Sunday, January 25, 2026
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मसूरी: अनियंत्रित टैक्सी खाई में गिरी, चालक बाल–बाल बचा

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पर्यटन नगरी मसूरी में सोमवार को सुबह उस समय अफरा तफरी मच गई, जब पिक्चर पैलेस बस स्टैंड से कुछ दूरी पर एक टैक्सी अचानक अनियंत्रित होकर ऊपरी सड़क से निचली सड़क पर जा गिरी। जोरदार धमाके की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े और तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना सुबह करीब 8ः45 बजे की बताई जा रही है। सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार ( यूके07 टीबी 4592) सोलिटायर होटल से पहले पाम आर्यन होटल के पास अचानक संतुलन खो बैठी। कहा जा रहा है कि मोड़ पर वाहन का नियंत्रण बिगड़ने से कार सीधे नीचे की ओर बने सड़क प्लेटफॉर्म पर गिर गई। गाड़ी गिरने के बाद गाडी बूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई लेकिन सौभाग्य से बड़ा हादसा टल गया।

हादसे की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और चीता मोबाइल मौके पर पहुँचे। इससे पहले स्थानीय लोगों ने त्वरित सहायता करते हुए चालक को कार से बाहर निकाला और निजी वाहनों की मदद से उप-जिला अस्पताल मसूरी भिजवाया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कार चालक की हालत सामान्य है परन्तु चालक को काफी चोट आई है जिसका इलाज किया जा रहा है। मसूरी पुलिस ने बताया कि

घायल युवक राजवीर सिंह (उम्र 20 वर्ष) पुत्र नारायण सिंह पंवार, निवासी ग्राम बिच्छू, थाना थत्यूड का रहने वाला है। युवक के अनुसार, कार मोड़ पर आते ही अचानक फिसल गई और वह संभाल नहीं पाया। डॉक्टरों के मुताबिक, राजवीर के जीभ पर हल्की कट की चोट, कमर पर चोट, तथा शरीर पर घिसरन के निशान हैं। हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है। पुलिस ने युवक के भाई को सूचना दी, जो मसूरी के लिए रवाना हो चुका है।

चीता मोबाइल यूनिट और मसूरी कोतवाली पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और कार को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। प्राथमिक जांच में वाहन के फिसलने को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी में लगातार बढ़ते वाहन दबाव और संकरे मोड़ों के कारण इस तरह की दुर्घटनाएँ अक्सर देखने को मिल रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मोड़ों पर सुरक्षा बैरियर मजबूत करने और चेतावनी बोर्ड बढ़ाने की मांग की है।

उत्तराखंड: फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र पर 100+ अपात्रों ने हथियाई शिक्षक नौकरी, कार्रवाई अब भी अधर में

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उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र से 100 से अधिक अपात्रों ने शिक्षक की नौकरी हथिया ली। इससे भी बड़ी बात ये है कि राज्य चिकित्सा परिषद से उक्त लोगों के दिव्यांग प्रमाणपत्र फर्जी ठहराए गए पर फिर भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई।

उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र से 100 से अधिक अपात्रों ने शिक्षक की नौकरी हथिया ली। इससे भी बड़ी बात ये है कि राज्य चिकित्सा परिषद से उक्त लोगों के दिव्यांग प्रमाणपत्र फर्जी ठहराए गए पर फिर भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने आरोपी शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
वर्ष 2022 में स्वास्थ्य महानिदेशक ने भी 21 मार्च व 18 अप्रैल को उक्त शिक्षकों की दिव्यांगता के मामले में मूल्यांकन की रिपोर्ट भेज, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति की थी। फिर भी विभाग ने कार्रवाई नहीं की। अब इस मामले में जनहित याचिका दायर होने के बाद हाईकोर्ट के कड़े रुख से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सख्ती के बाद शिक्षा विभाग ने उक्त शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाए सौ से अधिक लोगों की नौकरी पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

