर्मचारियों को भी धुलाई भत्ते में बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा. इन्हें अब तक 30 रुपए प्रतिमाह मिलते थे. नई दर के अनुसार अब 200 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे.

हालांकि वन दारोगा और वन आरक्षी श्रेणी के कर्मचारियों के वर्दी भत्ते में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इनके लिए पहले की व्यवस्था यथावत रखी गई है. बावजूद इसके वर्दी धुलाई भत्ते में की गई बढ़ोत्तरी को इन कर्मियों ने राहत के रूप में देखा है.

वन विभाग के फील्ड कर्मियों द्वारा लंबे समय से वर्दी और धुलाई भत्ते में बढ़ोत्तरी की मांग उठाई जा रही थी. आखिरकार सरकार ने इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आदेश जारी कर दिए हैं. विभागीय कर्मचारियों ने भी इस फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया है. नए आदेशों को फील्ड स्टाफ के लिए साल के अंत की बड़ी खुशखबरी के तौर पर देखा जा रहा है.

रामनगर में भीषण हादसा: तस्करों को पकड़ने जा रहे वन कर्मचारी की दुर्घटना में मौत, 3 लोग घायल

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वन विभाग के ड्राइवर मनीष बिष्ट की कार को रॉन्ग साइड से आ रहे वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी

रामनगर: नेशनल हाईवे 309 पर पिरूमदारा के पास आज सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया. दुर्घटना में वनकर्मी मनीष बिष्ट (35 वर्ष) की मौत हो गई. घटना सुबह लगभग 3 बजे की है, जब वन विभाग का बोलेरो वाहन (UK04GD165) और अर्टिगा कार (UK19TA1342) आमने-सामने भिड़ गए. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. बोलेरो वाहन चला रहे वनकर्मी मनीष बिष्ट की मौके पर ही मौत हो गई.

वन तस्करों को पकड़ने जा रहे वन कर्मी की हादसे में मौत: मनीष बिष्ट पुत्र नारायण सिंह बिष्ट, मूल रूप से रामनगर के चिलकिया क्षेत्र के रहने वाले थे. वो वन विभाग, तराई पश्चिमी वन प्रभाग में ड्राइवर के पद पर तैनात थे. आज तड़के उन्हें आमपोखरा रेंज में अवैध कटान और तस्करों की गतिविधि की सूचना मिली थी. जिसके बाद वह रामनगर से हल्दुआ चौकी में अन्य वनकर्मियों को लेने के लिए बुलेरो वाहन लेकर निकले थे. इसी दौरान पिरूमदारा के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने रॉन्ग साइड में आकर उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी.

हादसे में 3 लोग घायल: हादसे में अर्टिगा कार में सवार तीन लोग सुशीला देवी (60 वर्ष), पत्नी राधे राम, निवासी पौड़ी गढ़वाल, आनंद बल्लभ जोशी, निवासी इंद्रपुरम, गाज़ियाबाद और धर्मेंद्र सिंह, पुत्र गोपाल सिंह, निवासी थलीसैण, पौड़ी गढ़वाल घायल हो गए. घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से संयुक्त चिकित्सालय रामनगर लाया गया. डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए सुशीला देवी और आनंद बल्लभ जोशी को हायर सेंटर रेफर कर दिया. वहीं धर्मेंद्र सिंह को हल्की चोटें आई थीं, उन्होंने प्राथमिक उपचार के बाद स्वयं बाहर उपचार के लिए जाने का निर्णय लिया, हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती होने की सलाह दी थी.

वनकर्मी मनीष की मौत से वन विभाग में शोक की लहर है. उनके घर में भी कोहराम मचा हुआ है. मनीष अपने पीछे एक पुत्र और परिवार को छोड़ गए हैं.
घटनास्थल पर पहुंचे रेंज अधिकारी पूरन सिंह खनायत ने बताया कि-

तड़के तस्करों की हरकतों को देखते हुए मनीष अन्य वनकर्मियों को लेने के लिए जा रहे थे. तभी सामने से अर्टिगा कार तेज रफ्तार में रॉन्ग साइड से आ गई और टक्कर हो गई. मनीष विभाग के समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों में से एक थे.
-पूरन सिंह खनायत, वन रेंज अधिकारी-

संयुक्त चिकित्सालय के CMS डॉ. विनोद कुमार टम्टा ने भी पुष्टि की कि-

कुल चार लोग अस्पताल लाए गए थे. उनमें से एक को मृत घोषित किया गया. दो घायलों को हायर सेंटर भेजा गया. एक घायल प्राथमिक उपचार के बाद बाहर चला गया.
-डॉ. विनोद कुमार टम्टा, CMS, संयुक्त चिकित्सालय-

हादसे के कारणों की जांच: घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है. दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. सड़क हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खतरों की ओर ध्यान दिलाया है.

ऑनलाइन जॉब ऑफर के नाम पर युवक और मंगेतर से 1.93 लाख की ठगी

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रुद्रपुर। ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर साइबर ठगों ने युवक और उसकी मंगेतर से 1 लाख 93 हजार रुपये हड़प लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित नजफ पुत्र कदीर खान, निवासी सिरौलीकलां, ने पुलभट्टा थाने में दी तहरीर में बताया कि उसकी मंगेतर ऑनलाइन नौकरी खोज रही थी। इसी दौरान 3 नवंबर को ‘लक्ष्मी कुमारी’ नाम की महिला ने खुद को कॉरपोरेट ऑफिस की एचआर असिस्टेंट बताते हुए संपर्क किया।

उसने एक वेबसाइट पर रजिस्टर कर छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क करने के लिए कहा। शुरुआत में टास्क पूरे करने पर 310 रुपये और फिर एक हजार रुपये भेजकर उनका विश्वास जीता।

इसके बाद ठगों ने बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच दिया और दो दिनों में पीड़ित व उसकी मंगेतर के खातों से कुल 1.93 लाख रुपये ट्रांज़ैक्शन करा लिए। उसके बाद आरोपी महिला और वेबसाइट दोनों ही बंद हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आईटी एक्ट व धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

परिजनों के साथ घास लेने गई महिला को गुलदार ने बनाया निवाला,पूरे क्षेत्र में दहशत, आदमखोर घोषित करने की मांग

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श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में खंडाह के समीपवर्ती कोटी गांव की एक 65 वर्षीय महिला को गुलदार ने निवाला बना लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस दौरान ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर तत्काल मारने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, घटना करीब दोपहर बाद साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है। कोटी गांव की गिन्नी देवी अपनी बहु व अन्य महिलाओं के साथ गांव के पास ही घास लेने गई थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने गिन्नी देवी पर हमला कर दिया।

बताया जा रहा है कि गुलदार उन्हें घसीटते हुए करीब 100 की दूरी तक ले गया। इस दौरान उसने उन पर गहरे जख्म कर दिए। साथ की महिलाओं द्वारा शोर किए जाने पर किसी तरह गुलदार ने गिन्नी देवी को छोड़ा। लोग जब घटनास्थल पर पहुंचे तो गिन्नी देवी की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्राम प्रधान करिश्मा देवी ने कहा कि इस क्षेत्र में गुलदार द्वारा महिला को मारने की घटना से ग्रामीण भयभीत हैं। बीते दिवस एक बछिया को भी गुलदार ने अपना निवाला बनाया था।

उन्होंने गुलदार को आदमखोर घोषित कर तत्काल मारने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश नौटियाल ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की पूरी टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। सुरक्षा की दृष्टि पूरे क्षेत्र में गश्ती दल तैनात कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आगे की कार्यवाही की जा रही है।

 

नवजात का शव कुत्तों ने नोचा, पुलिस जांच में जुटी

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विकासनगर: सहसपुर के टीचर्स कॉलोनी के पास एक नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी 19 नवंबर को कंट्रोल रूम को मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने बताया कि नवजात का केवल ऊपरी हिस्सा बरामद हुआ है…जबकि धड़ का निचला हिस्सा अभी तक नहीं मिला। शव को कुत्तों ने क्षतिग्रस्त किया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि शव कुत्तों द्वारा खाली प्लाट में लाया गया था। कोतवाली सहसपुर के वरिष्ठ उप निरीक्षक विकास रावत ने कहा कि नवजात की शिनाख्त नहीं हो पाई है। उप निरीक्षक विजय थपलियाल ने मौके पर पंचायतनामा कार्रवाई की और शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी, विकासनगर भेजा गया।

एसएसआई के अनुसार अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कोतवाली सहसपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

