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ईट राइट इंडिया अभियान से जुड़ेंगे शिक्षण संस्थान

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ईट राइट इंडिया अभियान से जुड़ेंगे शिक्षण संस्थान

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश के राजकीय शिक्षण संस्थानों को ईट राइट इंडिया अभियान से जोड़ा जाएगा। इस अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों एवं विवि में संचालित कैंटीनों में हाईजेनिक फूड प्रणाली विकसित की जाएगी।

इसके लिए विभाग की ओर से प्रशिक्षण की ठोस कार्ययोजना तैयार कर कैंटीन संचालकों काे प्रशिक्षण दिया जाएगा। हेल्दी एंड हाईजेनिक फूड स्ट्रीट प्रोग्राम के तहत पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगम क्षेत्रों में फूड स्ट्रीट को विकसित किया जाएगा, जिसमें मोटे अनाजों से बने खाद्य उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सोमवार को खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, हेल्दी एंड हाइजेनिक फूड स्ट्रीट्स कार्यक्रम के तहत प्रदेश के चार नगर निगमों देहरादून (तरला नागल), रुद्रपुर (मुख्य बाजार), नैनीताल (तिकोनिया चौराहा) और हरिद्वार (मायापुर) में फूड स्ट्रीट विकसित की जाएगी।

जिसमें स्थानीय मोटे अनाजों से तैयार भोजन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से एक-एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। राज्य में जन औषिधि केंद्रों को बढ़ावा देने के साथ ही मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्टों की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य में फार्मा इंडस्ट्री को बढ़ावा के लिए नई कंपनियों की स्थापना के लिए सिंगल विडो सुविधा प्रदान करने को कहा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया, वर्ष 2024 में अब तक ड्रग्स के 313 सैंपल लिए गए। इसमें 252 मानकों पर खरे पाए गए, जबकि 64 सैंपल फेल मिले। 14 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2023-24 में खाद्य संरक्षा के तहत 1,603 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। इसमें 28 सैंपल असुरक्षित पाए गए।

यात्रा मार्गों पर चलाए गए अभियान के तहत कई खाद्य पदार्थों के 601 सैंपल की जांच की गई, जिसमें 529 असुरक्षित पाए गए। बैठक में अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी, संयुक्त निदेशक खाद्य डॉ. आरके सिंह, उपायुक्त एफडीए जीसी कंडवाल, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. नीरज कुमार, जिला अभिहित अधिकारी पीसी जोशी आदि मौजूद थे।

Tehri: आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे सीएम धामी, बुजुर्गों ने बयां किया दर्द

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Tehri: आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टिहरी आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे। उन्हें आपदा शिविर राजकीय इंटर कॉलेज विनयखाल में रह रहे पीड़ितों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम के सामने इस दौरान कई पीड़ित भावुक हो गए है। खास तौर पर बुजुर्ग महिलाओं के आंसू छलक गए।

उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गईं। बीते शनिवार को टिहरी के तिनगढ़ गांव में एक बार फिर भूस्खलन हुआ। इसमें 15 आवासीय मकान मलबे में दब गए। हालांकि प्रशासन ने सुबह ही इन घरों को खाली करा लिया था, जिसके कारण कोई हताहत नहीं हुआ। ग्रामीणों को विनकखाल इंटर कॉलेज में शिफ्ट किया गया।

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के तोली गांव में भूस्खलन की चपेट में आए एक मकान के अंदर मां और बेटी दब गईं। जिससे दोनों की मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों ने देर रात किसी तरह बाहर भाग कर जान बचाई। मुख्यमंत्री पुष्कप सिंह धामी आज प्रभावितों का हाल जानने पहुंचे। सीएम ने कहा सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है।

भिलंगना ब्लाॅक के आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए सोमवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय भी पहुंचे थे। उन्होंने प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने जीआईसी विनयखाल में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे प्रभावितों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

कमिश्रर ने कहा कि आपदा प्रभावित तिनगढ़ गांव का विस्थापन सुरक्षित जगह पर किया जाएगा। जबकि खतरे की जद में आए जखाणा और तोली गांव का शीघ्र ही भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाएगा।

रिपोर्ट के आधार पर गांवों को आसपास सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुनर्वास और अन्य ट्रीटमेंट कार्य के लिए बनाई जाने वाली कमेटी में स्थानीय लोगों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कि आपदा पीड़ितों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए हर संभव मदद दी जा रही है। आपदा प्रभावित क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने लोगों को बताया कि सीएम ने आपदा प्रबंधन सचिव को निर्देश दिए हैं कि टिहरी जिला प्रशासन से आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास और ट्रीटमेंट आदि कार्य के लिए जो भी प्रस्ताव आएगा उसके अनुसार बजट शीघ्र जारी करें।

देहरादून से मंसूरी टनल परियोजना नए फ्लाई ओवर

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नई दिल्ली सूबे के कृषि व ग्रामीण विकास विकास मंत्री गणेश जोशी ने नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा से भेंट की। मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मसूरी टनल निर्माण तथा किमाड़ी मोटर मार्ग के निर्माण का अनुरोध किया।

कैबिनेट मंत्री जोशी ने मसूरी टनल परियोजना के संबंध मे चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मसूरी टनल का नवीन संरक्षण के साथ डीपीआर गठित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। मसूरी टनल निर्माण के बाद देहरादून मसूरी मार्ग पर जाम की स्थिति नहीं रहेगी। इसके निर्माण के बाद स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी लाभ होगा। चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भी सहूलियत होगी।
इसके अतिरिक्त, देहरादून से किमाड़ी होकर हाथीपांव मसूरी जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण का अनुरोध भी केंद्रीय राज्य मंत्री से किया। उन्होंने बताया कि देहरादून मसूरी मार्ग पर जाम होने के कारण इस मार्ग को बाईपास के तौर पर प्रयोग किया जाता है। कैबिनेट मंत्री ने किमाड़ी-मसूरी सड़क की महत्ता को देखते हुए केंद्रीय सड़क निधि के माध्यम से इस सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीआरएफ मद (केंद्रीय सड़क निधि) के माध्यम से प्रस्ताव भेजने पर अप्रूवल दिया।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे, देहरादून मसूरी कनेक्टिविटी रोड़, देहरादून रिंग रोड़ तथा देहरादून-पांवटा साहिब परियोजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

हंसराज रघुवशी शिवमय करेंगे शिव समागम

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हंसराज रघुवशी शिवमय करेंगे शिव समागम

हंसराज रघुवशी शिवमय करेंगे शिव समागम देहरादून सावन महीने भगवान शिव की माँ गंगा के जल को लाने वाले शिव भक्तो के रंग से हरी का द्धार पूरी तरह शिवमय हो चूका है मंगलवार को हरिद्वार पुलिस ने शाम चार बजे से ॐ घाट पर शिव समागम में फेमस गायक हंसराज रंघुवशी अपने भजन से शिव भक्तो को अपनी तरफ आकर्षित करेंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार में आयोजित हो रहे कार्यक्रम में शामिल होने के साथ साथ शिव भक्त कावड़ियों से भी मिलेंगे हर साल कावड़ यात्रा में उत्तराखंड सरकार भोले के भक्तो पर पुष्प वर्षा करती है

कांवड़ मेला पूरी तरह चरम पर पहुंच चुका है और गंगा घाटों से लेकर हाईवे केसरिया रंग में रंगा नजर आ रहा है। सोमवार को 62 लाख कांवड़ यात्रियों ने गंगाजल भरा और अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। आठ दिन के अंदर एक करोड़ 83 लाख 40 हजार कांवड़ियों की संख्या पहुंच गई है। 47 कांवड़ियों को डूबने से बचाया गया है और एक कांवड़िया डूबकर लापता हो गया।

धर्मनगरी में पैदल जाने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या में कमी आई है तो डाक कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। हरिद्वार से जाने और आने वाले रास्तों पर डाक कांवड़ियों का कब्जा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि सोमवार की शाम छह बजे तक 62 लाख कांवड़ यात्री गंगाजल भरकर रवाना हुए हैं।

जम्मू कश्मीर के सोपोर में सोमवार दोपहर को रहस्यमयी विस्फोट

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जम्मू कश्मीर के सोपोर में सोमवार दोपहर को रहस्यमयी विस्फोट

उत्तरी कश्मीर के सोपोर में सोमवार दोपहर को रहस्यमयी विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि शायर कॉलोनी सोपोर में एक रहस्यमयी विस्फोट हुआ, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें बाद में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया।

गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति को एसकेआईएमएस सौरा रेफर किया गया, हालांकि अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने मृतकों की पहचान शायर कॉलोनी निवासी नजीर अहमद नदरु, शायर कॉलोनी निवासी आजम अशरफ मीर और आदिल राशिद भट के रूप में की गई है। अन्य व्यक्ति की पहचान की जा रही है। इस बीच पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी की तैयारी

