Sunday, January 25, 2026
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उत्तराखंड अब देश के सबसे संवेदनशील भूकंपीय जोन में, नया मानचित्र जारी होने के बाद सतर्कता बढ़ाई जाएगी

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देहरादून- भूकंप के खतरे को लेकर उत्तराखंड के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय मानक ब्यूरो ने अपनी नई रीति संहिता–2025 के तहत भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र को अपडेट करते हुए राज्य को जोन-6 में शामिल कर दिया है। यह देश का सबसे संवेदनशील भूकंप जोन माना जा रहा है। अब तक राज्य के हिस्सों को जोन-4 और जोन-5 में बांटा गया था, लेकिन नए वर्गीकरण के अनुसार पूरा उत्तराखंड अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में आ गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से राज्य में भविष्य के निर्माण मानकों में बड़ा परिवर्तन होगा। भवनों, सड़कों और बड़े बांधों जैसी संरचनाओं के लिए अधिक मजबूत भूकंपरोधी तकनीक को अनिवार्य करना पड़ेगा।

विशेषज्ञों की राय: सभी पहाड़ी राज्य समान खतरे की श्रेणी में

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ. विनीत गहलोत ने बताया कि नया भूकंपीय मानचित्र करीब नौ साल बाद जारी किया गया है। वर्ष 2016 में पिछली बार जोनिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि “अब सभी हिमालयी राज्यों को समान संवेदनशीलता वाले जोन-6 में शामिल करने का मतलब है कि जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक भूकंप का खतरा समान स्तर का माना जाएगा।”

गहलोत के अनुसार, पहले जोन-5 में आने वाले रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते थे, लेकिन अब पूरे राज्य को यह श्रेणी प्राप्त हो गई है। इससे सभी निर्माण परियोजनाओं में एक समान मानक लागू होंगे।

श्रीनगर गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभागाध्यक्ष प्रो. एम.पी.एस. बिष्ट ने कहा कि हिमालय की भू-भौतिक स्थितियां सभी राज्यों में लगभग समान हैं—चट्टानें, प्लेट सीमाएं और भू-आकृतिक संरचनाएं एक जैसी हैं। इसी वजह से जोनिंग को एक श्रेणी में समाहित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भूतकाल के भूकंपों, उनकी तीव्रता और वैज्ञानिक डेटा के आधार पर लिया गया है।

राज्य में बढ़ेगी चेतावनी प्रणाली की क्षमता

उत्तराखंड भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन-बिंदु पर स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप की आशंका हमेशा बनी रहती है।
रिकॉर्ड के अनुसार, 1911 से अब तक प्रदेश में 6 से अधिक तीव्रता के 11 बड़े भूकंप दर्ज किए गए हैं। अब सरकार भूकंप चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने की तैयारी में है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार~

राज्य में सेंसर और सायरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी,

हाल ही में मॉक ड्रिल आयोजित की गई है,

और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और आगे बढ़ाया जाएगा।

ऐतिहासिक भूकंपों का रिकॉर्ड

28 अगस्त 1916 — उत्तराखंड में सबसे बड़ा भूकंप, तीव्रता 6.96

1975 से 2024 तक

3–4 तीव्रता वाले भूकंप: 320

4–5 तीव्रता वाले: 90

5–6 तीव्रता वाले: 34

6–7 तीव्रता वाले: 3

7 से अधिक तीव्रता वाला कोई भूकंप दर्ज नहीं

पहले जोन-4 और जोन-5 में बंटा था राज्य

पुराने मानचित्र में~

जोन-5 (अति संवेदनशील):
रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़

जोन-4:
उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल

अब पूरा प्रदेश जोन-6 में शामिल किया जा चुका है।

शहर जिनको पहले भी बताया गया सबसे संवेदनशील 

लोकसभा में 2021 में दिए गए एक जवाब में सरकार ने 38 अत्यधिक संवेदनशील शहरों की सूची जारी की थी, जिनमें उत्तराखंड के—
अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून और रुड़की प्रमुख रूप से शामिल थे।

