Saturday, January 24, 2026
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सीएम धामी बोले – सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अब “सोशल चेंज मेकर्स”, समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं

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सीएम धामी बोले – सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अब “सोशल चेंज मेकर्स”, समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं

डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में बड़ा कदम, सीएम धामी ने क्रिएटर्स मीट 2025 में रखी नई दृष्टि

“एक ट्वीट से होता है तत्काल समाधान” — सीएम धामी ने बताया कैसे सोशल मीडिया बना सरकार और जनता के बीच का मजबूत सेतु

भ्रामक खबरों पर सख्ती: सीएम धामी ने क्रिएटर्स से फैक्ट-चेक कर सच जनता तक पहुँचाने की अपील की

उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और लोक उत्पादों को बढ़ावा देने में क्रिएटर्स की बड़ी भूमिका: मुख्यमंत्री धामी

नेगेटिव कंटेंट क्रिएटर्स पर सीएम का निशाना — ‘व्यूज की दौड़ में नैतिकता न भूलें’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़े अनेक कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल उद्यमी, व्लॉगर्स तथा युवा इंफ्लुएंसर्स ने प्रतिभाग किया ।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अनेक सोशल मीडिया क्रिएटर्स से अनौपचारिक संवाद किया तथा उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। युवा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ हुए इस संवाद को मुख्यमंत्री ने “युवा सोच और डिजिटल ऊर्जा का संगम” बताया।

विकसित भारत—श्रेष्ठ भारत में उत्तराखंड की भूमिका पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण

एक युवा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत–श्रेष्ठ भारत @2047’ दृष्टिकोण में उत्तराखंड की भूमिका के बारे में प्रश्न किया। इसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत का आधार तभी सुदृढ़ होगा जब देश और राज्य का हर ब्लॉक, हर तहसील, हर जिला और हर गांव सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है—चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, पर्यटन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य या उद्यमिता—सभी क्षेत्रों में तेज़ प्रगति की जा रही है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख

एक अन्य क्रिएटर द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्न पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि अब तक 200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और “भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई आगे भी पूरी दृढ़ता से जारी रहेगी।”

राज्य में हो रहे विकासात्मक प्रयासों का उल्लेख

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य की सामूहिक प्रगति के लिए अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की GSDP को दोगुना करने के लक्ष्य पूरा हो चुका है | हेली कनेक्टिविटी को बड़े स्तर पर विस्तार दिया जा रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है, उत्तराखंड में औद्योगिक क्रांति और निवेश वातावरण को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं | ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और श्रृंखलाबद्ध रोड शो के माध्यम से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

अब तक 3.56 लाख करोड़ से अधिक के MOU साइन किए जा चुके हैं और 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है| राज्य में पर्यटकों की संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है,सरकार के प्रयासों से शीतकालीन यात्रा के भी अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं

महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री का संदेश

राज्य में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने स्वरोज़गार, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक कौशल के क्षेत्र में पूरे देश के सामने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता इतनी उत्कृष्ट है कि वे कई मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं। सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण तथा उनकी उद्यमशीलता को और मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाओं पर कार्य कर रही है।

राज्य की सोशल मीडिया नीति पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण

राज्य की आगामी सोशल मीडिया नीति से जुड़े प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष तक उत्तराखंड सरकार की नई सोशल मीडिया नीति लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह नीति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचनाओं के बेहतर प्रसारण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी संप्रेषण तथा राज्य के युवाओं और क्रिएटर्स को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि क्रिएटर कम्युनिटी को प्रोत्साहित किया जाए और डिजिटल माध्यमों के जरिए राज्य की संस्कृति, पर्यटन, उद्यमिता एवं उपलब्धियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया आज सूचना, संवाद और जनभागीदारी का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी घटना की जानकारी कुछ ही सेकंड में लाखों–करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है और सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज को एक व्यापक मंच प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करने वाला एक प्रभावशाली मंच बन गया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका अब केवल कंटेंट क्रिएशन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन लाने वाले सोशल चेंज मेकर्स के रूप में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की शक्ति के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बना दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार भी डिजिटल उत्तराखंड के निर्माण हेतु संकल्पबद्ध है। शासन को अधिक पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। पहले शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालयों में बार-बार जाना पड़ता था, जबकि अब एक ट्वीट या संदेश के माध्यम से तत्काल सुनवाई और समाधान संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया है, जिससे प्रशासन और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह हुआ है।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया का प्रयोग गलत अफवाहें फैलाने, सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने और जनहितकारी योजनाओं के बारे में भ्रम उत्पन्न करने के लिए करते हैं। उन्होंने सभी कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि किसी भी भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री का न केवल फैक्ट-चेक करें, बल्कि उसके सही तथ्यों को लोगों तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नकारात्मक कंटेंट क्रिएटर्स अधिक व्यूज और फॉलोअर्स पाने की होड़ में समाज, धर्म, सरकार या प्रदेश की छवि को नुक़सान पहुँचाने वाली सामग्री प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि की इस प्रतिस्पर्धा में नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य को ध्यान में रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स राज्य के विकास में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक धरोहर और समाज की उपलब्धियों पर आधारित सकारात्मक सामग्री न केवल राज्य की छवि को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुँचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी स्थानीय कारीगर या उत्पाद की एक सकारात्मक कहानी उसे राष्ट्रीय पहचान दिला सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी भी समस्या, शिकायत या जनहित से संबंधित जानकारी की जानकारी क्रिएटर्स को मिलती है, तो वे इसे तुरंत सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी प्रत्येक जानकारी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्रिएटर्स की जागरूकता और रचनात्मकता शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रही है और उन्हें विश्वास है कि इस संकल्प को साकार करने में क्रिएटर समुदाय भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जागर गायक प्रीतम भरतवाण, तथा देश–प्रदेश भर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं क्रिएटर्स उपस्थित रहे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिली युवती ने युवक से ₹6 लाख ठगे

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हल्द्वानी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बंपी पर हुई पहचान एक युवक के लिए भारी पड़ गई। प्लेटफॉर्म पर मिली युवती ने निवेश का झांसा देकर युवक से करीब 6 लाख रुपये ठग लिए। देर-सबेर ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने मुखानी थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले का विवरण रिवर वैली कमलुवागांजा निवासी पुष्पेंद्र सिंह परिहार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंपी पर अनुष्का गुप्ता नामक युवती से हुई थी, जिसने खुद को जयपुर, राजस्थान निवासी बताया। युवती ने उसे ई-कॉमर्स सेलर सिस्टम से जुड़ने और ऑनलाइन ऑर्डर पूरे कर कमीशन कमाने का लालच दिया।

युवती ने पुष्पेंद्र का रजिस्ट्रेशन कराया और सेलर डैशबोर्ड उपलब्ध कराया। शुरुआत में जब पुष्पेंद्र ने कुछ ऑर्डर पूरे किए तो उसके खाते में छोटे-छोटे लाभ भेजे गए, जिससे उसे प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया। इसके बाद अनुष्का ने एक लिंक भेजकर 8 अक्टूबर से 28 नवंबर के बीच करीब 6 लाख रुपये विभिन्न किस्तों में जमा करवा लिए।

पीड़ित का आरोप है कि पूरी राशि जमा होने के बाद साइट ने ऑर्डर प्रोसेस न होने की बात कहकर पेनल्टी जमा करने का दबाव बनाया। जब उसने असमर्थता जताई तो साइट ने उसका सेलर डैशबोर्ड ब्लॉक कर दिया और उसके खाते में जमा पूरी रकम हड़प ली।

पुलिस जांच में जुटी ठगी का एहसास होने पर युवक ने पुलिस से संपर्क किया। मुखानी थानाध्यक्ष सुशील जोशी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

CM धामी का बड़ा कदम: मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की नियुक्ति

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मुख्यमंत्री ने 142 नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ कैशलेस उपचार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर चिकित्सा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि सभी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनके भीतर संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें। जिससे वे कुशल और दक्ष चिकित्सक बनने के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और मानवता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधाएँ सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है। जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इनमें से पाँच मेडिकल कॉलेज पहले से ही संचालित किए जा चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही हेली एंबुलेंस, आपातकालीन परिस्थितियों में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। राज्य में मरीजों को पैथोलॉजिकल जांचों की भी निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के गाँवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श सुविधा भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं, साथ ही 356 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी गतिमान है। 1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 टैक्नीशियनों को भी नियुक्तियां प्रदान की गई है और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। हमने, राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। आज सभी चयन प्रक्रियाएँ मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक प्रदेश के लगभग 27 हजार युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जहां भी पद रिक्त हैं, उन्हें जल्द से जल्द आयोग के माध्यम से भरा जायेगा।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज मेडिकल कॉलेज में 62 प्रतिशत परमानेंट फैकल्टी हैं। भविष्य में ये संख्या और बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का काम 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अगले सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे।

राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 625 बच्चे एमबीबीएस और 256 बच्चे पीजी कर रहे हैं। राज्य में करीब 100 कॉलेज हैं, जिसमें से 14 हजार बच्चे हर साल नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा हाल ही में नियुक्त हुए 3000 नर्सिंग स्टाफ में 100 प्रतिशत लोग उत्तराखंड राज्य के हैं। उन्होंने कहा राज्य में 32 लाख लोगों की निःशुल्क जांच, 350 लोगों को एयर एम्बुलेंस से हाइय सेंटर रेफर किया गया है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, विधायक खजान दास, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मौजूद थे।

विकासनगर में तेज रफ्तार कार की टक्कर से हिमाचल के किसान की मौत, परिवार में छाया मातम

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देहरादून जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. सड़क हादसे में एक और व्यक्ति की मौत हो गई है.

विकासनगर: बल्लूपुर पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को महाराजा होटल के पास कार की टक्कर से हिमाचल प्रदेश के कुल्लू निवासी सलगी राम (68 साल) पुत्र शोभाराम की मौत हो गई. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. घटना के बाद पुलिस ने कार को चौकी में खड़ा करवाया. पुलिस घटना की जांच में जुट गई है.

उपचार के दौरान घायल ने तोड़ा दम: हादसा उस वक्त हुआ जब हिमाचल प्रदेश के दस लोग बल्लूपुर पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर महाराजा होटल मे भोजन करने के बाद बाहर निकले थे. सभी को पांवटा की ओर जाना था, इन लोगों के दो वाहन सड़क के दूसरी और खड़े थे. सड़क पार करने के दौरान देहरादून की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने इनमें से एक व्यक्ति को टक्कर मार दी. घायल व्यक्ति को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल धर्मावाला स्थित स्वामी विवेकानंद भिजवाया गया. डॉक्टरों ने घायल की गम्भीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया. देहरादून स्थित महंत इंद्रेश अस्पताल मे घायल का उपचार चल रहा था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. कोतवाल विकासनगर विनोद गुसाई ने बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

हल्द्वानी: बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण प्रकरण, फैसले से एक दिन पहले पुलिस-प्रशासन ने निकाला फ्लैग मार्च

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हल्द्वानी: बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल अहम फैसला आने वाला है। फैसले से पहले हल्द्वानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। इसी क्रम में पुलिस, प्रशासन और रेलवे पुलिस बल ने आज संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला।

फ्लैग मार्च का नेतृत्व एडीएम विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान और एसपी सिटी मनोज कत्याल ने किया। अधिकारियों ने क्षेत्र में घूमकर हालात का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि—

सुप्रीम कोर्ट में कल फैसला आने को देखते हुए शहर में सुरक्षा पुख्ता कर दी गई है।

सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

लोगों से अपील है कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करें।

कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अराजक तत्वों से सख्ती के साथ निपटने को पुलिस तैयार है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और पुलिस-प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

IMA देहरादून में आर्टिलरी कैडेट्स का सम्मान:13 दिसंबर को पास आउट होंगे कैडेट्स, 80 कैडेट्स को मिला प्रतीक चिह्न

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देहरादून के IMA में गोल्डन की गनर्स ऑफिसर्स मेस में सोमवार को रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के नए जेंटलमैन कैडेट्स के लिए एक विशेष और भावनात्मक रण-सज्जा समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर कैडेट्स को उनकी नई सैन्य जिम्मेदारियों का प्रतीक माने जाने वाले विशेष चिह्न प्रदान किए गए। यह कैडेट्स के सैन्य करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

समारोह में आर्टिलरी रेजिमेंट के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों ने एक-एक कैडेट को प्रतीक चिह्न सौंपे। यह क्षण कैडेट्स के लिए गर्व और भावनात्मकता से भरा रहा, क्योंकि यही पल उन्हें प्रशिक्षु जीवन से अधिकारी बनने की राह पर आगे बढ़ाता है।

