Sunday, January 25, 2026
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सचिवालय कूच:मानदेय बढ़ाने की मांग पर आंदोलन तेज, पूर्व सीएम हरीश रावत समर्थन देने पहुंचे

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मंगलवार को देहरादून में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त राशि देने की मांग को लेकर को लेकर सचिवालय की ओर कूच किया। उत्तराखंड के 13 जिलों से पहुंची महिलाओं ने कनक चौक से सचिवालय तक मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

हालांकि कूच के दौरान सचिवालय से पहले ही पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत उनका समर्थन करने वहां पहुंचे।

9300 रुपये में घर नहीं चलता-सुशीला खत्री

उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कई विभागों का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं, लेकिन बदले में मानदेय बेहद कम मिलता है। हमारा मानदेय सिर्फ 9300 रुपये है। मंत्री रेखा आर्य ने 1600 रुपये की बढ़ोतरी की बात की है लेकिन इतने से घर नहीं चलता। हम पोषाहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर चुनावी ड्यूटी तक करते हैं। काम बढ़ रहा है, पर मानदेय नहीं। जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी, आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की सिटी अध्यक्ष तुन ने बताया कि 13 अक्तूबर से कार्य बहिष्कार और 14 नवंबर से सभी केंद्रों पर तालाबंदी जारी है। हम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की सेवाएं बंद कर चुके हैं। मांग पत्र सौंपा लेकिन मंत्री जी को फर्क ही नहीं पड़ा। महिलाओं को सड़कों पर उतरने पर मजबूर किया गया है।

वर्कलोड बढ़ा लेकिन मानदेय क्यों है कम- हरीश रावत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर किए गए सचिवालय कूच में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। 2016 की तुलना में इनका वर्कलोड चार गुना बढ़ा है, लेकिन मानदेय वहीं का वहीं है। सरकार इनका शोषण कर रही है। मैं एक नागरिक के रूप में इनके साथ खड़ा हूं। सरकार को इनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सचिवालय कूच के बाद अब मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक मानदेय में वृद्धि का निर्णय नहीं लिया जाता,आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला मानदेय बेहद कम है। आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है।

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला- सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज:50 हजार लोगों का भविष्य टिका, हल्द्वानी में हाई अलर्ट; ITBP-SSB को रिजर्व रखा

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उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा में भारी फोर्स को तैनात कर दिया है। ड्रोन से इलाके में नजर रखी जा रही है।

साथ ही ITBP और SSB को रिजर्व पर रखा गया है, जिन्हें दोपहर 12 बजे तैनात किया जाएगा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बाहरी लोगों और गाड़ियों की चेकिंग कर रही है। प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने मामले में 121 उपद्रवी लोगों के खिलाफ 126/135 BNS के तहत कार्रवाई की है।

जबकि 21 लोगों को धारा 170 BNS के तहत हिरासत में लिया गया है, जिनमें से अधिकांश बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण में भी शामिल थे। रेलवे का दावा है कि बनभूलपुरा इलाके में लगभग 29 एकड़ भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। इस जमीन पर 5,000 से ज्यादा परिवार, जिनमें लगभग 50,000 लोग शामिल हैं, जो दशकों से रह रहे हैं।

पहले जानिए क्या है मामला…

इस मामले की शुरुआत 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) से हुई थी। नैनीताल हाईकोर्ट ने 2023 में इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुसार, अतिक्रमणकारियों को एक हफ्ते का नोटिस देकर जमीन खाली करनी थी।

अतिक्रमण खाली करने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां भी कर ली थी। लेकिन इस आदेश के खिलाफ उस दौरान कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए और करीब 50,000 लोगों को रातों-रात घर खाली करने के लिए नहीं कहा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और रेलवे से इस मामले में समाधान निकालने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा था।

एसपी क्राइम बोले- कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दृष्टिगत रेलवे ने भी सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद बंद कर दिया है। रेलवे स्टेशन और रेल पटरियों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। मामले को गंभीरता देखते हुए नैनीताल पुलिस ने पैरामिलिट्री फोर्स को भी मंगवाया है। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र को 4 सेक्टर में बांटा है।

एसपी क्राइम डॉक्टर जगदीश चंद्रा ने बताया कि रेलवे अतिक्रमण भूमि मामले में कोर्ट का फैसला आ सकता है। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारी कर ली है। आरपीएफ और जिला पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर लोगों को अपील की है कि किसी भी भ्रामक अफवाहों में ध्यान न दें। कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा।

सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले में नजर बनाए हुए है। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।

नया ट्रैफिक प्लान लागू

हल्द्वानी आने वाले वाहनों के यातायात प्लान

  • रामपुर/रुद्रपुर से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन पंतनगर तिराहा (दिनेशपुर मोड़) से डायवर्ट होकर NH 109 (नया बाईपास) होते हुए पंतनगर से नगला तिराहा होते हुए किच्छा से सितारगंज से खटीमा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • बरेली/किच्छा रोड से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन किच्छा से सितारगंज होते हुए खटीमा से अपने गंतव्य को जाएंगे। किसी भी प्रकार का वाहन नगला तिराहा से नैनीताल सीमा में प्रवेश नहीं करेगा।
  • सितारगंज/चोरगलिया रोड से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन सितारगंज से खटीमा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। किसी भी प्रकार का वाहन चोरगलिया से जिला सीमा में प्रवेश नहीं करेगा।
  • काशीपुर/बाजपुर से आने वाले और पर्वतीय जिलों को जाने वाले सभी वाहन काशीपुर-बाजपुर से रुद्रपुर होते हुए किच्छा से सितारगंज होते हुए खटीमा से अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • पर्वतीय जिलों से मैदानी क्षेत्र की ओर आने वाले सभी वाहन वाया चंपावत होते हुए टनकपुर रोड का इस्तेमाल करेंगे। कोई भी वाहन नैनीताल जिले में प्रवेश नहीं करेगा।

हल्द्वानी शहर का यातायात/डायवर्जन प्लान

  • रामपुर रोड से आने वाले और नैनीताल, भीमताल, भवाली और कैंची धाम की ओर जाने वाले सभी वाहन गन्ना सेंटर/शीतल होटल तिराहा से डायवर्ट होकर तीनपानी फ्लाईओवर से गौलापार रोड का इस्तेमाल कर नारीमन तिराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन देवलचौड़ तिराहा से डायवर्ट होकर छड़ैल चौराहा से सेंट्रल हॉस्पिटल तिराहा होकर लालढांठ तिराहा से पंचक्की रोड का इस्तेमाल कर नारीमन तिराहा से अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • बरेली रोड से आने वाले एवं नैनीताल, भीमताल, भवाली और कैंची धाम की ओर जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन तीनपानी फ्लाईओवर से गौलापार रोड का इस्तेमाल कर नारीमन तिराहा से होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन गांधी इंटर कॉलेज तिराहा से डायवर्ट होकर FTI तिराहा से ITI तिराहा होते हुए मुखानी चौराहा से पंचक्की तिराहा से नारीमन तिराहा होकर अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • रामनगर/बाजपुर से आने वाले एवं नैनीताल, भीमताल, भवाली और कैंची धाम की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन नैनीताल तिराहा कालाढूंगी से डायवर्ट होकर मंगोली होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन ऊंचा पुल चौराहा/लालढांठ तिराहा से डायवर्ट होकर पंचक्की तिराहा होते हुए कॉल्टेक्स तिराहा से नारीमन तिराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • नैनीताल से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले सभी वाहन रूसी बाईपास द्वितीय से डायवर्ट होकर रूसी बाईपास प्रथम होते हुए मंगोली से कालाढूंगी होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। अन्य वाहन नारीमन तिराहा से डायवर्ट होकर गौलापार रोड के जरिए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • कैंची धाम/भवाली से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले सभी वाहन भवाली तिराहा से डायवर्ट होकर मस्जिद तिराहा से नंबर वन बैंड ज्योलिकोट से होते हुए रूसी बाईपास द्वितीय से रूसी बाईपास प्रथम होते होकर मंगोली से कालाढूंगी होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
  • मुक्तेश्वर/भीमताल से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले सभी वाहन खुटानी बैंड भीमताल से डायवर्ट होकर भवाली मस्जिद तिराहा से नंबर वन बैंड ज्योलिकोट-रूसी बाईपास द्वितीय-रूसी बाईपास प्रथम होकर मंगोली से कालाढूंगी होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।