देवाल-बेराधार मार्ग पर मिला नन्हे बच्चे का सिर, पुलिस जांच में जुटी

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देवाल/चमोली। उत्तराखंड के देवाल-बेराधार मोटर मार्ग पर शनिवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक नन्हे बच्चे का कटा हुआ सिर देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे के सिर को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेज दिया।

ग्रामीणों के अनुसार हाटल्याणी-बेराधार मोटर मार्ग के जीरो किलोमीटर क्षेत्र में सिर पड़ा मिला था। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग इस अमानवीय घटना से स्तब्ध हैं।

थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया कि मौके से बच्चे का सिर्फ सिर बरामद हुआ है, जबकि धड़ का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। बच्चे की पहचान भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उम्र तथा अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि ग्राम प्रहरी की सूचना पर देवाल चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची थी। छानबीन जारी है और पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी स्थान से बच्चे के लापता होने की सूचना हो या घटना से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त हो तो तुरंत पुलिस को अवगत कराएं। पुलिस ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए जांच तेज कर दी है।

उत्तराखंड में खुलेंगे 7 Gen-Z पोस्ट ऑफिस, कल पौड़ी से होगी शुरुआत, जानिये क्या मिलेंगी सुविधाएं

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Gen-Z पोस्ट ऑफिसों में wifi की सुविधा होगी. यहां पर कॉफ़ी मशीन होगी. जिसका लाभ युवा उठा सकेंगे.

देहरादून: एक दिसंबर को डाक विभाग उत्तराखंड में अपना पहला Gen-Z पोस्ट ऑफिस खोलने जा रहा है. यह Gen-Z पोस्ट ऑफिस पौड़ी जिले के जीबी पंत पीजी कॉलेज परिसर में खोला जाएगा. इसके साथ ही डाक विभाग पूरे प्रदेश भर में रजिस्ट्रेशन संस्थाओं के पास भी अपने Gen-Z पोस्ट ऑफिस खोलेगा.

आजकल की युवा पीढ़ी पत्राचार से दूर होती जा रही है. युवा डिजिटल माध्यमों से सूचनाओं का आदान प्रदान कर रहे हैं. ऐसे में डाक विभाग ने आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश शुरू की है. Gen-Z पोस्ट ऑफिस इसी कड़ी में उठाया गया कदम है.

इस योजना के तहत डाक विभाग उत्तराखंड में 7 नए Gen-Z पोस्ट ऑफिस खोलने जा रहा है. पहला Gen-Z पोस्ट ऑफिस 1 दिसंबर को जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी में खोला जाएगा. दूसरा Gen-Z पोस्ट ऑफिस 15 दिसंबर को हल्द्वानी में खोला जाएगा. Gen-Z पोस्ट ऑफिस की खासियत यह है कि इसे शिक्षण संस्थानों के परिसर में खोला जा रहा है. पोस्ट ऑफिस की ये पहल नई जनरेशन के युवाओं को आकर्षित करने वाली होगी. इसे इस तरीके से डिजाइन किया जा रहा है. इसके अलावा Gen-Z पोस्ट ऑफिसों में wifi की सुविधा होगी. यहां पर कॉफ़ी मशीन होगी. सुविधाओं में भी पोस्ट विभाग की सभी योजनाओं के साथ साथ आधार सेंटर की भी सुविधाओं को यहां रखी जाएगी. जिससे युवा अधिक से अधिक इससे जुड़ सके.

डाक विभाग में उत्तराखंड परिमंडल के निदेशक अनुसूया प्रसाद चमोला ने बताया उत्तराखंड डाक विभाग अपनी बिल्कुल लेटेस्ट पीढ़ी जेनरेशन Z या फिर Gen-Z के लिये नई पहल लाया है. इस पहल के जरिये इन युवाओं को डाकघर से जोड़ने की कोशिश की जाएगी. अनुसूया प्रसाद चमोला ने कहा आज की नई युवा पीढ़ी कागज और पेन से दूर हुई है. चिट्ठियों से आज की नई युवा पीढ़ी का जुड़ाव काम होता जा रहा है. इन्हीं दूरियों को कम करने के लिए यह पहल शुरू की गई है.

उन्होंने बताया डाक विभाग के यह नए Gen-Z पोस्ट ऑफिस शिक्षण संस्थानों के परिसरों में खोले जाएंगे. जिसको नया और क्रिएटिव लुक देने के लिए भी इस शिक्षण संस्थान ऑन के छात्रों को उसमें इंगेज किया जाएगा. उन्होंने कहा अभी शुरुआती दौर में दो डाकघर चिन्हित किए गए हैं. धीरे-धीरे जैसे-जैसे शिक्षण संस्थानों से बातचीत होगी पूरे प्रदेश भर में 7 नए Gen-Z पोस्ट ऑफिस पूरे प्रदेश भर में खोले जाएंगे.

UKSSSC पेपर लीक मामला, सीबीआई ने बॉबी पंवार को किया तलब, कल होगी पूछताछ

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UKSSSC पेपर लीक मामले में सीबीआई पहले ही असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार कर चुकी है. अब इस मामले में बॉबी से पूछताछ होनी है.

देहरादून: UKSSSC पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पहली गिरफ्तारी करने के बाद अब पूर्व बरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार को तलब किया है. सीबीआई ने पूर्व बरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार को सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया है. सीबीआई, बॉबी पंवार से यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में पूछताछ करेगी.

बता दें 21 सितंबर को हुई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र के तीन पन्ने आउट होने के बाद सबसे पहले बॉबी पॉवर के पास आए थे. जिसके बाद बॉबी ने मीडिया के सामने पेपर लीक का खुलासा किया था.

21 सितंबर को यूकेएसएसएससी ने स्नातक स्तरीय परीक्षा कराई थी. परीक्षा के दौरान पेपर का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. बेरोजगार संघ ने आरोप लगाया कि यह पेपर लीक हुआ है. पुलिस ने रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया. जांच की तो पाया कि यह पेपर हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित सेंटर से बाहर आया था. पेपर को वहां मौजूद एक परीक्षार्थी खालिद ने पहले से केंद्र में छिपाए मोबाइल के माध्यम से अपनी बहन साबिया को भेजा. साबिया ने इसे सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजा. सुमन टिहरी गढ़वाल के शहीद श्रीमति हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाती थी.

पुलिस ने 22 सितंबर को सुमन चौहान को हिरासत में लिया. पूछताछ के बाद खालिद को गिरफ्तार कर लिया गया. प्राथमिक पड़ताल के बाद खालिद की बहन साबिया को भी गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने जांच में पाया था कि सुमन इस षड्यंत्र में इरादतन शामिल नहीं हुई थी बल्कि उसे यह पता ही नहीं था कि यह पेपर किसी प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित है. ऐसे में उसे जांच में सहयोग के नाम पर छोड़ दिया गया.

जिसके बाद सीबीआई जांच की मांग की गई. धरनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति की. सरकार की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सीबीआई ने 26 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया. अब सीबीआई ने प्राथमिक जांच में सुमन चौहान को षड्यंत्र में शामिल पाते हुए शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है.आरोपी को शनिवार को स्पेशल जज सीबीआई की अदालत में पेश किया गया. जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

वहीं, अब पूर्व बरोजगार संघ अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा काफी दिनों से सोच रहा था कि सीबीआई जांच शुरू हुए काफी दिन बीत गए पर अभी तक बुलावा नहीं आया, लेकिन देर आए दुरुस्त आए. सोमवार का बुलावा आया है. उन्होंने बताया सीबीआई की पूछताछ में हमारी तरफ से पूरा सहयोग किया जाएगा. हमने ही इस मामले में सीबीआई की मांग की थी.

ऊधम सिंह नगर में फर्जी अधिकारी ने 64.72 लाख ठगे:वॉट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ झांसा, डीमैट खाता खुलवाकर कैश हड़पा

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ऊधम सिंह नगर में ठगों के गिरोह ने ‘इंडिया निवेश’ का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से 64.72 लाख रुपए ठग लिए। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना काशीपुर की है।

काशीपुर निवासी गौरव ने बताया कि 6 अक्टूबर को उन्हें ‘बुलस्टॉक चार्जर’ नाम के एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। शेयर बाजार में पहले से सक्रिय होने के कारण उन्होंने ग्रुप में दिए टिप्स का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें कुछ शुरुआती फायदा भी मिला।

इसी दौरान एक महिला ने उन्हें ऑडियो कॉल किया। उसने अपना नाम वान्या गिल बताया और खुद को कंपनी का मैनेजर बताते हुए निवेश के लिए प्रेरित किया। महिला ने दावा किया कि उनकी कंपनी ब्रोकिंग और अन्य वित्तीय सेवाएं चलाती है।

आधार-पैन लेकर खुलवाया डीमैट खाता, उड़ाए लाखों

महिला के झांसे में आकर गौरव ने निवेश शुरू कर दिया। आरोप है कि गिरोह ने उनका आधार व पैन कार्ड लेकर एक डीमैट खाता भी खुलवाया। शुरू में 20 हजार रुपये जमा करवाए गए और फिर धीरे-धीरे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 64.72 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए।

जब गौरव को कोई रिटर्न नहीं मिला, तब उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बैंक खातों, कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच कर रही है।

उत्तराखंड के मौलाना को NIA ने 20 घंटे बाद छोड़ा:आतंकी उमर के फोन में मिला था नंबर, हल्द्वानी आकर बोला- मैंने पूरा कॉर्पोरेट किया

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दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक मस्जिद के इमाम सहित दो लोगों हिरासत में लिया था। NIA ने दिनभर लगभग 20 घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार, NIA ने लैपटॉप, फोन और कॉल रिकॉर्ड खंगाले है।

सूत्रों के अनुसार, इन दोनों के मोबाइल नंबर ब्लास्ट में शामिल आतंकी उमर के मोबाइल से मिले हैं।

NIA ने दोनों को नैनीताल पुलिस के हवाले कर दिया। नैनीताल पुलिस ने भी पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया। रिहा होने के बाद मस्जिद के इमाम मौलवी आसिम ने बताया कि NIA उसे पूछताछ के लिए ले गई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में उससे पूछताछ की गई है और सुरक्षा एजेंसी को उन्होंने कॉर्पोरेट किया।

लैपटॉप और फोन ले गया

मौलवी ने बताया कि वह लैपटॉप और फोन भी ले गया था। सूत्रों के अनुसार, NIA ने दोनों लैपटॉप और फोन की जांच की है। कागजी कार्यवाही के बाद रात 10:45 बजे दोनों को छोड़ दिया। शुक्रवार रात करीब ढाई बजे NIA और दिल्ली पुलिस की टीम ने मौलवी को बनभूलपुरा से और दूसरे अन्य व्यक्ति को राजपुरा क्षेत्र से पकड़ा है। टीम दोनों को पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर गई थी।

सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने कुछ दिन पहले ही नैनीताल पुलिस को संभावित खतरे को लेकर सतर्क कर दिया था। इसके बाद जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन सामने आते ही उत्तराखंड पुलिस व इंटेलिजेंस विभाग और भी सक्रिय हो गए हैं।

इमाम मस्जिद में बच्चों को पढ़ाता

मौलवी आसिम उत्तर प्रदेश रामपुर जिले के टांडा दड़ियाल गांव का रहने वाला है। पिछले 3-4 सालों से यहां पर इमाम के तौर पर रह रहा था। वह मस्जिद के पास आवासीय कमरे में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा है। बताया जा रहा है कि इमाम मस्जिद में बच्चों को पढ़ाता था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमाम ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं रखता था। वहीं, जिस दूसरे युवक को राजपुरा से NIA अपने साथ दिल्ली लेकर गई थी। उसके बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों से पता चला है कि ये युवक हिंदू समुदाय का है और इलेक्ट्रिशियन का काम करता है।

एसपी से मिलने पहुंचे मौलवी, कुछ बोलने से किया इनकार

दोपहर बाद बनभूलपुरा क्षेत्र के कुछ मौलवी एसएसपी मंजू नाथ टीसी के दफ्तर पहुंचे, यहां पर करीब आधे घंटे तक उन्होंने एसएसपी से बात की, हालांकि इस दौरान क्या बातचीत हुई यह सामने नहीं आया है। दफ्तर से बाहर आए मौलवियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने भी इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद रात को मौलवी को छोड़ दिया गया।

वहीं इस पूरे मामले पर एससपी मंजूनाथ टीसी ने कहा-

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बीती रात दिल्ली पुलिस और एनआईए की टीम पहुंची थी, उनका पूरा सहयोग किया गया है, मामला नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा है, आगे की कार्रवाई दिल्ली से ही की जाएगी। लोगों से अपील है कि किसी भी तरह की अफवाह ना फैलाएं वर्ना कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फरीदाबाद का असिस्टेंट प्रोफेसर था उमर डॉ. मोहम्मद उमर नबी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग का असिस्टेंट प्रोफेसर था। उसने 10 नवंबर को दिल्ली लाल किले के सामने कार बम विस्फोट जैसी आतंकी घटना को अंजाम दिया।हमले में 13 लोग मारे गए और कई घायल हुए। हमले की साजिश में उसके साथी आमिर राशिद अली और अन्य शामिल थे। 9 नवंबर की रात उसने अपनी i20 कार लेकर एटीएम और टोल प्लाजा से होते हुए दिल्ली की ओर रुख किया और 10 नवंबर को आत्मघाती हमला कर दिया।

उत्तराखंड में शराब महंगी: आबकारी पर वित्त विभाग की आपत्ति से बदला फैसला, कीमतें 50-100 रुपये बढ़ीं

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महज 50 करोड़ रुपए के वैट के लिए उपभोक्ताओं पर 150 करोड़ का बोझ और राजस्व कमी का खतरा

नए वित्तीय वर्ष की आबकारी नीति को लेकर सरकार भले ही 5060 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व हासिल करने के दावे कर रही थी, लेकिन वित्त वर्ष खत्म होने से 04 माह पहले ही बड़ी बाधा सामने आ गई है। एक्साइज ड्यूटी को वैट से बाहर रखने के फैसले पर वित्त विभाग ने कड़ा ऐतराज जताया, जिसके बाद आबकारी विभाग को नीति में संशोधन करना पड़ा। अब एक्साइज ड्यूटी पर भी 12 प्रतिशत वैट लगाया जाएगा, जिसके चलते शराब की कीमत प्रति बोतल 50 से 100 रुपये तक बढ़ गई है।

नीति में क्या था बदलाव और क्यों हुआ उलटफेर
वित्तीय वर्ष 2025–26 की आबकारी नीति में एक्साइज ड्यूटी को वैट के दायरे से बाहर रखा गया था। विभाग का तर्क था कि यह कदम नीति को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी एक्साइज पर वैट नहीं है और वहां दुकानों पर लगाया जाने वाला अधिभार पहले ही हटा दिया गया है। लेकिन वित्त विभाग इस फैसले से सहमत नहीं हुआ। कई दौर की आपत्तियों और स्पष्टीकरणों के बावजूद विभाग ने वैट हटाने पर हामी नहीं भरी, जिसके बाद आबकारी विभाग ने 12% वैट एक्साइज ड्यूटी पर भी लागू करने का निर्णय ले लिया।

कीमत बढ़ने से बिक्री घटने का डर
कीमतों में बढ़ोतरी से अब विभाग को बिक्री में गिरावट की आशंका परेशान कर रही है। पर्यटन आधारित राज्य उत्तराखंड में शराब के संतुलित दाम बिक्री को बढ़ाते हैं और तस्करी पर भी नियंत्रण रहता है। लेकिन अब कीमतें बढ़ने से पड़ोसी राज्यों की तुलना में यहां शराब काफी महंगी हो गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि पर्यटक अधिकतम अनुमन्य कोटा लेकर आएंगे, जिससे स्थानीय बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा।

