Monday, January 26, 2026
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रुद्रप्रयाग में तांबे के विशाल भंडार की खोज से वैज्ञानिकों में उत्साह, उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

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रिमोट सेंसिंग से हुई नई खदानों की पुष्टि

देहरादून। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले में तांबे के विशालकाय भंडार का पता चलने के बाद वैज्ञानिक समुदाय में उत्साह बढ़ गया है। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की शोध टीम ने वाडिया इंस्टीट्यूट में आयोजित जियो स्कॉलर मीट में इस महत्वपूर्ण खोज की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। शोध छात्रा पल्लवी उनियाल ने विभागाध्यक्ष प्रो. एमपीएस बिष्ट के नेतृत्व में यह अध्ययन किया है।

पल्लवी के अनुसार, रुद्रप्रयाग के पोखरी के पास धनपुर–सिदौली क्षेत्र में 1950 के दशक में स्थानीय लोग तांबे का खनन करते थे और इसे घरेलू उपयोग में लाते थे। इसी ऐतिहासिक जानकारी के आधार पर शोध टीम को इस इलाके में अन्य स्थानों पर भी तांबे की मौजूदगी का अंदेशा हुआ। टीम ने आधुनिक स्पेक्ट्रो-रेडियोमीटर तकनीक का उपयोग करते हुए इस क्षेत्र में कई नए स्थलों पर तांबे की पुष्टि की है।जीएसआई के वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड के लामेरी-कोटेश्वर इलाके से 355 नमूने एकत्रित किए. सोना तथा आधार धातु का लखनऊ के जीएसआई के केमिकल डिवीजन में विश्लेषण किया गया.

यह पहली बार है जब इस क्षेत्र में रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से खनिज खोज की गई है। तकनीक की सहायता से उन दुर्गम स्थानों पर भी तांबे के संकेत मिले हैं, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहुँचना संभव नहीं था। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज भविष्य में उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति को मजबूत आधार दे सकती है।

इधर, चम्पावत जिले की लधियाघाटी क्षेत्र में भी तांबे के भंडार होने के संकेत पहले सामने आ चुके हैं। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की टीम ने हाल ही में इस क्षेत्र के सर्वे में तांबे तथा यूरेनियम की संभावनाओं का उल्लेख किया था। पिछले वर्ष किए गए विस्तृत सर्वे में इन धातुओं के महत्वपूर्ण संकेत पाए गए थे।

रुद्रप्रयाग में मिले नए भंडारों के नमूने अब गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि ये भंडार उच्च गुणवत्ता के निकले, तो यह प्रदेश के खनन, उद्योग और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

घर में नकाबपोशों का तांडव: 2 लाख की नकदी–जेवरात लूटे, महिला घायल

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बनबसा। क्षेत्र के ग्राम सभा गुदमी के भैंसाभोज में रात्रि के समय आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने एक घर में घुसकर लाखों रुपए केसोने के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के दौरान बदमाशों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट भी की, जिससे एक महिला घायल हो गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार पीड़ित भीम सिंह गोवाड़ी ने तहरीर देकर बताया कि बीती रात करीब आधा दर्जन अज्ञात लोग उनके घर में घुस आए। बदमाशों ने घर में रखी लगभग दो लाख रुपए की नकदी लूट ली और उनकी पत्नी के कानों में पहने सोने के झुमकों को जबरदस्ती खींच लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

पीड़ित ने बताया कि विरोध करने पर बदमाशों ने परिजनों के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। किसी तरह परिवार ने अपनी जान बचाई।

थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कोरंगा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है और आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।

UKSSSC की भर्ती परीक्षा आज, आयोग ने कसी कमर, वॉशरूम तक में लगवाए जैमर

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आगामी प्रतियोगी परीक्षा के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पहले से ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहा है.

देहरादून: उत्तराखंड में रविवार 16 नवंबर यानि आज होने वाली प्रतियोगी परीक्षा के लिए एक दिन पहले ही आयोग की टीमें परीक्षा केंद्रों पर जा पहुंची. इस दौरान परीक्षा कक्षा से लेकर वॉशरूम तक की स्थितियों को खंगाला गया. खास बात यह है कि पिछली बार वॉशरूम से ही प्रश्न पत्र लीक होने की बात सामने आने के बाद वॉशरूम या इसके आसपास भी जैमर लगाने को लेकर अलग से व्यवस्था की गई.