काठगोदाम से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान

  • कॉल्टेक्स/हाइडिल तिराहा से डायवर्ट होकर पंचक्की तिराहा से लालढांठ तिराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे.
  • महारानी होटल तिराहा से डायवर्ट होकर सरस्वती रेस्टोरेंट तिराहा से दोनहरिया तिराहा होते हुए पानी की टंकी से मुखानी चौराहा से अपने गंतव्य को जाएंगे.

बनभूलपुरा क्षेत्र में यातायात/डायवर्जन प्लान

  • गौला पुल बनभूलपुरा से ताज चौराहा की ओर आने वाले सभी वाहनों का आवागमन वर्जित रहेगा.
  • रेलवे स्टेशन तिराह /ताज चौराहा से बनभूलपुरा की ओर जाने वाले सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • मंगल पड़ाव से घास मंडी होते हुए बनभूलपुरा की ओर जाने वाले सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • तिकोनिया चौराहा/एसडीएम कोर्ट तिराहा/प्रेम टॉकीज से रोडवेज पूर्वी गेट होते हुए ताज चौराहा की ओर जाने वाले सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • इंद्रानगर फाटक से मंडी गेट की ओर और मंडी गेट से इंद्रानगर फाटक की ओर सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.
  • इन रूटों से आवागमन करने वाले वाहन वाया तीनपानी फ्लाईओवर होते हुए अपना आवागमन करेंगे.

नंदा गौरा योजना- आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी:30 हजार से ज्यादा आवेदन मिले, राज्य सरकार 51 हजार रुपए देती

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उत्तराखंड सरकार ने नंदा गौरा योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के निर्देश पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने यह निर्णय लिया। अब अभ्यर्थी 20 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकेंगे। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय थी।

मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेशभर से अब तक 30,000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जन मिलन कार्यक्रमों के दौरान कई स्थानों पर लोगों ने यह मुद्दा उठाया कि पात्र होने के बावजूद विभिन्न कारणों से वे समय पर आवेदन नहीं कर पाए। ऐसे आवेदकों को मौका देने के लिए तिथि बढ़ाना जरूरी समझा गया।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राप्त आवेदनों में सुधार का अवसर 21 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक दिया जाएगा। इसके बाद आवेदन या सुधार की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

नंदा गौरा योजना में क्या मिलता है फायदा?

राज्य की बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही इस योजना के तहत कन्या जन्म के आधार पर सहायता दी जाती है। वहीं, 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर पात्र छात्रा के खाते में सरकार द्वारा 51,000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

सरकार ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन अवश्य पूरा करें, ताकि उन्हें योजना का फायदा मिल सके।

UKSSSC पेपर लीक मामले में बॉबी पंवार से पूछताछ:सुमन चौहान से संपर्कों पर किए सवाल, सभी भर्ती घोटालों की CBI जांच की मांग

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UKSSSC पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 9 घंटे तक पूर्व बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार से पूछताछ की। इस दौरान पंवार से सुमन चौहान से उनके संपर्कों और अन्य जानकारियों के बारे में पूछताछ की गई।