राजस्व लक्ष्य को लग सकता है बड़ा झटका
अब तक आबकारी विभाग अनुमान लगा रहा था कि इस बार लक्ष्य से करीब 700 करोड़ रुपये अधिक आय हो सकती है। लेकिन वैट जोड़ने से मात्र 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलने की उम्मीद है। इधर, 25 लाख पेटियां बेचने का लक्ष्य अब भी बाकी है। अचानक दाम बढ़ने से जहां उपभोक्ताओं पर 150 करोड़ रुपये का भार बढ़ेगा, वहीं कम मांग की स्थिति में विभाग को लगभग 250 करोड़ रुपये राजस्व में कमी का खतरा दिखाई देने लगा है।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम: गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी मंजूरी — उत्तराखण्ड में गन्ना मूल्य हुआ और बेहतर

उत्तराखंड  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पेराई सत्र 2025–26 के लिए उत्तराखण्ड राज्य की चीनी मिलों द्वारा क्रय किए जाने वाले गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का लक्ष्य किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देना है और यह सुनिश्चित करना है कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का पूर्ण और उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो। इसी उद्देश्य के तहत वर्ष 2024–25 की तुलना में इस वर्ष गन्ना मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।

गत पेराई सत्र 2024–25 में अगेती प्रजाति का राज्य परामर्शित मूल्य ₹375 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹365 प्रति कुंतल निर्धारित था। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि नए पेराई सत्र 2025–26 के लिए इन मूल्यों में वृद्धि करते हुए अगेती प्रजाति का मूल्य ₹405 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹395 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।

इस दौरान सीएम धामी  ने यह भी  कहा कि मूल्य निर्धारण की संपूर्ण प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों तथा संबंधित हितधारकों के साथ विस्तृत विमर्श किया गया। इसके साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित एफ.आर.पी., उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य तथा राज्य की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों का समुचित विश्लेषण कर संतुलित निर्णय लिया गया है।

साथ ही सीएम धामी  ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक निर्णय में किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित सम्मान सुनिश्चित करना तथा उन्हें सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की असुविधा न हो और भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित किया जाए।

उन्होने  कहा कि पेराई सत्र 2025–26 के लिए घोषित यह बढ़ा हुआ मूल्य न केवल गन्ना किसानों को राहत देगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा तथा गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध होगा।

दिल्ली ब्लास्ट: बनभूलपुरा से इमाम को उठाया, सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई

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Haldwani : दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में आतंकी उमर के उत्तराखंड कनेक्शन की बड़ी जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों द्वारा उमर की कॉल डिटेल खंगालने के दौरान उसके संपर्क हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र से जुड़े पाए गए। इसी आधार पर शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और एलआईयू दिल्ली की टीम ने बनभूलपुरा में दबिश दी और बिलाली मस्जिद के इमाम को हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इमाम को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है।

इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बिलाली मस्जिद समेत क्षेत्र के अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। शहर के कई इलाकों में सतर्कता बढ़ाते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

शनिवार सुबह एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल और सीओ लालकुआं दीपशिखा अग्रवाल भारी पुलिस फोर्स के साथ बनभूलपुरा पहुंचे। अचानक इतनी संख्या में पुलिस फोर्स देखकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस ने बिलाली मस्जिद और इमाम के आवास के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है।

अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के विराट संत सम्मेलन में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और सीएम धामी

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उत्तराखंड: अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के तहत ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित विराट संत सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित संतों का विशाल संगम देखने को मिला. सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की.

सम्मेलन में स्वामी ज्ञानानंद महाराज, संत अवधेशानंद महाराज, संत सुधांशु महाराज, महामंडलेश्वर सहित देशभर के दर्जनों पुरस्कृत संतों ने हिस्सा लिया. संतों द्वारा गीता के ज्ञान, भारतीय संस्कृति और धर्म के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की गई. संतों के विचारों ने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्रदान किया.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, “अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होना उनके लिए गर्व का विषय है. उन्होंने बताया कि, “यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संतों द्वारा गीता के प्रचार और प्रसार पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ. गीता का ज्ञान पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है और महोत्सव भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है.

विराट संत सम्मेलन ने गीता महोत्सव की भव्यता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. संतों के सान्निध्य और आध्यात्मिक विचारों ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया. यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और धार्मिक समरसता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया.