Wednesday, January 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 22

उत्तराखंड पुलिस ने नए साल के लिए तय किया रोडमैप, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स फ्री देवभूमि पर रहेगा जोर

0

डीजीपी दीपम सेठ ने अधिकारियों के साथ बैठक नए साल के लक्ष्यों को लेकर चर्चा की.

देहरादून: साल 2026 के लिए उत्तराखंड पुलिस ने रोडमैप तय करने के लिए डीजीपी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन पर विशेष फोकस दिया गया.साथ ही पुलिस कल्याण, पदोन्नति और प्रशिक्षण को प्राथमिकता, ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया पर जोर दिया गया है. डीजीपी दीपम सेठ ने आगामी वर्ष के लिए निर्धारित उत्तराखंड पुलिस की प्राथमिकताओं के संबंध में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता करने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की.

एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, राज्य की आंतरिक सुरक्षा के मद्देनजर से साइबर सर्विलांस और साइबर इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए गए. ATS, ANTF और ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया गया. एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा ATS की संरचना में एकरूपता पर दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई और मुख्यमंत्री के ड्रग-फ्री उत्तराखंड के विजन को साकार करने के लिए ANTF को इस साल और अधिक सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए गए.

जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी. जिसमें DGP-IGP Conference-2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा. साइबर अपराधों की जल्द शिकायत निस्तारण के लिए 1930 हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाते हुए 112 इमरजेंसी सिस्टम से उसके बेहतर और तकनीकी रूप से मजबूत समन्वय पर विशेष बल दिया गया.

मुख्यालय स्तर पर सभी अधिकारी अपने-अपने अनुभागों से संबंधित प्रस्तावों, प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के अनुरूप ठोस और समयबद्ध एक्शन प्लान तत्काल प्रस्तुत करेंगे.साथ ही वित्तीय साल की समाप्ति (31 मार्च) से पहले बजट, प्रोक्योरमेंट और अन्य वित्तीय मामलों का जल्द और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए.पिछले की लंबित पत्रावलियों और शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए, जिससे प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक विलंब को रोका जा सके.

फाइल कार्यों में अनावश्यक विलंब को समाप्त करने के लिए समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया अपनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण, समाधान और निस्तारण का उल्लेख किया गया. सभी अनुभागों में पत्रावलियों की गति बढ़ाने और पारदर्शिता करने के लिए ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से ही फाइलों के मूवमेंट पर विशेष जोर दिया गया. पीटीसी नरेंद्रनगर में उन्नत और विशेषीकृत प्रशिक्षण के लिए प्रस्तावित Centre of Excellence के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी कर निर्णय के लिए अवगत कराया गया.

सभी इकाइयों को समय पर ACR भरने के निर्देश दिए गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों के कल्याण,पदोन्नति, पदक, प्रशस्ति और अन्य प्रेरक पुरस्कारों के लिए योग्य कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके. डीजीपी दीपम सेठ ने बताया है कि उत्तराखंड पुलिस गीत को प्रचारित किए जाने के निर्देश दिए गए. यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान, पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और सेवा-भावना को अत्यंत सुंदर रूप से अभिव्यक्त करता है. इसे सभी प्रमुख पुलिस आयोजनों, परेडों, दीक्षांत समारोहों, स्थापना दिवस, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाया जाए, ताकि बल के मनोबल और राज्य भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके.

देहरादून में फ्लैट चोरी का खुलासा: नेहरू कॉलोनी से कुक गिरफ्तार, नकदी जुए-नशे में उड़ाई, चोरी की बाइक भी बरामद

0

देहरादून: नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित निलाय हिल्स अपार्टमेंट में फ्लैट से नकदी और गहने चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार चोरी के बाद आरोपित डालनवाला पहुंचा…जहां उसने चोरी के पैसे जुए और नशे में खर्च कर दिए।

नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि निलाय हिल्स अपार्टमेंट निवासी सूरज सिंगल ने एक जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 28 दिसंबर की रात वह अपने दोस्त के साथ खाना खाने बाहर गए थे। रात करीब 11 बजे जब वह वापस फ्लैट पहुंचे…तो सीढ़ियों का शीशा टूटा हुआ था और कमरे की अलमारी खुली मिली।

अलमारी से 2.75 लाख रुपये नकद, एक सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां, दो घड़ियां और सोने का एक हाथ का ब्रेसलेट चोरी हो चुका था। शिकायतकर्ता ने अपने कुक अमन पर चोरी का शक जताया था…जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

चेकिंग के दौरान गिरफ्तार

पुलिस ने गुरुवार रात चेकिंग के दौरान अमन कुमार, निवासी राजेश रावत कॉलोनी, चंदर रोड, डालनवाला को गिरफ्तार किया। आरोपित के कब्जे से एक हाथ घड़ी, सोने का एक ब्रेसलेट, 6,801 रुपये नकद और एक बाइक बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया कि बरामद बाइक डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र से चोरी की गई थी। आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

जुआ और नशे में उड़ाए रुपये

आरोपित ने बताया कि चोरी के बाद वह डालनवाला में अपने साथियों के पास गया, जहां उसने कुछ पैसे नशा खरीदने में खर्च किए…जबकि बाकी रकम जुए में हार गया। चोरी किए गए बाकी सामान को बेचने की तैयारी में था…लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपित पूर्व में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इसी महीने से दौड़ने लगेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

0

भारत में डिजाइन की गई पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद पहुंची है। यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है, 140 किमी प्रतिघंटा रफ्तार से चलेगी और 20 जनवरी के बाद यात्रियों के लिए नियमित सेवा में शामिल होगी।

भारत ने हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को जींद रेलवे स्टेशन पर सफलतापूर्वक पहुंचा दिया है। यह ट्रेन 20 जनवरी के बाद नियमित परिचालन के लिए पटरी पर दौड़ती नजर आएगी। देश में डिजाइन और विकसित की गई यह ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन मानी जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना मेक इन इंडिया और नेट जीरो कार्बन लक्ष्यों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक हाइड्रोजन ट्रेन का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई में किया गया है। ट्रेन का परीक्षण पूरा हो चुका है और इसे हरियाणा के जींद–सोनीपत सेक्शन पर चलाने की तैयारी है। परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 140 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल की है जबकि एक बार में 180 किलोमीटर तक का सफर तय करने की क्षमता रखती है। सबसे अहम बात यह है कि यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है। इसके संचालन से केवल पानी और भाप का उत्सर्जन होता है।

मेट्रो जैसी सुविधाएं… बिना शोर के सफर

हाइड्रोजन ट्रेन को यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें मेट्रो की तर्ज पर स्वचालित दरवाजे लगाए गए हैं। जो स्टेशन पर रुकते ही खुलेंगे और बंद होंगे। ट्रेन के चलने के दौरान शोर न के बराबर रहेगा। जिससे यात्रियों को शांत और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। कोच के अंदर डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं जिन पर अगले स्टेशन की जानकारी, गति और अन्य जरूरी सूचनाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन सुविधाएं भी दी गई हैं।

एक बार में 2500 यात्रियों की क्षमता

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस ट्रेन में एक बार में करीब 2500 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। यह क्षमता इसे उपनगरीय और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए बेहद उपयोगी बनाती है। हाइड्रोजन ईंधन पर चलने के कारण इसका संचालन खर्च डीजल ट्रेनों की तुलना में कम होने की उम्मीद है, वहीं रखरखाव भी अपेक्षाकृत सरल होगा। इससे यात्रियों को भविष्य में बेहतर सेवाएं और संभवतः किफायती किराया मिल सकेगा।

हाइड्रोजन इंजन: पानी और भाप बनता है उत्सर्जन
हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के संयोजन से बिजली उत्पन्न होती है। जिससे ट्रेन चलती है। इस प्रक्रिया में किसी तरह का धुआं या कार्बन डाइऑक्साइड नहीं निकलती बल्कि केवल पानी और भाप उत्सर्जित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक डीजल इंजनों की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण अनुकूल है और लंबे समय में भारत के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद करेगी।

लागत और भविष्य की योजना

इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना पर करीब 80 करोड़ रुपये की लागत आई है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में डीजल से चलने वाली कई लोकल और पैसेंजर ट्रेनों को हाइड्रोजन या अन्य हरित ईंधन पर स्थानांतरित करना है। इसके लिए देश के विभिन्न हिस्सों में हाइड्रोजन उत्पादन और भंडारण की व्यवस्था विकसित की जा रही है। जींद में भी हाइड्रोजन प्लांट और संबंधित अवसंरचना पर काम तेज गति से चल रहा है।