हाईकोर्ट के आदेश पर दिव्यांगजन आयुक्त ने की सुनवाई

इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में शनिवार को दिव्यांगजन आयुक्त ने प्रकरण में सुनवाई की। आयुक्त ने जनहित याचिका में शामिल ऐसे शिक्षकों की सूची शिक्षा विभाग को दी है, जिनके दिव्यांग प्रमाणपत्र, राज्य चिकित्सा परिषद ने फर्जी ठहराए थे। ऐसे शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को विभाग ने नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। मंडलीय अपर निदेशक (गढ़वाल) कंचन देवराड़ी ने बताया कि मंडल के ऐसे एलटी शिक्षकों की संख्या 29 है। इन्हें अपने दिव्यांग प्रमाणपत्र के मामले में 15 दिन के भीतर विभाग को जवाब देना है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने प्रवक्ता पद पर तैनात 14 शिक्षकों के साथ एक प्रधानाचार्य को भी नोटिस भेजा है।

रविवार को आदेश, अफसरों को तीन दिन में देनी होगी सूचना

फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों से नौकरी पाने के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के चलते शिक्षा विभाग ने रविवार को भी दफ्तर खोला। विभाग ने अपने अधिकारियों को माले में आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। साथ ही अफसरों को नोटिस तामील होने की सूचना तीन दिन में मुख्यालय को देनी है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड ने दाखिल की याचिका

दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाली संस्था नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड ने इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। संगठन ने सरकारी नौकरियों में दिव्यांग कोटे के दुरुपयोग, विभागीय स्तर पर कार्रवाई न करने और दिव्यांगजनों को उनके हक से वंचित करने के गंभीर आरोप लगाए।

शिक्षा विभाग में अनियमितता का यह पहला उदाहरण नहीं

हल्द्वानी: संदिग्ध प्रमाण पत्रों की जांच शुरू, डेमोग्राफिक चेंज मामला

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हल्द्वानी:- हल्द्वानी प्रमाणपत्र सत्यापन अभियान में उजागर हुए अवैध प्रमाणपत्र बनाने वाले रैकेट पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। पिछले पांच वर्षों में बनाए गए सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। प्रशासन के अनुसार यह जांच केवल सोसाइटी के नाम पर जारी कथित प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनसे तैयार हुए जाति, स्थाई निवास, जन्म समेत सभी प्रमाणपत्रों की कानूनी स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में रईस अहमद अंसारी की ओर से 2007 से निष्क्रिय पड़ी सोसाइटी अंजुमन मोमिन अंसार, आजाद नगर के नाम पर धड़ल्ले से प्रमाणपत्र जारी किए जाने का पर्दाफाश किया था। अब टीम की ओर से जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर अब यह पता लगाया जा रहा है कि पिछले पांच सालों में कितने प्रमाणपत्र तैयार किए गए और कहां-कहां इनका इस्तेमाल किया गया। एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह ने बताया कि

अब पांच साल की अवधि का पूरा रिकर्ड खंगाला जा रहा है। फर्जी सोसाइटी के नाम पर तैयार सभी दस्तावेजों की सूची तैयार हो रही है। संबंधित प्रमाणपत्रों के जरिए बने जाति प्रमाणपत्रों की भी क्रास वेरिफिकेशन की जाएगी। जहां भी फर्जीवाड़ा मिलेगा, तत्काल प्रभाव से निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पुलिस को भी उपलब्ध रिकार्ड साझा कर दिया रईस अहमद के खिलाफ सत्यापन के लिए झूठे प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों ने इन फर्जी प्रमाणपत्रों का उपयोग कर किसी सरकारी लाभ, आरक्षण या प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं, उन पर भी कार्रवाई तय है।

हल्द्वानी: ट्यूशन के बहाने निकली नाबालिग इंस्टाग्राम दोस्त से मिलने अलीगढ़ पहुंची

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हल्द्वानी – हल्द्वानी में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ट्यूशन जाने के बहाने घर से निकली और इंस्टाग्राम पर बने दोस्त से मिलने अलीगढ़ पहुंच गई। लेकिन जब अगले दिन घर की याद आई तो उसने अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को इमरजेंसी कॉल कर दी। अलीगढ़ पुलिस द्वारा सूचना मिलने पर हल्द्वानी पुलिस हरकत में आई और किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।

ट्यूशन के बहाने निकली, शाम तक घर नहीं लौटी – 
20 नवंबर की सुबह किशोरी ट्यूशन के लिए घर से निकली, लेकिन देर शाम न लौटने और फोन स्विच ऑफ होने से मां परेशान हो उठी। रोते-बिलखते परिजनों ने हल्द्वानी कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी बीच अलीगढ़ पुलिस ने हल्द्वानी पुलिस से संपर्क कर लड़की को बरामद कर लिया।

सीडब्ल्यूसी में खुला सच – 
हल्द्वानी लौटने पर किशोरी को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। शुरुआत में उसने पुलिस को बताया कि उसका किसी ने अपहरण कर लिया था। लेकिन दोबारा पूछताछ में सच सामने आ गया — किशोरी ने बताया कि उसकी इंस्टाग्राम पर एक अलीगढ़ निवासी नाबालिग लड़के से दोस्ती हुई थी और उसी से मिलने वह खुद वहां गई थी। दोनों साथ रहे, लेकिन अगले दिन डर और घर की याद के कारण उसने अपहरण की कहानी रच दी।

पिता नहीं, मां के साथ रहती है किशोरी – 
किशोरी पिता के बिना मां के साथ रहती है। जिस किशोर से वह मिलने गई थी, वह भी नाबालिग है। पुलिस ने दोनों के बयानों के बाद मामले को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत आगे बढ़ाया है। किशोरी को अब जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एसपी सिटी मनोज कत्याल के अनुसार, हल्द्वानी की नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इंस्टाग्राम दोस्ती, भागकर मुलाकात और झूठे अपहरण का यह मामला अभिभावकों और किशोरों दोनों के लिए चेतावनी है।

सावधान अगर आपकों भी है यह समस्या, तो भूलकर भी गाजर न खाएं, वरना

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गाजर में न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं. ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. हालांकि, कुछ लोगों को इन्हें नहीं खाना चाहिए…

सर्दियां शुरू हो गई हैं. बदलते मौसम के साथ खाने की आदतें तेजी से बदलती हैं. सर्दियों में बाजार में कई तरह की सब्जियां मिलती हैं. ये सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं. इस मौसम में मिलने वाली सब्जियों की बहुत डिमांड होती है, और गाजर उनमें से एक है. गाजर सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है और पोषक तत्वों से भरपूर होती है. इसमें विटामिन A, फाइबर, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व होते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गाजर आंखों की रोशनी के लिए अच्छी होती है, लेकिन कुछ खास सेहत समस्याओं से परेशान लोगों को इसे नहीं खाना चाहिए…

सर्दियों में बहुत से लोग गाजर फ्राई, गाजर का हलवा और गाजर की चटनी का मजा लेते हैं. गाजर का इस्तेमाल वेजिटेबल बिरयानी में भी बहुत अधिक होता है. गाजर खाने से सेहत को कई फायदे होते हैं. इसे खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और पाचन भी बेहतर होता है. गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसके इतने सारे सेहत के फायदों के बावजूद, कुछ लोगों को गाजर नहीं खानी चाहिए. जिन्हें कुछ खास सेहत से जुड़ी परेशानियां हैं, उन्हें इससे दूर ही रहना चाहिए. आइए जानते हैं कि किसे गाजर नहीं खानी चाहिए…

इन स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को गाजर नहीं खानी चाहिए

  • कब्ज
    आजकल बहुत से लोग पाचन की समस्याओं से परेशान रहते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे लोगों को गाजर खाने से बचना चाहिए. जिन लोगों को अक्सर पेट दर्द रहता है, उन्हें गाजर खाते समय सावधान रहना चाहिए. गाजर में फाइबर भरपूर होता है, जो इसे पेट के लिए अच्छा बनाता है. हालांकि, बहुत ज्यादा खाने से ब्लोटिंग, इनडाइजेशन, गैस और कब्ज हो सकता है.
  • डायबिटीज के मरीज
    डायबिटीज एक ऐसी समस्या है जिससे आजकल बहुत से लोग परेशान रहते हैं. ऐसे में उन्हें अपनी डाइट पर पूरा ध्यान देना चाहिए. डायबिटीज वाले लोगों को गाजर सावधानी से और कम मात्रा में खानी चाहिए. ऐसा इसलिए है क्योंकि गाजर में नैचुरली शुगर ज्यादा होती है. ज्यादा गाजर खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. इसलिए, डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही अपनी डाइट में गाजर शामिल करना सबसे अच्छा है.
  • ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं
    एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को गाजर नहीं खानी चाहिए. गाजर ब्रेस्ट मिल्क का टेस्ट बदल सकती है, जिससे बच्चे के लिए इसे पीना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत ज्यादा गाजर खाने से कुछ महिलाओं को दिक्कत हो सकती है. इसलिए, इसे कम मात्रा में खाएं.
  • इंसोम्निया से परेशान लोग
    आजकल बहुत से लोग इंसोम्निया से जूझ रहे हैं. बहुत से लोग स्ट्रेस, एंग्जायटी या दूसरे कारणों से ठीक से सो नहीं पाते हैं. ऐसे लोगों को गाजर खाते समय सावधान रहना चाहिए. गाजर का पीला हिस्सा बहुत गर्म होता है और इसे खाने पर जलन होती है, जिससे नींद और खराब होती है. अगर आप रात में चैन की नींद चाहते हैं, तो गाजर कम मात्रा में खाएं.
  • एलर्जी की समस्या
    बहुत से लोगों को अक्सर स्किन एलर्जी होती है, जिससे खुजली, रैशेज और स्किन में जलन हो सकती है. ऐसे लोगों को गाजर खाते समय बहुत सावधान रहना चाहिए. इसके अलावा, कुछ लोगों को गाजर से एलर्जी होती है, इसलिए उन्हें इसे खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए. अगर उन्हें कोई परेशानी होती है, तो उन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और सही सलाह लेनी चाहिए.
  • कैरोटीनेमिया का खतरा
    कुछ लोगों को ज्यादा गाजर खाने से कैरोटीनेमिया हो सकता है. गाजर में बीटा-कैरोटीन होता है. इसे खाने के बाद, यह विटामिन A में बदल जाता है. ज्यादा गाजर खाने से शरीर में कैरोटीन की मात्रा काफी बढ़ सकती है, जिससे कैरोटीनेमिया हो सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा पीली पड़ जाती है. इसलिए, एक्सपर्ट बहुत कम मात्रा में गाजर खाने की सलाह देते हैं.

गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस: उत्तराखंड में 24 नहीं, 25 नवंबर को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने 2025 में गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के सार्वजनिक अवकाश की तिथि संशोधित करते हुए इसे 24 नवंबर से बढ़ाकर 25 नवंबर कर दिया है। यह जानकारी राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के माध्यम से दी गई। पूर्व में जारी अधिसूचना के अनुसार 24 नवंबर, सोमवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। नए आदेश के अनुसार अब यह अवकाश 25 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह संशोधित तिथि राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, गैर-सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगी।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखंड सचिवालय, राज्य विधानसभा और ऐसे सरकारी कार्यालय जिनमें पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, उन पर यह संशोधित अवकाश लागू नहीं होगा। इन प्रतिष्ठानों को अपने मौजूदा कार्यक्रम और कार्यसूची का पालन जारी रखना होगा। राज्य सरकार ने यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया है कि गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस 2025 सही तिथि के अनुरूप पूरे उत्तराखंड में मनाया जाए। सिख समुदाय परंपरागत रूप से इस दिन को नौवें सिख गुरु की शहादत की स्मृति में मनाता है। गुरु तेग बहादुर को मुगल शासन के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा और उनके बलिदान के लिए याद किया जाता है।

संशोधित आदेश पर उत्तराखंड के सचिव विनोद कुमार सुमन द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किए गए हैं। अधिसूचना की प्रतियां सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों, जिला अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अनुपालन हेतु भेज दी गई हैं। सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे संशोधित तिथि के अनुसार अपने अवकाश कार्यक्रम को अपडेट करें और कर्मचारियों एवं जनता को समय रहते सूचित करें।

इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य भर में गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के अवसर पर सम्मान और स्मरण के साथ आयोजन किए जाएं। इस अवसर पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे समाज में मानवता और सहिष्णुता का संदेश फैलता है। उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं का सम्मान करते हुए सटीक और सुव्यवस्थित सार्वजनिक अवकाश प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

देहरादून-मुंबई इंडिगो फ्लाइट से टकराया पक्षी, हलक में आई 186 यात्रियों की जान

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देहरादून में जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त मुंबई-देहरादून फ्लाइट से टकराया पक्षी, पैसेंजरों के उड़े होश, दूसरे विमान से भेजे गए यात्री

डोईवाला (उत्तराखंड): देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लैंडिंग करते वक्त इंडिगो फ्लाइट में पक्षी टकराने की सूचना मिली. जिससे एयरपोर्ट प्रशासन, पायलट और पैसेंजरों के सकते में आ गए. जिसके बाद फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग करवा कर जांच की गई. हालांकि, जांच में कोई पक्षी नहीं मिला, लेकिन फ्लाइट के आगे के हिस्से कुछ नुकसान पहुंचने की सूचना है. वहीं, इस फ्लाइट से वापस जाने वाले पैसेंजरों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया.

मुंबई-देहरादून फ्लाइट पर पक्षी टकराने की सूचना: जानकारी के मुताबिक, मुंबई-देहरादून रूट की इंडिगो की उड़ान संख्या आईजीओ 5032 एयरबस 320 विमान में पक्षी के टकराए जाने की सूचना मिली. जिससे हड़कंप मच गया. जिसके बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई. निरीक्षण करने पर विमान के अगले हिस्से में नुकसान मिला. इसके बाद रनवे और परिसर को खंगाला गया, लेकिन पक्षी या अन्य जानवर नहीं मिला.

दूसरी फ्लाइट से भेजे गए पैसेंजर: वहीं, पैसेंजरों को उतारने के बाद इस विमान को एयरपोर्ट एप्रन में मरम्मत के लिए खड़ा कर दिया गया. जबकि, इस विमान से मुंबई जाने वाले पैसेंजरों को दूसरे कंपनी की विमान की व्यवस्था की गई. जिसके बाद वे मुंबई के लिए रवाना हो गए. फिलहाल, विमान और घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि इस विमान में 186 पैसेंजर सवार थे.

देहरादून एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेश नेगी ने बताया कि शाम 6:40 बजे मुंबई से देहरादून आ रही इंडिगो की फ्लाइट जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतर रही थी. तभी लैंडिंग के दौरान संदिग्ध पक्षी के फ्लाइट से टकराने की सूचना मिली. जिसके बाद फ्लाइट को लैंडिंग कराकर उसका निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के बाद विमान की नाक को कुछ नुकसान प्रतीत हुआ.

उन्होंने बताया कि लैंडिंग के बाद निरीक्षण करने पर रनवे पर या हवाई अड्डे की परिधि के भीतर कुछ भी नहीं मिला. जिसके बाद इस फ्लाइट को एयरपोर्ट पर ही खड़ा कर दिया गया. चूंकि, इस फ्लाइट को वापस मुंबई जाना था. ऐसे में सभी यात्रियों के लिए वैकल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था की गई. जिसके बाद यात्रियों को दूसरे फ्लाइट से मुंबई रवाना किया गया.

देहरादून-बेंगलुरु इंडिगो फ्लाइट ने भी आसमान में लगाए थे कई चक्कर: गौर हो कि पिछले महीने 28 अक्टूबर की शाम 6 बजे देहरादून से बेंगलुरु जा रही इंडिगो के ही एक विमान में टेक ऑफ के समय तकनीकी दिक्कत आ गई थी. ऐसे में आसमान में कई चक्कर लगाने के बाद इस विमान को सुरक्षित दून एयरपोर्ट पर उतारा गया था. बताया तो ये भी जा रहा है कि इस विमान में भी पक्षी टकराया था.

ऋषिकेश में प्रतिबंधित घाट पर नहा रहा युवक बहा, जिंदगी पर भारी पड़ी लापरवाही

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ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला में प्रतिबंधित घाट पर नहाते समय दो युवक गंगा के तेज बहाव में बह गए। नाविकों ने एक युवक को बचा लिया, लेकिन दूसरे की तलाश जारी है।

एसडीआरएफ की टीम लापता युवक की खोज में जुटी है। पुलिस ने बताया कि चारों युवक घूमने आए थे और उनके परिवार को सूचित कर दिया गया है।

ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला घूमने आए चार युवकों की लापरवाही एक दोस्त के जीवन पर भारी पड़ी। लक्ष्मणझूला में प्रतिबंधित घाटों पर पुलिस की सख्त चेतावनी को नजरंदाज कर गंगा में नहा रहे चार युवकों में से दो युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए।

एक युवक को बोट कर्मियों ने बमुश्किल बचाया, लेकिन दूसरे युवक का पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ लापता युवक की तलाश में जुटी है।

एसडीआरएफ ढालवाला के निरीक्षक कवींद्र सजवाण ने बताया कि रविवार शाम 3:12 बजे लक्ष्मणझूला चौकी में मयंक गौतम (18) पुत्र अनिल कुमार निवासी नोएडा सेक्टर-35 आया और उसने पुलिस को बताया कि वह व उसके तीन अन्य दोस्त अक्षय (18) पुत्र नंदराम सिंह व अभिषेक शर्मा (18) पुत्र राकेश शर्मा निवासी सेक्टर-35 गौतमबुद्ध नगर,

पिंटू शर्मा (24) पुत्र विजयपाल शर्मा निवासी सोरका सेक्टर-115, नोएडा गौतमबुद्ध नगर डीएम कैंप कार्यालय के नीचे गोवा बीच में गंगा में नहा रहे थे। इस दौरान अभिषेक व पिंटू नदी के तेज बहाव में बहने लगे।

दोस्तों को बहता देख उन्होंने आस-पास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। उनकी आवाज सुनकर एक बोट के कर्मियों ने किसी तरह अभिषेक को बचा लिया, लेकिन पिंटू को बचाया नहीं जा सका। एसडीआरएफ निरीक्षक कवींद्र ने बताया कि पुलिस की सूचना पर एसडीआरएफ की डीप डाइवर टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान शुरू किया।

काह कि देर शाम तक सर्चिंग की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सोमवार सुबह से एसडीआरएफ पशुलोक बैराज तक सर्चिंग अभियान चलाएगी। लक्ष्मणझूला थानाध्यक्ष संतोष पैंथवाल ने कहा कि चारों युवक ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला घूमने आए थे। उनके स्वजनों को सूचित कर दिया गया है।

चंपावत: मंगोली का आदमखोर गुलदार पकड़ा गया, क्षेत्र में दहशत खत्म

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मंगोली का आदमखोर गुलदार पकड़ा गया, क्षेत्र अब पूरी तरह सुरक्षित। चंपावत

लोहाघाट क्षेत्र में दहशत का कारण बने मंगोली के आदमखोर गुलदार को वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। एसडीओ फॉरेस्ट श्री सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि टीम द्वारा लगातार की गई निगरानी एवं सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार आदमखोर गुलदार को काबू में कर लिया गया है।

ज्ञात हो कि 12 नवम्बर को ग्राम सभा मंगोली के धूरा तोक के पास गुलदार ने मंगोली निवासी भुवन राम (उम्र 45 वर्ष), पुत्र देवराम पर हमला कर उनकी जान ले ली थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल था।

एसडीओ ने बताया कि गुलदार के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है और वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

हरिद्वार में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, एक झटके में गिरा दीं 6 कॉलोनियां

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एचआरडीए की टीम ने जनपद में छह अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। पिछले दो दिनों में प्राधिकरण की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले दो बड़ी कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया था।

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ सख्ती जारी है। शनिवार को एचआरडीए की टीम ने जनपद में छह अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। पिछले दो दिनों में प्राधिकरण की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले दो बड़ी कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया था। लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेकर प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका के निर्देश पर टीम ने राजा गार्डन कॉलोनी के पास भानु प्रताप स्कूल से आने वाले तालाब से लगते हुए मार्ग पर सूरज सैनी द्वारा अनधिकृत रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी पर बुलडोजर चलाया।
इक्कड़ गांव में रामा एनकलेव से आगे, सराय रोड पर मुअज्जम अली आदि द्वारा किये गये अनधिकृत कॉलोनी का निर्माण रुकवाया। साथ ही यहां शमशान घाट के बगल में अनधिकृत कॉलोनी का भी निर्माण रुकवाया गया। खंजनपुर गांव में शमीम द्वारा लगभग 15 से 16 बीघा क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनी का निर्माण कार्य किया जा रहा पाया गया। इसके साथ ही रुड़की तहसील क्षेत्र में शनि मंदिर के पीछे शेरपुर गांव के पास कमल किशोर द्वारा लगभग 9 से10 बीघा भूमि पर अवैध निर्माण हटाया गया। श्यामपुर कांगडी गांव में बृजमोहन राणा द्वारा अनधिकृत कॉलोनी विकसित की जा रही थी। जिस समय टीम मौके पर पहुंची तो कॉलोनियों को विकसित करने का कार्य चल रहा था। टीम ने कार्य रोकने को कहा लेकिन रोका नहीं गया। सख्ती दिखाते हुए टीम ने सभी अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया।
प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका ने बताया कि जिन कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनके मालिकों को नोटिस भेजे गए थे। नोटिस का जवाब देने के बजाय निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसलिए टीम ने कार्रवाई कर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। सभी निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने बताया कि बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।