मुख्य अतिथि मेजर जनरल राजेंद्र प्रकाश का प्रेरक संबोधन

कार्यक्रम में मेजर जनरल राजेंद्र प्रकाश, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर 157 रेगुलर कोर्स, 140 टीजीसी, 55 एससीओ और 46 टीईएस के कुल 80 कैडेट्स को संबोधित किया। ये सभी कैडेट्स 13 दिसंबर 2025 को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से पास आउट होने वाले हैं।

अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि “सत्यनिष्ठा, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र-समर्पण ही एक सैनिक की वास्तविक पहचान है।” उन्होंने कैडेट्स को भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने और टीम भावना को सर्वोपरि रखने की सलाह दी।

यादगार बना कैडेट्स का दिन

यह रण-सज्जा समारोह हर कैडेट के सैन्य जीवन का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। सभी ने कैडेट्स को उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र सेवा के पथ पर सफलता की शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्र सेवा का संकल्प

आर्टिलरी रेजिमेंट का हिस्सा बनने जा रहे इन नए कैडेट्स ने देश की रक्षा में योगदान देने की शपथ दोहराई। कार्यक्रम का पूरा माहौल गौरव, देशभक्ति और सैन्य अनुशासन की भावना से ओतप्रोत रहा।

समारोह की मुख्य झलकियां

  • 80 कैडेट्स को आर्टिलरी रेजिमेंट के प्रतीक चिह्न प्रदान किए गए।
  • पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कैडेट्स को किया सम्मानित।
  • कैडेट्स 13 दिसंबर को IMA से होंगे पास आउट।
  • समारोह में देशभक्ति और अनुशासन की अद्वितीय झलक देखने को मिली।

मोबाइल एप परिचय के बाद युवती ने साथियों संग युवक पर जबरन शादी का बनाया दबाव, तीन पर मुकदमा

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मोबाइल एप के जरिए हुए परिचय के बाद एक युवती ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक युवक पर जबरन शादी का दबाव बनाया और इंकार करने पर युवक व उसकी मां को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी युवती सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

कोतवाली रुड़की क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनका बेटा लखनऊ में एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। काम के दौरान उसकी मुलाकात मोबाइल एप के माध्यम से एक युवती से हुई और दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत होने लगी। इसी दौरान शादी की बात भी हो गई।

पीड़िता के अनुसार, बाद में युवक को पता चला कि युवती पहले ही धर्मांतरण कर एक मुस्लिम युवक से शादी कर चुकी है और इस मामले में लखनऊ में मुकदमा भी दर्ज है। यह जानकारी मिलने के बाद युवक ने शादी से इंकार कर दिया।

आरोप है कि इसके बावजूद युवती ने अपने दो साथियों के साथ रुड़की आकर पीड़ित के घर में घुसकर जबरन शादी का दबाव बनाया और मां-बेटे को जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, फोन पर भी लगातार धमकियां दी जा रही हैं।

महिला की तहरीर पर पुलिस ने युवती समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Champawat: मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति में करिश्मा चयनित

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चंपावत: भारत-नेपाल सीमा से सटे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र पासम के जूनियर स्कूल की छात्रा करिश्मा का मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना में चयन हुआ है। संसाधनों की कमी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद करिश्मा ने यह उपलब्धि हासिल की है।

यह क्षेत्र एक समय बालिका शिक्षा के संकट से जूझ रहा था। अब शिक्षकों के प्रयासों से शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है, जिसके परिणाम सामने आ रहे हैं। करिश्मा की सफलता को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विद्यालय के छात्रों को उत्कृष्ट परिणाम दिलाने में शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक नरेश जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। जोशी ने करिश्मा की उपलब्धि को विद्यार्थियों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम बताया।

विद्यालय के शिक्षकों सुभाष चंद्र और कृष्ण कुमार चौबे, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष मोहन सिंह, ग्राम प्रधान चंद्रकांत तिवारी, अभिभावकों और ग्रामवासियों ने करिश्मा को बधाई दी।

मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) मान सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी घनश्याम भट्ट ने भी करिश्मा को बधाई देते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। करिश्मा की यह सफलता कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के प्रति समर्पण और प्रयासों को दर्शाती है।

क्रिसमस और 31st सेलिब्रेशन:नैनीताल और कैंचीधाम आ रहे है तो इस बात का रखे ख्याल,वाहनों का दबाव बढ़ा तो जाएंगे शटल सेवा से

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क्रिसमस और 31st के साथ-साथ नए साल का उत्सव मनाने के लिए हर साल महानगरों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों का रुख करने को तैयार हैं। नैनीताल,भवाली, भीमताल, कैंचीधाम, अल्मोड़ा के लिए सर्वाधिक पर्यटक आते हैं। जिसको देखते हुए यातायात व्यवस्था और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नैनीताल पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। ट्रैफिक प्लान और सुरक्षा की दृष्टिगत नैनीताल पुलिस ने पुलिस मुख्यालय के माध्यम से दूसरे जनपदों से बड़ी मात्रा में पुलिस फोर्स की मांग की है। वही पहाड़ों पर ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्लान तैयार किया है जहां पहाड़ों पर यातायात का दबाव बढ़ने पर बाहर से आने वाले पर्यटकों के गाड़ियों को हल्द्वानी, कालाढूंगी और रामनगर में रोककर अतिरिक्त बनाई गई अस्थाई पार्किंग में पार्क कराएगा। जिसके बाद पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से नैनीताल और कैंची धाम भेजने की योजना तैयार किया है। यही नहीं क्रिसमस और 31st के मौके पर बाहर से आने वाले पर्यटकों की होटल के बुकिंग के दौरान होटल के पास पार्किंग सेवा या उसकी बुकिंग उपलब्ध नहीं होने पर पर्यटकों की गाड़ियों को नैनीताल नहीं जाने दिया जाएगा। एसएसपी नैनीताल डॉ.मंजूनाथ टीसी ने बताया क्रिसमस और 31st के मौके पर ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है जहां टैक्सी यूनियन और होटल एसोसिएशन के साथ भी बैठक हो चुकी है पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक कर ली गई है।नैनीताल में पार्किंग फुल होने की स्थित में पर्यटकों के वाहनों को कालाढूंगी रामनगर और हल्द्वानी बनाए गए अस्थाई पार्किंग में खड़ा किया जाएगा। पुलिस ने पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि क्रिसमस और 31st के मौके पर अनावश्यक ओवरटेकिंग न करें। कोई हुडदंग न करें, शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

शर्मनाक : आंदोलनरत नर्सिंग अभ्यर्थी को पुलिस ने जड़ा थप्पड़, हुआ बवाल

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उत्तराखंड में एक नर्सिंग अभ्यर्थी को पुलिस कांस्टेबल द्वारा थप्पड़ मारे जाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रख रहीं महिलाओं और युवाओं के साथ पुलिस का व्यवहार आक्रामक रहा, जिसके बाद यह मामला प्रदेशभर में गुस्से का कारण बन गया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे सिर्फ अपनी लंबे समय से लंबित नर्सिंग भर्ती की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ जोर-जबर्दस्ती, धक्कामुक्की और हिंसक व्यवहार किया।

युवाओं का सवाल है कि आखिर नौकरी की मांग करना कब से गुनाह बन गया? पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर युवा पहले ही निराश हैं। ऐसे में जब वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हैं, तब उन पर लाठीचार्ज या थप्पड़ जैसे घटनाएं होना कहीं न कहीं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

युवाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस बार-बार अत्यधिक बल प्रयोग कर रही है, और यह वही पुलिस है जो हाल के महीनों में अपने गलत आचरण को लेकर कई बार सुर्खियों में रही है। अभ्यर्थियों ने यह भी पूछा कि किसके इशारे पर बेरोज़गार युवाओं और युवतियों पर हाथ उठाया जा रहा है? क्या सरकार युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यदि राज्य सरकार भर्ती नहीं दे पा रही है, तो कम से कम युवाओं की गरिमा की रक्षा करे। नौकरी मांगना अपराध नहीं है, यह उनका संवैधानिक अधिकार है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकार की छवि पर सीधा पुलिस की कार्य प्रणाली पर असर डालती हैं। युवाओं की आवाज दबाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि असंतोष और गहरा सकता है। अभी तक इस मामले में अधिकारी स्तर पर जांच की मांग की जा रही है, जबकि अभ्यर्थी दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।