हरियाणा से होगी नई शुरुआत

जींद सोनीपत सेक्शन को हाइड्रोजन ट्रेन के लिए चुना जाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह क्षेत्र औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ रेल यातायात की दृष्टि से भी अहम है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यहां से मिली सफलता के आधार पर अन्य राज्यों में भी हाइड्रोजन ट्रेनें चलाई जाएंगी।

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन; जिला प्रशासन के सतत् प्रयास से जिला चिकित्सालय; स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार

0

स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में अब तक हुआ 491 से अधिक शिशुओं का बेहतर स्वास्थ्य उपचार
जिला प्रशासन देहरादून के सत्त प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार निरंतर सुधार हो रहा है। मा0 मुख्यमंत्री के कड़े निर्णय, स्पष्ट मार्गदर्शन तथा जिलाधिकारी सविन बंसल के समर्पण एवं सत्त निगरानी के परिणामस्वरूप जनपद देहरादून में विकास कार्य तेज़ी से धरातल पर उतर रहे हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जिला चिकित्सालय कोरोनेशन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
जिला चिकित्सालय कोरोनेशन में ₹142.91 लाख की लागत से अत्याधुनिक ब्लड बैंक का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। ब्लड बैंक की स्थापना जिलाधिकारी की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल रही है। जिलाधिकारी स्वयं नियमित मॉनिटरिंग के साथ शासन एवं उच्च स्तर पर समन्वय कर रहे हैं, जिसके फलस्वरूप इसी वित्तीय वर्ष में जिला चिकित्सालय को अपना ब्लड बैंक प्राप्त हो जाएगा। ब्लड बैंक के संचालन से मरीजों एवं तीमारदारों को रक्त की उपलब्धता हेतु इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
जिलें में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सशक्तिकरण
जिलाधिकारी के सत्त प्रयासों एवं प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 12 नवम्बर 2024 को 6 बेड से प्रारम्भ हुई स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू ) वर्तमान में दोगुनी क्षमता के साथ संचालित की जा रही है। एसएनसीयू विस्तारीकरण दृ ₹17.03 लाख, की धनराशि से किया गया है। इस आधुनिक यूनिट में दो मदर वार्ड स्टाफ रूम,  24×7 सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, जिससे सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।
नवजातों को मिल रहा जीवनदायी उपचार
एसएनसीयू के प्रारम्भ से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। प्रारम्भिक अवधि में 51 नवजातों को उपचार का लाभ मिला। जनवरी 2025 से वर्तमान तक 440 से अधिक नवजातों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया है।
नवजातों को अस्पताल तक लाने एवं आवश्यकतानुसार उच्च स्तरीय जांच हेतु अन्य चिकित्सालयों में भेजने के लिए जिलाधिकारी द्वारा एक डेडिकेटेड वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में नवजातों को ईको परीक्षण हेतु कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया, जिससे समय पर विशेषज्ञ देखभाल सुनिश्चित की जा सकी। ब्लड बैंक के अतिरिक्त जिला चिकित्सालय में ऑटोमेटेड पार्किंग एवं आधुनिक कैंटीन का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। साथ ही मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधा हेतु एक डेडिकेटेड “रक्त गरुड़” इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराया गया है, जिससे रक्त लाने-ले जाने में आवागमन सुगम हुआ है।

सीएम धामी का बड़ा फैसला: 2003 से जनवरी 2026 तक परिवार रजिस्टर की जांच, 2025 में आए 2.66 लाख नए आवेदन

0

उत्तराखंड में परिवार रजिस्टर में अनियमितताओं पर CM धामी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने 2003 से जनवरी 2026 तक परिवार रजिस्टर की जांच कराने की घोषणा की है। जांच में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की बात कही है। पंचायती राज विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में परिवार रजिस्टर से जुड़ी सेवाओं के लिए प्रदेश भर में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच नए परिवार जोड़ने के लिए 2,66,294 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2,60,337 आवेदन स्वीकृत हुए। जबकि 5429 आवेदन नियमों के उल्लंघन एवं अपूर्ण दस्तावेजों के कारण निरस्त किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार, निरस्त आवेदनों की संख्या फर्जी प्रविष्टियों की आशंका की ओर संकेत करती है, जिसके लिए प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है।

CM ने कहा, प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध परिवार/कुटुंब रजिस्टरों की प्रतियां तत्काल संबंधित DM के पास सुरक्षित रखी जाएं, जिससे अभिलेखों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो। साथ ही, परिवार रजिस्टरों की गहन जांच CDO/ADM स्तर पर कराए जाए। वहीं, जांच का दायरा वर्ष 2003 से अब तक रखा जाएगा, ताकि पूर्व वर्षों में हुई संभावित अनियमितताओं की भी पहचान हो सके। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार विभागीय व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

विकासनगर में दुर्लभ लाइकोडोन जारा सांप का रेस्क्यू, पछुवादून में पहली बार दिखी ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक प्रजाति

0

विकासनगर: देहरादून जनपद के विकासनगर-कालसी वन प्रभाग की चौहडपुर रेंज में शुक्रवार को सुबह कैंचीवाला क्षेत्र के एक आवासीय मकान में लाइकोडोन जारा सांप दिखाई दिया. जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई. मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने सांप को रेस्क्यू कर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा. इस सांप की गिनती सबसे खूबसूरत सांपों में होती है, जो काफी छोटा होता है. ये यदा कदा ही दिखाई देता है. लाइकोडोन जारा सांप काफी दुर्लभ प्रजाति में शामिल है, जो एक नॉन वेनमस है.

सरकार आपके द्वारः-प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में 05 जनवरी को कालसी-पजीटिलानी में बहुउद्देशीय शिविर

0

जनहित में बडी पहलः शिविर में ही जारी होंगे आयुष्मान, यूडीआईडी और दिव्यांग प्रमाण पत्र

निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिलेगा संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,

प्रमाण पत्रों से पेंशन तकः शिविर में आय, जाति, निवास व उत्तराधिकार मामलों का होगा समाधान

लाभ भी, समाधान भीः डीएम ने क्षेत्रीय जनता से शिविर में सहभागिता की अपील की

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत माननीय प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में सोमवार, 05 जनवरी, 2026 को प्रातः 11ः00 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक विकासखंड कालसी स्थित पंजीटिलानी मिनी स्टेडियम में वृहद बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें। सभी विभाग आवेदन प्रपत्रों एवं योजनाओं से संबंधित संपूर्ण जानकारी के साथ शिविर स्थल पर उपस्थित रहेंगे।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण करेंगे तथा विभागीय स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशा मुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदा गौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।

ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।

लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।

ओवरटेक के चक्कर में लालकुआं बाईपास पर दो कारों की भिड़ंत, चार लोग मामूली घायल, एक घंटे तक लगा जाम

0

लालकुआं। राष्ट्रीय राजमार्ग में लालकुआं-बाईपास के बीच पास दो कारों की ओवरटेक के चक्कर में हुई भिड़ंत के चलते चार लोग मामूली रूप से जख्मी हो गए, जबकि दोनों कार क्षतिग्रस्त हो गई, इस दौरान काफी देर तक यातायात अवरुद्ध रहा, तथा दोनों जनपदों की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लगभग 1 घंटे के बाद बमुश्किल जाम खुलवाया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक आज देर शाम लालकुआं से नगला की ओर को जा रही दो कारें ओवरटेक के चक्कर में आपस में ही भिड़ गई, परिणाम स्वरुप दोनों कार सड़क में आड़ी तिरछी खड़ी होकर क्षतिग्रस्त हो गई, इस दौरान जय अरिहंत कॉलेज हल्दूचौड़ से खटीमा को स्विफ्ट डिजायर कार से जा रहे हीरा सिंह और मनीष समेंत चार लोग मामूली रूप से जख्मी हो गए, दूसरी कार (सोनेट किया) में एक महिला और पुरुष सवार थे, जिसमें पुरुष को हल्की चोट आई है, जिसे उसकी पत्नी दूसरी गाड़ी से चिकित्सालय को ले गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों कारों में सवार चार लोग मामूली रूप से जख्मी हो गए। जबकि उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर पहुंचे लालकुआं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा के अनुसार ओवरटेक के चक्कर में हुई दुर्घटना के बाद दोनों कारें सड़क में आड़ी तिरछी हो जाने के चलते जाम लग गया।

जिसे बमुश्किल सड़क से हटवा कर जाम खुलवाया गया है, जाम लगने के बाद मौके पर उधम सिंह नगर की पुलिस भी पहुंच गई थी, दुर्घटना स्थल लालकुआं और पंतनगर थाने का बॉर्डर क्षेत्र है, जिसमें दोनों थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से जाम हटाने की कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार सौभाग्य से किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।

रानीबाग से कैंचीधाम-नैनीताल रोपवे की कवायत तेज:35 KM हवा में कर सकेंगे सैर,वाहनों का दबाव होगा कम

0

विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर और सरोवर नगरी में वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से शासन स्तर पर रानीबाग से कैंची धाम और नैनीताल रोपवे की योजना तैयार की गई। जिसकी कवायत अब तेज हो गई है।केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों पर एक निजी कंपनी ने रोपवे का सर्वे शुरू कर दिया है। भीमताल में शुरू हुए सर्वे के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम से राहत के साथ-साथ वाहनों के दबाव कम होने की उम्मीद जागने लगी है।

नैनीताल समेत भीमताल और कैंचीं धाम जाने वाले पर्यटकों को आने वाले समय में रोपवे के ज़रिये बड़ी सुविधा मिल सकती है। इसके लिए काठगोदाम के रानीबाग में पहला स्टेशन और दूसरा भीमताल में लगाने का सर्वे चल रहा है। इसके बाद, भीमताल से भवाली और फिर भवाली से नैनीताल और कैंचीं धाम तक रोपवे चलाने की संभावनाएं सर्वे के माध्यम से खोजी जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत कार्य होना है मुख्यमंत्री द्वारा मार्ग में रोपवे निर्माण हेतु फिजिबिलटी अध्ययन कराये जाने हेतु बजट स्वीकृत की गई है।

रोपवे कंपनी के सुपरवाइजर मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना को लेकर एजेंसी ने भीमताल से सर्वे का काम शुरू कर दिया है। लगभग 35 किलोमीटर लम्बी इस प्रस्तावित रोपवे लाइन में लगभग पाँच स्टेशन बनाए जाने हैं। ये स्टेशन रानीबाग, भीमताल, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम में होंगे।

अभी रोपवे परियोजना में एजेंसी ने भीमताल के सिडकुल में आधुनिक मशीनों के माध्यम से सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना के पूरे होने से जहां एक तरफ पर्यटकों को बाधित यातायात और जाम से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ वो हवा से पहाड़ों के सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की यह योजना एक बड़ा और अहम कदम माना जाएगा।

देहरादून में थर्टी फर्स्ट की रात पार्टी के बाद कमरे में मृत मिला बीटेक छात्र, मौत की वजह स्पष्ट नहीं

0

देहरादून: थर्टी फर्स्ट की रात दोस्तों संग पार्टी कर अपने कमरे में लौटा बीटेक छात्र मृत मिला। छात्र यूपी के संभल जिले का निवासी था। शुक्रवार को छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ न होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है।

प्रेमनगर थाने के एसएसआई अनित कुमार ने बताया कि मूलरूप से यूपी के संभल जिले के नहरौला, असमोली निवासी अभी चौधरी पुत्र जयविंदर सिंह दून में यूआईटी संस्थान में बीटेक तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह थाना क्षेत्र के शिवपुर में गली संख्या दो स्थित मकान में किराये पर रहता था। 31 दिसंबर की रात दोस्तों संग पार्टी की। देर रात कमरे पर लौटा तो उसने ठंडे पानी से सिर धुला। इसके बाद वह अपनेकमरे में जाकर सो गया। एक जनवरी को दोपहर तक भी उसने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। साथियों ने फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। साथी छात्र उसके कमरे पर पहुंचे। काफी खटखटाने पर भी अंदर से बंद दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद दरवाजा तोड़ा तो अंदर बिस्तर पर अभी अचेत था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देने के साथ ही शव मोर्चरी में रखवाया। मृतक के परिजनों के दून पहुंचने पर शुक्रवार को अभी के शव का पोस्टमार्टम कराया।