बॉबी पवार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे। पूछताछ के बाद सीबीआई दफ्तर से बाहर निकले बॉबी पवार ने एक बयान जारी करते हुए पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई को सहयोग करने की बात कही। साथ ही बॉबी पवार ने राज्य सरकार से सभी भर्ती घोटाले को सीबीआई की जांच के दायरे में लाने की भी मांग की।

27 अक्टूबर को सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। इस मामले में सीबीआई ने 28 नवंबर को सुमन चौहान को गिरफ्तार किया था। सुमन ने बॉबी पंवार को ही पेपर दिया था। जिसके बाद पंवार ने इस परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाया था।

नौ घंटे की पूछताछ के बाद जारी किया बयान

सीबीआई की पूछताछ के बाद करीब 9 घंटे बाद बॉबी पवार ने देहरादून के इंदिरा नगर स्थित सीबीआई दफ्तर से बाहर आकर एक बयान जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच में वह पूरा सहयोग कर रहे हैं।

बॉबी पवार ने कहा कि सीबीआई अपना काम कर रही है, लेकिन सीबीआई को परीक्षा से एक दिन पहले हाकम सिंह और उसके दो दोस्तों की गिरफ्तारी वाले एंगल पर भी जांच करने की जरूरत है। वहीं अपने इस बयान में उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को एक प्रस्ताव लाना चाहिए कि जिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के पूरे साक्ष्य हों, उनकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

सभी भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच की मांग

सीबीआई दफ्तर से बाहर निकलते ही बॉबी पवार ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि सुबह करीब 11:30 बजे वह सीबीआई दफ्तर पहुंचे और 9 घंटे की पूछताछ के बाद वह बाहर आए हैं। उन्होंने सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग दिया है।

साथ ही बॉबी पवार ने कहा कि एक भर्ती के साथ-साथ सरकार को प्रदेश में सभी भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। जिससे युवाओं के साथ धोखा करने वाले लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

6 पॉइंट में समझिए पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ…

1. 21 सितंबर को UKSSSC ने ग्रेजुएट लेवल की परीक्षा कराई: UKSSSC ने 21 सितंबर को ग्रेजुएट लेवल की भर्ती के लिए 11 बजे एग्जाम शुरू​​​​ किया। एग्जाम 1 बजे तक होना था। लेकिन 11:30 बजे ही पेपर लीक हो गया, जिसके तीन पन्ने वॉट्सऐप से बाहर आ गए थे।

आरोपी खालिद मलिक नाम के व्यक्ति ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को अपने पेपर भेजे दिए थे, जिसमें खालिद की बहन साबिया भी शामिल थी। फिलहाल खालिद और उसकी बहन साबिया न्यायिक हिरासत में हैं।

2. प्रदेश भर में शुरू हुआ आन्दोलन- इसके बाद प्रदेश भर में आंदोलन शुरू हो गया। काफी लंबे समय तक बेरोजगार संगठन के लोग देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर धरने पर बैठे रहे। फिर सीएम पुष्कर सिंह धामी लगभग 8 दिन के बाद छात्रों से मिलने उनके धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने सीबीआई जांच की बात कही।

इसके बाद सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को लिख दिया था। छात्रों ने दूसरी मांग अपनी की थी कि इस परीक्षा को रद्द किया जाए और उसका रोस्टर दोबारा से जारी किया जाए।

3. एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया- छात्रों के बढ़ने प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यूसी ध्यानी को सौंपी गई।

इस आयोग को परीक्षा में हुई अनियमितताओं, पेपर लीक की प्रक्रिया, शामिल अधिकारियों और बाहरी नेटवर्क की भूमिका की जांच का अधिकार दिया गया था। आयोग ने प्रदेश के कई जिलों में जाकर छात्रों, अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जनसंवाद किया और उन्हीं बयानों के आधार पर अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी।

