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नैनीताल सांसद अजय भट्ट हो गए नाराज

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नैनीताल सांसद अजय भट्ट हो गए नाराज

सांसद अजय भटट की अध्यक्षता में शुक्रवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न हुई। सांसद ने बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के साथ ही जनपद में बाढ़, जलभराव एवं आपदा राहत कार्यों की जानकारी ली।

बैठक मेंं भटट ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं पर अधिकारी कार्यों को गम्भीरता से लेते हुये त्वरित गति से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा आम जनता के लिए जो भी प्रोजेक्ट बनाये जाते है उनमें जनप्रतिनिधियों को सूचना भी अवश्य दी जाए।

बैठक में सक्षम अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर सांसद भटट ने नाराजगी व्यक्त की और अनुपस्थित अधिकारियों के स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। उन्हांने कहा जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी जनता की समस्याओं संज्ञान ले एवं त्वरित गति से निदान करें। उन्होंने कहा इसी सामंजस्य के लिए जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) का नाम रखा गया है। उन्होंने कहा कुछ अधिकारी कार्यों मे ढिलाई के साथ ही गलत सूचनायें दे रहे है उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।

भटट ने जनपद में जलजीवन मिशन के कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जेजेएम के तहत पाईप लाइन बिछा दी गई लेकिन सडक पर गडडे भरे नही गये है जिससे बडी दुर्घटना हो सकती है। उन्होने कहा पाईप लाईन बिछाने से पूर्व टैंक निर्माण किया जाए। सचिव/जिलाधिकारी वंदना ने अधिशासी अभियंता जलसंस्थान/जलनिगम को शीघ्र अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिये ताकि लोनिवि द्वारा सडक कार्य को पूर्ण किया जा सके। जिस पर अधिशासी अभियंता जेजेएम लालकुआं ने बताया कि 16 सडकों का अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा ईई ने बताया कि हल्द्वानी की 10 सडकां का प्रमाण पत्र तीन दिनों के भीतर दे दिया जायेगा साथ ही जिन स्थानों पर कार्य पूर्ण होगा उन सडकों का भी प्रमाण पत्र ससमय दे दिया जायेगा।

भटट ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय में कैथलैब के निर्माण कार्य में विलम्ब होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्हांने कहा कि कुमाऊं का प्रथम चिकित्यालय है हार्ट सर्जरी के लिए कैथलैब का निर्माण मण्डी समिति द्वारा किया जाना है लेकिन कार्यदायी संस्था मण्डी समिति द्वारा किये गये कार्यां पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यदायी संस्था के द्वारा ससमय कार्य नही किया जा है तो शासन स्तर से कार्यवाही की जायेगी। जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया कि पतलोट डिग्री कालेज का भवन इसी वर्ष बना है लेकिन भवन की छत से पानी आ रहा है जिससे बच्चे को पठन-पाठन में परेशानी हो रही है। जिस पर सचिव/जिलाधिकारी ने डिग्री कालेज मे लीकेज होने की समस्या पर तकनीकी समिति का गठन कर जांच के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में आपदा के दौरान जिन परिवारों में जनहानि हुई उन परिवारों को चैक के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा आपदा के कारण जनपद में जिन क्षेत्रों में भवन, सडक,पेयजल व विद्युत लाईन आदि क्षतिग्रस्त हो गई है आपदा मद से शीघ्र धनराशि आवंटित कर कार्य को पूर्ण किया जा रहा है ताकि आम जनमानस को कोई परेशानी ना हो।