उत्तराखंड: ईडी ने DIT यूनिवर्सिटी चेयरमैन को नोटिस जारी

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देहरादून: वर्ष 2012 से 2016 तक एससी/एसटी छात्रों के लिए जारी करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। इस अवधि में कई प्रदेशों के शिक्षण संस्थानों ने छात्रवृत्ति का गलत वितरण किया था। इसके बाद हरिद्वार और देहरादून में संबंधित संस्थानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस घोटाले के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने डीआईटी विश्वविद्यालय के चेयरमैन को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 10 दिन के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

धामी सरकार का संकल्प : ISBT को बनाया जाएगा स्वच्छता का आदर्श मॉडल, MDDA ने तैयार की रणनीति

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जनसहभागिता से बदलेगा आईएसबीटी का चेहरा, हर बुधवार सघन स्वच्छता अभियान

देहरादून। देहरादून का आईएसबीटी शहर का सबसे व्यस्त परिवहन केंद्र है, जहां रोजाना हजारों यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में स्वच्छता और सुव्यवस्थित प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत दिनों आईएसबीटी में औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था को बारीकी से परखा। उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी मशीनरी का कार्य नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एक्शन मोड में आ गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने एमडीडीए और आईएसबीटी के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ विस्तृत बैठक कर पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईएसबीटी में 24 घंटे साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर उदासीनता की गुंजाइश न रहे।

आईएसबीटी में चलाया गया व्यापक स्वच्छता अभियान
इसी दिशा में आज आईएसबीटी परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में एमडीडीए और आईएसबीटी कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने सहभागिता निभाई। अभियान के दौरान न केवल आईएसबीटी परिसर, बल्कि उसके बाहर मुख्य मार्ग तक सफाई कार्य किया गया। कूड़ा हटाने के साथ-साथ नालियों की सफाई, बस स्टैंड के विभिन्न ब्लॉकों और प्रतीक्षालयों की सफाई भी की गई ताकि यात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। स्वच्छता अभियान के दौरान परिवहन निगम और अन्य बस ऑपरेटरों के ड्राइवरों और कंडक्टरों को भी जागरूक किया गया। उन्हें पॉलिथीन बैग प्रदान कर समझाया गया कि बसों का कचरा खुले में न फेंकें, बल्कि पॉलिथीन बैग में इकट्ठा कर निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। इससे न केवल परिसर में गंदगी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि यात्रियों के लिए बेहतर वातावरण भी सुनिश्चित होगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि वाहन कर्मी नियमित रूप से इस प्रक्रिया का पालन करें तो आईएसबीटी परिसर की सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

नियमित और सघन स्वच्छता अभियान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशानुसार आईएसबीटी के समस्त कर्मचारी अब प्रत्येक बुधवार को सघन स्वच्छता अभियान चलाएंगे। यह अभियान केवल एक औपचारिकता न होकर नियमित और संगठित प्रयास के रूप में किया जाएगा। इसमें न सिर्फ सफाई की जाएगी बल्कि शौचालयों, पेयजल स्थलों, प्रतीक्षालयों और बस प्लेटफॉर्म्स की विशेष सफाई की जाएगी। इससे आईएसबीटी परिसर हमेशा स्वच्छ, सुव्यवस्थित और यात्रा के अनुकूल बना रहेगा।

स्वच्छता में सहयोग देना हर नागरिक की जिम्मेदारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि आईएसबीटी जैसे सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने में जन-जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अभियान के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों और कर्मचारियों को लगातार जागरूक किया गया कि स्वच्छता को आदत बनाना आवश्यक है। कूड़ा डस्टबिन में डालना, गंदगी न फैलाना, बसों का कचरा सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना और परिसर की स्वच्छता में सहयोग देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल सरकारी दायित्व न मानकर सामुदायिक दायित्व के रूप में स्थापित करना है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा समग्र रूप से देखा जाए तो मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण ने जहां पूरे प्रशासन को सक्रिय कर दिया है, वहीं एमडीडीए द्वारा चलाया जा रहा नियमित स्वच्छता अभियान यह दर्शाता है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिवर्तन निश्चित होता है। यह पहल केवल आईएसबीटी को स्वच्छ रखने तक सीमित नहीं, बल्कि देहरादून शहर की समग्र छवि को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

