Home Blog Page 221

आम आदमी पार्टी अपने दुर्ग में उलझी बीजेपी चक्रव्यूह में कांग्रेस

0

आम आदमी पार्टी को उन पांच विधानसभा क्षेत्रों में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जो पहले पार्टी के गढ़ माने जाते थे। 2020 के चुनाव में पार्टी इन सीटों पर पूरी तरह से आश्वस्त थी और बड़ी जीत भी हासिल की थी। इस जीत का आधार आप के साथ क्षेत्रीय समीकरण भी था, लेकिन इस बार समीकरणों में बदलाव नजर आ रहा है। इसका कारण कुछ जगहों पर अपने ही लोगों से घिरना और कुछ स्थानों पर विपक्ष के ताकतवर प्रत्याशियों का मुकाबला है।

आम आदमी पार्टी अपने दुर्ग में उलझी बीजेपी चक्रव्यूह में कांग्रेस घेरे में आने के संकेत मिल रहे है बीजेपी के राजनैतिक चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनैतिक रूप से अपनी इंट्री करते हुए आप को कई विधानसभा सीटों पर घेर लिया है ऐसी जानकारी मतदाता के बिच से मिल रही वो अपडेट है जिसका संकेत अरविन्द केजरीवाल की तरफ से साफ मिलता देखा जा रहा है

बुराड़ी
बुराड़ी विधानसभा सीट पर आप के प्रत्याशी संजीव झा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने जदयू के शैलेंद्र कुमार को 88,158 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। संजीव झा को कुल 1,39,598 वोट मिले थे, जबकि शैलेंद्र कुमार को 51,440 वोट मिले थे। कांग्रेस के जेएस चौहान को सिर्फ 6,750 वोट ही मिले थे। संजीव झा को आप ने चौथी बार मैदान में उतारा है।

इस बार बदले समीकरण
कांग्रेस ने इस बार मंगेश त्यागी को अपना उम्मीदवार बनाया है। मंगेश कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे हैं। भाजपा ने इस सीट को फिर से जदयू को सौंपा है और शैलेंद्र कुमार को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर बड़ी संख्या में पूर्वांचली, खासकर बिहारी मतदाता हैं। भाजपा और कांग्रेस इस बार इन मतदाताओं को लुभाने के लिए सक्रिय हैं। यहां भाजपा और आप दोनों के अंदर टिकट वितरण को लेकर असंतोष भी देखा जा रहा है।

ओखला
2020 में ओखला सीट पर आप की दूसरी सबसे बड़ी जीत थी। अमानतुल्लाह खान ने भाजपा के ब्रह्म सिंह को 71,827 वोटों के अंतर से हराया था। अमानतुल्लाह को कुल 1,30,367 वोट मिले थे, जबकि ब्रह्म सिंह को 58,540 वोट मिले थे। 2015 में भी अमानतुल्लाह खान यहां से विधायक बने थे। कांग्रेस के प्रत्याशी परवेज हाशमी ने 5123 वोट प्राप्त किए थे।

इस बार बदले समीकरण
ओखला क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में हैं, जो लगभग 43 प्रतिशत हैं। भाजपा और कांग्रेस ने यहां अपने प्रत्याशी बदले हैं। एआईएमआईएम ने शिफाउर रहमान को टिकट दिया है, जो दिल्ली दंगों के आरोपी हैं और फिलहाल जेल में हैं। उनकी पत्नी चुनावी प्रक्रिया को संभाल रही हैं, और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी उनके पक्ष में सभा कर चुके हैं। भाजपा ने मनीष चौधरी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने आरिबा खान को टिकट दिया है। आरिबा पार्षद हैं और उनके पिता आसिफ मोहम्मद खान दो बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं।

सीमापुरी
2020 में सीमापुरी विधानसभा में राजेंद्र पाल गौतम ने 56,108 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक संत लाल को हराया था। राजेंद्र पाल ने 2015 और 2020 में लगातार दो बार चुनाव जीते थे।

इस बार बदले समीकरण
राजेंद्र पाल गौतम अब आप में नहीं हैं, वे कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। भाजपा ने यहां रिंकू को प्रत्याशी बनाया है, जो पहले कांग्रेस में थीं और दो बार पार्षद रह चुकी हैं। आप से वीर सिंह धिंगान भी इस बार चुनावी मैदान में हैं, जो पहले कांग्रेस में थे। यहां 2015 और 2020 के चुनावों में राजेंद्र पाल गौतम ने ही जीत दर्ज की थी।

मटिया महल
आप के शोएब इकबाल ने भाजपा के रवींद्र गुप्ता को 50,241 वोटों के अंतर से हराया था। शोएब को कुल 67,282 वोट मिले थे, जबकि रवींद्र गुप्ता को केवल 17,041 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर कांग्रेस के मिर्जा जावेद अली थे, जिन्हें 3,409 वोट मिले थे।

इस बार बदले समीकरण
इस बार आप ने शोएब इकबाल की जगह उनके बेटे आले इकबाल को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने रवींद्र गुप्ता के स्थान पर दीप्ति इंदौरा को टिकट दिया है। कांग्रेस ने भी प्रत्याशी बदलते हुए आसिम मोहम्मद खान को मैदान में उतारा है। आसिम ने 2015 में शोएब इकबाल को हराया था और अब वह इस चुनाव में चुनौती पेश करेंगे।

सुल्तानपुर माजरा
आप के मुकेश कुमार अहलावत ने भाजपा के रामचंद्र चावरिया को 48,052 वोटों से हराया था। मुकेश कुमार को कुल 74,573 वोट मिले थे, जबकि रामचंद्र को 26,521 वोट मिले थे। कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी। इस सीट पर कभी भाजपा को जीत नहीं मिली है और आप से मुकेश कुमार फिर से मैदान में हैं।

इस बार बदले समीकरण
2020 में भाजपा का मत प्रतिशत इस सीट पर 10 प्रतिशत बढ़ा है। भाजपा ने कर्म सिंह कर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो मंगोलपुरी से 2020 में आप के उम्मीदवार राखी बिरला से हार चुके थे। इस बार भाजपा का मत प्रतिशत बढ़ा है और कांग्रेस के जयकिशन सातवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं।

चार धाम यात्रा 2025 चार मई को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

0

देहरादून चार धाम यात्रा 2025 इस साल 30 अप्रैल को शुरू होगी यात्रा को लेकर ऋषिकेश नरेंद्र नगर में तैयारी शुरू हो गई है प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ इस बार 30 अप्रैल को होगा। धार्मिक परंपरा के अनुसार, अक्षय तृतीया पर दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से यात्रा का आगाज होता है। आज बसंत पंचमी के पावन पर्व पर टिहरी के नरेंद्रनगर राज दरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हर साल बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि वसंत पंचमी के पावन पर्व ही तय की जाती है। टिहरी दरबार में आज पूजा अर्चना के बाद तिथि घोषित की गई।

चार धाम यात्रा 2025 उत्तराखंड में देश की नहीं विदेशी तीर्थ यात्री को अपनी तरफ आकर्षित करती है हर साल लाखों तीर्थ यात्री चार धाम केदारनाथ बद्रीनाथ गंगोत्री यमनोत्री आते है सरकार बेहतर इंतजाम यात्रा मार्गो पर करती है यात्रा को लेकर नरेंद्र नगर में धार्मिक आयोजन शुरू हो गया है पंचाग गढ़ना अनुसार अक्षया तृतीया के दिन भगवान प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ इस बार 30 अप्रैल को होगा। धार्मिक परंपरा के अनुसार, अक्षय तृतीया पर दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से यात्रा का आगाज होता है। वहीं, आज वसंत पंचमी के पावन पर्व पर टिहरी के नरेंद्रनगर राज दरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हुई। बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष चार मई को सुबह छह बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। बद्रीनाथ कपाट खोले जाएंगे

राजदरबार में धार्मिक समारोह शुरू हो गया था। विधिवत पूजा अर्चना व पंचांग गणना के पश्चात बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। साथ ही 22 अप्रैल को तिलों का तेल पिरोया जाएगा और उसी दिन गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा शुरू हो जाएगी।

चार धाम यात्रा 2025 में उत्तराखंड सरकार पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले साल अच्छा संदेश देने में कामयाब रही थी कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो यात्रा मार्गो पर तीर्थ यात्री 2024 में अधिक भीड़ होने के चलते चार धाम यात्रा में व्यवस्थित नहीं होने से परेशान रहे थे लेकिन इस बार यात्रा 2025 में सरकार अभी से यात्रा मार्गो पर काम करते नजर आ रही है

उत्तराखंड में यात्रा सरकार के लिए होटल कारोबारी से लेकर छोटे कारोबारी इसी पर निर्भर रहते है लाखों तीर्थ यात्रियों के लिए सरकार मेजबानी करती है 2025 की चार धाम यात्रा को सुगम बनाए जाने के लिए सरकार के साथ अफसरों की कोशिश रहेगी पिछले साल 2024 की यात्रा का जो संदेश तीर्थ यात्री लेकर गए थे उसको सही करें

Selfi With Mauli 

0

National Games 2025 mascot Mauli has become the  talk of the town in Dehradun since the inauguration of National Games 2025 by Prime Minister Modi on 28 th January 2025.

Inspired by Stae Bird of Uttarakhand Monal the  mascot Mauli represents Uttarakhand diverse flora and fauna and cultural heritage of Uttarakhand. 

In order to make Mauli more popular the  state Sports Department has installed Mauli cutout at prominent public places like Malls and resturant. The state sports department has urged business establishment with major footfall to encourage people to take Selfi with Mauli and post it on social media platforms with #38thNationalGamesUttarakhand 

#MauliMascot 

#SelfiWithMauli 

Speaking to Bhadas4India Addl. Secretary sports Sh Prashant Arya said that Mauli Mascot symbolize conservation, unity and rich cultural heritage of Uttarakhand. He further added that Mascot Mauli also remind us that we have to protect the Himalayan Eco System hence we are promoting it among youngster in University, Schools and Malls  

Some business establishments are also offering instant discount to their customers who are posting insta stories with #SelfiWithMauli. One  outlet Asli Pappu Dhaba situated on Mussoorrie Road Malsi is offering 10% discount to all customers who are sharing insta stories of #SelfiWithMauli.

Speaking to Bhadas4India Kulveer Singh owner of Asli Pappu Dhaba said   ” National Games celebrates the diversity of India and Asli Pappu Dhaba want every Doonite to participate in this celebration hence we are offering discount”

हरिद्वार में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय सख्त

0

हरिद्वार में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय सख्त

असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने के दिए निर्देश

आज उत्तराखंड पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) ADG (LO) ने हरिद्वार का दौरा कर आई जी गढ़वाल एवं जिले के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में राष्ट्रीय खेल, बसंत पंचमी स्नान एवं हरिद्वार देहात क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर दिशा निर्देश दिए ।

बैठक के दौरान ADG (LO) ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया और IG गढ़वाल एवं SSP हरिद्वार को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अराजकता को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि—

▪️ किसी भी दशा में जनपद की फिजा खराब न होने दी जाय। उपद्रवियों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाय शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।

▪️ साइबर मॉनिटरिंग के जरिए सोशल मीडिया पर भड़काऊ एवं भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर सतर्क निगरानी रखते हुए कठोर कार्यवाही करें।

▪️ क्षेत्रीय नागरिकों, समाज के प्रबुद्धजनों एवं सामाजिक संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए ।

एडीजी ने कहा कि, उत्तराखंड पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इसके साथ ही एडीजी (अपराध एवं कानून व्यवस्था) श्री वी. मुरुगेशन ने जनपद में चल रहे राष्ट्रीय खेलों के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था एवं बसंत पंचमी स्नान पर्व के लिए जनपद पुलिस द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए सघन चैकिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।

दिल्ली विधानसभा चुनाव बीजेपी के हाथ लगा आप का राजनैतिक बारूद

0

दिल्ली विधानसभा चुनाव में हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) से आठ विधायकों के इस्तीफे और उनके बाद भाजपा में शामिल होने से राजनीति में काफी हलचल मची है। यह घटनाक्रम भाजपा के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि इससे AAP का आधार कमजोर हो सकता है। AAP के इन विधायकों के इस्तीफे के पीछे का कारण टिकट न मिलना बताया जा रहा है, जिससे पार्टी के अंदर असंतोष का माहौल बना हुआ था।

हालांकि, AAP ने इस घटनाक्रम का आरोप भाजपा और कांग्रेस पर लगाया है, जिनका कहना है कि इन विधायकों पर दबाव डाला गया और उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए प्रलोभन दिया गया। इसके विपरीत, भाजपा को इस स्थिति का फायदा उठाने का अवसर मिल सकता है, क्योंकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में उनके लिए यह एक अहम अवसर हो सकता है। भाजपा को इस वक्त दिल्ली में जनता का समर्थन बढ़ता हुआ दिख रहा है, और इन इस्तीफों के बाद उनका मनोबल और भी बढ़ सकता है।

यह सब सियासी खेल दिखाता है कि चुनावी रणनीतियों में पार्टियाँ अपने विरोधियों को कमजोर करने के लिए हर संभव तरीका अपनाती हैं, चाहे वो असंतुष्ट नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश हो या फिर पार्टी से संबंधित अंदरूनी मतभेदों का फायदा उठाना। अब यह देखना होगा कि इस घटनाक्रम का असर दिल्ली के विधानसभा चुनाव परिणामों पर कितना पड़ता है और भाजपा इस मौके का कितना फायदा उठा पाती है।

क्या आपको लगता है कि इन इस्तीफों का भाजपा के पक्ष में कोई बड़ा बदलाव आएगा?

सीएम पुष्कर की सख्त हिदायत शारदा कोरिडोर परियोजना में तेजी लाए अफसर

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन से शारदा कोरिडोर परियोजना संबंध में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि शारदा कोरिडोर के कार्यों में तेजी लाई जाए। इस परियोजना के लिए जल्द ही भूमि का ज्वाइंट सर्वे किया जाए। शारदा कोरिडोर क्षेत्र में भूस्खलन की दृष्टि से संवेनदशील क्षेत्र की स्टडी कर उनके सुरक्षात्मक उपायों पर कार्य किये जाएं।

इस परियोजना के तहत धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा नदी के किनारे रिवर फ्रंट का विकास किया जायेगा। जिसमें नदी किनारे घाटों का सौन्दर्यीकरण, पर्यटकों और श्रद्धालुओं के अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा और गंगा कोरिडोर का मुख्य उद्देश्य राज्य में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा श्रद्धालुओं को सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाओं में अलग-अलग डिजाइन पर कार्य किये जायेंगे। शारदा कोरिडोर के तहत बुनियादी ढ़ांचे, पर्यटन और लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने से संबधित अनेक कार्य किये जायेंगे।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं सबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा, 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं

0
मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा, 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट प्रस्तुत किया है, वह कई महत्वपूर्ण और लाभकारी प्रावधानों से भरा हुआ है। किसानों और एमएसएमई सेक्टर के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं। खासतौर पर बिहार के लिए मखाना बोर्ड जैसी योजनाओं का एलान किया गया है, जो उस क्षेत्र के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है।

मध्यम वर्ग के लिए आयकर में भी बड़ी राहत दी गई है, जिससे 12 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह एक बड़ी राहत है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी आय सीमित है।

मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा, 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जैसे कि 36 जीवनरक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट और 6 दवाओं पर कंसेशनल ड्यूटी का ऐलान। यह उन लोगों के लिए राहत का कारण बन सकता है, जो महंगी दवाओं का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।

निर्यात बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं, जैसे कि हैंडीक्राफ्ट निर्यात की समय सीमा बढ़ाई गई है, जिससे निर्यातकों को ज्यादा समय मिल सकेगा और व्यापार में बढ़ोतरी हो सकती है।

साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी टीडीएस की सीमा बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है, जो उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा।इन बदलावों से आम जनता, खासकर मध्यम वर्ग और किसान वर्ग को फायदा हो सकता है। आपको इस बजट के बारे में कौन सा प्रावधान सबसे ज्यादा प्रभावी लगा

सीएम धामी ने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना

0

कट्टर ईमानदारी की बात करने वाले बन गए कट्टर भ्रष्टाचारी

सीएम धामी ने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना

कस्तूरबानगर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के कस्तूरबानगर से भाजपा प्रत्याशी श्री नीरज बसोया के समर्थन में जनसभा कर भाजपा को प्रचंड बहुमत से जिताने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि दिल्ली की जनता के जोश को देखकर इस बार प्रचंड बहुमत से दिल्ली विधानसभा में डबल इंजन सरकार बनने जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। आज दुनिया का हर निवेशक भारत में निवेश करना चाहता है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के कारण लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाले कट्टर भ्रष्टाचार के पर्याय बने हुए हैं। उनके 22 विधायक, आठ मंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री तक को जेल जाना पड़ा है। झूठ बोलकर सत्ता में आए केजरीवाल ने कहा था कि हम बंगले नहीं लेंगे लेकिन उन्होंने आठ बंगले तोड़कर शीशमहल बना डाला।

आज दिल्ली में साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने राशन कॉर्ड, बस और पैनिक बटन घोटाला तक किया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सनातन धर्म को मलेरिया और डेंगू बताते हैं। एक विशेष वोट बैंक की खातिर इन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने तक को ठुकरा दिया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी माह 27 जनवरी को हम यूसीसी लागू कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा जो कहती है कि हम घोषणा पत्र जारी नहीं करते हम संकल्प पत्र जारी करते हैं और अपने संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाते हैं

कांग्रेस और आप दिल्ली में अलग-अलग होने का दावा करते हैं लेकिन, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण में एक साथ हैं। ये लोग यूपी, बिहार, उत्तराखंड के लोगों से नफरत करते हैं लेकिन, रोहिंग्याओं और घुसपैठियों से प्रेम करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि ये दिल्ली की जनता को निर्णय करना है कि वे यूसीसी लागू करने वालों के साथ हैं या फिर मुस्लिम लॉ बोर्ड का समर्थन करने वाले लोगों के साथ हैं।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद धैर्यशील मोहन पाटिल, विनय रोहिला, नरेंद्र बिष्ट, यशोदा घिल्डियाल, कमल घिल्डियाल, बाबूलाल, रोशनी खंतवाल, विकास पोखरियाल, प्रकाश जोशी, अमित भाटी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

यूसीसी – धर्म गुरुओं के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता हर पंजीकरण में नहीं

0

यूसीसी – धर्म गुरुओं के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता हर पंजीकरण में नहीं

मूल रूप से चार दस्तावेज ही प्रस्तुत करने होंगे पंजीकरण के समय

प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सवाल उठाया गया है कि लिव इन रिलेशनशिप पंजीकरण के लिए धर्म गुरुओं से प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। जिस पर यूसीसी नियमावली कमेटी के सदस्य मनु गौड़ ने स्पष्ट किया है कि ऐसा सिर्फ उन रिश्तों के मामलों में करना होगा, जिन रिश्तों के मध्य विवाह, प्रतिषिद्ध है, ऐसे रिश्तों का उल्लेख संहिता की अनुसूची 01 में स्पष्ट किया गया है।

यूसीसी के तहत लिव इन पंजीकरण के समय सिर्फ निवास, जन्म तिथि, आधार और किराएदारी के मामले में किराएदारी से संबंधित दस्तावेज ही प्रस्तुत करने होंगे। इसके अलावा जिन लोगों का पहले तलाक हो चुका है उन्हें विवाह खत्म होने का कानूनी आदेश प्रस्तुत करना होगा। साथ ही जिनके जीवन साथी की मृत्यु हो चुकी है, या जिनका पूर्व में लिव इन रिलेशनशिप समाप्त हो चुका है, उन्हे इससे संबंधित दस्तावेज पंजीकरण के समय देने होंगे।


सदस्य मनु गौड़ ने लिव इन के लिए धर्मगुरुओं से रिश्ता प्रमाणित होने संबंधित दस्तावेज की अनिवार्यता पर स्पष्ट किया है कि, ऐसा सिर्फ उन्ही मामलों में करना होगा, जिसमें लिव इन जोड़े के बीच में कोई पूर्व का रिश्ता हो और वह रिश्ता अनुसूची 01 में दर्ज प्रतिषिद्ध श्रेणी में आता हो। सामान्य तौर पर उत्तराखंड में ऐसे रिश्तों में विवाह करने वाले लोग बहुत कम हैं। इससे साफ है कि उत्तराखंड में यूसीसी के तहत होने वाले पंजीकरण में एक प्रतिशत कम मामलों में इसकी जरूरत पड़ेगी। साथ ही जिन समाजों में प्रतिषिद्ध श्रेणी के रिश्तों में विवाह होता है, वो भी धर्मगुरुओं के प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
इस तरह इसका उद्देश्य किसी के भी पंजीकरण को रोकने के बजाय, उसे पंजीकरण में सहायता प्रदान करना है। ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य मनु गौड़ के मुताबिक धर्मगुरुओं के प्रमाणपत्र के फार्मेट को भी इसमें स्पष्ट तौर पर बताया गया है।

यूसीसी नियमों का मूल या स्थायी निवास से संबंध नहीं
यूसीसी नियमावली कमेटी के सदस्य मनु गौड़ ने स्पष्ट किया है कि यूसीसी के तहत उत्तराखंड में एक साल से रहने वाला कोई भी व्यक्ति अपना पंजीकरण करवा सकता है। इस समय अवधि का मूल निवास या स्थायी निवास से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के लोग भी रहते हैं, ये लोग उत्तराखंड में सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, ऐसे लोग अब पंजीकरण कराने पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। इससे उत्तराखंड के लोगों के संसाधनों पर दबाव कम ही होगा। यदि यह सिर्फ मूल और स्थायी निवासी पर ही लागू होता तो, अन्य राज्यों से आने वाले बहुत सारे लोग इसके दायरे से छूट जाते। वो दूसरे राज्यों में विवाह करते, यहां पर सरकारी योजनाओं के लाभ लेते। वैसे भी यूसीसी एक्ट में निवासी की परिभाषा सिर्फ सिर्फ यूसीसी से संबंधित विषयों के लिए दी गई है, इसके लिए भी पांच श्रेणियां तय की गई हैं। इसका मकसद उत्तराखंड में रहने वाले सभी लोगों को यूसीसी के तहत पंजीकरण की सुविधा देने के साथ ही सरकार के डेटा बेस को ज्यादा समृद़ध बनाना है।

यह एक तरह से वोटर कार्ड तरह ही है, जिसका मूल निवास या स्थायी निवास से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यूसीसी के तहत भरे जाने वाले फार्म में चूंकि कई सारे विकल्प दिए गए हैं, इसलिए फार्म 16 पेज का हो गया है, बावजूद इसके फार्म को ऑनलाइन तरीके से भरने में पांच से दस मिनट का ही समय लगेगा। चूंकि इसे हर तरह से फूलप्रूफ बनाया जाना था, इसलिए फार्म को विस्तृत रखा गया है, ऑफ लाइन तरीके से भी इसे अधिकतम आधा घंटे में भरा जा सकता है। वेबपोर्टल में आधार डालते ही विवरण खुद ही आ जाएगा, इसलिए ऑनलाइन पंजीकरण बेहतर सुविधा जनक है।

जनपद टिहरी- कुमाल्डा क्षेत्रांतर्गत आनंद चौक के पास कार हुई दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

0

जनपद टिहरी- कुमाल्डा क्षेत्रांतर्गत आनंद चौक के पास कार हुई दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।

आज दिनांक 30 जनवरी 2025 को जिला नियंत्रण कक्ष, टिहरी के माध्यम से SDRF टीम को सूचना मिली कि चौकी कुमाल्डा क्षेत्रांतर्गत आनंद चौक के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसमें रेस्क्यू हेतु एसडीआरएफ टीम की आवश्यकता है।

उक्त सूचना पर पोस्ट सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक राजवर सिंह राणा के नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

उक्त कार (UK 07 AR 3411 वैगनआर) में पिता- पुत्र सवार थे जो मालदेवता से चंबा की ओर जा रहे थे और आनंद चौक के पास अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गये। कार सवार दोनो व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

SDRF टीम द्वारा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर खाई में उतरकर कड़ी मशक्कत के बाद रोप स्ट्रेचर के माध्यम से खाई से मुख्य मार्ग तक लाकर दोनों के शवो को जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

मृतक के नाम-
1- मूसा सिंह पुत्र श्री नैन सिंह, उम्र 57 वर्ष, निवासी जड़दार गांव चंबा।
2- मनवीर सिंह पुत्र श्री मूसा सिंह,उम्र 27 वर्ष, निवासी जड़दार गांव चंबा।