4- सरकार ने आयोग को सौंपी रिपोर्ट, पेपर रद्द- छात्रों की मांग थी कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए और परीक्षा को रद्द किया जाए। एकल सदस्यीय जांच आयोग की कई बैठकों में भी छात्रों ने इन मांगों को उठाया था।

वहीं, जब आयोग ने रिपोर्ट सीएम धामी को सौंपी तो इसके कुछ ही घंटों बाद सरकार ने ये रिपोर्ट यूकेएसएसएसी को सौंपी। और फिर इस रिपोर्ट के आधार पर ही यूकेएसएसएसी ने परीक्षा को रद्द कर दिया था।

5- CBI की एंट्री, FIR में 4 नाम: सीबीआई ने 28 अक्टूबर 2025 को जांच की कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हैंडओवर लिया। सीबीआई ने सबसे पहले देहरादून की एंटी करप्शन शाखा में एफआईआर दर्ज की। जिसमें चार आरोपी खालिद, सुमन, सबिया, और हीना के नाम दर्ज किया गया।

इसके बाद से लगातार सीबीआई मामले की जांच में जुटी हुई है , सीबीआई ने हरिद्वार के उस सेंटर की भी जांच की थी जहां से प्रश्न पत्र आउट हुआ था।

6- सहायक प्रोफेसर सुमन गिरफ्तार- मामले में सीबीआई ने 28 नवंबर को शहीद हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल), टिहरी गढ़वाल की एक सहायक प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से ही गिरफ्तार दो लोगों से की गई पूछताछ के बाद पकड़ी गई।

उत्तराखंड में संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए उच्चस्तरीय आयोग बनेगा: मुख्यमंत्री धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में अंतर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में संस्कृत के उत्थान के लिए उच्चस्तरीय आयोग बनाने की घोषणा की। उन्होंने संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी बताया और एसआईआर का विरोध कर रहे विपक्ष पर निशाना साधा।

हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में संस्कृत भाषा के विकास और उत्थान के लिए एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने यह घोषणा सोमवार को हरिद्वार में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए की। उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्कृत के आधार पर ही मानव सभ्यताओं का विकास संभव हुआ है।

संस्कृत का महत्व और सनातन संस्कृति

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संस्कृत के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि विश्व की अधिकतर भाषाओं की जड़ें किसी न किसी रूप में संस्कृत से ही जुड़ी हुई हैं, इसलिए इसे सभी भाषाओं की जननी माना जाता है। उन्होंने सनातन संस्कृति के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि समस्त वेद, पुराण और उपनिषदों की रचना भी संस्कृत में ही की गई है। धामी ने संस्कृत को अनादि और अनंत भाषा बताते हुए इसके संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

अर्द्धकुंभ और विपक्ष पर टिप्पणी

सम्मेलन के दौरान, मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुंभ-2027 को दिव्य और भव्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और सभी से इस सनातन संस्कृति के आयोजन से जुड़ने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। सीएम ने कहा कि कुछ दल सिर्फ विरोध करने की मानसिकता रखते हैं और वे देश में शुरू किए गए अच्छे और सार्थक प्रयासों, जैसे कि एसआईआर (वोटर लिस्ट सत्यापन), का भी बिना वजह विरोध करते हैं।

विकासखंड डोईवाला के दूरस्थ इठारना में सरकार जनता के द्वार; डीएम ने सुनी जन समस्याएं; अधिकतर समस्याओं का निस्तारण

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दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम छोर पर निवासरत बुजुर्ग महिला बच्चे; सरकार, जिला प्रशासन के लिए प्रथम: डीएम

35 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर जनमानस की समस्या का किया निस्तारण; लाभार्थियों से मौके पर ही भरवाये योजनाओ के फॉर्म

ग्राम पंचायत रानीपोखरी को कूड़ा निस्तारण हेतु वाहन की मौके पर ही स्वीकृत; मृत पशु के शव निस्तारण हेतु भूमि चिन्हित करने को राजस्व विभाग को निर्देश

