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केदारघाटी में रेस्क्यू मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य

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केदारघाटी में रेस्क्यू मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान का प्रथम चरण पूरा हो गया है। केदारनाथ में स्वेच्छा से रुके 78 लोगों को एमआई-17 के जरिये रविवार को गुप्तकाशी पहुंचाया गया, जिनमें स्थानीय दुकानदार, साधु-संत, घोड़ा-खच्चर चालक आदि शामिल थे।

इसके साथ ही वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर को विदा कर दिया गया है। अब कहीं भी कोई यात्री नीचे आने के लिए शेष नहीं बचा है। स्थानीय लोग जिन्हें नीचे आना था, वे सभी लाए जा चुके हैं। केदारनाथ धाम में खाद्य सामग्री तथा अन्य जरूरी सामान तथा रसद सामग्री जो पहुंचाई जानी थी, उन्हें एमआई-17 तथा स्टेट हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर भारतीय वायु सेना का चिनूक हेलीकॉप्टर को केदारनाथ में कुछ भारी मशीनों को पहुंचाने के लिए अभी रोका गया है। जैसे ही मौसम खुलेगा, बड़ी मशीनों को पहुंचाकर चिनूक को भी रवाना कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री का जताया विशेष आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस रेस्क्यू अभियान में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह का विशेष तौर पर आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा के तुरंत बाद उन्होंने भारत सरकार से यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के लिए वायु सेना की मदद मांगी और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए तुरंत एमआई-17 तथा चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आपदा के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इतने फिक्रमंद थे कि वे स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की अपडेट लेते रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य
केदारघाटी में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के बाद विभिन्न स्थानों से यात्रियों तथा स्थानीय लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए चलाए गए अभियान में सराहनीय योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों का आभार जताया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस रेस्क्यू अभियान में 15 हजार से भी अधिक लोगों का सुरक्षित किया। राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों ने शानदार रणनीति के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया और एक सप्ताह से भी कम समय में यह अभियान संपन्न हो सका।

रविवार को राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों के नाम जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त और विपरीत परिस्थितियों में भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई आदि विभागों ने सराहनीय कार्य कर हजारों लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। मा0 मुख्यमंत्री ने मंदिर समिति के साथ ही व्यापार मंडल, स्थानीय दुकानदारों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए उनका विशेष तौर पर आभार प्रकट किया।

उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव सिंचाई आर राजेश कुमार, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, मीडिया से बेहतर समन्वय के लिए बंशीधर तिवारी एवं उनकी टीम, यूएसडीएमए के एसीइओ आनंद स्वरूप तथा डीआईजी राजकुमार नेगी, भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शैलेश कुमार एवं उनकी टीम, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सौरभ गहरवार एवं उनकी टीम, एसपी श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे एवं उनकी टीम, एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश दराल एवं उनकी टीम, आईजी एसडीआरएफ श्रीमती ऋद्धिम अग्रवाल, कमांडेंट मणिकांत मिश्रा एवं उनकी टीम, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेंद्र सिंह एवं उनकी टीम, एसडीएम आशीष घिल्डियाल एवं उनकी टीम तथा विभिन्न रेखीय विभाग एवं उनके अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा दिए गए योगदान की सराहना की है।

मुख्यमंत्री ने की पल-पल की निगरानी
पूरे रेस्क्यू अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पल-पल की निगरानी की। 01 अगस्त को मुख्यमंत्री ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर हालात का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भारत सरकार से रेस्क्यू करने के लिए वायु सेना की मदद प्रदान करने का अनुरोध किया तो भारत सरकार ने तुरंत एक एमआई-17 तथा एक चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव लोक निर्माण विभाग तथा सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वहीं कैंप किया।

मुख्यमंत्री ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात की समीक्षा की और युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। सरकार की प्राथमिकता है कि केदारघाटी में जल्द से जल्द हालात सामान्य हों।

युद्धस्तर पर चल रहा कार्य, 25 मार्ग हुए बहाल
केदारनाथ पैदल मार्ग में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते क्षतिग्रस्त अधिकांश रास्तों को पैदल चलने योग्य बना दिया गया है। विभिन्न स्थानों पर 29 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें से 25 रास्तों को यात्रियों के पैदल आवागमन के लिए सुचारु कर दिया गया है। शेष मार्गों को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन्हें भी जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं ताकि जल्द से जल्द पैदल मार्ग से भी चारधाम यात्रा शुरू की जा सके।

भीमबली में भूस्खलन से जान-माल का नुकसान नहीं
भीमबली में हेलीपैड के पास रविवार को हुए भूस्खलन से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस स्थान पर पहले से पत्थर गिर रहे थे, एहतियातन वहां से लोगों को पहले ही हटा दिया गया था। समय रहते वहां से लोगों को हटाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। भूस्खलन के कारण नदी के एक हिस्से में पानी एकत्र हुआ था, जिसे हटाने के लिए कार्रवाई गतिमान है।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की बड़ी घोषणा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक संगठन द्वारा रविवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट गढ़ीकैंट देहरादून में आयोजित आभार एवं संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पूर्व सैनिक संगठन के अधिकारियों एवं सैनिकों के साथ वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्य में शहीद सैनिकों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये किये जाने बात कही

शहीद सैनिक के परिवारजनों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को 02 साल से बढ़ाकर 05 वर्ष किये जाने, शहीदों के आश्रितों को जिलाधिकारी कार्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के अलावा अन्य विभागों में भी इन पदों पर भी नियुक्ति प्रदान करने के साथ ही सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति अवकाश प्रदान किये जाने की घोषणा के प्रति उनका आभार व्यक्त कर मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक हिमालय के प्रहरी तथा पर्यावरण के संरक्षक भी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘एक पेड मां के नाम’ अभियान की सफलता में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए मसूरी में सैनिक विश्राम बनाये जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री का तथा मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले सेना एवं अर्द्धसैन्य बलों के जवानों के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी जा रही है। अभी तक 17 सैनिक आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी गई है।

उत्तराखण्ड एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वीरता पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों को एकमुश्त वार्षिक राशि का जीवन पर्यन्त भुगतान किया जाता है। विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों की एकमुश्त राशि बढ़ाई गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं युद्ध विधवाओं को प्रतिमाह दिये जाने वाले अनुदान को 08 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेना ने हमेशा अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है। हमारी सेना के शौर्य एवं पराक्रम का इतिहास है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखण्ड से प्रत्येक परिवार सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। उत्तराखण्ड के सैनिकों एवं सैन्य परिवारों द्वारा दिये गये योगदान को शब्दों से बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का भी लोकार्पण किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। होली, दीपावली और कोई विशिष्ट दिन हो तो सेना के बीच में जाकर उनके साथ मनाते हैं। उनके नेतृत्व में सेना के मनोबल बढ़ाने का कार्य हो रहा है। वन रैंक वन पेंशन से सैनिकों का मनोगल बढा है।

हमें अपनी भारतीय सेना पर गर्व है, जिनकी वजह से देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। हम राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में सामिल करने के लिये प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान मिला है। इसे बनाये रखना हमारे लिए चुनौती भी है, जिन इन्डीकेटर पर राज्य को और सुधार की आवश्यकता है, उनको भी बेहतर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बांगलादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की घटना को दुःखद बताते हुए कहा कि ऐसे समय पर हमारे देश के कई लोग जाति पति के बंधन में उलझे हैं। जबकि यह समय हमारे लिये सामुहिक रूप से इस विषय पर चिन्तन करने का है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में होने वाली घटनाओं पर कैंडल मार्च निकालने वाले भी इस घटना के प्रति अनजान बने है। उन्होंने कहा कि यह समय आपसी एकता का है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से राष्ट्र जागरण के कार्य में भी सहयोगी बनने को कहा।  

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध की अनुदान राशि, विशिष्ट सेना मेडल अवार्ड राशि में बढ़ोतरी तथा वीरता पदक पुरस्कार की एक मुश्त अनुदान राशि में भी कई गुना बढ़ोतरी की गई है।

