Friday, January 23, 2026
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डेढ़ साल से फरार ड्रग डीलर दिल्ली एयरपोर्ट से अरेस्ट, कोरियर से करता था नशे की तस्करी, लुक आउट सर्कुलर था जारी

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देहरादून: थाना प्रेम नगर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में फरार चल रहे 10 हजार के इनामी आरोपी को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली से गिरफ्तार किया. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे. लगातार प्रयासों के दबाव में आरोपी कानूनी सलाह लेने दुबई से दिल्ली पहुंचा था. गिरफ्तार आरोपी के 3 साथी आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. आरोपियों से एक करोड़ से ज्यादा अनुमानित मूल्य की 43 ग्राम एलएसडी और 6 ग्राम स्मैक बरामद की थी. आरोपी कोरियर के माध्यम से नशे का सामान सप्लाई करता था और यूपीआई के माध्यम से पैसों का लेनदेन करता था.

थाना प्रेमनगर की गठित स्पेशल टीम ने 28 अप्रैल 2024 को फन एंड फूड बिधौली के पास से 3 आरोपी रजत भाटिया, क्रिश गिरोठी और शिवम अरोड़ा को 43 ग्राम एलएसडी और 6 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था. पूछताछ में सामने आया था कि हम्माद अली नाम का तस्कर उन्हें एलएसडी और स्मैक कोरियर के माध्यम से उपलब्ध कराता है. साथ ही हम्माद अली को यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजे जाते हैं. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया.

इसके बाद आरोपी हम्माद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार आरोपी के घर, रिश्तेदारों और अन्य सम्भावित स्थानों में दबिश देती रही. लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था. आरोपी की जानकारी जुटाने के बाद सामने आया कि आरोपी हम्माद वर्तमान में दुबई में रह रहा है. पुलिस टीम ने आरोपी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया. साथ ही आरोपी के खिलाफ एसएसपी द्वारा 10 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया.

इसके बाद 15 दिसंबर को थाना प्रेमनगर पुलिस को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जानकारी मिली कि हम्माद अली हवाई अड्डे पर दुबई से उतरा है. जिसे लुक आउट सर्कुलर के तहत हिरासत में लिया गया है. इस पर थाना प्रेमनगर पुलिस ने आरोपी को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया.

थाना प्रेमनगर प्रभारी कुंदन राम ने बताया कि हम्माद अली से पूछताछ में सामने आया कि वह रजत भाटिया, क्रिश गिरोठी और शिवम अरोड़ा का पुराना दोस्त है. जिन्हें वह उनकी मांग के अनुसार एलएसडी और स्मैक कोरियर के माध्यम से उपलब्ध कराता था. जिसकी कीमत वह अपने खाते में यूपीआई के माध्यम से लेता था.

ऋषिकेश में रफ्तार का कहर, खड़े ट्रक से टकराई हाई स्पीड कार, 4 लोगों की मौत

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ऋषिकेश: देहरादून जिले के ऋषिकेश में बीती रात भीषण हादसा हो गया. एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई. इस सड़क हादसे में कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि कार बहुत तेज रफ्तार में थी. हादसे से पहले हरिद्वार की तरफ से आ रही इस कार ने कई वाहनों को ओवरटेक किया था.

ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर मनसा देवी मंदिर के पास रेलवे फाटक है. यहीं सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा था. हरिद्वार की ओर से एक तेज रफ्तार कार आ रही थी. कार चालक शायद अंधेरे में जानवर को बचाने के चक्कर में सड़क किनारे खड़े ट्रक HR 58 A 9751 को नहीं देख पाया. कार जोरदार तरीके से खड़े ट्रक से टकरा गई.

खड़े ट्रक से टकराते ही एक्सयूवी कार UK07 FS 5587 के परखच्चे उड़ गए. कार पिचकर ट्रक के नीचे जा घुसी. जोरदार आवाज में हुए हादसे की का शोर सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों ने तुरंत पुलिस को सड़क हादसे की सूचना दी. सूचना मिलते ही तत्काल ऋषिकेश कोतवाली, श्यामपुर चौकी और आईडीपीएल चौकी से पुलिस बल मौके पर पहुंचा.

बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार में सवार 4 लोग बुरी हालत में थे. उन्हें कार से निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालत ये थी कि पुलिस को कार काटने के लिए कटर मंगवाना पड़ा. कटकर की सहायता से कार सवार लोगों को अलग कर बाहर निकाला जा सका. पुलिस उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले गई. अस्पताल में डॉक्टरों ने चारों लोगों को मृत घोषित कर दिया.

हादसे में मृतकों के नाम

  1. धीरज जायसवाल उम्र 31 वर्ष पुत्र दिनबंधु जायसवाल, निवासी चंद्रेश्वर नगर दुर्गा मंदिर रोड निकट हिमालयन हॉस्पिटल ऋषिकेश, देहरादून
  2. हरिओम पाण्डे उम्र 22 वर्ष पुत्र अरविंद कुमार पाण्डे, निवासी हनुमान मंदिर गुमानीवाला ऋषिकेश जनपद देहरादून
  3. करण प्रसाद उम्र 23 वर्ष पुत्र तुलसी प्रसाद, निवासी लकड़घाट ब्लॉक सी विस्थापित कोतवाली ऋषिकेश जनपद देहरादून
  4. सत्यम कुमार उम्र 20 वर्ष पुत्र मंगल सिंह, निवासी गुज्जर बस्ती गली नंबर 6 घूमने वाला श्यामपुर कोतवाली ऋषिकेश जनपद देहरादून

मंजुल सिंह माजिला क्रिकेट टूर्नामेंट में दून सुपर किंग ने दून चौलंजर्स को हराकर सेमीफाइनल में किया प्रवेश

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देहरादून, 16 दिसंबर। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह माजिला क्रिकेट टूर्नामेंट में खेले गए आज एलिमेंटर मुकाबले में दून सुपर किंग बनाम दून चेलेंजर्स के बीच खेला गया। दून सुपर किंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दून चेलेंजर्स को 8 विकेट से परास्त कर सेमी फाइनल में प्रवेेश किया।


मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर मैच का शुभारंभ किया और पत्रकारों के बीच आयोजित अंतर क्रिकेट मैच में खेल भावना, अनुशासन व टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डाला।

कर्नल कोठियाल ने पत्रकारों द्वारा खेल के प्रति दिखाई गई ऊर्जा और उत्साह की उन्होंने सराहना की।

पहले बल्लेबाजी करते हुए दून चेलेंजर्स 12.5 ओवर में मात्र 55 रन पर सिमट गई। दून चेलेंजर्स के ओपनिंग बल्लेबाज सचिन व अंकित चौधरी ने शुरूआत में बहुत तेजी से स्कोर बनाया। लेकिन बाद के बल्लेबाज जल्दी सिमटने लग गए। दून चेलेंजर्स की ओर से बल्लेबाज अंकित चौधरी ने 15 रन, ठाकुर नेगी ने 11, विकास गुसाईं ने 9 व सचिन ने 7 रन बनाए, महेश पांडेय ने 3, कुलदीप रावत व गौरव गुलेरी ने 2-2 रन व संदीप ने 1 रन बनाए।

दून सुपर किंग के गेंदबाज सोहन परमार व सुरेन्द्र सिंह डसीला ने 3-3 विकेट लिए, दीपक पुरोहित ने 2, मनीष डंगवाल व मातबर सिंह कण्डारी ने 1-1 विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दुन सुपर किंग के बल्लेबाजों ने 8.1 ओवर में 8 विकेट से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
दून सुपर किंग के बल्लेबाज मनीष डंगवाल ने शानदार पारी खेलते हुए 35 रन , सोहन सिंह परमार ने 5 व दीपक पुरोहित ने 3 बनाकर अपनी टीम को विजयी बनाया।

दून चेलेंजर्स के गेंदबाज ठाकुर नेगी ने 2 विकेट लिए।

खेल निर्णायक अनीस अहमद, आयुष नेगी, प्रियांश नेगी ने निभाई। कमेंट्री बाक्स में राजेश बहुगुणा, वीके डोभाल ने निभाई।