ग्राम पंचायत गदुल में लगेगा आधार एवं श्रम कार्ड बनाने हेतु कैंप; डीएम ने दिए निर्देश

50 आधार कार्ड; 64 छात्र-छात्राओं की रोजगार हेतु काउंसलिंग; 2 जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र; 2 दिव्यांग प्रमाण पत्र; 33 आयुष्मान कार्ड; 180 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच; नई गैस कनेक्शन है तो 11 आवेदन फार्म; राशन कार्ड हेतु 6 आवेदन; 2 महालक्ष्मी 10 किशोरी किट वितरित; 3 लाभार्थियों को कृषि उपकरण 1.65 लाख अनुदान राशि वितरित; 3 लाभार्थियों को मौके पर ही पेंशन; वृद्ध जनों को समाज कल्याण विभाग द्वारा 46 लाभार्थियों को 132 सहायक उपकरण वितरित; 30 लाभार्थियों को पशु औषधि वितरित

बहुउद्देशीय शिविर में 200 से अधिक शिकायत प्राप्त; अधिकतर शिकायतों का मौके पर निस्तारण

देहरादून दिनांक 01 दिसंबर 2025(सूवि) जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज विकासखंड डोईवाला के ग्राम इठारना में बहुउद्देशीय शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत आमजन को विभिन्न शासन की कल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था। जिलाधिकारी नहीं कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम छोर में निवासरत प्रत्येक बुजुर्ग, व्यक्ति, महिला बच्चा सरकार और जिला प्रशासन के लिए प्रथम व्यक्ति है। जिला अधिकारी ने कहा कि हमारा यही प्रयास है कि बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त हुए प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं, मांगों एवं अपेक्षाओं को विस्तार से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को तुरंत लाभान्वित किया जाए। बहुउद्देशीय शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए वहीं शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में जीआईसी इठरना के बच्चों ने अपने बने प्रोडक्ट की जानकारी जिलाधिकारी को दी, जिसमें अवनीश रावत ने मिश्रित खेती तथा कनिष्का पुंडीर ने देवी आपदा के दौरान बचाव संबंधी बनाए गए प्रोडक्ट की प्रस्तुति दी।

विकासखंड डोईवाला के दूरस्थ इठारना में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत डीएम ने जन समस्याएं सुनी अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया जिलाधिकारी ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के अंतिम छोर पर निवासरत बुजुर्ग महिला बच्चे; सरकार, जिला प्रशासन के लिए प्रथम व्यक्ति हैं जिन्हें जिन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना हमारी प्राथमिकता है।

बहुउद्देशीय शिविर में 35 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर जनमानस की समस्या निस्तारण किया तथा योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु आवेदन प्राप्त किये तथा लाभार्थियों से मौके पर ही योजनाओ के फॉर्म भरवाये।

ग्राम पंचायत रानीपोखरी को कूड़ा निस्तारण हेतु वाहन की मौके पर ही स्वीकृत; मृत पशु के शव निस्तारण हेतु भूमि चिन्हित करने को राजस्व विभाग को निर्देश

ग्राम पंचायत गदुल में लगेगा आधार एवं श्रम कार्ड बनाने हेतु कैंप; डीएम ने दिए निर्देश

50 आधार कार्ड; 64 छात्र-छात्राओं की रोजगार हेतु काउंसलिंग; 2 जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र; 2 दिव्यांग प्रमाण पत्र; 33 आयुष्मान कार्ड; 180 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच; नई गैस कनेक्शन है तो 11 आवेदन फार्म; राशन कार्ड हेतु 6 आवेदन; 2 महालक्ष्मी 10 किशोरी किट वितरित; 3 लाभार्थियों को कृषि उपकरण 1.65 लाख अनुदान राशि वितरित; 3 लाभार्थियों को मौके पर ही पेंशन; वृद्ध जनों को समाज कल्याण विभाग द्वारा 46 लाभार्थियों को 132 सहायक उपकरण वितरित; 30 लाभार्थियों को पशु औषधि वितरित की गई। वही उद्यान विभाग द्वारा 12 लाभार्थियों को 50% अनुदान दिया गया। चिकित्सा विभाग द्वारा 102 सामान्य ओपीडी, 15 गायनी ओपीडी, तथा 30 से अधिक रक्त जांच, 16 की टीवी जांच तथा 2 लोगों के एक्स-रे भी कराए गए।