जंगली जानवरों से आमजन की सुरक्षा को कार्ययोजना तैयार करें: महाराज

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पंचायत विभाग के अधिकारियों को अनटाइट फंड से मनरेगा के तहत झाड़ियां को काटने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के पंचायतीराज, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने राज्य के पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों और उनसे आम जन की सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के पंचायतीराज, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को सुभाष रोड स्थित अपने कैम्प कार्यालय पर वन विभाग एवं पंचायतीराज के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य के पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों पर चिंता जताते हुए आमजन एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि गढ़वाल एवं अन्य पर्वतीय जनपदों में स्थित ग्राम पंचायतों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं जो कि जंगली जानवरों के छुपने की जगह बन गई हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा वर्तमान में शादियों का साया भी चल रहा है इसलिए जरूरी है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की मनरेगा के तहत अनटाइड फंड से झाड़ियां का शीघ्र कटान किया जाए।

 

पंचायत मंत्री श्री महाराज ने कहा कि जंगली जानवरों के संरक्षण के लिए जो पार्क बने हैं उनमें उन्हें रखने की व्यवस्था की जाए और बड़ी-बड़ी संस्थाओं एवं कंपनियों से उन्हें गोद लेकर उनके रखरखाव एवं खान-पान की व्यवस्था के लिए उनसे अनुरोध किया जाए। उन्होंने कहा कि एक बाघ को पड़कर यदि पार्क में रखा जाता है तो उसके खान-पान एवं रखरखाव पर 20 से 25 लाख रुपए के लगभग वार्षिक खर्च आता है। इसलिए इस तरह की पहल करना आवश्यक है।

श्री महाराज ने कहा कि आमजन की सुरक्षा के लिए घातक बन रहे ऐसे जंगली जानवरों को पड़कर उन्हें संरक्षण देने के लिए वह अंबानी परिवार द्वारा बनाये गये बनतारा से भी अनुरोध करेंगे। बैठक में पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक पर्यावरण पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि और पंचायतीराज निदेशक निधि यादव आदि मौजूद थे।

बागेश्वर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी, जानिये वजह

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हाईकोर्ट ने नगर पालिका अध्यक्ष व प्रधान सहायक विजय सिंह कनवासी को अवमानना का नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है.

नैनाताल: बागेश्वर निवासी हयात सिंह परिहार ने उच्च न्यायालय नैनीताल में प्रधान सहायक विजय सिंह कनवासी को अध्यक्ष नगर पालिका बागेश्वर द्वारा ईओ के पद पर दी गयी नियुक्ति को चुनौती दी है. याचिका में कहा है कि उन्हें शासन द्वारा 17 सितंबर 2025 को नगर पालिका बागेश्वर के प्रभारी ईओ के पद नियुक्त किया गया. 18 सितंबर 2025 को ग्रहण कर लिया गया. 3 सप्ताह तक नगरपालिका अध्यक्ष ने वित्तीय अधिकार नहीं दिए.

इसी बीच 9 अक्टूबर 25 को याची के स्थान पर एक अन्य प्रभारी ईओ की नियुक्ति की गई. याची को हल्द्वानी नगर निगम के लिए स्थानांतरित कर दिया गया. जिसे याची ने पूर्व में दाख़िल याचिका में चुनौती दी. जिस पर नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी. इसी दौरान शासन ने 14 अक्टूबर 2015 के आदेश द्वारा नये प्रभारी ईओ की नियुक्ति व याची के स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही न्यायालय को अवगत कराया गया कि नियमित ईओ की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है. जिसके चलते पूर्व में दाखिल याचिका निस्तारित हो गयी.

इसके बाद नगर पालिका बागेश्वर ने 17 अक्टूबर 2025 को एक बैठक बुलाकर प्रधान सहायक विजय सिंह कानवासी को प्रभारी ईओ नियुक्त करने का निर्णय लिया. जिसे हयात सिंह परिहार ने फिर से होईकोर्ट में चुनौती दी. पूर्व में 31 अक्टूबर 2025 को उच्च न्यायालय ने नगरपालिका के इस निर्णय पर रोक लगा दी थी, परंतु उसके बावजूद भी नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी के पद पर याचिकाकर्ता को कार्य करने की अनुमति नहीं दी.

31 अक्टूबर के आदेश का पालन नहीं होने बाद हयात सिंह परिहार ने नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल व प्रधान सहायक विजय सिंह कनवासी के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है . न्यायमूर्ति रवींद्र मैथानी की एकल पीठ ने पूर्व के आदेश का अनुपालन नही करने पर नगर पालिका अध्यक्ष व प्रधान सहायक विजय सिंह कनवासी को अवमानना का नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है.