इस अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री सुरेन्द्र सिंह डसीला, खेल संयोजक अभय सिंह कैंतुरा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुलोचना पयाल, संप्रेक्षक शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मौ. असद, संदीप बडोला, रमन जायसवाल, दीपक बड़थ्वाल, पूर्व अध्यक्ष अजय राणा, पूर्व महामंत्री गिरिधर शर्मा, वरिष्ठ सदस्य अरूण शर्मा आदि मौजूद रहे।

अभय सिंह कैंतुरा
खेल संयोजक

Big Breaking:-मुख्यमंत्री ने किया ₹ 46.18 करोड की लागत की योजनाओं का अनुमोदन

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मुख्यमंत्री ने किया ₹ 46.18 करोड की लागत की योजनाओं का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीवरेज प्रबंधन से संबंधित ₹ 43.68 करोड लागत की चार योजनाओं का अनुमोदन प्रदान करने के साथ ही रूद्रपुर में नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्य के लिए ₹ 2.50 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पेयजल विभाग के अन्तर्गत सीवरेज के कार्यों हेतु अनुमोदित योजनाओं में हरिद्वार के भगत सिंह कालोनी, हरिपुरकलां में सीवेज सिस्टम योजना (लागत ₹ 11.22 करोड), नैनीताल जिले के अंतर्गत दुर्गा सिटी चौराहा नवाबी रोड से कालाढूंगी रोड तक सीवरेज योजना (लागत ₹ 9.49 करोड),

देहरादून शहर के पथरीयापीर, नीलकंठ विहार, इन्दिरा कालोनी एवं चुक्खुवाला क्षेत्र में सीवर लाईन बिछाने के कार्य (लागत ₹ 13.91 करोड़) और देहरादून जलोत्सरण योजना के अंतर्गत साकेत नगर कालोनी कैनाल रोड के जोन-सी के छूटे हुए क्षेत्र की सीवरेज योजना (लागत ₹ 9.06 करोड़) सम्मिलित हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद ऊधम सिंह नगर के रूद्रपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर के नर्सिंग कॉलेज के अकादमिक ब्लॉक, स्थल विकास के निर्माण हेतु ₹ 2.50 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

अनिल वर्मा को मिला रक्तदान महर्षि उत्तराखंड गौरव सम्मान

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देहरादून 16 दिसंबर। 155 बार रक्तदान करने वाले अनिल वर्मा ‘रक्तदान महर्षि उत्तराखंड गौरव सम्मान–2025’ से सम्मानित

देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस के भव्य वार्षिक राष्ट्रीय महासम्मेलन के दौरान आयोजित सम्मान समारोह में रक्तदान के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले डॉ. अनिल वर्मा को “रक्तदान महर्षि उत्तराखंड गौरव सम्मान–2025” से सम्मानित किया गया। डॉ. वर्मा अब तक 155 बार रक्तदान कर समाज सेवा की मिसाल कायम कर चुके हैं।

सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि ऋतु खंडूड़ी रहीं। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक, सेक्रेटरी जनरल पी.एल.के. मूर्ति तथा विख्यात आर्थोपेडिक एवं स्पाइन सर्जन पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय शामिल रहे।

अतिथियों ने वर्ष 1971 से निरंतर रक्तदान कर रहे डॉ. अनिल वर्मा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है।

इस अवसर पर सांसद नरेश बंसल, रूस से आए प्रतिनिधि माइकल मस्लोव, दाव्यदेंको यूलिया, अन्ना तलालीना, यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत, उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट, पूर्व अध्यक्ष विमल डबराल एवं अमित पोखरियाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अनिल वर्मा जैसे रक्तदाताओं का सम्मान समाज में स्वैच्छिक रक्तदान को नई ऊर्जा और दिशा देता है।

मंत्री रेखा आर्या ने वात्सल्य योजना के तहत 3 करोड़ 9 लाख से अधिक धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को की ट्रांसफर

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महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री ने डीबीटी किया 2 महीने का पैसा किया ट्रांसफर

देहरादून। मंगलवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में 3 करोड़ 9 लाख 72 हजार रुपए की धनराशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गई।

कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत सितंबर 25 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि अक्टूबर में 5177 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 55 लाख 31 हजार रुपए मंगलवार को जारी किए गए हैं। जबकि नवंबर महीने के लिए कुल 5147 लाभार्थियों के 1 करोड़ 54 लाख 41 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।

इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं।

इस अवसर पर विभागीय निदेशक बंसी लाल राणा, भाजपा नेता इंदर रावत, सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन आदि उपस्थित रहे।

ड्राई पोर्ट निर्माण को लेकर महाराज की नेपाल के राजदूत से भेंट

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देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने शारदा नदी (महाकाली नदी) पर बन रहे शारदा बैराज के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने नई दिल्ली में नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा से शिष्टाचार भेंट की इस दौरान उन्होंने भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल समीर जाफरी, अवर सचिव भूपेंद्र सिंह रावत और मिशन के उप प्रमुख डॉ. सुरेंद्र थापा से चर्चा करते हुए भारत नेपाल के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को देखते हुए शारदा नदी (महाकाली नदी) पर बन रहे शारदा बैराज के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बनवास बैराज अपनी आयु पूर्ण कर चुका है इसलिए इसकी रिट्रोफिटिंग की जाए या उसके स्थान पर नया ब्रिज बनाया जाए।

उन्होंने नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा से मुलाकात के दौरान बनबसा स्थित नदी पर ड्राई पोर्ट (Dry port) निर्माण को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि

भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा का दिन है विजय दिवस

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध के सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) इन सभी पाँच कार्यालयों में सरकारी वाहन दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी वीर बलिदानियों को समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से 1971 के युद्ध में राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। आज भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का दिन है, जो हमारे इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ हमारे स्वदेशी हथियार भी किसी से कम नहीं हैं।

इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजा दिया। आज दुश्मन की एक-एक गोली का जवाब गोलों से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों में ही नेस्तनाबूद कर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वीर जवानों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना हो, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि कर सैनिकों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करना हो, या बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना—ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है।

परमवीर चक्र से अलंकृत सैनिक को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की एकमुश्त राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं।

राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गाँव में ‘‘भव्य सैन्य धाम’’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान करीब 4 हज़ार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 248 शहीद सैनिक शामिल थे। करीब 9 हज़ार सैनिक घायल हुए थे। उत्तराखंड के 74 सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जो हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है।

सैनिकों का सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। सैनिकों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल तथा पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ उपस्थित थीं।

केंद्र ने उत्तराखंड सरकार को दी SASCI योजना की दूसरी किस्त, विकास कार्यों को लगेंगे पंख

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देहरादून: डबल इंजन सरकार में उत्तराखंड नई ऊंचाइयों को छू रहा है. तमाम योजनाओं को बढ़ावा दिए जाने से विकास तेजी से हो रहा है. इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड राज्य को विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना 2025-26 के अंतर्गत ₹249.56 करोड़ की दूसरी किस्त जारी कर दी है. यह राशि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की गई है. इस सहायता से राज्य में विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह सहयोग राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग पूंजीगत परियोजनाओं, जैसे सड़क, पुल, शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना, पेयजल, ऊर्जा और अन्य विकास कार्यों में पारदर्शिता, और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण हों और उनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो. उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा.

बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को कुल ₹847.49 करोड़ की सहायता ऋण स्वरूप प्रदान की जा चुकी है. इस वित्तीय सहयोग से राज्य में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और परियोजनाओं को नई गति मिली है, जिससे उत्तराखंड के संतुलित, समावेशी और सतत विकास को मजबूती मिलेगी.

Dehradun: सख्ती…पालतू कुत्ते ने किसी को काटा तो मालिक के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी, लगेगा जुर्माना

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पालतू कुत्ते ने किसी को काटा तो मालिक पर प्राथमिकी दर्ज होगी। साथ ही जुर्माना भी लगेगा। निगम ने श्वान लाइसेंस उपविधि 2025 तैयार की है।

राजधानी में रॉटविलर-पिटबुल के लगातार हमलों के बाद आखिरकार नगर निगम ने कुत्तों को पालने संबंधी नियमावली श्वान लाइसेंस उपविधि 2025 तैयार कर ली है। इसके अनुसार, पालतू कुत्ते ने किसी को काटा तो उसके मालिक के खिलाफ नगर निगम प्राथमिकी दर्ज कराएगा। साथ ही कुत्ता भी जब्त किया जा सकता है। वहीं आक्रामक प्रजाति के कुत्तों के पंजीकरण के लिए दो हजार रुपये शुल्क देना होगा।

पंजीकरण से पूर्व उनका बधियाकरण और टीकाकरण आवश्यक है। इस संबंध में सोमवार को उपविधि का अनंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। अब एक महीने तक दावे और आपत्तियां मांगी गई हैं, जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा। आक्रामक नस्ल के कुत्तों के पंजीकरण में ज्यादा शुल्क के साथ कड़ी शर्तें लगाई गई हैं, जबकि लावारिस कुत्तों को गोद लेने पर पंजीकरण शुल्क माफ किया गया है। रात को पालतू कुत्ता भौंकने, खुले में शौच कराने और बिना पट्टे कुत्ते को सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ने के मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बार-बार शिकायत आने पर मुकदमा दर्ज कराने का प्रावधान है।

बोर्ड बैठक में रखा था मुद्दापार्षदों ने इस मुद्दे को बोर्ड बैठक में रखा था। इसके बाद नगर आयुक्त नमामी बंसल ने इस समस्या पर एक विस्तृत और कठोर उपविधि बनाने के निर्देश दिए थे। इस उपविधि के तहत जिन कुत्तों की उम्र तीन महीने या फिर इससे ज्यादा है, उनका पंजीकरण कराना होगा। यह पंजीकरण एक वर्ष के लिए वैध रहेगा। कुत्ते के पंजीकरण के समय पशु चिकित्सक द्वारा जारी एंटी रेबीज टीकाकरण प्रमाणपत्र और बन्ध्याकरण का प्रमाण (केवल अति आक्रामक) कुत्ते के लिए लाना होगा।

यदि कुत्ते को खुला छोड़ा तो भी जुर्माना लगाया जाएगा। पांच या इससे अधिक कुत्ते पालने पर प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर की श्रेणी में माना जाएगा। यह शेल्टर एक निश्चित क्षेत्र में होगा और यहां पर्यवेक्षण एवं पर्याप्त देखभाल की सुविधा करनी होगी। इसके लिए उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड से प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर की अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही शेल्टर के आस-पास जो घर हैं उनसे एनओसी लेनी भी होगी।

दो श्रेणियों में होगा कुत्तों का पंजीकरण

नई उपविधि के अनुसार, कुत्तों का पंजीकरण दो श्रेणियों में कराया जाएगा। इसके तहत घरेलू नॉन ब्रीडिंग और दूसरी ब्रीडिंग श्रेणी। घरेलू श्रेणी के पशु स्वामी को सामान्य कुत्ते के पंजीकरण के लिए 500 रुपये प्रति कुत्ता शुल्क अदा करना होगा। यदि कुत्ता आक्रामक श्रेणी का है जिसमें पिटबुल, रॉटविलर, डोगो अर्जेटीनो, अमेरिकन बुलडॉग शामिल है, तो पंजीकरण शुल्क दो हजार रुपये रहेगा। इन कुत्तों की एक साल उम्र पूरी होने के बाद उनका एबीसी सर्जरी प्रमाणपत्र लाना होगा। इसके साथ ही एंटी रेबीज वैक्सीन का टीकाकरण का प्रमाणपत्र भी लाना होगा। विदेशी नस्ल के आक्रामक कुत्तों की ब्रीडिंग शहर में पूरी तरह प्रतिबंधित की गई है।

रात को कुत्ता भाैंकने की शिकायत पर भी होगी कार्रवाई

यदि कोई कुत्ता रात को बार-बार भाैंक रहा है और उसका मालिक उसको ऐसा करने से रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं करता है तो उस पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। प्रथम शिकायत पर नोटिस देकर छोड़ दिया जाएगा। यदि दोबारा शिकायत आती है तो संबंधित के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कुत्ते के मालिक द्वारा कुत्ते को मजल पहनाना होगा। मजल एक तरह का मास्क होता है जो कुत्ते को मुंह पर पहनाया जाता है। इससे वह न तो भौंक सकता न ही किसी को काट सकता है।