उत्तराखंड ‘राजभवन’ का बदला गया नाम, अब कहलाएगा ‘लोक भवन’

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देहरादून और नैनीताल में मौजूद ‘राजभवन’ को अब ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा. जिसके आदेश जारी कर दिए गए हैं.

देहरादून: उत्तराखंड ‘राजभवन’ का नाम बदलकर अब ‘लोक भवन’ कर दिया गया है. जिसके तहत देहरादून और नैनीताल में मौजूद ‘राजभवन’ को अब ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा.

दरअसल, 25 नवंबर 2025 को जारी गृह मंत्रालय भारत सरकार के पत्र संख्या के तहत और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह की स्वीकृति के बाद देहरादून और नैनीताल स्थित राजभवन (Raj Bhavan) का नाम आधिकारिक रूप से लोक भवन (Lok Bhavan) कर दिया गया है. अब राजभवन उत्तराखंड (Raj Bhavan Uttarakhand) को अब से लोकभवन उत्तराखंड (Lok Bhavan Uttarakhand) कहा जाएगा. राज्यपाल सचिव रविनाथ रमन की ओर से अधिसूचना जारी किया गया है.


नैनीताल राजभवन के बारे में जानिए: नैनीताल में स्थापित ब्रिटिश कालीन राजभवन को हाल में ही 125 साल पूरे हुए हैं. जिसके बाद इस ऐतिहासिक राजभवन ने 126वें साल में प्रवेश कर लिया है. राजभवन के 125 साल पूरे होने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद नैनीताल राजभवन पहुंचीं थी. जहां उन्होंने नैनीताल राजभवन के ऐतिहासिक महत्व को करीब से जाना था.


बता दें कि नैनीताल राजभवन (अब लोक भवन) की नींव 27 अप्रैल 1897 को रखी गई थी. मार्च 1900 में राजभवन का बिल्डिंग बनकर पूरी तरह से तैयार हुआ था. पश्चिमी गौथिक शैली में बने अंग्रेजी के E आकार के इस राजभवन को तैयार करने में ब्रिटिश गवर्नर सर एंटनी पैट्रिक मैकडोनाल्ड ने अहम भूमिका निभाई थी.

यूपी की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी नैनीताल: ब्रिटिश काल में अंग्रेजों ने दिल्ली को देश की राजधानी और शिमला को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था. जबकि, अवध की राजधानी के लिए लखनऊ और ग्रीष्मकालीन राजधानी नैनीताल को चुना था. जिसके बाद सबसे पहले नैनीताल में पहला राजभवन साल 1862 में रैमजे अस्पताल परिसर में स्थापित किया गया था. इसके बाद साल 1865 में राजभवन माल्डन हाउस में स्थापित हुआ.


इसी बीच साल 1875 में राजभवन को नैनीताल के स्नो व्यू क्षेत्र में स्थापित किया गया. जिसके बाद इस क्षेत्र में भूस्खलन हुआ. जिसे देखते हुए 27 अप्रैल 1897 को राजभवन शेरवुड हाउस के पास स्थायी रूप से बनाया गया. ब्रिटिश शासकों ने नैनीताल राजभवन को करीब 160 एकड़ के घने जंगल में स्थापित किया. जिसके बाद हर साल ब्रिटिश शासक गर्मियों के दौरान नैनीताल आते थे.

ब्रिटिश शासकों ने साल 1925 में राजभवन क्षेत्र के घने जंगल की करीब 75 एकड़ भूमि पर एशिया का सबसे ऊंचा एवं देश का सबसे बेहतरीन गोल्फ कोर्स बनाया. जिसमें वो गोल्फ खेला करते थे. यह ऐतिहासिक भवन लंबे समय तक स्थानीय लोगों और पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंधित था, लेकिन साल 1994 में इस राजभवन को स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया गया.

अभी-अभी(उत्तराखंड)भालू के हमले से महिला गंभीर. हायर सेंटर रेफर

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उत्तरकाशी। जनपद उत्तरकाशी में मानव–वन्यजीव संघर्ष का एक और मामला सामने आया है। ग्राम पाही, तहसील भटवाड़ी में सोमवार शाम एक भालू ने 65 वर्षीय महिला पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

राजस्व उपनिरीक्षक लाटा मल्ला द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दिनांक 01 दिसंबर 2025 को लगभग शाम 5 बजे ग्राम पाही निवासी श्रीमती रूकमणी देवी (पत्नी श्री सुरेन्द्र सिंह रावत) अपनी गोशाला की ओर जा रही थीं, तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। महिला को स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भटवाड़ी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी रेफर कर दिया।

बताया गया कि महिला की उम्र 65 वर्ष है और हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

‘केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कर रहे हैं काम’:मथुरा दत्त जोशी बोले- सरकारी योजनाओं से मिल रहा सीधा लाभ

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने अल्मोड़ा में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड तेजी से विकास कर रहा है। जोशी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाएं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का कार्य मिलकर प्रदेश को विकास की नई दिशा दे रहे हैं।

जोशी ने बताया कि केदारनाथ-बद्रीनाथ योजना, चारधाम सड़क सुधार परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण और प्राचीन स्वरूप के संरक्षण कार्यों की सराहना की। इसके साथ ही, बद्रीनाथ में सड़क, पार्किंग और अन्य यात्री सुविधाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। जोशी ने बताया कि सौंग, किसाऊ, लखवाड़-व्यासी और जमरानी जैसी लंबित जल एवं बिजली परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य प्रगति पर है।

‘जल जीवन मिशन’ के तहत पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों तक नल से पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे महिलाओं का कार्यभार कम हुआ है। उन्होंने ‘किसान सम्मान निधि’, ‘फसल बीमा’, ‘ग्रामीण सड़क योजना’, ‘आयुष्मान योजना’ और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी केंद्रीय योजनाओं का भी जिक्र किया। जोशी ने दावा किया कि इन योजनाओं से किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को बड़ी सहायता मिली है। इससे गांवों में सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं मजबूत हुई हैं।

जोशी ने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। खनन सुधारों से सरकार को राजस्व में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, पर्यटन, मछली पालन और फिल्म से संबंधित योजनाओं के लिए राज्य को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं।

उन्होंने जागेश्वर और चितई मंदिरों के विकास कार्यों का उल्लेख किया, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अल्मोड़ा के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को देशव्यापी पहचान दिलाने की भी तैयारी चल रही है, जिससे कारीगरों और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। इस पत्रकार वार्ता में भाजपा के जिला अध्यक्ष महेश नयाल, महापौर अजय वर्मा, नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट, मीडिया प्रभारी मनीष जोशी, पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

महाराज ने गोवा के राज्यपाल का देवभूमि आगमन पर किया स्वागत

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देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर स्वागत किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू को उत्तराखंड में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से अवगत कराते हुए गोवा और उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उन्हें बताया कि ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा के पश्चात सरकार ने 24 अक्टूबर 2025 से शीतकालीन यात्रा का श्री गणेश कर दिया है। चारों धामों के कपाट बंद होने के पश्चात परंपरागत रूप से चार धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए पूजा अर्चना और दर्शनों के लिए सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं।