Monday, January 26, 2026
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CM ने दिए स्प्रिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन के रोडमैप के निर्देश

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी वित्तीय वर्ष में इस योजना पर कार्य धरातल पर प्रारंभ किया जाए।इसके तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से राज्य का पर्यटन परिदृश्य और समृद्ध होगा तथा उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की शीतकालीन स्थलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए, वहां की यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा राज्य के प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों को सहेजते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए ठोस कार्यनीति तैयार की जाए और समयबद्ध रूप से प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज भी जुड़े थे।

बैठक में बद्री- केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त श्री अजय मिश्रा,अपर सचिव श्री अभिषेक रोहिला एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

जैमर तोड़कर कार ले गए पर्यटक, माफी पर छोड़ा

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नैनीताल। कानपुर से घूमने आए कुछ पर्यटकों को तल्लीताल क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करना भारी पड़ गया। पुलिस द्वारा कार में लगाए गए जैमर को तोड़कर कार ले जाना पर्यटकों को महंगा पड़ गया। हालांकि बाद में गलती स्वीकारने पर जुर्माना भर उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

मंगलवार को कानपुर निवासी अभिषेक अपने साथियों के साथ नैनीताल घूमने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी कार तल्लीताल पुलिस चौकी के समीप ही पार्क कर दी। पुलिस की ओर से कई बार मुनादी के बाद भी वाहन नहीं हटाया गया, जिस पर पुलिस ने नियम अनुसार कार में पार्किंग जैमर लगा दिया।

कुछ देर बाद जब युवक लौटे तो बिना जानकारी लिए उन्होंने कार में बैठकर जैमर तोड़ दिया और वाहन लेकर निकल पड़े। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा कर फांसी गधेरे टोल चुंगी पर वाहन को रोक लिया।

चौकी पहुंचने पर युवकों ने अपनी गलती स्वीकार की और जैमर तोड़ने से हुए नुकसान की भरपाई करने की बात कही। एसआई सतीश उपाध्याय ने बताया कि कार स्वामी अभिषेक द्वारा जुर्माना जमा करने के बाद उन्हें कड़ी हिदायत देकर छोड़ दिया गया है।

गूगल से लिया नामी डॉक्टर का नंबर, कॉल करने के बाद खाली हो गया बैंक अकाउंट

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रुड़की के शख्स ने शहर के नामी डॉक्टर का नंबर गूगल से ढूंढा, उस नंबर पर कॉल करने के बाद ठगी का शिकार हो गया

रुड़की: हरिद्वार जनपद के रुड़की में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां पर साइबर ठगों ने एक शख्स को ठगी का शिकार बनाया है. शख्स की मां के बैंक खाते से साइबर ठगों ने एक लाख रुपये उड़ा दिए. आरोप है कि यह पूरी वारदात गूगल पर नंबर सर्च कर डॉक्टर से संपर्क करने और उसके बाद फोन पर भेजे गए लिंक से धोखाधड़ी वाला एप डाउनलोड कराने के बहाने अंजाम दी गई है.

गूगल से लिए डॉक्टर के नंबर पर हुई धोखाधड़ी: रुड़की के पिरान कलियर थाना क्षेत्र के बाजुहेड़ी गांव निवासी जितेंद्र नामक व्यक्ति ने कलियर पुलिस को तहरीर दी है. तहरीर में बताया गया है कि उन्होंने गूगल पर रुड़की के एक नामी डॉक्टर का मोबाइल नंबर खोजा. जिसके बाद उस नंबर पर फोन कॉल की गई. कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर का सहायक बताया. उसने उनके व्हाट्सएप पर एक एप डाउनलोड करने का लिंक भेज दिया.

डॉक्टर का सहायक बताकर एप डाउनलोड कराया: जितेंद्र ने बताया कि लिंक पर क्लिक कर एप डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल नंबर हैक हो गया. यह वही मोबाइल नंबर था जो उनकी माता के सिविल लाइन रुड़की स्थित बैंक के खाते से जुड़ा हुआ था. मोबाइल नंबर पर नियंत्रण मिलते ही साइबर ठगों ने खाते से दो अलग-अलग यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए 50-50 हजार रुपये यानी कि एक लाख रुपये निकाल लिए.