इस अवसर पर जे. ओ. सी. एब एरिया मे.ज. प्रेम राज, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, अध्यक्ष उपनल ब्रिगेडियर जे. एस. बिष्ट सहित बड़ी संख्या में सेना एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिक तथा वीरांगनायें उपस्थित थी।

केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान आई-17 विदा, चिनूक कुछ समय रहेगा

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केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान का प्रथम चरण पूरा हो गया है। केदारनाथ में स्वेच्छा से रुके 78 लोगों को एमआई-17 के जरिये रविवार को गुप्तकाशी पहुंचाया गया, जिनमें स्थानीय दुकानदार, साधु-संत, घोड़ा-खच्चर चालक आदि शामिल थे इसके साथ ही वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर को विदा कर दिया गया है।

अब कहीं भी कोई यात्री नीचे आने के लिए शेष नहीं बचा है। स्थानीय लोग जिन्हें नीचे आना था, वे सभी लाए जा चुके हैं। केदारनाथ धाम में खाद्य सामग्री तथा अन्य जरूरी सामान तथा रसद सामग्री जो पहुंचाई जानी थी, उन्हें एमआई-17 तथा स्टेट हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर भारतीय वायु सेना का चिनूक हेलीकॉप्टर को केदारनाथ में कुछ भारी मशीनों को पहुंचाने के लिए अभी रोका गया है। जैसे ही मौसम खुलेगा, बड़ी मशीनों को पहुंचाकर चिनूक को भी रवाना कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री का जताया विशेष आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस रेस्क्यू अभियान में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह का विशेष तौर पर आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा के तुरंत बाद उन्होंने भारत सरकार से यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के लिए वायु सेना की मदद मांगी और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए तुरंत एमआई-17 तथा चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आपदा के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इतने फिक्रमंद थे कि वे स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की अपडेट लेते रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा-विपरीत परिस्थितियों में किया सराहनीय कार्य
केदारघाटी में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के बाद विभिन्न स्थानों से यात्रियों तथा स्थानीय लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए चलाए गए अभियान में सराहनीय योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों का आभार जताया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस रेस्क्यू अभियान में 15 हजार से भी अधिक लोगों का सुरक्षित किया। राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों ने शानदार रणनीति के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया और एक सप्ताह से भी कम समय में यह अभियान संपन्न हो सका।

रविवार को राहत और बचाव कार्यों में लगी विभिन्न एजेंसियों के नाम जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त और विपरीत परिस्थितियों में भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई आदि विभागों ने सराहनीय कार्य कर हजारों लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। मा0 मुख्यमंत्री ने मंदिर समिति के साथ ही व्यापार मंडल, स्थानीय दुकानदारों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए उनका विशेष तौर पर आभार प्रकट किया।

उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, सचिव सिंचाई आर राजेश कुमार, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, मीडिया से बेहतर समन्वय के लिए बंशीधर तिवारी एवं उनकी टीम, यूएसडीएमए के एसीइओ आनंद स्वरूप तथा डीआईजी राजकुमार नेगी, भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शैलेश कुमार एवं उनकी टीम, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सौरभ गहरवार एवं उनकी टीम, एसपी श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे एवं उनकी टीम, एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश दराल एवं उनकी टीम, आईजी एसडीआरएफ श्रीमती ऋद्धिम अग्रवाल, कमांडेंट मणिकांत मिश्रा एवं उनकी टीम, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेंद्र सिंह एवं उनकी टीम, एसडीएम आशीष घिल्डियाल एवं उनकी टीम तथा विभिन्न रेखीय विभाग एवं उनके अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा दिए गए योगदान की सराहना की है।

मुख्यमंत्री ने की पल-पल की निगरानी
पूरे रेस्क्यू अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पल-पल की निगरानी की। 01 अगस्त को मुख्यमंत्री ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर हालात का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भारत सरकार से रेस्क्यू करने के लिए वायु सेना की मदद प्रदान करने का अनुरोध किया तो भारत सरकार ने तुरंत एक एमआई-17 तथा एक चिनूक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव लोक निर्माण विभाग तथा सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वहीं कैंप किया।

मुख्यमंत्री ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात की समीक्षा की और युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। सरकार की प्राथमिकता है कि केदारघाटी में जल्द से जल्द हालात सामान्य हों।

युद्धस्तर पर चल रहा कार्य, 25 मार्ग हुए बहाल
केदारनाथ पैदल मार्ग में 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते क्षतिग्रस्त अधिकांश रास्तों को पैदल चलने योग्य बना दिया गया है। विभिन्न स्थानों पर 29 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें से 25 रास्तों को यात्रियों के पैदल आवागमन के लिए सुचारु कर दिया गया है। शेष मार्गों को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन्हें भी जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए हैं ताकि जल्द से जल्द पैदल मार्ग से भी चारधाम यात्रा शुरू की जा सके।

भीमबली में भूस्खलन से जान-माल का नुकसान नहीं
भीमबली में हेलीपैड के पास रविवार को हुए भूस्खलन से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस स्थान पर पहले से पत्थर गिर रहे थे, एहतियातन वहां से लोगों को पहले ही हटा दिया गया था। समय रहते वहां से लोगों को हटाने से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। भूस्खलन के कारण नदी के एक हिस्से में पानी एकत्र हुआ था, जिसे हटाने के लिए कार्रवाई गतिमान है।

शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग की खुली पोल

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हल्द्वानी उत्तराखंड में शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग हमेशा सुर्खियों में रहती है कई मामलो में विभाग ने कारवाही भी की है लेकिन इसके बाद भी ओवर रेटिंग खत्म नहीं होती देहरादून से लेकर हर ज़िले में शराब की ओवर रेटिंग कोई नई बात नहीं विभाग ने रेट लिस्ट के साथ दुकानदारों को अपनी दुकानों पर इसको लगाए जाने के फरमान तो जारी किये लेकिन सभी जगह ऐसा होता नज़र नहीं आया है।

कुमायु मंडल का मुख्य नगर हल्द्वानी अचानक अफसरों के छापो से चर्चा में बन गया ओवर रेटिंग की मिल रही शिकायतों पर जिला अधिकारी के निर्देश पर कारवाही को अंजाम दिया गया कुछ दुकानदारों पर कारवाही को अंजाम दिया गया तो कुछ में हड़कंप साफ तोर से देखा गया।

क़ानूनी रूप से ओवर रेटिंग किसी भी उपभोक्ता से नहीं ली जा सकती लेकिन उत्तराखंड में शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग खुल्ले आम होती है सर्किल आबकारी इंस्पेक्टर तक ऐसी ओवर रेटिंग से अनजान बने रहते है जिसका नतीजा ये रहता है हर दूसरा शराब खरीदार ओवर रेटिंग को लेकर अफसरों से लेकर सरकार तक अपनी बात नहीं पंहुचा पाता।

उत्तराखंड में शराब से राज्य सरकार को हर साल अरबो रूपए का राजस्व मिलता है राज्य सरकार के लिए शराब कारोबार एक बड़ा राजस्व देता है लेकिन सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए ऐसे अफसर जिनके पास आबकारी जैसे महकमे है उनको समय समय पर ओवर रेटिंग को लेकर छापा अभियान से लेकर हर दुकान पर रेट लिस्ट को लगाया जाना अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि ऐसी नौबत या सवाल ही ओवर रेटिंग को लेकर नहीं ऊठे ।

सिटी मजिस्ट्रेट AP बाजपेई ने आबकारी निरीक्षक धीरेंद्र सिंह बिष्ट के साथ ओवर रेटिंग की शिकायत पर विभिन्न देशी और विदेशी शराब की दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान तीन दुकानों में ओवर रेटिंग पाई गई तथा कई दुकानों में सीसीटीवी कैमरा सहित अन्य खामियां मिली।

शनिवार की शाम को सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई ने आबकारी विभाग की टीम सहित रामपुर रोड, कालाढुंगी रोड में लोहारियासाल, कुसुमखेड़ा और ब्लॉक के पास विभिन्न देशी और विदेशी मदिरा की दुकानों में छापेमारी की। इस दौरान लोहारिया साल में देशी शराब एवं कुसुमखेड़ा तथा ब्लॉक के समीप विदेशी शराब की दुकान में बियर की बिक्री में ओवर रेटिंग पाई गई। इसी प्रकार देशी मदिरा की दुकान में भी ओवर रेटिंग पाई गई। साथ ही तीनो शराब की दुकानों में स्टॉक रजिस्टर अनुरक्षित नहीं पाए गए। इसके अलावा रामपुर रोड में छापेमारी के दौरान देशी शराब की दुकान में सब कुछ ठीक मिला।

सिटी मजिस्ट्रेट AP बाजपेई ने बताया कि ओवर रेटिंग में 50-50 हजार का जुर्माना तथा स्टॉक रजिस्टर मेंटेन न करने पर भी जुर्माने की कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी को आख्या भेजी जाएगी।ओवर रेटिंग के खिलाफ छापेमारी का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस दौरान छापेमारी अभियान में आबकारी निरीक्षक धीरेंद्र सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।

प्रदेश में मुख्यमंत्री ने प्रदान की वित्तीय स्वीकृतियां

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योजनाओं में नवाचार पर ध्यान दें अधिकारी: सीएम

देहरादून उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कई ज़िलों में विकास कार्यो को लेकर सहमति देते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न वित्तीय स्वीकृतियां की प्रदान की है उत्तराखंड में धामी सरकार ने किस किस ज़िले में क्या क्या वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाबार्ड के अंतर्गत जनपद देहरादून के रायपुर विकासखण्ड के भोपालपानी में क्षतिग्रस्त कड़ाई खाला गूल का जीर्णोद्धार, थानों मुख्य नहर के हैड व कुलावों की मरम्मत/पुननिर्माण कार्य हेतु 488.40 लाख की स्वीकृति एवं विधानसभा क्षेत्र विकासनगर के विकासखण्ड सहसपुर में ग्राम छरबा जंगलात चौकी वार्ड नं०-15 में 01 नवीन नलकूप ¼Sprinkler Irrigation System½ के निर्माण हेतु 156.57 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

’नाबार्ड मद के अन्तर्गत जनपद पौडी गढ़वाल के विकासखण्ड दुगड्डा के कोटद्वार क्षेत्रान्तर्गत दांयी खो नहर के पुनरोद्धार/जीर्णोद्वार के कार्य हेतु 463.16 लाख की स्वीकृति, विकासखण्ड पौडी के ग्राम ल्वाली में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण हेतु 175.54 लाख की योजना की स्वीकृति, एवं विकासखण्ड थलीसैंण के ग्राम पैठानी में लिपट सिंचाई योजना के निर्माण हेतु 126.68 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

’जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड पोखड़ा के ग्राम किमगड़ी में दतगाड़ नाले से भू-कटाव रोधी योजना के लिए मुख्यमंत्री ने 452.26 लाख रुपये का अनुमोदन प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त एकेश्वर के अंतर्गत ग्राम कोटा में कोटा नाले से भू-कटाव रोधी योजना के लिए 107.70 लाख रुपये एवं एकेश्वर में ही बगड़सेरा तोक की पश्चिमी न्यार नदी से भूकटावरोधी योजना के लिए 196.43 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

’नाबार्ड मद के अन्तर्गत जनपद अल्मोडा के विकासखण्ड चौखुटिया में स्प्रिंकलर आधारित 01 संख्या भेल्ट लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण की परियोजना हेतु 100.49 लाख की स्वीकृति एवं विकासखण्ड द्वाराहाट की छाना नहर के जीर्णोद्धार की परियोजना हेतु 217.31 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

’नाबार्ड मद के अन्तर्गत जनपद चमोली के विकासखण्ड पोखरी में 12 पर्वतीय नहरों के पुनरोद्धार हेतु ₹ 254.62 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

’नाबार्ड मद के अन्तर्गत जनपद ऊधमसिंहनगर के विकासखण्ड रुद्रपुर की किच्छा नहर के लाइनिंग कार्य हेतु ₹ 180.81 लाख की स्वीकृति, विकासखंड रुद्रपुर की सिरसा नहर के लाइनिंग का कार्य हेतु ₹ 137.10 लाख की स्वीकृति, तहसील सितारगंज में उत्तर प्रदेश राज्य से प्राप्त सिसैया नहर के आधुनिकीकरण एवं पुनरोद्धार के कार्य हेतु ₹ 290 लाख की स्वीकृति, तहसील खटीमा में चन्देली माईनर के आधुनिकीकरण एवं पुनरोद्धार की योजना हेतु ₹ 212.51 लाख की स्वीकृति, एवं तहसील खटीमा में नहर सं०- 03. 03ए. 03बी के पुनरोद्धार की योजना हेतु ₹ 162.58 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

’जनपद उधमसिंहनगर के नगर निगम काशीपुर में ढेला नदी से ट्रेंचिंग ग्राउंड एवं मानपुर सैनी फार्म कॉलोनी, सिल्वर सिटी कालोनी आदि की आबादी को बाढ़ से बचाव के लिए मुख्यमंत्री ने 488.0 लाख के कार्यों को अपना अनुमोदन प्रदान किया है।

’नाबार्ड मद के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड जखोली में अवस्थित लस्तर मुख्य नहर एवं क्षतिग्रस्त 8 कि०मी० ऑफ सूटों के पुनरोद्धार तथा HDPE पाइप द्वारा 10.214 कि०मी० नए आफ सूटों के निर्माण हेतु ₹ 761.33 लाख की स्वीकृति एवं विकासखण्ड जखोली के अंतर्गत तैला. सुमाड़ी, तुमेटा तथा सिरवाडी में 04 सं० लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण हेतु 500.38 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

’जनपद नैनीताल के भीमताल में राज्य योजना के अंतर्गत ढाई किमी लंबे भीमताल बाईपास मोटर मार्ग के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 795.69 लाख की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।

’सीएम घोषणा के अनुपालन में जनपद हरिद्वार अंतर्गत हरिद्वार(शहरी)विधानसभा में कुल 50 हैंडपंपों के अधिष्ठापन के लिए मुख्यमंत्री ने 274.60 लाख रुपये की धनराशि को अनुमोदन प्रदान किया है।

अच्छे करदाता व्यापारियों को सम्मानित करेगी सरकार

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वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा, ईमानदारी से टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे अच्छे करदाता व्यापारियों को प्रदेश सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा। व्यापारियों के सहयोग से उत्तराखंड जीएसटी संग्रहण में देश में दूसरे स्थान पर है। जुलाई 2024 में 815 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रहण किया गया, जो बीते वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है।

वित्त मंत्री ने कहा, बिल लाओ इनाम पाओ योजना 31 मार्च 2024 को समाप्त हो गई है। योजना को लेकर उपभोक्ताओं में काफी उत्साह देखा गया। कहा, जनता की मांग पर योजना को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा गया। कहा, व्यापार में टैक्स संबंधी वादों को खत्म करने, कारोबार को सुगम व सरलीकरण बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

वित्त मंत्री ने कहा, व्यापार में आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रदेश सरकार व्यापारियों से निरंतर संवाद कर रही है। केंद्रीय बजट को लेकर कुछ लोग भ्रांतियां फैला रहे कि आंध्र प्रदेश व बिहार राज्य का बजट है, जबकि बजट को पूरे देश को देखते हुए बनाया जाता है। कार्यशाला में मनीष मिश्रा व अनुपम वर्मा ने जीएसटी प्रावधानों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया।

वित्त मंत्री ने उत्तराखंड में स्थित यूपी के नियंत्रण वाली परिसंपत्तियों को पाने के लिए प्रदेश सरकार नए सिरे से दावा करेगी। इस संबंध में पुनर्गठन विभाग के अफसरों को तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। परिसंपत्ति बंटवारे में एक बार पूर्व में सहमति बन चुकी है, लेकिन राज्य हित में सरकार दोबारा से पहल करने जा रही है।

यूपी के स्वामित्व वाली हरिद्वार की 697 हेक्टेयर भूमि, ऊधमसिंह नगर में 232 हेक्टेयर, चंपावत में 208 हेक्टेयर भूमि पर यूपी का नियंत्रण है। राज्य के भीतर की संपत्ति पर दूसरे राज्य का स्वामित्व विसंगतिपूर्ण है।

विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री के कार्यक्रम में शामिल होना नगर आयुक्त को पड़ा मंहगा

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पौड़ी बैठक में शामिल न होने पर नाराज हुए जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त के वेतन पर लगाई रोक

कोटद्वार: क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी व कैबिनट मंत्री सौरभ बहुगुणा के कोटद्वार आगमन पर उनके कार्यक्रम में शामिल होना नगर आयुक्त वैभव गुप्ता को महंगा पड़ गया। जिलाधिकारी डा0 आशीष चौहान ने पौड़ी में विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान तहसील में लंबित मामलों को जल्द पूरे करने के आदेश दिए।

वहीं, कोटद्वार नगर निगम के आयुक्त वैभव गुप्ता के पौड़ी बैठक में शामिल न होने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं, जबकि नगर आयुक्त गुप्ता को विधानसभा अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री द्वारा कोटद्वार बैठक में बुलाए जाने पर सहायक नगर आयुक्त पौड़ी जिलाधिकारी की बैठक में मौजूद थे।

गौरतलब है कि शुक्रवार को कोटद्वार में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी और कैबिनेट मंत्री पशुपालन सौरभ बहुगुणा ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम में शिरकत की। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत गूलरझाला क्षेत्र में 256 बीघा में वृहद वृक्षारोपण का कार्यक्रम था, जिसमें नगर आयुक्त वैभव गुप्ता, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, यूपीसीएल व समस्त विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम में बुलाया गया था।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने नगर आयुक्त वैभव गुप्ता से आवारा गौवंशों की बढ़ती समस्या का निस्तारण करने के आदेश भी दिए। विधानसभा अध्यक्ष के कार्यक्रम में शामिल होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर आयुक्त का वेतन रोक दिया।

नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने और अभी तक निगम चुनाव नहीं होने के कारण वर्तमान में जिलाधिकारी डा0 आशीष चौहान नगर निगम के प्रशासक भी हैं, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री के कार्यक्रम में नगर आयुक्त को बुलाएं जाने पर नगर आयुक्त का कार्यक्रम में जाना जरूरी है।

नगर आयुक्त ही नहीं, यदि जिलाधिकारी को बुलाया जाता तो कितनी भी महत्वपूर्ण बैठक होती, जिलाधिकारी को बैठक स्थगित कर विधानसभा अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है।

लोकगायक भूपेन्द्र सिंह बसेड़ा का गीत हर घर तिरंगा लॉच

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देहरादून लोकगायक भूपेन्द्र सिंह बसेड़ा द्वारा अपना स्वरचित गीत ‘‘हर घर तिरंगा’’ आज उनके यू-ट्यूब चैनल Bhupendra Basera पर लॉच किया गया। भारत के राष्ट्रीय ध्वज को केन्द्र में रखकर तैयार किये गये गीत को सोशल मीडिया पर काफी देखा जा रहा है ।

इस गीत में तिरंगे के प्रति सम्मान और आदर प्रकट किया गया है तथा आगामी दिनों में अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराकर ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान को सफल बनाने का अनुरोध किया गया है।

इस गीत का संगीत मशहूर संगीतकार वी0 कैश द्वारा दिया गया है तथा ओम तरोनी, एडवोकेट ललित जोशी एवं अन्य कलाकारों व स्कूली बच्चों द्वारा वीडियो गीत में अभिनय कर देशभक्ति से ओत-प्रोत इस गीत में चार चॉद लगाने का काम किया है।

गीत में सभी से अपने अपने घरों में तिरंगा फहराने, तिरंगे का सम्मान करने तथा इसकी आन-बान और शान को अक्षुण रखने हेतु प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने का अनुरोध भी किया गया है। गीत के बोल और धुन निश्चित ही तुरंत जुबान पर चढ़ रही है और गीत सोशल मीडिया में काफी लोकप्रिय हो रहा है।

कांग्रेस टारगेट में केदारनाथ उपचुनाव बीजेपी भी है तैयार

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देहरादून दिल्ली से बड़ा इनपुट मिला है Rahul Gandhi Uttarakhand Poltics Target Kedarnath जिसमे उत्तराखंड पर कांग्रेस अपने नेताओं को एक सूत्र में बंधे रखने के लिए बड़ा फैसला ले चूकी है सियासत का नया रंग केदारनाथ उपचुनाव और निकाय चुनाव पर केंद्रित है

कांग्रेस उत्तराखंड पर नज़र रखते हुए देश की सियासत पर केदारनाथ उपचुनाव से टारगेट में है। प्रदेश में आगामी केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव और निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सितंबर में उत्तराखंड आ सकते हैं।

15 से 20 सितंबर के बीच में उनका दौरा प्रस्तावित है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी देहरादून में दोनों नेताओं की बड़ी रैली कराने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने बताया, पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी देशभर में अलग-अलग राज्यों का दौरा कर रहे हैं। इसके तहत सितंबर माह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का उत्तराखंड का दौरा प्रस्तावित है।

उत्तराखंड में बीजेपी कैसे कांग्रेस नेताओं की ऊर्जा को काट सकेगी इसको लेकर सियासत दिल्ली में चल रही है बीजेपी के लिए उत्तराखंड में निकाय चुनाव से लेकर केदारनाथ उपचुनाव में भगवा लहराने के लिए काफी जोर की जरुरत आवश्यक है उत्तराखंड सियासत में कुछ नया होने की उम्मीद है खाली पड़े मंत्री पदों को भरकर नए बीजेपी वर्कर्स को जिम्मेदारी देकर बीजेपी ऊर्जा का संचार किये जाने का प्लान बना रही है

ऐसे में एक नेता को बीजेपी सर्वमान्य नेता बनाकर केदारनाथ उपचुनाव का किला भेद सकती है जबकि कांग्रेस में आपसी गुटबाजी के चलते अभी तक हरीश रावत, गणेश गोदियाल, करन मेहरा कैंप में मनमुटाव साफ तरह से झलक रहा है केदारनाथ उपचुनाव तक गहरी होती खाई कितनी पट पायेगी यही जीत का आधार बन सकती है फिलहाल उत्तराखंड में कांग्रेस एक्टिव नज़र आ रही है

गैरसैंण विधानसभा सत्र की तैयारियां शुरू

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गैरसैंण विधानसभा सत्र की तैयारियां शुरू हो गयी है सत्र को लेकर जिला अधिकारी ने मीटिंग लेते हुए अफसरों को समय पर काम पूरा किये जाने के निर्देश दिए है आगमी 21 से 23 अगस्त तक गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में होने वाले मानसून सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने भराडीसैंण में सभी नोडल व वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली।

सत्र की व्यवस्थाओं के लिए नामित सभी नोडल व प्रभारी अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विधानसभा परिसर, वीवीआईपी, वीआईपी व अधिकारियों के आवास व बैरिकेडिंग स्थलों का निरीक्षण भी किया।  

गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में होने वाले मानसून सत्र को लेकर विपक्ष सरकार पर प्रहार को लेकर होम वर्क कर रहा है ऐसे में तीन दिनों तक चलने वाले सत्र में विपक्ष के पास क्या मुद्दे रहेंगे इस पर सरकार भी अपनी तैयारी में जुटी हुई है सत्र को लेकर सडको को गड्ढा मुक्त किया जा रहा है सत्र वाले मार्गो पर साफ सफाई से लेकर जरुरी इंतज़ाम से लेकर सरकारी अफसरों की टीम जुटी हुई है