उत्तराखंड देवभूमि में बाहरी लोगो के आने से हंगामा बरपा जो नगर में काफी चर्चित बना रहा शनिवार को नर्स हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर डिग्री कॉलेज के छात्रों ने जूलूस निकालते हुए निजी अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया इस दौरान उत्तराखंड पुलिस के एक दरोगा की वर्दी तक फाड़ दी गई बावजूद इसके पुलिस एक बड़े हंगामे को आसानी से कंट्रोल किये जाने में कामयाब रही बाद में ज़िले के अधिकारी को उत्तराखंड मुख्यमंत्री के नाम पत्र देकर कारवाही की मांग की
नर्स हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर डिग्री कॉलेज के छात्रों ने जूलूस निकालते हुए निजी अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया और फिर पुलिस कार्यालय पर कूच कर दिया। उन्होंने चार बार पुलिस कार्यालय के भीतर घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनको रोक दिया। इसको लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी झड़प और धक्कामुक्की हो गई।
देवभूमि उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के कई लोगो के शामिल होने का अनुमान लोकल पुलिस को नहीं लग सका जिसके चलते पुलिस फोर्स कम होने के चलते पुलिस ने संयम से काम लेते हुए आंदोलन और हंगामे को आसानी से कंट्रोल किया हंगामे के चलते एक दरोगा की वर्दी फट गई जबकि कईं पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट गिर गई। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद छात्रों ने कलक्ट्रेट में एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच और एसएसपी को हटाने की मांग की।
सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एकत्र छात्र-छात्राओं और मृतका नर्स के परिजनों ने पुलिस कार्यालय के लिए कूच कर दिया। जूलस की शक्ल में छात्रों ने नैनीताल रोड में फुटेला अस्पताल के गेट पर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इसके बाद वे पुलिस कार्यालय की तरफ चल दिए। छात्रों की जूलूस को देखते हुए पुलिस कार्यालय के गेट को बंद कर पुलिसकर्मियों ने बेरिकेडिंग लगा दिए।
इससे गुस्साए छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद बैरिकेडिंग तोड़ते हुए परिसर में घुसने की कोशिश की। जब पुलिस ने उनको रोका तो धक्का मुक्की शुरू कर दी। रूक-रूककर परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। उन्होंने सीबीआई जांच के साथ ही एसएसपी के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी जारी रखी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा, देहरादून में अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘मेधावी छात्र सम्मान’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश भर से आए 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में उत्तीर्ण 108 मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की राज्य के 2871 विद्यालयों में मिड डे मील योजना के तहत बनने वाले भोजन हेतु इन विद्यालयों में दो गैस सिलेण्डर और एक चूल्हा, राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। इस पर लगभग 2 करोड़ 15 लाख का व्यय आयेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी मेधावी विद्यार्थी भविष्य के कर्णधार हैं, जो आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अपनी सर्वाेच्च सेवाएं देंगे। मेधावी छात्र सम्मान जैसे कार्यक्रम छात्रों को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा देश एवं राज्य का भविष्य हमारे युवाओं, विद्यार्थियों के हाथों में है। मेधावी विद्यार्थियों ने प्रतिभा से अपने परिजनों, विद्यालय, शिक्षकों एवं सरकार को भी गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मान के साथ ही सभी विद्यार्थियों ने अपने जीवन में नई शुरुआत की है। उन्होंने कहा विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके परिजनों के साथ ही गांव, जिले, राज्य की भावनाएं और उम्मीदें जुड़ गई हैं। अब परिजनों के साथ ही अपने स्कूल, जिले और राज्य का नाम रोशन करना मेधावी विद्यार्थियों का कर्तव्य और संकल्प होना चाहिए। छात्र छात्रों की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बननी चाहिए। उन्होंने कहा सम्मानित होने वाले कई विद्यार्थी ग्रामीण पृष्ठभूमि एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों से आते हैं, जो कि उनकी मेहनत और लगन का दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 को राज्य में लागू किया गया है। देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूली और उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे, कौशल विकास से युवाओं को कार्यकुशल बनाया जाएगा। बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। शोध और अनुसंधान को भी प्रोत्साहन मिलेगा और वैज्ञानिक सोच का विकास होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, हमारे जीवन का आधार है और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है कि सभी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिले। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छात्रों को उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया है।
स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण, स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण कर बच्चों को बेहतर इंफ्रास्टक्चर देने का प्रयास किया है। साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएँ चलाई जा रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है। सर्वश्रेष्ठ राज्य का सपना छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने से ही पूर्ण होगा।
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। छठवीं से 12वीं कक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है। आगामी सत्र से प्रत्येक ब्लॉक से दो टॉपर छात्र – छात्राओं को भारत दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा बच्चो को किताबें, कपड़े के साथ ही नोटबुक फ्री देने का प्रावधान भी किया गया है। राज्य के किसी भी विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि 3000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने का कार्य गतिमान है। एल.टी के 1500 शिक्षकों को आगामी महीनों में नियुक्तियां दे दी जाएंगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा स्कूलों एवं महाविद्यालय में आने वाली समस्याओं को निरंतर दूर किया जा रहा है। स्कूलों में ई लर्निंग, डिजिटल एवं स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी, जिसके लिए स्वीकृति प्रदान हो चुकी है। इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।
देश आज पहला अंतरिक्ष दिवस मना रहा है। पिछले साल 23 अगस्त के दिन ही भारत ने इतिहास रचा था। भारत, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना था। भारत के इस उपलब्धि की दुनिया में चर्चा रही। इसरो ने सुरक्षित रूप से चंद्रयान-3 को चंद्रमा की सतह पर उतारा था। मिशन के उद्देश्यों में चंद्र सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग करना, रोवर को चंद्रमा पर भ्रमण कराना और सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करना शामिल था। इसके अनुरूप मिशन ने सतह पर कई परीक्षण किए जो हमारी वैज्ञानिक क्षमता के विकास में सहायक होंगे। इसके अलावा, भविष्य में होने वाले चंद्र मिशनों को भी काफी मदद मिलेगी।
यह दिवस पिछले साल अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को मिली अभूतपूर्व सफलता के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। इसरो के चंद्रयान-3 मिशन ने 23 अगस्त, 2023 को चांद की सतह पर विक्रम लैंडर की सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग पूरी की। इसके साथ ही भारत चांद पर उतरने वाला चौथा देश बन गया और चांद के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बन गया। सॉफ्ट लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर की सफल तैनाती की गई। लैंडिंग साइट का नाम ‘शिव शक्ति’ पॉइंट रखा गया और 23 अगस्त को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ घोषित किया गया। भारत अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त, 2024 को मना रहा है। पहले अंतरिक्ष दिवस का विषय ‘चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा’ रखा गया है।
इस अवसर पर अंतरिक्ष से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अंतरिक्ष में भारत की उल्लेखनीय उपलब्धियों, लोगों को होने वाले लाभ और सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ने के असीम अवसरों को उजागर किया जा सका। ये समारोह 23 अगस्त को नई दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम के साथ समाप्त होंगे।
विधानसभा मानसून सत्र के दौरान प्राकृतिक आपदा के मुद्दे पर सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष को बोलने के लिए जो समय मिला था, उसमें बोलने का अवसर न मिलने पर विपक्ष के विधायक हरीश धामी ने विपक्ष के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
विधायक हरीश धामी ने गैरसैंण(भराड़ीसैंण) में सत्रावसान के बाद विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनके समक्ष अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने कहा आपदा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील राज्य के पर्वतीय क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि आपदा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर उन्हीं की पार्टी के सदस्यों ने उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तराखंड के कई इलाके आपदाग्रस्त हैं। ऐसे में इस गंभीर विषय पर चर्चा बहुत आवश्यक थी।
मुख्यमंत्री ने विधायक हरीश धामी की बातों को गंभीरतापूर्वक सुनकर उन्हें आश्वसत किया कि उनके क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में आपदा से संबंधित जो भी प्रकरण हैं, उनको प्राथमिकता पर लिया जाएगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सभी व्यवस्थाएं सामान्य करने के लिए जिलाधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाए रखें।
विधायक धारचूला द्वारा अपनी विधानसभा क्षेत्र की समस्या बताने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु को निर्देश दिए कि सचिव आपदा प्रबंधन और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जाए। आपदा कि दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों के विस्थापन की आवश्यकता है तो, किए जाय।
गैरसैण सत्र में पहली बार ऐसी तस्वीर देखने को मिली जो राज्य बन जाने के बाद आज तक नहीं देखी होगी सरकार के मुखिया विधानसभा सत्र तक सिमित नहीं रहे सदन की कारवाही से लेकर वो कई जगह पर जनता की फरियाद से लेकर आपदा पीड़ितो के बीच नज़र आए विपक्ष उनके राजनैतिक विजन और सोच से विचलित हो सकता है लेकिन असल में मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी का ये रूप गैरसैण सत्र में देखने को मिला है।
गैरसैण में विधानसभा सत्र सरकारें आहूत करती रही है लेकिन राज्य निर्माण के बाद पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में पूरा समय मौजूद रहकर सरकार का काम काज देर रात तक करते नज़र आये है पहले की सरकारों में शाम होते ही कमरों में कैद होने वाले नेता पुष्कर सरकार का काम करने का मिशन बखूबी देख रहे है हर तरफ चर्चा का केंद्र बन चुके धामी का राजनैतिक कद कुछ अलग करने की सोच से आगे बढ़ता देखा जा रहा है विपक्ष के कई नेता भी रोज़ाना धामी संग ब्रेक फ़ास्ट से लेकर डिनर करते देखे गए है।
गैरसैंण में उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आज शुक्रवार तीसरा और आखिरी दिन है। बीते दो दिनों में सदन में आठ विधेयक पेश हुए। वहीं, करीब पांच हजार करोड़ का अनुपूरक बजट भी पेश किया गया था। आज सदन में प्रश्नों पर चर्चा चल रही है जिसका जवाब सरकार के मंत्री सदन में दे रहे है सदन में शाम तक बजट व विधेयक पास होंगे।
गैरसैण में सत्र के बीच आपदा प्रभावितो के बीच से लेकर धार्मिक आयोजन में शामिल होने से हर जगह जहा तक धामी पहुँच सकते थे ऐसा करने में वो पूरी तरह कामयाब हुए है चलिये जानते है धामी का सत्र के साथ साथ कैसा रहा तीन दिनों तक का सफरनामा गैरसैंण के सारकोट गांव में शहीद के घर पहुँचे मुख्यमंत्री।
लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हवलदार बसुदेव सिंह के परिजनों से मिलकर व्यक्त की शोक-संवेदना।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गैरसैंण स्थित सारकोट में लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हवलदार बसुदेव सिंह के पैतृक आवास पहुंचकर उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हवलदार बसुदेव सिंह ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसके लिये पूरा देश उनका ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने शहीद हवलदार के परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद टिहरी क्षेत्रांतर्गत घुत्तू-पंजा-देवलिंग टिहरी पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मलेथी में आपदा प्रभावित परिवार श्रीमती दुर्गा देवी पत्नी विशाल मणि से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घुत्तू में अतिवृष्टि/बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। कई मकान और मवेशी आपदा की जद में आए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को आपदा प्रभावितों को तत्काल सहायता देने, आपदा संभावित क्षेत्रों में आपदा क्षति का आंकलन करने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त पुनर्निर्माण के कार्यों को तत्काल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी, आपदा से हुए नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द करने के प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों की शिकायत पर घुत्तू हाइड्रो पॉवर से मकानों को हो रहे नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को पुनः परीक्षण करवाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 21 अगस्त की रात्रि को हुई अतिवृष्टि से तहसील घनसाली क्षेत्रांतर्गत घुत्तू क्षेत्र में 29 भवनों को क्षति पहुंची है, जिसमें 06 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त तथा 23 भवन आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। अभी तक लगभग 09 क्षतिग्रस्त मकानों का 10 लाख से अधिक की धनराशि नियमानुसार अहेतुक एवं मकान क्षति के रूप में दी जा चुकी है।
आंशिक क्षति भवनों के लगभग 20 परिवारों के लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत आपदा राहत शिविरों में रखा गया है, जिनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर यदि कुछ गांवों के विस्थापन की जरूरत होगी तो नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी या जो किराए के घरों में जाना चाहेगा नियमानुसार किराया दिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि आपदा से 17 पशु हानि हुई है, जिसमें नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। लगभग 24 पेयजल लाइनों को क्षति पहुंची है। इसके साथ ही विद्युत लाइनों, सड़क, पुलिया आदि अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। अभी तक 450 परिवारों की कृषि क्षति का आंकलन कर लिया गया है। 03-04 गांव का सड़क मार्ग से संपर्क कट चुका है, जिनके सुचारू करने की कार्यवाही गतिमान है।
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा से मलेथी, चंदला, गवाणा मल्ला, गवाणा तल्ला, कैलबागी, देवलंग, जोगियाणा, गंगेरी, चक्रगांव, मलेथा, रानीढांग, पंजा, मेंडू सिंधवाल, सांकरी, लोम, समणगांव, मिसवाली, भाट्गांव, अंकवाण गांव, रैतगांव, भेलुन्ता आदि कई गांवों में काफी नुकसान हुआ है।
देहरादून उत्तराखंड में मौसम विभाग का बारिश अलर्ट मिला है भारी बारिश को देखते हुए कई जिलों में बारिश अलर्ट जारी होने के बाद सरकारी टीम लगातार नजर बनाए हुए है
देहरादून में बारिश से नदी किनारे काफी अधिक पानी होने के चलते लोग नदी किनारे डरे सहमे देखे जा रहे है बारिश देहरादून में अपना रौद्र रूप दिखा रही है जिसके चलते रायपुर सहित बिंदल नदी में पानी काफी अधिक बह रहा है मोथरवाला एरिया में बहने वाला नाला पानी से ओवर फ्लो चल रहा है जिसके चलते नदी किनारे रहने वाले लोग घबराए हुए है देहरादून में लगातार बारिश हो रही है
गैरसैण भराड़ीसैंण उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र आपदा के बीच मौसम की ख़राब दस्तक के बाद भी उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार गैरसैण में चला रही है सत्र की अवधि पर सवाल उठाये जा रहे है बावजूद इसके धामी सरकार हर सवाल का जवाब सदन में देने को तैयार है लेकिन क्या विपक्ष हंगामा नहीं करेगा इसकी क्या गारंटी है ऐसे में गैरसैण भराड़ीसैंण की वो अवधारणा को सदन के सदस्य कैसे समझ पाएंगे ये सवाल भी लाजमी है।
उत्तराखंड में आपदा से जूझ रही सरकार के लिए गैरसैण भराड़ीसैंण में सदन चलाया जाना उतना ही कठिन था जैसे आपदा में रेस्क्यू अभियान में हज़ारो जिंदगी को बचा कर सुरक्षित चार धाम यात्रा का सन्देश देने में सरकार की पहल लाजवाब रही महज सियासत के लिए विपक्ष को ऐसा आचरण करने से बचना होगा जो गैरसैण भराड़ीसैंण से गलत सन्देश देता हो।
गैरसैण सत्र में दूसरा दिन सबसे खास होने जा रहा है सदन में सरकार ऐसे विधेयक पास करवा कर अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखेगी तो देखना होगा विपक्ष की भूमिका गैरसैण भराड़ीसैंण में कैसी है राज्य की जनता गैरसैण में हो रहे सदन को देख रही है भविष्य की नीव पर तैयार हो रही गैरसैण भराड़ीसैंण की नई तस्वीर भी उभर रही है सरकारें यहाँ सत्र करवा कर जनता की भावनाओं का भरोसा जीतना चाहती है।
भराड़ीसैंण में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में तीन दिवसीय मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र का आज पहला दिन है। सबसे पहले सदन में दिवगंत विधायकों को श्रद्धांजलि दी गई। शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, पांच बजे के बाद सदन में तीन विधेयक पेश किए गए। जिसके बाद सत्र की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
सत्र के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल समेत मंत्री व विधायक भराड़ीसैंण पहुंचे हैं। लगभग डेढ़ साल बाद सरकार के पहुंचने से भराड़ीसैंण में रौनक लौटी है।
तीन दिवसीय सत्र में प्रदेश सरकार की ओर से कल पांच हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। इसके अलावा कई विधेयक व प्रतिवेदन रिपोर्ट पटल पर रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली स्थित कुरुड़ पहुंचकर तीन दिवसीय नन्दा देवी लोकजात मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मां नंदा के दर्शन कर पूजा अर्चना की एवं प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणा भी की। मुख्यमंत्री घोषणा में नंदानगर, नारायणबगड़ और देवाल में खेल मैदान निर्माण, प्राणमती नदी के दोनों तटों पर सुरक्षा कार्य, थराली के ढाडरबगड़ में बाढ़ सुरक्षा कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नंदा देवी लोकजात मेले को राजकीय मेला घोषित करने, नंदानगर चिकित्सालय को उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकृत करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक मेले हमें हमारी संस्कृति के साथ अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के पौराणिक मेलों को संरक्षण करते हुए नए आयामों को जोड़कर भव्यता प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में युवाओं के भविष्य को देखते हुए पारदर्शी भर्ती परीक्षाओं के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जहां एक ओर नकल विरोधी कानून बनाकर नकल पर प्रभावी रोक लगाई है, वहीं राज्य में भर्ती परीक्षाओं में नकल करवाने वाले 100 से अधिक दोषियों को जेल भेजने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कार्य प्रणाली का प्रतिफल है कि अब तक 16 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास का कार्य भी तीव्र गति से हो रहा है। जिसके कारण उत्तराखण्ड देश में सतत विकास में पहले पायदान पर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशन में बद्रीनाथ और केदारनाथ का विकास किया जा रहा है।
इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, मंदिर समिति अध्यक्ष सुखबीर रौतेला, राकेश गौड़, मेला समिति अध्यक्ष रेखा देवी, प्रकाश गौड़, कृपाल सिंह, प्रमुख भारती फर्स्वाण, जिला पंचायत सदस्त नंदिता रावत, हरेंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जानता उपस्थित रही।
Uttarakhand Garsan Vidhansbha satr गैरसैण में विधानसभा सत्र बुधवार 11 बजे से वन्देमातरम के साथ शुरू हुआ सत्र में विधानसभा की सदस्य रही केदारनाथ विधायक शेला रानी रावत और पूर्व विधायक वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी के निधन पर शोक प्रकट किया गया
नेता सदन से लेकर नेता प्रतिपक्ष,संसदीय कार्य मंत्री सहित कई सदन ने नेताओं ने निधन पर दुःख वयक्त करते हुए उनके द्वारा किये गए कामो को सामाजिक जीवन में किये गए कामो का उल्लेख किया
विधानसभा सत्र का पहला दिन बुधवार को 11 बजे से शुरू हुआ गैरसैण में आयोजित हो रहे सदन में पहले दिन प्रश्न काल शोक वयक्त करने के चलते नहीं हुआ
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विधानसभा गैरसैंण ( भराड़ीसैंण) में दिवंगत विधायक शैलारानी रावत एवं पूर्व विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।