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हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी की तैयारी

केंद्र सरकार भारतीय रेलवे का कायाकल्प के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसमें यात्रियों को सुरक्षा देने से लेकर ट्रेनों में कवच सिस्टम लगाना भी शामिल है। इस बीच भारतीय रेलवे ने हाइड्रोजन गैस से ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के सदस्य अनिल कुमार खंडेलवाल ने कहा कि भारत इस साल अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर देगा। 2047 तक ऐसी ट्रेनों की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी।

रेलवे बोर्ड के सदस्य अनिल कुमार खंडेलवाल का कहना है कि 16 जुलाई को कवच के चौथे वर्जन का अंतिम विनिर्देश कर लिया गया है। अब हम इसे पूरे देश में लागू करने जा रहे हैं। 1,400 किलोमीटर के ट्रैक पर काम पूरा हो चुका है। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा के 3,000 किलोमीटर के लिए बोलियां स्वीकार की जा रही हैं। इस बजट में रेलवे को 2,62,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये केवल सुरक्षा बढ़ाने के लिए उपयोग किए जाएंगे।

रेलवे अफसरों का कहना है कि गति शक्ति के आने से काम की रफ्तार में इजाफा हुआ है। अब सालाना 70 से 80 प्रोजेक्ट अप्रूवल किए जा रहे हैं, इनकी संख्या पहले 7 से 8 थी। रेलवे प्रतिदिन 14.50 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण कर रहा है। पिछले वर्ष 5,000 किलोमीटर के ट्रैक का निर्माण किया गया। उन्होंने बुलेट ट्रेन को लेकर कहा कि 2027 तक देश में पहली बुलेट ट्रेन देखने को मिल सकती है।

क्या है हाइड्रोजन ट्रेन:
हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन है। इस रेलगाड़ियों में डीजल इंजन के बजाए हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स लगाए जाते है। ये ट्रेनें कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन या पार्टिकुलेट मैटर जैसे हानिकारक प्रदूषकों का उत्सर्जन नहीं होता। इन ट्रेनों के चलने से प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स की मदद से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को बदलकर बिजली पैदा की जाती है। इसी बिजली का इस्तेमाल ट्रेन को चलाने में किया जाता है।

ट्रेन की खासियत:
हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों को हाइड्रेल भी कहते है। इस ट्रेन की खासियत की बात करें, तो ये ट्रेनें बिना धुआं छोड़े दौड़ेंगी, जिससे प्रदूषण नहीं होगा। इस ट्रेन में 4 से 6 कोच होंगे। सबसे पहले ये ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। इसके बाद दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, नीलगिरी माउंटेन रेलवे, कालका शिमला रेलवे, माथेरान रेलवे, कांगड़ा घाटी, बिलमोरा वाघई और मारवाड़-देवगढ़ मदारिया रूट पर चलेगी। ये ट्रेन 140 किमी/घंटे की रफ्तार से 1000 किमी दौड़ सकती है। हालांकि भारत में चलने वाली ये ट्रेने फिलहाल 100 किमी की दूरी तय करेगी। रेलवे के कपूरथला और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में इन ट्रेनों को तैयार किया जा रहा है।

केंद्रीय बजट में रेलवे को 2 लाख 62 हजार करोड़ का बजट आवंटन दिया है। इसमें 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपये सेफ्टी बढ़ाने के लिए है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि पीएम मोदी ने 10 वर्षों में रेलवे को मजबूत करने के हर तरीके पर ध्यान दिया है। 2014 के पहले 60 साल देखें तो 20,000 किलोमीटर रेलवे का विद्युतीकरण हुआ था। 10 सालों में 40,000 किलोमीटर रेलवे विद्युतीकरण हुआ है। 2014 में नए ट्रैक 3 से 4 किलोमीटर एक दिन में बनते थे। पिछले वर्ष 14.50 किलोमीटर प्रतिदिन, पूरे साल में 5,300 किलोमीटर नए ट्रैक बने हैं।

मुख्यमंत्री ने किया ‘वो 17 दिन’ पुस्तक का विमोचन

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मुख्यमंत्री ने किया ‘वो 17 दिन’ पुस्तक का विमोचन

नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘वो 17 दिन’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक ‘वो 17 दिन’ सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों पर आधारित है।

मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा सुरंग को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए और कहा कि 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन से ही बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण हो पाया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन सिंह को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सकारात्मकता और अनुभवों से भरी यह पुस्तक निश्चित ही पढ़ने योग्य है।

इस अवसर पर भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू, पूर्व सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी और पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन सिंह उपस्थित रहे।

Chaar Dham: गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में बनेगी देश की पहली टनल पार्किंग

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गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में बनेगी देश की पहली टनल पार्किंग

देश की पहली टनल पार्किंग उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बनने जा रही है। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को दोनों पार्किंग की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।

एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में पार्किंग के लिए भूमि का चयन भी कर लिया है। वहीं, यमुनोत्री धाम के लिए दो स्थानों पर सर्वे चल रहा है। चारधाम यात्रा सहित सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दो टनल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने शासन को भेजा था।

शासन ने इसे आगे बढ़ाते हुए दोनों टनल पार्किंग के निर्माण की डीपीआर तैयार करने और एनओसी संबंधित प्रक्रिया के लिए एनएचआईडीसीएल को 77 लाख रुपये की धनराशि भी अवमुक्त की है।एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में टनल पार्किंग के लिए धाम से करीब चार किमी पहले भूमि का चयन किया है।

वहीं, यमुनोत्री धाम में दो स्थानों पर जगह के लिए सर्वे किया जा रहा है। गंगोत्री धाम में प्रस्तावित पार्किंग इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि चारधाम यात्रा में तो यह उपयोगी साबित होगी ही, साथ ही भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बर्फबारी के दौरान सेना भी इस टनल पार्किंग का प्रयोग कर सकेगी।

जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता विनीत रस्तोगी ने बताया, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में 400-400 वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित है। इसमें वाहन एक ओर से अंदर जाएंगे और दूसरी ओर से बाहर आएंगे। इन दोनों टनल पार्किंग के निर्माण से चारधाम यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। पार्किंग बनने से करीब आठ हजार यात्री लाभान्वित होंगे।

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बनने वालीं ये पार्किंग देश की पहली टनल पार्किंग होंगी। साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान के तहत दोनों पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस कार्य को अपनी प्राथमिकता में रखा है।

फोटो, सियासत और मुंगेरी लाल के हसीन सपने! 

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फोटो, सियासत और मुंगेरी लाल के हसीन सपने! 90 के दशक में टीवी सीरियल इतना लोकप्रिय हुआ करता था ठीक वैसे ही एक फोटो काफी वायरल हुई तो लोगो को याद आ गए मुंगेरीलाल के हसीन सपने

देहरादून बरसात के इस मौसम में उत्तराखंड की वादियां झक हरे रंग में तब्दील हो गई हैं। इंद्रदेव के रौद्र रूप के बावजूद खूबसूरत हरे पहाड़ों की तस्वीर देखते ही बनती है। 

वो कहावत है ना, कि सावन के अंधे को सब हरा ही हरा दिखता है। सत्ता के गलियारों के नारद बताते हैं, कहावत को पहाड़ी राज्य के कुछ नेताओं ने सीरियसली ले लिया है। तभी तो वो एक औपचारिक लम्हे की फोटो के बहाने बॉलीवुड तराने को याद कर रहे हैं…..’गाता रहे, मेरा दिल, तू ही मेरी मंजिल’….ऐसा कुछ। 

लेकिन जनाब इस पार्टी और यहां की राजनीति अलग है। यहां जो दिखता है वो दरअसल होता नहीं है। सालों पहले भारतीय टेलीविजन स्क्रीन पर एक सीरियल आया करता था। मुंगेरी लाल के हसीन सपने! मुंगेरी का रोल अदा करते थे मशहूर एक्टर रघुबीर यादव। कद में छोटे हैं जरूर लेकिन कलाकार बड़े हैं। मुंगेरी अपना काम-धाम छोड़कर दिन दहाड़े सपने देखने लगते था – वो भी एक से बढ़कर एक! 

वैसे सपनों का क्या है। आंखें बंद की और सपने शुरू! उत्तराखंड के मुंगेरी और उनके गुरु भी आजकल हरे भरे सपने देख रहे हैं। जो ताजा सपना देखा है, उसे याद करके खुश हो रहे हैं और “क्या पता” – “क्या पता” कहते हुए अपने कुर्तों की कलफ को बार बार निहार रहे हैं। 

अपना मुंगेरी भी टीवी वाले मुंगेरी की तरह ही है, मंझा हुआ कलाकार! अपने मुंगेरी के अंदर उनके दो गुरुओं ने खूब कोशिश के बाद हीलियम गैस भरी है। जो ऑक्सीजन से हल्की होती है लिहाजा जिसके अंदर भरें, वो उड़ने लगता है। राजनीति के खबरची बताते हैं, पूरे तीन से चार महीने लग गए, तब जाकर छोटे मुंगेरी के गुब्बारे में हवा भर पाई और वो उड़ पाया। दोनों गुरु अपने मुंगेरी के गर्म गैस वाले गुब्बारे को निहार ही रहे थे कि वो गुब्बारा तेजी से नीचे आने लगा। दरअसल उड़ तो गैस रही थी और मुंगेरी को लगा कि उड़ वो रहा है। ये ही तो खास बात है राजनीति हीलियम गैस की। 

ये पहली बार नहीं जब मुंगेरी को सपने में खो जाने दिया गया हो। एक बार पहले भी मुंगेरी को हेलीकॉप्टर से आनन फानन में बुलवाया गया था। सपना दिखाया गया, लेकिन तब आंख फड़क ही रही थी कि मुंगेरी को जोर का शोर सुनाई दिया और झटके से आंख खुली। एक युवा नेता के हाथों प्रदेश की कमान दी जा चुकी थी, जो अभी भी पिच पर धुआंधार बैटिंग कर रहा है। ..खैर तब बेचारा मुंगेरी अपना सा मुंह लेकर लौट गया। 

तब मुंगेरी को उसके कथित गुरुजी ने सपने दिखाए थे। इस बार फिर गुरुजी के साथ एक और सपने के सौदागर ने मुंगेरी को “ड्रीम जॉब” पाने का थका हारा फॉर्मूला बताया। फॉर्मूला भी वो, जिसको खुद कई बार आजमा चुके थे और हाथ लगा ठन ठन गोपाल। इस बार एक के साथ दो फ्री वाली स्कीम जैसी तिगड़ी के दूत गाते फिर रहे हैं, सपना सावन में देखा है और सुबह सुबह देखा है, तो बॉस इसलिए सच होगा, बाई गॉड पक्का! 

लेकिन इनकी बात पर सत्ता के गलियारों में चटखारे लिए जा रहें हैं। जो राजनीति की समझ रखते हैं उनको पता है – सपने तो सपने होते हैं। और फिर सावन के अंधे को हरा ही हरा भी तो दिखता है ना! 

फैशन शो ऐसी कैटवॉक हर कोई दबाता रहा ऊँगली

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देहरादून उम्मीद के पंख लगाने के लिए होसलो को उड़ान देनी पढ़ती है देहरादून में लम्बे समय से अपनी  पहचान को बेताब एक ऐसी कम्युनिएटी मचल रही थी जिनके अंदर जज्बा तो था लेकिन मंच नहीं मिल पाया जब मंच मिला तो हर कोई उनके जज्बे को सलाम करता नज़र आया देहरादून में लम्बे समय से अपनी पहचान को कभी सडको पर प्राइड के माध्यम से समय समय पर उजागर करने वाले ट्रांसजेंडर (टीजी) उपेक्षा का शिकार रहे है मंच मिला तो उनकी उम्मीदों को जैसे पंख लग गए

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मॉडल्स को अभी तक रैंप वाक करते सभी ने देखा होगा बड़े आयोजन फैशन शो के माध्यम से रैंप वाक पर सुन्दर मॉडल्स से आयोजन कर्ता सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचने पर केंद्रित रहते है ऐसे में देहरादून के राजपुर रोड पर एक होटल में आयोजनकर्ता ने ऐसे फैशन शो से दून वासियो का ध्यान केंद्रित किया भारी भीड़ होने से सिमित समय में फैशन शो किये जाने से  आयोजनकर्ता कभी प्रभावित हुए है ऐसे आयोजन भविष्य में अच्छा रेस्पॉन्स दे सकते है

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देहरादून में चर्चा का विषय बना ट्रांसजेंडर (टीजी) का एक होटल में फैशन शो एक नयी तरफ का दून वासियो के लिए प्रयोग रहा रविवार को इसका आयोजन हुआ तो देहरादून से लेकर उत्तराखंड के हर ज़िले से पहचे ट्रांसजेंडर (टीजी) अपनी अपनी फैशन शो में कैटवॉक से दर्शको को आकर्षित करने में कामयाब रहे है ट्रांसजेंडर (टीजी) को एक मंच पर लाने के लिए देहरादून की अदिति शर्मा जो एक ट्रांसजेंडर (टीजी) और ऐसे आयोजन करने वाली प्रिया गुलाटी उनकी भूमिका काफी अहम् रही है