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नैनीताल ब्रेकिंग: DM का बड़ा एक्शन, 5 अपराधी जिला बदर, गुंडा एक्ट की कार्रवाई

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नैनीताल । जनपद में कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू करते हुए जिला प्रशासन ने विभिन्न आपराधिक मामलों में संलिप्त पांच व्यक्तियों को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत जिला बदर कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित आरोपियों को छह माह की अवधि तक जनपद की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मुखानी क्षेत्र के तपन दास पुत्र विनोद दास के विरुद्ध आईपीसी के तीन तथा आयुध अधिनियम का एक मुकदमा दर्ज है। कालाढूंगी थाना क्षेत्र के गुलजारपुर चकलुवा निवासी राकेश कुमार पुत्र सोबन राम पर एनडीपीएस एक्ट के चार मामले दर्ज हैं।
रामनगर थाना क्षेत्र के शिवलालपुर निवासी योगेश सागर पुत्र छत्रपाल के विरुद्ध आबकारी अधिनियम, आईपीसी, गैंगस्टर एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के तहत विभिन्न अभियोग पंजीकृत हैं।

इसी क्रम में लालकुआं थाना क्षेत्र के जयपुर बीसा निवासी कृपाल सिंह उर्फ सोनू पुत्र राम सिंह तथा धौला बाजपुर क्षेत्र के विजय कुमार आर्य पुत्र मदनलाल के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के पांच-पांच मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस रिपोर्ट एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने इन सभी को गुंडा घोषित करते हुए जनपद से छह माह के लिए निष्कासित करने के आदेश जारी किए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनपद में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

देहरादून: नए एसएसपी ने संभाली कमान, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर फोकस

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देहरादून। देहरादून के नए एसएसपी परमेंद्र डोबाल ने पदभार संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था व महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान रहेगा। कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि दून में ही नही पूरे उत्तराखंड में डेमोक्रेटिक बदलाव हुए हैं। त्रुटिवश या ध्यान न देने के कारण अपराधी किस्म के लोग बच जाते हैं। आने वाले समय में सत्यापन अभियान और बढ़ाया जायगा।

उत्तराखंड में अग्निवीर भर्ती का आगाज़: 4 जिलों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, नई आयु सीमा लागू – पात्रता और प्रक्रिया जानें

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उधमसिंह नगर: भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती 2026 की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। विभिन्न पदों पर कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा (CEE) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। सेना ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताते हुए युवाओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 1 अप्रैल तक आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा (CEE) देशभर के 176 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के लिए पांच विकल्प भरने होंगे, जिनमें से एक केंद्र आवंटित किया जाएगा। आवेदन शुल्क के रूप में 250 रुपये का ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य रखा गया है। केवल प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही आगे की भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
आयु सीमा में बदलाव
इस वर्ष अग्निवीर भर्ती में बड़ा बदलाव करते हुए आयु सीमा को बढ़ा दिया गया है। पहले यह सीमा 17½ से 21 वर्ष थी, जिसे अब बढ़ाकर 17½ से 22 वर्ष कर दिया गया है। आयु सीमा में यह वृद्धि उन युवाओं के लिए राहत लेकर आई है, जो पिछली बार पात्रता से बाहर हो गए थे।
उत्तराखंड के इन जिलों के युवाओं को मौका
अल्मोड़ा स्थित सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत उत्तराखंड के चार जिलों बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के युवा इस भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। इस वर्ष अभ्यर्थियों को एक साथ दो अलग-अलग पदों के लिए आवेदन करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे चयन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पात्रता
अग्निवीर जनरल ड्यूटी के लिए अभ्यर्थी का 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। टेक्निकल, क्लर्क और स्टोर कीपर टेक्निकल पदों के लिए 12वीं कक्षा विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। ट्रेड्समैन पदों के लिए 10वीं और 8वीं पास उम्मीदवार पात्र माने जाएंगे। महिला सैन्य पुलिस और नर्सिंग सहायक पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है।
बोनस अंकों का प्रावधान
भर्ती प्रक्रिया में खेल, एनसीसी और आईटीआई प्रमाणपत्र धारकों को बोनस अंक दिए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के खिलाड़ियों को अलग-अलग अंक प्रदान किए जाएंगे। एनसीसी ‘C’ प्रमाणपत्र धारकों को अधिकतम 20 अंक तक का लाभ मिल सकता है। यह प्रावधान योग्य और प्रशिक्षित युवाओं को अतिरिक्त अवसर देने के उद्देश्य से रखा गया है।
सेना की अपील: दलालों से सावधान रहें
सेना भर्ती कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित है। अभ्यर्थियों को किसी भी दलाल या बिचौलियों के झांसे में न आने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या सेना भर्ती कार्यालय से ही संपर्क करने की अपील की गई है।

देहरादून मर्डर केस: गैंगस्टर विक्रम शर्मा के शूटर हरिद्वार होटल में रुके, वारदात के लिए किराए पर ली स्कूटी-बाइक

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Dehradun Murder Case देहरादून में गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या करने वाला शूटर हरिद्वार में रुके थे। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक नेता के होटल के कमरे के लिए एंट्री करते हुए बदमाश का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वहीं बताया जा रहा है कि बदमाशों ने देहरादून जाने के लिए हरिद्वार से ही स्कूटी और बाइक भी हरिद्वार से ही किराए पर ली थी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हरिद्वार आए और स्कूटी देने के बाद आसानी से फरार भी हो गए। बदमाशों के बारे में पुलिस को अहम सुराग लगे हैं जो झारखंड पुलिस ने साझा किए गए हैं।
Dehradun Murder Case
नामी बदमाश रहा है विक्रम शर्मा
विक्रम शर्मा झारखण्ड में नामी बदमाश रहा है। विक्रम शर्मा का नाम हत्या सहित कई संगीन वारदातों में सामने आया है। पुलिस के मुताबिक झारखण्ड के एक ओर बदमाश अखिलेश सिंह का भी विक्रम शर्मा सहयोगी था। 2017 में भी झारखण्ड पुलिस ने विक्रम शर्मा को देहरादून से गिरफ्तार किया था। विक्रम यहां बाजपुर में स्टोन क्रेशर चला रहा था और खनन के कारोबार से जुड़ा था।
गैंगवार या पुरानी रंजिश हो सकती है कारण
वहीं बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या गैंगवार हो सकती है। एसटीएफ प्रमुख अजय सिंह ने बताया कि विक्रम शर्मा नामी बदमाश रहा है और उसके तार कई गैंग से जुड़े थे। इसलिए गैंगवार या पुरानी रंजिश को हत्या का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इतने मुकदमें थे विक्रम शर्मा पर
2 नवंबर 2007 को साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या
15 मार्च 2008 को साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग
20 मार्च 2008 को साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
16 मई 2008 को साकची में श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग
25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्‌टू झा के कार्यालय पर गोली चली
17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में अपराधी परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल में फायरिंग
28 अगस्त 2008 को साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर फायरिंग
17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग
4 अक्टूबर 2008 को बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या
2008 में बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या

लालकुआं हाईवे पर ट्रक का तांडव, आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त

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लालकुआं। शहर में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खनन सामग्री से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर शहर में घुसा और प्रवेश द्वार से लेकर बाजार क्षेत्र तक आधा दर्जन वाहनों को टक्कर मारता चला गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, हालांकि एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया।
जानकारी के मुताबिक हल्द्वानी की ओर से आ रहा 10 टायरा ट्रक अवंतिका कुंज देवी मंदिर के पास पहुंचते ही आगे चल रहे एक ऑटो से टकरा गया। टक्कर लगने से ऑटो में सवार युवक को हल्की चोटें आईं। इसके बाद भी ट्रक चालक नहीं रुका और वाहन को आगे बढ़ाता रहा।
फ्लाईओवर पर चढ़ते ही ट्रक ने एक स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वाहन का टायर फट गया। इसके बाद हाट बाजार क्षेत्र में ट्रक ने मारुति इग्निस, टाटा नेक्सन और एक बुलेट बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लगातार हो रही टक्करों से सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक नशे की हालत में था। स्थानीय लोगों ने किसी तरह ट्रक को रुकवाया और चालक को नीचे उतार लिया। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
सूचना पर पहुंची लालकुआं कोतवाली पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया और ट्रक को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया।
घटना के बाद शहर में ट्रक चालकों की लापरवाही और नशे में वाहन चलाने को लेकर आक्रोश देखा गया। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

20 आईपीएस के तबादले, नवनीत सिंह भुल्लर को बनाया हरिद्वार का एसएसपी

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देहरादून। उत्तराखंड में 20 आईपीएस के तबादले किए हैं, जिनमें 8 जिलों के एसएसपी भी बदले गए हैं। हरिद्वार, देहरादून, उधमसिंहनगर, पिथौरागढ, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोडा के एसएसपी बदले है।
हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को देहरादून का एसएसपी बनाया है। जबकि एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर को हरिद्वार का एसएसपी बनाया गया है।
चंपावत के एसएसपी अजय गणपति कुम्भार को उधमसिंह नगर का एसएसपी बनाया है। उधमसिंहनगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा को पुलिस अधीक्षक अभिसूचना बनाया है।
अभिसूचना पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय को पुलिस अधीक्षक सीबीसीआईडी बनाया है। पिथौरागढ की एसपी रेखा यादव को चंपावत का एसपी बनाया है। रुद्रप्रयाग के एसपी अभय प्रहालाद कोंडे को पिथौरागढ़ का एसपी बनाया है।
निहारिका तोमर को रुद्रप्रयाग का एसपी बनाया है। जितेंद्र कुमार मेहरा को बागेश्वर का एसपी बनाया है। हरिद्वार में एसपी निशा यादव को हरिद्वार में यातायात और क्राइम की जिम्मेदारी दी गई है।
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह को एसटीएफ का एसएसपी बनाया है। चंद्रशेखर आर घोडके को अल्मोडा का एसएसपी बनाया है। अल्मोडा के एसएसपी देवेंद्र पींचा को 31वीं वाहिनी पीएससी रुद्रपुर का सेनानायक बनाया है
मनोज ठाकुर को कोटद्वार में अपर पुलिस अधीक्षक बनाया है। चंद्रमोहन सिंह को अभिसूचना देहरादून भेजा है।
निहारिका कुकरेती को एसडीआरएफ का पुलिस महानिरीक्षक और प्रल्हाद नारायण मीणा को पुलिस उप महानिरीक्षक सतर्कता मुख्यालय बनाया है। यशवंत सिंह को पीटीसी नरेंद्रनगर का प्रधानाचार्य बनाया है। प्रदीप कुमार राय को सीबीसीआईडी का पुलिस अधीक्षक बनाया है।

उत्तराखंड हादसा: तीनधारा के पास अनियंत्रित वाहन नदी में गिरा

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ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा हुआ है. जहां तीनधारा क्षेत्र में एक पिकअप वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा नदी में जा गिरा. वाहन में 3 लोग सवार बताए जा रहे हैं. फिलहाल, एसडीआरएफ की टीम नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है. साथ ही वाहन चालक और सवारों की जानकारी जुटाई जा रही है.
दरअसल, टिहरी जिला कंट्रोल रूम से एसडीआरएफ यानी राज्य आपदा मोचन बल को सड़क हादसे की सूचना मिली. जिसमें बताया गया कि तीनधारा क्षेत्र में सैनिक होटल के पास एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नदी में गिर गया है.
सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर सावर सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई. घटनास्थल पर पहुंचने पर रेस्क्यू टीम ने देखा कि वाहन नदी में गिर चुका है, लेकिन दिखाई नहीं दे रहा. इसके साथ ही ढालवाला पोस्ट से एसआई दीपक जोशी के नेतृत्व में भी टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई.

उत्तराखंड में आंदोलनकारियों को बड़ा तोहफा: पेंशन में बढ़ोतरी, शहीद परिवारों के लिए भी राहत की घोषणा!

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए विभिन्न श्रेणियों की मासिक पेंशन में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला राज्य निर्माण आंदोलन से जुड़े लोगों के त्याग और बलिदान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। सरकार के इस निर्णय से हजारों आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन तक जेल गए या आंदोलन में घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 कर दी गई है। यह फैसला उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने राज्य निर्माण की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। जेल गए या घायल श्रेणी से अलग अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। इस श्रेणी के आंदोलनकारियों को अब ₹4500 की जगह ₹5500 प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। सरकार का मानना है कि राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले सभी लोगों को समान रूप से सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए।
दिव्यांग और बेडरिडन आंदोलनकारियों के लिए विशेष राहत
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उन आंदोलनकारियों के लिए लिया गया है, जो आंदोलन के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर पूर्ण रूप से शय्याग्रस्त (बेडरिडन) हो गए थे। ऐसे आंदोलनकारियों की विशेष पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह कर दी गई है। सरकार ने यह वृद्धि उनके चिकित्सा, देखभाल और बढ़ते खर्चों को ध्यान में रखते हुए की है, ताकि उन्हें बेहतर जीवनयापन में सहायता मिल सके।
पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी
राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पहले जहां शहीदों के आश्रितों को ₹3000 प्रतिमाह पेंशन मिलती थी, अब इसे बढ़ाकर ₹5500 कर दिया गया है। यह निर्णय शहीदों के परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
बढ़ी हुई पेंशन पर एक नजर
घायल या जेल गए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6000 से बढ़कर ₹7000
अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4500 से बढ़कर ₹5500
दिव्यांग/बेडरिडन आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000 से बढ़कर ₹30,000
शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़कर ₹5500
सीएम धामी ने आंदोलनकारियों के त्याग को किया नमन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य का गठन जिन संघर्षों और बलिदानों की बदौलत संभव हुआ, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेंशन वृद्धि का यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है। सरकार भविष्य में भी उनके सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
धामी सरकार का यह फैसला राज्य आंदोलनकारियों और शहीद परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। पेंशन में वृद्धि से न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के योगदान को पूरी गरिमा और सम्मान के साथ स्वीकार करती है।

विक्रम शर्मा मर्डर केस,झारखंड का था हिस्ट्रीशीटर 50 से ज़्यादा मुकदमे थे दर्ज!

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज सुबह राजपुर रोड पर एक व्यक्ति  की गोली मारकर हत्या कर दी गई और हमलावर बदमाश गोली मारकर मौके से फरार हो गए जिनकी तलाश में पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी कर खोजबीन शुरू कर दी।
आपको बता दे कि मृतक विक्रम शर्मा झारखंड का हिस्टशीटर था।आपको बता दे कि मृतक विक्रम शर्मा मूल रूप से झारखंड का रहने वाला था और उसके ऊपर झारखंड में हत्या और अपहरण के साथ साथ और कई मामलों में पचास से ज़्यादा मुकदमे दर्ज थे और वो झारखंड का हिस्ट्रीशीटर था।
कुख्यात अखिलेश शर्मा का गुरु था विक्रम शर्मा आपको बता दे कि जमशेदपुर झारखंड के कुख्यात अपराधी अखिलेश शर्मा का आपराधिक गुरु था विक्रम शर्मा, जो अखिलेश मार्शल आर्ट सिखाता था और विक्रम ही अखिलेश को अपराध की दुनिया में लाया था और इसके बाद अखिलेश जमशेदपुर का कुख्यात अपराधी बन गया आपको ये भी बता दे कि विक्रम शर्मा को मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट मिला हुआ था।
दस साल तक झारखंड पुलिस से बचता रहा विक्रम सिंह, झारखंड छोड़ देहरादून में बस गया विक्रम शर्मा ने झारखंड में खूब अपराध किए इसके बाद वो झारखंड पुलिस से बचकर उत्तराखंड आकर रहने लगा इसके बाद तकरीबन 10 साल बाद झारखंड पुलिस उसे ढूंढते हुए देहरादून पहुंची और 2017 -18 में उसे गिरफ्तार कर रांची ले गई। जेल से छूटने के बाद विक्रम फ़िर देहरादून में ही आ गया और यहां रियल स्टेट का बड़ा कारोबारी बन गया।
मौत का घटनाक्रम बताया जा रहा है कि तकरीबन सुबह सवा दस बजे आज वो जिम करने सिल्वर सिटी राजपुर रोड पहुंचा था जहां बाइक सवार तीन बदमाश आए और सीढ़ियों पर उसके ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है।

Uttarakhand Breaking : राजपुर रोड पर सिल्वर सिटी के पास युवक की गोली मारकर हत्या! 14 दिन में चौथा मर्डर

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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही हत्याओं ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। महज कुछ दिनों के भीतर कई सनसनीखेज हत्याकांड सामने आए हैं, जिससे शहरवासियों में भय का माहौल है। तिब्बती मार्केट में दिनदहाड़े गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या के बाद अब राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास एक युवक की गोली से हत्या की खबर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
जानकारी के अनुसार, सिल्वर सिटी मॉल में जिम से बाहर निकल रहे युवक विक्रम शर्मा पर अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी। घटना के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सुनियोजित हत्या लग रही है, लेकिन अभी तक हमलावर की पहचान नहीं हो पाई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।
यह घटना देहरादून में पिछले 14 दिनों के भीतर चौथी या इससे अधिक हत्या है। इससे पहले 11 फरवरी को तिब्बती मार्केट (पुलिस मुख्यालय से निकट) में 42 वर्षीय अर्जुन शर्मा (अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक) को दो स्कूटी सवार हमलावरों ने दिनदहाड़े गोली मार दी थी। वह टेनिस खेलकर लौट रहे थे। उनकी मौत दून अस्पताल में हो गई। पुलिस ने जांच में पारिवारिक संपत्ति विवाद (करीब 40-42 करोड़ रुपये की संपत्ति) को मुख्य कारण बताया।
मृतक की पत्नी की शिकायत पर उनकी मां बीना शर्मा सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें दो शूटर राजीव राणा और पंकज राणा शामिल थे। पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों शूटरों को घायल कर गिरफ्तार किया और हथियार बरामद किए। आरोप है कि मां और सहयोगियों ने 12 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई।
इससे पहले 2 फरवरी को मछली बाजार में एक 22 वर्षीय युवती की चाकू से गला काटकर हत्या की गई थी। विकासनगर और ऋषिकेश में भी हाल के दिनों में हत्याएं हुई हैं। हल्द्वानी में भी डबल मर्डर की घटना सामने आई, जहां एक युवक और युवती के शव पत्थर से कुचले हालत में मिले, जिससे पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ता दिख रहा है।
कई मामलों में पीड़ितों या परिजनों ने पहले पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कथित लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। शहरवासी और व्यापारी अब सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस और प्रशासन पर दबाव है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो और शहर में कानून का राज स्थापित किया जाए।