बैठक में सांसद भटट द्वारा दीन दयाल उपाध्याय योजना,प्रधानमंत्री आवास,जल जीवन मिशन,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, समग्र शिक्षा, मिड डे मील,प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, कौशल विकास, प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना, राष्टीय खाद्य सुरक्षा आदि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित आदि योजनाओं के बारे में अधिकारियों से विस्तृत प्रगति रिपोर्ट की जानकारी ली।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, विधायक डा0 मोहन सिह बिष्ट,सरिता आर्या,ब्लाक प्रमुख डा0 हरीश बिष्ट,कमलेश कैडा, रेखा रावत, रवि कन्याल,रूपा देवी, विधायक प्रतिनिधि विकास भगत, जीवन सिंह कार्की, ज्येष्ठ प्रमुख आनंद दरम्वाल,सदस्य दिशा देवेन्द्र सिह बिष्ट के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार पाण्डे, डीएफओ सीएस जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी श्वेता भण्डारी,आरटीओ नन्द किशोर, एसपी सिटी प्रकाश चन्द्र के साथ ही लोनिवि, पीएमजीएसवाई, विद्युत,जलसंस्थान/जल निगम, वन आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून स्कूल छुट्टी पर कैसा रहा पुलिस ट्रैफिक असर

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देहरादून स्कूल छुट्टी पर कैसा रहा पुलिस ट्रैफिक असर

यातायात व्यवस्था का जायजा लेने ग्राउंड जीरो पर उतरे एसएसपी देहरादून #अजय_सिंह_IPS , स्कूलो के समय में किये गये परिवर्तन तथा उससे यातायात व्यवस्था पर पडे प्रभाव का लिया जायजा:

एसएसपी देहरादून द्वारा जारी किये गये आदेश पर परिवर्तित समय के साथ खुले जनपद के 19 बडे स्कूल, 02 स्कूलो द्वारा 02 दिन बाद से समय परिवर्तन लागू करने के सम्बंध में किया था आवेदन:

जनपद के समस्त आलाधिकारी भी ग्राउंड जीरो पर रहे मौजूद:

शहर के क्लस्टर एरिया में स्थित 21 बडे स्कूलों के खुलने व छुट्टी के समय यातायात व्यवस्था पर पडने वाले दबाव के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा उक्त सभी स्कूलों के समय में परिवर्तन कर यातायात के दबाव को कम करने हेतु आदेश जारी किये गये थे, जिसके क्रम में सेंट जोसेफ तथा कान्वेंट स्कूल को छोडकर शेष 19 स्कूलों द्वारा समय सारणी में परिवर्तन करते हुए स्कूलों को संचालित किया गया।

आज दिनांक: 19-07-24 से स्कूलों की समय सारणी में हुए परिवर्तन तथा उससे यातायात व्यवस्था में पडे प्रभाव का आंकलन करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून सहित सभी आला अधिकारी आज ग्राउण्ड जीरों पर मौजूद रहे ।

इस दौरान स्कूलों के खुलने व छुट्टी के समय स्कूलों के आस-पास व मुख्य मार्गों पर यातायात के दबाव का आंकलन करने पर पाया गया कि कुछ स्कूलों द्वारा अपने स्कूलों के बाहर मुख्य मार्गों पर यातायात के संचालन हेतु कोई भी गार्ड नियुक्त नहीं किया गया है तथा कुछ स्कूलों द्वारा जिन गार्डों को नियुक्त किया गया है, उनके द्वारा यातायात प्रबन्धन में कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।

स्कूलों के समय में किये गये परिवर्तन से छुट्टी के समय मुख्य मार्गों राजपुर रोड, नेहरू कालोनी आदि स्थानों पर यातायात का दबाव आम दिनों की तुलना में कम रहा।

स्कूलों के समय में परिवर्तन से मुख्य मार्गों पर यातायात के दबाव में दिखे सकारात्मक सुधार की आम जनमानस तथा अभिभावकों द्वारा सराहना की गई।

आम जन से अनुरोध है कि यातायात सुधार की दिशा में पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों में अपना सहयोग प्रदान करें।

राष्टीय खेलों के आयोजन को लेकर समीक्षा

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राष्टीय खेलों के आयोजन को लेकर समीक्षा

प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ प्रदेश में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के संबंध में समीक्षा की।

खेल मंत्री ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय खेलों के आयोजन हेतु पूर्व में दिये गये निर्देशों की अधिकारियों के साथ आज विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार पहाड़ी जनपदों में भी राष्ट्रीय खेलों के आयोजन हेतु व्यवस्था करने के क्रम में पिथौरागढ़ में बाॅक्सिंग तथा टिहरी झील में वाॅटर स्पोटर््स का आयोजन किये जाने हेतु समीक्षा की गई है तथा इन खेलों के सफल आयोजन हेतु व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं।

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के मद्देनजर किये जाने वाले पीएमयू की टेंडर प्रक्रिया तथा अन्य कार्यों को ससमय पूर्ण करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि जी-20 तथा इन्वेस्टर समिट की तरह ही राष्ट्रीय खेलों का भी सफल आयोजन कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा बरसात को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है कि राज्य में होने वाले राज्य स्तरीय खेलों का आयोजन न कराते हुए राष्ट्रीय खेलों में भाग ले रहे खिलाड़ियों हेतु विशेष कैम्प का आयोजन किया जायेगा जिसमें खिलाड़ी अनुभवी प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

खेल मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में 34 विद्याओं के अलावा करांटे, योगा, मलखम, स्पीड क्लाईम्बिंग आदि स्थानीय खेलों के साथ ही अन्य स्थानीय खेलों का परीक्षण करने तथा उन्हें राष्ट्रीय खेलों में सम्मिलित करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

मंत्री ने आगामी राष्ट्रीय खेल दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों के आयोजन की भी समीक्षा की। उन्होंने उदीयमान खिलाड़ियों के चयन तथा उनको दी जाने वाली धनराशि की भी समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन हेतु विभाग द्वारा आज महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। खेल विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारी संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि भारतीय आॅलम्पिक संघ द्वारा जीटीसीसी का गठन होने के बाद राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तिथि घोषित की जायेगी।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव, खेल विभाग, अमित सिन्हा, अपर सचिव, खेल विभाग, जितेन्द्र कुमार सोनकर तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

संत समाज करेगा सीएम पुष्कर का धन्यवाद

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संत समाज करेगा सीएम पुष्कर का धन्यवाद

धामों के नामों का दुरुपयोग करने पर कड़े कानून बनाये पर मुख्यमंत्री धामी का अभिनंदन करेंगा – संत समाज

संत समाज ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया

कनखल, हरिद्वार स्थित श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की कपिल वाटिका में दिगंबर अखाड़े के सचिव बाबा हठयोगी के साथ महामंडलेश्वर, बैरागी और सन्यासी एवं महंतों नेे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में चारों धामों के नाम का दुरुपयोग रोकने एवं कार्रवाई के लिए कड़े कानून बनाने को लेकर जारी हुए प्रस्ताव पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों, महामंडलेश्वर और महंतों ने बैठक कर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से चारधामों के साथ अन्य ट्रस्ट या समितियों के नाम का कोई दुरुपयोग नहीं कर सकेगा। संतों एवं महंतों ने इस ऐतिहासिक निर्णय पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन करने का निर्णय लिया। इसे लेकर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल को ज्ञापन सौंपा।

श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की कपिल वाटिका में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंडलेश्वर और महंतों की बैठक परिषद के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता महामंडलेश्वर बाबा हठयोगी के नेतृत्व में हुई, बाबा हठयोगी के साथ महामंडलेश्वर एवं महंतों ने कहा कि उत्तराखंड के चारधामों के नाम पर कुछ स्थानों पर कुछ कथित लोग धामों के नाम का प्रयोग कर ट्रस्ट, समिति एवं अन्य संस्थान बनाने का काम कर रहे हैं। जिससे आमजन की धार्मिक भावना आहत हो रही है और असमंजस्य की स्थिति पैदा हो रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के धामों का नाम प्रयोग करने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कानून प्रस्ताव जारी किया है, जोकि अपने में ऐतिहासिक निर्णय है। इस कानून के बनने से धामों के नामों का प्रयोग करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्णय की सराहना करते हुए उन्हें संत समाज की ओर से उनका अभिनंदन करने करने का निर्णय लिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सनातन धर्म के लिए हमेशा समर्पित है और जनता की भावना आहत नहीं होने दी जाएगी, इसके लिए मुख्यमंत्री जी का निर्णय ऐतिहासिक है।

इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानंद, महंत देव गिरी, महंत सूर्यमोहन गिरि, महंत विष्णु दास, महंत रामेंद्र पुरी महाराज, महंत महेश गिरि, महंत विनोद पुरी, महंत प्रेमदास, युवा साधु समाज के महामंत्री महंत रविदेव शास्त्री, महंत प्रमोद दास, महंत सीताराम दास, महंत प्रहलाददास, महंत कन्हैया दास, महंत भगवत भारती, महंत गिरिजानंद महाराज, मंहत सुतिक्षण मुनी, महंत कृष्णानंद पूर्व विधायक संजय गुप्ता एवं उप जिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

हल्द्वानी जू एंड सफारी मास्टर प्लान की जल्द बनेगी डीपीआर

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हल्द्वानी जू एंड सफारी मास्टर प्लान की जल्द बनेगी डीपीआर

मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा और प्रभावी प्रयास किये जाएं। इसके निवारण के लिए सुनियोजित नीति बनाते हुए इस पर गंभीरता से कार्य किया जाए। मानव-वन्यजीव संघर्ष में मृतकों के परिजनों और घायलों को यथाशीघ्र अनुमन्य सहायता उपलब्ध करवाई जाए। जंगलों से लगते जो स्थान बायोफैंसिंग से वंचित रह गए हैं, उन स्थानों को अतिशीघ्र बायोफैंसिंग से आच्छादित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 20 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु चिन्हित हॉट स्पॉट क्षेत्रों में वन कर्मियों की गश्त बढाई जाए एवं वन कर्मियों को पर्याप्त मात्रा में उपकरण कैमरा ट्रैप, एनाईडर, ट्रैक्युलाईज गन आदि दी जाए। साथ ही आधुनिक उपकरण जैसे ड्रोन के माध्यम से भी जंगली जानवरों पर नज़र रखी जाए। जिन प्रभागों में मानव वन्यजीव संघर्ष के ज्यादा मामले आ रहे हैं उन स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में प्रस्तावित जू एंड सफारी के मास्टर प्लान पर जल्द डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजाजी टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत चौरासी कुटिया का अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकास एवं उच्चीकरण अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न नेशनल पार्कों के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए वाइल्डलाइफ आधारित डॉक्यूमेंट्री, फिल्म बनाने के भी निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बर्ड वाचिंग कैंप का आयोजन भी किये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास योजनाओं को नियमों के दायरे में रहकर जल्द पूरा किया जाए, ताकि आमजन को सहूलियत मिल सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि जमरानी बाँध बहुउद्देशीय परियोजना के लिए नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाईफ से स्वीकृति मिल चुकी है। जनपद-पौड़ी गढ़वाल के विकासखण्ड यमकेश्वर में किमसार-भोगपुर मोटर रोड के लिए नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाईफ से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। जिसका निर्माण जल्द किया जाएगा। 9 सालों से लंबित राजाजी टाइगर रिजर्व हेतु टाइगर कंजरवेशन फॉउण्डेशन का गठन कर लिया गया है। राज्य में वन्यजीव प्रबन्धन के समस्त बिन्दुओं को सम्मिलित करते हुये फॉरेस्ट लैण्डस्केप रीस्टोरेशन के 10 वर्षीय प्रस्ताव को तैयार किया जा रहा है। जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 32 करोड़ की धनराशि भारत सरकार से स्वीकृत हो गई है। प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 में आधुनिक उपकरणों के क्रय हेतु वन प्रभागों को 10 करोड़ 50 लाख रूपये की धनराशि आवंटित की गई है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2009 के पश्चात राज्य में वन विश्राम भवनों की दरों को पुनरीक्षित किया गया है। केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा हल्द्वानी जू एण्ड सफारी, हल्द्वानी के मास्टर प्लान को स्वीकृति प्रदान की गयी। प्रदेश में बंदर बंध्याकरण का कार्य मिशन मोड में किया जा रहा है, जिसमें जुलाई 2023 से 31 मार्च 2024 तक 39,398 बंदरों का बंध्याकरण किया चुका है। मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए 05 वन प्रभागों (गढ़वाल, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं नरेन्द्रनगर) के अन्तर्गत “लिविंग विद लैपर्ड“ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की त्वरित रोकथाम के लिये 31 वन प्रभागों के अन्तर्गत 65 त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन किया गया है।

बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, सुरेश सिंह चौहान, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख वन संरक्षक, वन्यजीव डॉ. समीर सिन्हा, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एडीजी ए.पी अंशुमन एवं बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।

⁠डॉ बसन्ती बिष्ट को विदुषी की उपाधि हुई प्राप्त

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⁠डॉ बसन्ती बिष्ट को विदुषी की उपाधि हुई प्राप्त
  • पद्मश्री डॉ बसन्ती बिष्ट को गढ़वाली लोकसंगीत में आकाशवाणी द्वारा टॉप ग्रेड प्रदान किया गया

देहरादून : आकाशवाणी देहरादून की ‘ए’ ग्रेड कलाकार पद्मश्री से सम्मानित डॉ बसन्ती बिष्ट को गढ़वाली लोकसंगीत में आकाशवाणी द्वारा टॉप ग्रेड प्रदान किया गया है। ल्वाणी ग्राम ज़िला चमोली में जन्मी जागर गायिका डॉ बसन्ती बिष्ट ने वर्ष 1996 में आकाशवाणी नजीबाबाद द्वारा आयोजित स्वर परीक्षा में गढ़वाली लोकसगीत में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त किया। उसके पश्चात उन्हें ‘बी हाई’ और वर्ष 2013 में ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया गया।

ज्ञातव्य है कि टॉप ग्रेड आकाशवाणी द्वारा संगीत के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च ग्रेड है। आकाशवाणी की परम्परा के अनुसार अब उन्हें विदुषी की उपाधि प्राप्त हो गई है।

आज दिनांक 19 जुलाई 2024 को आकाशवाणी देहरादून के कार्यालय में कार्यक्रम प्रमुख श्री शिवराम सिंह रावत ने डॉ बसंती बिष्ट को इस आशय का प्रमाण पत्र प्रदान किया।

डॉ बसन्ती बिष्ट को कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 2017 में पद्मश्री से नवाज़ा गया था। इसके अलावा उनके नाम कई पुरस्कार दर्ज़ हैं।

इस अवसर पर सहायक निदेशक (कार्यक्रम) मंजुला नेगी, संगीत अनुभाग प्रमुख अनिल भारती, कार्यक्रम अधिशासी राकेश ढौंडियाल, रॉबिन करमाकर और सुनील सिंह कार्की उपस्थित थे।

नैनीताल सांसद बोले कुमायूं की लाइफ लाइन बनेगा जमरानी बांध

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नैनीताल सांसद बोले कुमायूं की लाइफ लाइन बनेगा जमरानी बांध

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट जमरानी बांध परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान भट्ट ने अधिकारियों को परियोजना संबंधित सभी कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए साथ ही डूब क्षेत्र में आ रहे परिवारों को बांटी गई विभिन्न श्रेणियां में मुआवजा वितरित करने तथा जिन परिवारों की श्रेणी संबंधित आपत्ति यह हैं उनको निस्तारित करने के निर्देश दिए।

शुक्रवार को सांसद भट्ट ने जमरानी बांध परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को लेकर प्रोजेक्ट मैनेजर से लेकर अन्य पदों पर एक्सपर्ट अधिकारियों का चयन हो चुका है। इसके अलावा जमरानी बांध परियोजना की शुरुआती स्थिति में होने वाले कार्यों को शुरू कर दिया गया है। श्री भट्ट ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कई परिवारों को विस्थापित करने के लिए बनाई गई श्रेणियां को लेकर आपत्ति है लिहाजा उनकी सुनवाई जल्द कर उन्हें भी निश्तरित किया जाए। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि भी वितरित करने जल्द शुरू की जाए। पढ़ने बताया कि विस्थापितों की श्रेणियां वार में प्रथम श्रेणी में 213 परिवार द्वितीय श्रेणी में 821 परिवार और तृतीय श्रेणी में 233 आए हैं। इनके विस्थापन के लिए उधम सिंह नगर में पराग फॉर्म और गाड़ियाबाग 300.5 एकड़, हैड़ाखान मंदिर भी पंचायत की 2.5 एकड़ भूमि पर विस्थापित होगा। श्री भट्ट ने कहा कि कई परिवारों ने उनके श्रेणी चयन को लेकर आपत्तियां जताई हैं उनके द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पुनः उनकी आपत्तियों का निस्तारण किया जाए। वर्तमान समय में बांध निर्माण के लिए प्रोजेक्ट कंसलटेंट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सहित अन्य एक्सपर्ट पैनल का चयन भी हो गया है। श्री भट्ट ने कहा कि जल्द उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर दिखाई देगा। जिसका फायदा भाबर और तराई की लाखों की आबादी को पेयजल और सिंचाई के रूप में होगा।

जमरानी बांध बहुउ‌द्देशीय परियोजना की अद्यतन स्थिति

परियोजना की पृष्ठभूमि

  • जमरानी बांध बहुउदृशीयपरियोजना को पहली बार वर्ष 1975 में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार और योजना आयोग द्वारा तकनीकी रूप से रु0 61.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
  • वर्ष 1981 में परियोजना के प्रथम चरण में गोला बैराज का निर्माण, 40.5 किमी लंबी नई नहरों और 244 किमी लंबी नहर नेटवर्क का नवीनीकरण किया गया।
  • जमरानी बांध परियोजना लागत रू0 2584.10 करोड़ की स्वीकृति केन्द्रीय जल आयोग, भारत सरकार तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा दिनांक 11.02.2019 को प्रदान की गई।
  • जमरानी कंक्रीट ग्रेविटी बांध 150.6 मीटर ऊंचाई, 405 मीटर लम्बाई गौला नदी पर मौजूदा गौला बैराज से 10 किमी अपस्ट्रीम जिला नैनीताल, उत्तराखंड में निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। बाँध के जलाषय अथवा झील की लम्बाई 10 कि०मी० एवं लाइव स्टोरेज 142.72 एमसीएम है, जिसका उपयोग पेयजल और सिंचाई के लिए किया जाना है।
  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी द्वारा जमरानी परियोजना के मूल्यांकन के बाद, उत्तराखण्ड राज्य मंत्रिमंडल ने 21 फरवरी 2024 को परियोजना के अवषेष कार्यों हेतु संशोधित लागत रू0 3678.23 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है। इसके अतिरिक्त परियोजना के कार्यों हेतु वर्ष 2024-25 में उत्तराखण्ड वार्षिक बजट में रू0 700 करोड़ का प्राविधान किया गया है।

महत्त्वपूर्ण फायदे

  • हल्द्वानी शहर में सिंचाई, एवं पेयजल परियोजना के प्रमुख घटक हैं।
  • इस परियोजना से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चार जिलों में 57065 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई की जाएगी। यूपी के जिला रामपुर और बरेली को 47607 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सिंचाई का पानी मिलेगा जबकि उत्तराखंड के नैनीताल और यूएस नगर जिलों को 9458 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रदान की जाएगी।
  • परियोजना के लिए पानी और लागत साझा करने के लिए मई 2018 में यूपी और उत्तराखंड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यूपी और उत्तराखंड को क्रमशः 57% और 43% सिंचाई जल प्राप्त होगा। यूपी द्वारा परियोजना लागत पर 594.38 करोड़ रुपये के रूप में साझा की जाने वाली लागत की गणना वर्ष 2015 के मूल्य स्तर पर की गई है।
  • परियोजना से हल्द्वानी शहर को 42.70 एमसीएम या 117 एमएलडी पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। वर्ष 2051 में शहर की अनुमानित जनसंख्या 10.65 लाख के लिए इसका आकलन किया गया है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ

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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ

जनपद देहरादून में एन0एच0एम0 की समीक्षा बैठक के दौरान मा0 उपाध्यक्ष जी ने दिये निर्देश

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ: सुरेश भट्ट

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद उत्तराखण्ड के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने शुक्रवार को जनपद देहरादून में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक की अध्यक्षता करते हुए भट्ट ने जनपद में अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिये। बैठक में जनपद देहरादून के समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधीक्षकों व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में मा0 उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कहा कि समुदाय स्तर पर आयुष्मान कार्ड तथा उसके अंतर्गत मिलने वाले पैकेज व सूचीबद्ध चिकित्सालयों की सूचना का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। आशा कार्यकत्रियां समुदाय स्तर पर मुख्य स्वास्थ्य कार्यकत्री हैं, उनके कार्य से संबंधित इंसेंटिव समय पर निर्गत करें।

उन्होंने कहा कि चिकित्सकों द्वारा जन औषधि केन्द्रों में उपलब्ध दवाओं को बढ़ावा देना चाहिए जो कि जनहित में है। स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा लाभार्थीपरक योजनाओं की जानकारी जनज न तक जानी चाहिए, जिससे कि प्रत्येक व्यक्ति इसका लाभ ले सके। स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों और धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं में समानता होनी चाहिए। लाभार्थियों की संतुष्टि ही सबसे बेहतर आंकड़े हैं।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजय जैन द्वारा सुरेश भट्ट का स्वागत किया गया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन0एच0एम0 डॉ0 निधि रावत ने कार्यक्रमवार सभी योजनओं की प्रगति से संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया। जिला वरिष्ठ क्षय रोग अधिकारी डॉ0 मनोज वर्मा ने निजी चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड में टी0बी0 रोग के इलाज को सम्मिलित करने हेतु अनुरोध किया गया। जिस पर मा0 उपाध्यक्ष द्वारा उक्त सुझाव पर सहमति व्यक्त की गयी।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिसर में पौधारोपण भी किया।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्मिक डॉ0 वंदना सेमवाल, डॉ0 सी0एस0रावत, डॉ0 दिनेश चौहान, डॉ0 के0एस0 भण्डारी, डॉ0 विक्रम तोमर, डॉ0 प्रदीप उनियाल, डॉ0 यतेन्द्र सिंह, डॉ0 घिल्डियाल, डॉ0 पी0एस0 रावत, डॉ0 मोहन डोगरा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक लक्ष्मण सिंह रावत, सिटी अर्बन हेल्थ ऑफिसर राकेश बिष्ट, जिला लेखा प्रबंधक विवेक गुसाईं, जिला सलाहकार एनटीसीपी अर्चना उनियाल सहित समस्त एन0एच0एम0 कर्मियों ने प्रतिभाग किया।

पहला स्टेट बना उत्तराखंड

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पहला स्टेट बना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पारिस्थितिकी को अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए ‘‘उत्तराखण्ड सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक’’ (जी.ई.पी) लॉच किया। जी.ई.पी का शुभारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। उत्तराखण्ड सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक का आंकलन 04 मुख्य घटकों जल, वायु, वन और मृदा के आधार पर किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.ई.पी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक प्रकोष्ठ बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जी.ई.पी लागू होने से ईकोलॉजी और ईकोनॉमी के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होगा। इस सूचकांक के परिणामों के विश्लेषण से भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लक्ष्य निर्धारित करने में मदद मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में और जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रकृति प्रदत्त अनेक प्रकार की वन संपदा है, आवश्यकता है इनके सदुपयोग की। हमें वृक्षारोपण के साथ जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड दुनिया को पर्यावरण के क्षेत्र में दिशा देने का कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में राज्य में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में अमृत सरोवरों की संख्या में तेजी से वृद्धि की जा रही है। जिलाधिकारियों, वन विभाग, सारा और अन्य कार्यदाई संस्थाओं को इनके संरक्षण और जल स्तर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई से 15 अगस्त तक राज्य में बृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 01 लाख 64 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। हरेला पर्व के दिन 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। जनसहभागिता से भी वृक्षारोपण किया जा रहा है।

बैठक में हैस्को संस्था के प्रमुख पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक का प्रस्तुतीकरण करते हुए अवगत कराया गया कि विभिन्न विकासपरक योजनाओं, औद्योगिक प्रक्रियाओं व सरकार द्वारा बनाये गये नियमों इत्यादि के अनुपालन का जो परिणाम है वह सकल रूप से हमारी स्थानीय पर्यावरणीय गुणवत्ता पर देखने को मिलता है। पर्यावरणीय कारकों में हवा, पानी, मिट्टी, जंगल और अन्य कारकों में अगर सुधार हो रहा हो तो जीईपी सूचकांक में वृद्धि देखने को मिलती है। इससे ज्ञात होता है कि हमारा सिस्टम पर्यावरण के अनुकूल है और विकासात्मक गतिविधियों के बावजूद भी यह स्थिर और सुधारात्मक है। यदि हमारी पर्यावरणाय गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है और उसमें कोई गिरावट दिखायी दे रही है या उसमें कोई नकारात्मकता दिखायी दती है तो इससे जीईपी सूचकांक में गिरावट देखने को मिलती है।

इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

कावड़ यात्रा 2024 योगी सरकार फैसले के खिलाफ विपक्ष

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हरिद्वार कावड़ यात्रा 2024 को लेकर 22 जुलाई से दो अगस्त तक चलने वाली सावन पर भोले के भक्तो का हर की पौड़ी पर आगमन शुरू हो गया है भोले की बम करते शिव भक्त भक्ति से सराबोर नगरी में हरिद्वार कावड़ यात्रा में अलग अलग अंदाज में नज़र आने लगे है भीड़ को लेकर उत्तराखंड का पुलिस महकमा अलर्ट नज़र आ रहा है सुरक्षा की पैनी नज़रे हरिद्वार पुलिस बनाएं हुए है सावन में भोले के भक्तो की लाखो में संख्या हरी की नगरी में आती है।

मुख्यमंत्री योगी ने कांवड़ यात्रियों के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूरे यूपी में कांवड़ मार्गों पर खाने पीने की दुकानों पर संचालक मालिक का नाम पहचान लिखना होगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। उधर, इस फैसले का अखिलेश यादव और मायावती ने कड़ा विरोध किया है।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग के दुकानदारों का नाम लिखने का मुजफ्फरनगर पुलिस का फरमान गलत परंपरा है। यह सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ सकता है। जनहित में प्रदेश सरकार को इस आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए। बसपा सुप्रीमो ने बृहस्पतिवार को एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि पश्चिमी यूपी व मुजफ्फरनगर के कांवड़ यात्रा रूट में पड़ने वाले सभी होटल, ढाबा, ठेला आदि के दुकानदारों को मालिक का पूरा नाम प्रमुखता से प्रदर्शित करने का नया सरकारी आदेश गलत परंपरा है।