खाते से उड़ा लिए 1 लाख रुपए: पीड़ित ने बताया कि जैसे ही उसे घटना का पता चला, उसने तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दी. इस पर बैंक अधिकारियों ने इसे एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी बताते हुए खाते को अस्थायी रूप से सुरक्षित किया. इसके बाद पीड़ित द्वारा कलियर थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है. पिरान कलियर थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि-

धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है. पुलिस अब कॉल नंबर, यूपीआई ट्रेल और एप लिंक की तकनीकी जांच कर रही है.
-रविंद्र कुमार, थानाध्यक्ष, पिरान कलियर-

हल्द्वानी के तेजस तिवारी का मलेशिया में शानदार प्रदर्शन

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हल्द्वानी : मलेशिया के कुआलालंपुर में 8 से 17 नवंबर तक आयोजित कॉमनवेल्थ अंतरराष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप में उत्तराखंड के नन्हे खिलाड़ी तेजस तिवारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का मजबूत परिचय दिया है।

तेजस ने क्लासिकल फॉर्मेट में खेले गए 9 राउंड में 5.5 अंक अर्जित किए और अपनी स्टेंडर्ड फिडे रेटिंग में 42 पॉइंट की बढ़त दर्ज की। अंतिम मैच में हार के कारण वह पदक से मामूली अंतर से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा।

वहीं, कॉमनवेल्थ ब्लिट्ज इवेंट में तेजस ने अपनी बिल्ट्ज़ रेटिंग में 48 पॉइंट की बढ़त दर्ज करते हुए अंडर–8 आयु वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त किया।

9 दिनों तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में तेजस ने दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को पराजित किया, जबकि बांग्लादेश, न्यूज़ीलैंड और सिंगापुर के खिलाड़ियों से मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

कक्षा 2 के छात्र तेजस तिवारी दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में अध्ययनरत हैं। मात्र 8 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर तेजस ने उत्तराखंड का नाम गर्व से ऊँचा किया है।

पिता की मृत्यु उपरान्त पढाई पर आया संकट; डीएम तक आया मामला, चित्रा कालरा को प्रतिष्ठित संस्थान में स्नातक बी-कॉम आनर्स में दिलाया आज ही दाखिला

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पिता की मृत्यु उपरान्त पढाई पर आया संकट; डीएम तक आया मामला, चित्रा कालरा को प्रतिष्ठित संस्थान में स्नातक बी-कॉम आनर्स में दिलाया आज ही दाखिला;

चित्रा की पढाई, आवाजाही, किताबों का समस्त व्यय, वहन करेगा जिला प्र्रशासन व संस्थान

स्वर्गीय पिता का लिया ऋण चुकाने में असमर्थ 2 बहने चित्रा व हेतल; ने पढाई व मकान बचाने की डीएम से लगाई गुहार;

जल्द ही ऋण माफी का भी करवाएंगे समाधान

जिला प्रशासन की बदल गई है अब कार्यशैली; ऋण माफी से लेकर शिक्षा व रोजगार तक;

देहरादून : जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में 2 बहने चित्रा एवं हेतल ने जिलाधिकारी सविन बंसल को अपनी व्यथा सुनाई कि उनके पिता की मृत्यु हो गई है जिससे चित्रा की बी-कॉम की पढाई बाधित हो गई है तथा फीस देने में असमर्थ है, जिस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने चित्रा को आज ही निजी संस्थान में दाखिले हेतु कार्यालय के सारथी वाहन से कालेज भेजा। चित्रा के कालेज की पढाई, किताबों तथा आवाजाही का खर्चा भी जिला प्रशासन व संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।
पिता की मृत्यु उपरान्त पढाई पर आया संकट; डीएम तक आया मामला, चित्रा कालरा को प्रतिष्ठित संस्थान में स्नातक बी-कॉम आनर्स में दिलाया आज ही दाखिला दिलाया है। चित्रा की पढाई, आवाजाही, किताबों का समस्त व्यय, जिला प्र्रशासन व संस्थान करेगा। स्वर्गीय पिता का लिया ऋण चुकाने में असमर्थ 2 बहने चित्रा व हेतल; ने पढाई व मकान बचाने की डीएम से लगाई गुहार थी। चित्रा का दाखिला निजी संथान में दिलाया तथा जल्द ही ऋण माफी का भी करवाएंगे डीएम जल्द ही समाधान करेंगे इसके लिए डीएम ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए। जिला प्रशासन की बदल गई है अब कार्यशैली; ऋण माफी से लेकर शिक्षा व रोजगार तक सब एक ही छत नीचे मिल रहा है जिससे जनमानस को राहत मिल रही है।

वहीं चित्रा व हेतल ने डीएम से गुहार लगाई कि उनके पिता द्वारा बैंक से ऋण लिया था, पिता की तबीयत खराब रहने लगी ऋण ने दे पाने अस्वस्थ होने के कारण उनकी 23 अक्टूबर 2025 को मृत्यु हो गई है। बैंक वाले घर निकालने के लिए दबाव बना रहे है, दोनों बहनों ऋण माफी का जिलाधिकारी से अनुरोध किया। जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी न्याय एवं एलडीएम से लिए गए ऋण के बीमा के सम्बन्ध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन की त्वरित कार्यशैली एवं एक्शन लेने की नई नीति से जहां जनमानस को त्वरित न्याय मिल रहा है वहीं जनमानस अपनी छोटी बड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी से मिल रहे हैं जिनका समयबद्ध समाधान के साथ ही मॉनिटिरिंग की जा रही है। जिलाधिकारी स्वयं इन मामलों की मॉनिटिरिंग की कर रहे हैं तथा एलएमएस पोर्टल के माध्यम से भी जनहित से जुड़े गंभीर मामलों की मॉनिटिरिंग के साथ ही निस्तारण के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की जा रही है।

एमडीडीए ने लैंड बैंक बढ़ाने पर किया फोकस, आवासीय योजनाओं के विस्तार की है तैयारी

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समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सख्त, विकास कार्यों में समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण प्रगति के निर्देश

धौलास–आमवाला आवासीय योजनाओं को मिली नई गति, मार्च 2026 तक लक्ष्य पूर्ण करने के आदेश

देहरादून । मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आज प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करना और लंबित योजनाओं में गति लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था। उपाध्यक्ष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में धौलास आवासीय योजना में निर्माणाधीन ईडब्ल्यूएस यूनिटों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिया कि सभी यूनिटों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसी क्रम में आमवाला तरला आवासीय योजना के फ्लैटों के एलॉटमेंट की प्रक्रिया को भी मार्च 2026 तक शुरू करने के आदेश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि यह योजनाएँ सीधे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों से जुड़ी हैं, इसलिए इनमें पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में सभी सेक्टरों के सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को प्रत्येक माह कम से कम पाँच पत्रावलियाँ को कम्पाउंडिंग करते हुए निस्तारित करने का लक्ष्य सौंपा गया। इसके साथ ही अन्य मानचित्र पत्रावलियों को भी ससमय निस्तारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिकों की लंबित फाइलों का समय रहते समाधान हो सके। इसके अलावा लैंड पूलिंग नीति के तहत भूमि क्रय की प्रक्रिया को तेज करने और उपयुक्त भूखंडों के चयन के लिए भी निर्देश दिए गए। जिससे की प्राधिकरण का लैंड बैंक बढ़ाया जा सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि देहरादून जनपद में एमडीडीए द्वारा निर्मित व निर्माणाधीन पार्कों का संयुक्त निरीक्षण उपाध्यक्ष एवं सचिव द्वारा दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि हरित क्षेत्र, पार्क और सार्वजनिक स्थान गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ तैयार किए जाएँ, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। बैठक में प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, मुख्य अभियंता एस.सी.एस. राणा, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता गण, सहायक अभियंता गण, अवर अभियंता एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

वीसी बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को चेताया- किसी भी कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य देहरादून और मसूरी क्षेत्र में योजनाबद्ध, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है। आवासीय योजनाएँ आम जनता के हित और अपेक्षाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य है। तिवारी ने कहा कि कम्पाउंडिंग, भूमि चयन और पार्क विकास के कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएँ।

सभी योजनाएं तय समयसीमा में धरातल पर उतरेंः बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सभी योजनाएँ तय समयसीमा में धरातल पर उतरें। बर्निया ने कहा कि कम्पाउंडिंग मामलों के त्वरित निस्तारण, लैंड पूलिंग प्रक्रिया में तेजी और पार्कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राधिकरण जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहा है।

बुनियादी ढांचे के निर्माण में इंजीनियरों का योगदान महत्वपूर्ण: महाराज

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डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, ग्रामीण निर्माण विभाग, उत्तराखण्ड के दो दिवसीय नवम् महाधिवेशन

देहरादून। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए डिप्लोमा इंजीनियरों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उक्त बात प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को अधिकारी क्लब, यमुना कॉलोनी में डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, ग्रामीण निर्माण विभाग, उत्तराखण्ड के दो दिवसीय नवम् महाधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल, और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण और विकास डिप्लोमा इंजीनियरों के बिना संभव नहीं है। वे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ऐसी बसावटें, जिनकी जनसंख्या 250 तक है एवं जो मोटर मार्ग संयोजन से वंचित हैं, अथवा 250 से अधिक जनसंख्या वाली ऐसी बसावटें जो मुख्य मोटर मार्ग से 1.50 कि.मी. की पैदल दूरी के अंतर्गत होने के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के मानकों के अनुसार संयोजित मानी गई थीं, ऐसे सभी अवशेष बसावटों को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ‘मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना” प्रारम्भ की गई। इस योजना के क्रिन्वयनयन की जिम्मेदारी भी ग्रामीण निर्माण विभाग के इंजीनियर्स को दी गई है। मैं यह भी आशा करता हूँ आप लोग अपनी जिम्मेदारियां का भली-भांति निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।

श्री महाराज ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की जो मांगे उन पर गंभीरता से विचार कर निराकरण का हर संभव प्रयास किया जायेगा। सरकार ग्रामीण विकास के क्षेत्र में डिप्लोमा इंजीनियरों की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण और उपयोगी बनाने के लिए उन्हें आवश्यक संसाधन और समर्थन प्रदान करेगी।

इस अवसर पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, ग्रामीण निर्माण विभाग के प्रान्तीय अध्यक्ष सुरेश चन्द्र जोशी, ग्रामीण निर्माण विभाग के मुख्य अभियन्ता विभू रावत, संयुक्त सचिव अपर्ण राजू, राजीव तिवारी, जीतमर्माण पैन्यूली, आर.सी. शर्मा, विरेन्द्र गुसाई, चितरंजन जोशी सहित सभी घटक संघों के प्रान्तीय पदाधिकारी, विभाग के सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर आदिउपस्थित थे।

बड़ी खबर-(देहरादून) मुख्यमंत्री धामी का आईएसबीटी में औचक निरीक्षण, गंदगी देखकर खुद उठाई झाड़ू

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मुख्यमंत्री धामी का आईएसबीटी देहरादून में औचक निरीक्षण, गंदगी देखकर खुद उठाई झाड़ू

सीएम धामी बोले — “अगली बार आऊँगा तो व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त दिखनी चाहिए”

यात्रियों से सीधे फीडबैक लेकर सीएम ने मांगे सुझाव, जल्द शुरू होगा प्रदेशव्यापी स्वच्छता अभियान

आईएसबीटी में अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख—एमडीडीए व परिवहन विभाग को दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दोपहर अचानक सचिवालय से सीधे आईएसबीटी देहरादून पहुंचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुँचने से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। उन्होंने परिसर में स्वच्छता, यात्रियों की सुविधा, संचालन व्यवस्था और परिवहन प्रबंधन का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कई स्थानों पर फैली गंदगी को देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई भी की और अधिकारियों को संदेश दिया कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और एमडीडीए के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आईएसबीटी परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, हर स्थान पर स्वच्छता संबंधी सूचना-पट लगाए जाएँ, यात्रियों को प्रदूषण, कचरा और धूल से मुक्त वातावरण मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी को विशेष रूप से निर्देश दिए कि आईएसबीटी में स्वच्छता और व्यवस्था सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर तत्काल क्रियान्वयन किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने बसों की संचालन व्यवस्था, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधाओं, शौचालयों, दुकानों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ राज्य है, जहां प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। इसलिए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और परिवहन केंद्रों पर उच्च स्तरीय स्वच्छता और सुविधा व्यवस्था प्रदेश की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से भी मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनसे फीडबैक लिया। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि यात्रा के दौरान उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और यहाँ की व्यवस्था में और क्या सुधार किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों के सुझाव ही हमारी व्यवस्था सुधारने का बड़ा आधार होते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही पूरे प्रदेश में जनसहभागिता आधारित एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू करने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगली बार निरीक्षण के दौरान आईएसबीटी की सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त दिखनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग और एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने ली सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक, दुर्घटनाओं पर रोक को बनाए सख्त रोडमैप

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उत्तराखंड: उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार अब और अधिक सख्ती और संवेदनशीलता के साथ काम करने जा रही है। मंगलवार को सचिवालय स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भवन में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की। बैठक में प्रदेश में सड़क सुरक्षा की वर्तमान स्थिति, दुर्घटनाओं के कारणों और भविष्य में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किए जाने वाले सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गई।

सीएम धामी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनजीवन से जुड़ा अहम मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस रणनीति बनाकर तुरंत प्रभाव से लागू की जाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करके उनका सुधार किया जाए, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर सुरक्षा संकेतों को दुरुस्त किया जाए और ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित कराया जाए। सीएम धामी ने ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर कड़ी कार्रवाई करने, स्कूल-कॉलेज रूट पर विशेष रोड सेफ्टी ड्राइव चलाने और वाहनों की फिटनेस जांच को और सख्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी निगरानी और जन-जागरूकता अभियानों को मिलाकर व्यापक प्रयास किए जाएँ।

बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों, संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों को सम्मानित किया गया। सीएम ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा की दिशा में ऐसे प्रयास पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सुरक्षित और दुर्घटनारहित उत्तराखंड बनाने का संकल्प दोहराया।

देहरादून में 8वें दिन भी वकीलों का धरना जारी, बार एसोसिएशन ने बनाई 15 सदस्यों समिति, DM-SSP से करेंगे मुलाकात

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह ने भी मुलाकात की.

देहरादून: राजधानी देहरादून की पुरानी जिला अदालत की खाली जमीन पर चैंबर निर्माण की मांग को लेकर अधिवक्ता पिछले आठ दिन से प्रदर्शन कर रहे है. पूरे दिन कचहरी में सभी गतिविधियां बंद रखने का फैसला लिया गया था. मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह ने भी मुलाकात की, जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं से 15 सदस्यों की एक कमेटी गठित कर जल्द सुझाव मांगे हैं. साथ ही आश्वासन दिया कि प्रशासन इन सुझावों को जल्द से जल्द सरकार तक पहुंचाएगा. वही अगर बार एसोसिएशन आश्वस्त होते है तो धरना बंद कर देंगे और आश्वस्त नहीं होते है तो धरना जारी रहेगा.

दरअसल, रविवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जिलाधिकारी को उनकी मांगे सुनने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद सोमवार को जिलाधिकारी और एसएसपी दोनों अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे थे.

जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल पुराने चेंबर से अधिवक्ताओं को विस्थापित नहीं किया जाएगा. अधिवक्ताओं के चेंबर निर्माण में सरकार के सहयोग और अन्य मांगों पर एक सुझाव उन्होंने मांगा है. इसके लिए 15 सदस्यों की एक कमेटी गठित करने के लिए भी कहा गया है और अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है कि चेंबर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि आवंटन को समयबद्ध प्रक्रिया से किया जाएगा.

इस पर बार ने फैसला लिया है कि अधिवक्ता एक संघर्ष समिति का गठन करेंगे, ताकि उनकी मांगों के लिए संघर्ष को जारी रखा जा सके. निर्णय यह भी लिया गया कि अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को फिर से जिलाधिकारी के साथ बैठक करेगा. अग्रिम निर्णय के लिए एक बार फिर से बार पदाधिकारियों की बैठक की जाएगी, तब तक के लिए हड़ताल जारी रहेगी.

बार एसोसिएशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी कपिल अरोड़ा ने बताया है कि अधिवक्ता पिछले आठ दिनों से धरने पर है. उनकी मुख्य मांग है कि जिला कोर्ट के पुराने परिसर में उन्हें चेंबर निर्माण के लिए भूमि दी जाए. इसके अलावा नए न्यायालय परिसर में चेंबर निर्माण के लिए भूमि दी जाए. वकीलों के बारे में सरकार ने कुछ नहीं सोचा है. कही भी किसी न्यायालय में बिना अधिवक्ता के कार्य नहीं हो सकता है. अगर न्यायालय में वकील नहीं होगे तो किसी को न्याय मिल पाएगा? फिर न्यायाधीश किसी को न्याय दे पाएंगे?

साथ ही बताया है कि सीएम के निर्देश पर सोमवार को जिलाधिकारी और एसएसपी प्रदर्शन के दौरान मुलाकात की थी. उनके द्वारा आश्वस्त किया गया है कि कोर्ट नीति अपनाते हुए जल्द से जल्द विचार किया जाएगा. साथ ही बार एसोसिएशन की एक 15 सदस्यों की समिति बनाई गई है, जो आज जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखेंगे. अगर बार एसोसिएशन आश्वस्त हुए तो धरना बंद कर देंगे. अगर आश्वस्त नहीं हुए तो यह धरना आगे भी जारी रहेगा.