आगामी प्रतियोगी परीक्षा के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पहले से ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहा है. हाल ही में पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद आयोग ने न केवल परीक्षा केद्रों में तकनीक का और अधिक उपयोग करने का फैसला लिया है, बल्कि परीक्षा से पहले तैयारी की निगरानी भी बढ़ा दी है.

प्रदेश में सहकारी निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी पद के लिए आयोग को लिखित परीक्षा करवानी है. यहां 16 नवंबर को होने वाली इस परीक्षा के लिए आयोग ने सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई है. दरअसल इससे पहले हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक होने का मामला सामने आया था. इस दौरान प्रश्न पत्र के तीन पेज परीक्षा खत्म होने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे. हालांकि इस मामले की फिलहाल जांच चल रही है, लेकिन आयोग इस प्रकरण के बाद पहले से ज्यादा सतर्क होकर परीक्षा कराने के प्रयास में जुट गया है.

सरकारी निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी परीक्षा प्रदेश के दो शहरों में होनी है. देहरादून और हल्द्वानी में इसके लिए परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं. ऐसे में आयोग की टीम परीक्षा केंद्रों पर एक दिन पहले ही सभी तैयारियां को जांचने में लगी हुई है.

राज्य में आज को होने वाली इस परीक्षा के लिए 26 केंद्र तय किए गए हैं, जिसमें 13080 अभ्यर्थियों को शामिल होना है. यह परीक्षा सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक होनी है. इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगाई जाएगी.

खास बात यह है कि पेपर लीक मामले में जांच के दौरान वॉशरूम से प्रश्न पत्र बाहर भेजने की बात सामने आई थी.ऐसे में इस बार वॉशरूम या इसके आसपास भी जैमर लगाए गए हैं. इतना ही नहीं परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षा कक्षा से वॉशरूम के लिए बाहर जाने वाले अभ्यर्थियों पर भी अब ड्यूटी में मौजूद कर्मचारी अतिरिक्त निगरानी रखेंगे.

सभी परीक्षा केद्रों के लिए टीमों को तैनात किया गया है. परीक्षा से एक दिन पहले भी परीक्षा केंद्रों का उनकी टीमें दौरा कर रही है, ताकि परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम जांचे जा सके.

-जीएस मार्तोलिया, अध्यक्ष, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग-

10 दिन वेंटिलेटर पर जिंदगी से लड़ता रहा तीन माह का मासूम, डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान

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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज बाल रोग विभाग के डॉक्टर्स ने 20 दिनों के गहन उपचार के बाद मासूम की जान बचाई.

श्रीनगर गढ़वाल: गैरसैण-भराड़ीसैंण के चौरड़ा गांव से तीन माह का मासूम गंभीर सेप्सिस और बहुअंग विफलता (मल्टिपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम) जैसी जानलेवा स्थिति से जूझ रहा था. बच्चे को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल श्रीनगर लाया गया. जहां उसकी स्थिति गंभीर थी. बच्चे की पल्स नहीं मिल रही थी. हार्ट सामान्य रूप से काम नहीं कर रहा था. सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी. बच्चे की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया. लगातार 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखकर उसकी जान बचाने की कोशिश की. लगभग 20 दिनों के गहन उपचार के बाद मासूम पूरी तरह स्वस्थ हो गया है. अब बच्चा सामान्य रूप से मां का दूध पी रहा है.

बेस अस्पताल में आए गैरसैण निवासी हरि सिंह नेगी और देवकी देवी, जिनके तीन बेटियों के बाद यह पहला बेटा हुआ था, बच्चे की हालत से बेहद चिंतित थे, लेकिन बेस अस्पताल श्रीनगर की टीम ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए इलाज शुरू किया. माता-पिता ने बच्चे के सकुशल स्वस्थ होने पर डॉक्टरों का धन्यवाद किया. परिजनों ने कहा-

हमारा बच्चा फिर से जी उठा है. बेस अस्पताल की टीम ने जो किया, वह हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं. हम प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत का भी आभार व्यक्त करते हैं. जिन्होंने अस्पताल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं.

पूरे उपचार में बाल रोग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं एचओडी डॉ. सीएम. शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता गिरी, पीजी जेआर डॉ. पवन तिवारी, डॉ. ज्ञान प्रकाश, साथ ही वार्ड की स्टाफ नर्स पुष्पा यादव, बीना, स्वाति, नीतू आदि ने लगातार देखभाल की. टीम के समर्पण और मेहनत ने बच्चे को मृत्यु के मुंह से निकालकर नया जीवन दिया. बच्चे का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया.

बच्चा बेस अस्पताल पहुंचने के समय अत्यंत गंभीर स्थिति में था. मल्टिपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम में अंग तेजी से काम करना बंद करने लगते हैं. ऐसे मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है. हमारी टीम ने तुरंत वेंटिलेशन सपोर्ट, दवाओं और मॉनिटरिंग के साथ उपचार शुरू किया. 10 दिन तक वेंटिलेटर सपोर्ट और 20 दिन की गहन चिकित्सा के बाद बच्चे की स्थिति सामान्य हो गई. यह हमारे पूरे विभाग के सामूहिक प्रयास का परिणाम है.

सीएम शर्मा, एचओडी बाल रोग विभाग बेस अस्पताल

वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य आशुतोष सयाना ने कहा मासूम बच्चे को नई जिंदगी देने में हमारी बाल रोग विशेषज्ञ टीम ने जिस समर्पण, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल दक्षता का परिचय दिया है. वह बेस अस्पताल श्रीनगर के लिए गर्व की बात है. उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बधाई दी है.

दिनदहाड़े युवक को गोली मारकर फरार, क्षेत्र में अफरा-तफरी

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लक्सर (हरिद्वार)- हरिद्वार में दिन पर दिन बदमाशों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। लक्सर में अज्ञात लोगों ने दिनदहाड़े युवक पर फायर झोंक दिया। क्षेत्र में फायरिंग की आवाज से हड़कंप मच गया।

हरिद्वार में दिनदहाड़े मारी युवक को गोली
घटना शनिवार की है। जानकारी के अनुसार, लक्सर में मनीष (26) पुत्र मैनपाल को दिनदहाड़े गोली मार दी। मनीष को लक्सर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे देहरादून रेफर कर दिया।

पहले भी कर चुके हैं फायरिंग का प्रयास
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले भी युवक पर फायरिंग करने की कोशिश की थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश देना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है मनीष लक्सर कोतवाली क्षेत्र के सैठपुर गांव का रहने वाला है।

हल्द्वानी: अब वेबसाइट पर दिखानी होगी प्राइवेट स्कूलों की फीस और किताबों का पूरा ब्यौरा

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हल्द्वानी। जिले में 523 में से 49 स्कूलों ने यू-डायस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ओर से बुलाई गई बैठक में हुआ। इस पर स्कूल प्रबंधकों को नोटिस दिए गए हैं। सरकारी बैठक में अनुपस्थित निजी स्कूल प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

शिक्षा विभाग की ओर से आरटीओ रोड स्थित निजी स्कूल में शनिवार को निजी स्कूल के प्रतिनिधियों की बैठक ली गई। सीईओ गोविंद राम जायसवाल ने सभी निजी स्कूल प्रबंधकों से प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने, यू-डायस पोर्टल पर पंजीकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों में इनोवेशन काउंसिल बनाई जाएगी जिसमें इनोवेटिव आइडियाज अपलोड करने होंगे। पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम छह साल उम्र निर्धारित की गई है। इससे कम उम्र के विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बैठक में 20 से अधिक महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा हुई।

इसमें निजी स्कूलों में मनमानी फीस लेने, एक निश्चित दुकान से कॉपी-किताबें और स्कूल ड्रेस खरीदने को बाध्य करने के लिए मिल रही शिकायतों का मुद्दा भी उठा। सीईओ ने सभी निजी स्कूलों को नए सत्र से पहले अपनी

वेबसाइट बनाने को कहा। स्कूलों को वेबसाइट डेवलप कर उस पर फीस से संबंधित पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी।

निजी स्कूलों की ओर से प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने और यू-डायस पोर्टल पर पंजीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मिशन लाइफ, स्वच्छ हरित विद्यालय, एक पेड़ मां के नाम आदि अन्य सरकारी योजनाओं को लागू करने को कहा। बैठक में सिंथिया के प्रधानाचार्य डॉ. प्रवींद्र रौतेला, यूनिवर्सल स्कूल की प्रधानाचार्य मंजू जोशी, क्वींस स्कूल के प्रधानाचार्य वीबी पांडेय आदि मौजूद रहे।

सरकारी योजनाओं और निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूल प्रबंधकों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कुछ स्कूलों ने तय समय में पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें नोटिस दिए गए हैं। – गोविंद राम जायसवाल, सीईओ नैनीताल

पूर्व विधायक चैंपियन के बेटे पर मारपीट का आरोप, गनर समेत मुकदमा दर्ज

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देहरादून में हाई-प्रोफाइल मारपीट: पूर्व मुख्य सचिव के बेटे ने कराई FIR, बोलैरो सीज

धामी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उपनल कर्मियों की हुई जीत!

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उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से नया अपडेट सामने आया है.

देहरादून: उपनल कर्मचारियों के मामले में धामी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया है, जिसके बाद उपनल कर्मचारियों को नियमित किए जाने पर सरकार को अब जल्द फैसला लेना होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि हाईकोर्ट पहले ही इन कर्मचारियों को नियमित किए जाने के लिए नियमावली बनाई जाने के आदेश कर चुका है, जबकि ऐसा नहीं होने की स्थिति में उपनल कर्मी अवमानना याचिका लगा चुके हैं.

सरकार की रिव्यू पिटीशन खारिज: उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से नया अपडेट सामने आया है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने उपनल कर्मियों के मामले पर सरकार की रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया है. इसके बाद पहले से ही दबाव झेल रही धामी सरकार अब उपनल कर्मियों को नियमित किए जाने के मामले में बैकफुट पर दिखाई देने लगी है.

उपनल कर्मचारी पिछले कई दिनों से सड़कों पर है और नियमितीकरण की मांग के साथ उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. राज्य स्थापना दिवस यानी 9 नवंबर के एक दिन बाद ही उपनल कर्मचारी सड़कों पर उतर आए थे. उधर सरकार इस मामले में न्यायालय से कुछ राहत की उम्मीद कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.

खास बात यह है कि हाईकोर्ट काफी पहले ही सरकार को समान कार्य के बदले समान वेतन दिए जाने के निर्देश दे चुका है. साथ ही ऐसे कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए भी नियमावली बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं. हालांकि इन आदेशों के बावजूद भी राज्य सरकार ने उपनल कर्मचारियों को नियमित करने के बजाय न्यायालय का रुख करना ही उचित समझा था. शायद यही कारण था कि सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

राज्य सरकार इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में झटका खा चुकी है. अब एक बार फिर राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से निराशा ही हाथ लगी है. राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी राज्य सरकार ने इस पर फिर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी.

बड़ी बात यह है कि अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन को भी खारिज कर दिया है. बड़ी बात यह है कि इससे पहले भी विनोद कवि वर्सेस यूपीसीएल मामले में हाईकोर्ट ने समान काम समान वेतन लागू करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यूपीसीएल में पांच कर्मियों को इसका लाभ दिया जा रहा है.

इस मामले में विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनोद कवि कहते हैं कि सरकार को हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में नियमितीकरण का जल्द फैसला करना चाहिए और पिछले कई सालों से लगातार विभागों में सेवाएं दे रहे उपनल कर्मचारियों को नियमित करना चाहिए.

खास बात यह है कि उपनल कर्मचारी सड़कों पर भी डटे हुए हैं और हाल ही में कैबिनेट में इन कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर मंत्रिमंडलीय समिति बनाए जाने के फैसले के बाद भी यह कर्मचारी नहीं माने हैं. इनका कहना है कि सरकार के इस तरह के निर्णय उनके विरोध को नहीं रोक सकते. अब एक मात्र तरीका यह है कि सरकार कर्मचारियों को नियमित करने की कोई ठोस नीति लागू करें.

नानकमत्ता: 2027 के लिए बदलता राजनीतिक समीकरण नानकमत्ता में कितना ‘प्रेम धुन

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नानकमत्ता: 2027 के लिए बदलता राजनीतिक समीकरण

नानकमत्ता की राजनीति 2027 के चुनाव से पहले नए मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम टुरना, जो कांग्रेस छोड़कर पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं, फिलहाल भाजपा टिकट के मजबूत दावेदार बनकर उभर रहे हैं। उन्हें पार्टी में लाने वाले वरिष्ठ नेता भी आगामी विधानसभा चुनाव में उनका टिकट सुनिश्चित कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

दूसरी ओर, 2022 में भाजपा प्रत्याशी प्रेम सिंह राणा अपनी सीट बचाने में असफल रहे थे। उसी चुनाव में, नानकमत्ता से सटी खटीमा सीट पर भी पुष्कर सिंह धामी को हार का सामना करना पड़ा था। दोनों ही सीटों पर थारू मतदाताओं का रुख बदल जाना भाजपा के लिए बड़ा झटका माना गया था।
राणा इस समुदाय को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल नहीं हो सके थे — यही हार का मुख्य कारण बताया गया।

अब बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में नानकमत्ता सीट को भाजपा के लिए सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
ऐसे में पार्टी के भीतर चर्चा है कि नए “राणा चेहरा” या नया नेतृत्व प्रस्तुत करने से भाजपा को यहां नई ऊर्जा और उम्मीद मिल सकती है।

नानकमत्ता में चुनावी सरगर्मी बढ़ने लगी है।
पिछले चुनाव में हारने के बावजूद प्रेम सिंह राणा इस बार जीत के लिए पूरी शक्ति से जुटे हैं। क्षेत्र में “घर–घर राणा की दस्तक” अभियान तेज किया गया है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा उन्हें दोबारा टिकट देगी?
क्योंकि पार्टी के अंदर से ही एक पूर्व मजबूत दावेदार भी मैदान में पूरी सक्रियता के साथ उतर चुके हैं, जो टिकट के लिए चुनौती पैदा कर रहे हैं।

नानकमत्ता में दिलचस्प बात यह है कि

लोग आज भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्थानीय विधायक से ज्यादा पसंद करते हैं,लेकिन इसके बावजूद इस सीट पर अब तक राणा के अलावा कोई भी विधायक नहीं जीत पाया है,क्योंकि यहां थारू मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जाती है। 2027 के चुनाव में नानकमत्ता कितना ‘प्रेम धुन’ में रमेगा — यह देखने वाला होगा।

योग का सूर्य विश्व पटल पर दीदिप्तिमान: रेखा आर्या

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हल्द्वानी में शांति योग धाम चैम्पियनशिप का शुभारंभ

मंत्री ने कहा – योग और रोग विलोम शब्द, फिट उत्तराखंड मिशन की आधारशिला योग

हल्द्वानी। कैबिनेट मंत्री एवं उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को ऊंचा पुल, अमृत आश्रम क्षेत्र में आयोजित शांति योग धाम चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के बाद आज योग का सूर्य एशिया से लेकर अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका तक दीदिप्तिमान हो रहा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि योग अब भारत की सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ विश्व का स्वास्थ्य संदेश बन चुका है।

मंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में पहली बार योगासन को एक खेल स्पर्धा के रूप में शामिल कराना उत्तराखंड और देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ओलंपिक जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी योगासन एक खेल विधा के रूप में सम्मिलित होगा।

रेखा आर्या ने कहा कि योग और रोग दोनों विलोम अर्थ वाले शब्द हैं। जहां योग है, वहां रोग नहीं हो सकता। इसलिए फिट इंडिया और फिट उत्तराखंड अभियान की आधारशिला भी योग ही है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें ताकि समाज स्वस्थ और सशक्त बने।

इस अवसर पर हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट, नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा, शांति योगधाम संस्था के संस्थापक दर्शन सिंह बोरा, विजयलक्ष्मी बोरा, भुवन भट्ट, पलक चौरसिया, खुशी सोनकर, प्रेम बोरा, महेंद्र रावत, दीपक पांडे, मुकेश रघुवंशी, आशीष शर्मा और ममता पंत सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।