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सचिवालय पहुंचे इंजीनियर की हार्टअटैक से मौत

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यह खबर वाकई बहुत दुखद है। प्रभारी अधीक्षण अभियंता मूलचंद गुप्ता का निधन अचानक और अप्रत्याशित रूप से हुआ। हार्टअटैक के कारण उनका निधन, खासतौर पर ऐसे समय में जब वह एक बैठक में शामिल होने पहुंचे थे, यह बहुत ही सदमा देने वाली घटना है। उनके परिवार और सहकर्मियों के लिए यह कठिन समय होगा।

सचिवालय में उनके निधन के बाद जो उपाय किए गए, जैसे उन्हें डिस्पेंसरी में प्राथमिक उपचार देना और तुरंत अस्पताल ले जाना, यह दर्शाता है कि अधिकारियों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें बचाया नहीं जा सका।आपका विचार है, इस प्रकार की घटनाओं से संबंधित कोई विशेष पहल या सुरक्षा उपाय जो भविष्य में मदद कर सकते हों?

रोडवेज की सभी बसों में लगेंगे जीपीएस व कैमरे, एक ही कंट्रोल रूम से होगा ट्रैक

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उत्तराखंड रोडवेज की बसों की निगरानी अब जीपीएस और ऑनलाइन कैमरों से होगी

उत्तराखंड रोडवेज की बसों की निगरानी अब परिवहन निगम प्रबंधन द्वारा जीपीएस डिवाइस और ऑनलाइन कैमरों के माध्यम से की जाएगी। इस योजना की तैयारी शुरू हो चुकी है और जल्द ही सभी बसों में जीपीएस डिवाइस और ऑनलाइन कैमरे लगाए जाएंगे। रोडवेज बसों के संचालन, माइलेज और सवारियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम प्रबंधन इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रहा है।

परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी ने इस योजना के लिए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सबसे पहले उन कंपनियों को बुलाया जाएगा जो बसों में जीपीएस और ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरे लगाने की सुविधा प्रदान कर सकती हैं। जीपीएस लगाने का एक बड़ा लाभ यह होगा कि रोडवेज की बसें निर्धारित मार्गों से अलग नहीं चलेंगी, जिससे बसों का संचालन व्यवस्थित रहेगा और उनका माइलेज भी दुरुस्त रहेगा।

जीपीएस और सीसीटीवी की ट्रैकिंग की सुविधा

एमडी रीना जोशी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि जीपीएस को एक ही कंट्रोल रूम से ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी कंट्रोल रूम से देखी जा सकेगी, जिससे सवारियों की शिकायतों में कमी आएगी। इसके अलावा, ड्राइवर और कंडक्टर भी ज्यादा अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभा सकेंगे।

अभी तक कुछ बसों में कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनकी लाइव फुटेज देखने की व्यवस्था नहीं है। यदि किसी बस में सवारियों या चालक-परिचालक के साथ अभद्रता का मामला होता है, तो फुटेज बस में रखी हार्ड डिस्क से ली जाती है। लेकिन लाइव फुटेज की व्यवस्था होने के बाद निगरानी अधिक आसान और रियल टाइम होगी।

एमडी रीना जोशी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और पहले कंपनियों से आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) लिए जाएंगे। इसके बाद ही आगे के कदम उठाए जाएंगे।

पर्यटन के रूप में उभरेगा जादुंग गांव

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भारत-चीन युद्ध के बाद से उत्तरकाशी जिले का सीमांत जादुंग गांव वीरान पड़ा हुआ था, लेकिन अब इसे पर्यटन ग्राम के रूप में पहचान मिलने वाली है। इस लक्ष्य के लिए प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास की योजना पर काम शुरू कर दिया है। शीतकाल में रुके निर्माण कार्यों को अप्रैल और मई महीने से फिर से आरंभ करने की योजना है।

1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद से जादुंग गांव वीरान था, लेकिन पिछले साल से यहां की खामोशी टूटने लगी है। सरकार ने इस गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को इस कार्य का दायित्व सौंपा गया है। जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा के अनुसार, शीतकाल के कारण जिन निर्माण कार्यों को रोका गया था, उन्हें दो महीने बाद फिर से शुरू किया जाएगा।

पहले चरण में जीएमवीएन ने जादुंग गांव में छह पुराने और जीर्ण-शीर्ण घरों के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके लिए 19 सितंबर 2024 से कार्य शुरू किया गया था। चार घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर उनका पुनर्निर्माण किया जा चुका है। इस कार्य के लिए 365.33 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से शासन स्तर पर 146 लाख रुपये की राशि अवमुक्त की जा चुकी है। इसके अलावा, आठ अन्य भवनों के पुनर्निर्माण के लिए 493.36 लाख रुपये का अनुमान तैयार किया गया है।

जादुंग गांव में उत्सव मैदान बनाए जाने के बाद यहां की रौनक लौट आएगी। इसके लिए 997.31 लाख रुपये का अनुमान तैयार किया गया है। साथ ही, भेरोंघाटी जादुंग मोटर मार्ग पर हिंडोलीगढ़ में कारवां पार्क के विकास के लिए 999.89 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

जादुंग गांव में 91.38 लाख रुपये की लागत से प्रवेश द्वार और चेक पोस्ट का निर्माण कार्य अप्रैल महीने से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, भेरोंघाटी जादुंग मोटर मार्ग पर गर्तांग गली के सामने स्थित हवा बैंड में व्यू प्वाइंट बनाने के लिए 50.43 लाख रुपये और श्रीकांठा में व्यू प्वाइंट के लिए 66 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है। जादुंग गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए काम शुरू किया गया है। हमारी कोशिश है कि जादुंग गांव पर्यटन के मानचित्र पर प्रभावी रूप से उभरकर सामने आए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के 8.21 लाख किसानों को मिला 181 करोड़ का लाभ, कृषि मंत्री ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

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प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त,

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जताया प्रधानमंत्री का आभार, बोले-किसान के मजबूत होने से मिलेगी परिवार और देश को मजबूती

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिहार के भागलपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इस योजना के तहत देश के 9 करोड़ 80 लाख से अधिक किसानों को 22 हजार करोड़ से अधिक की सम्मान राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई। उत्तराखंड के किसानों को भी इस योजना के तहत बड़ी राहत मिली है। राज्य के 8.21 लाख पात्र किसानों को 181 करोड़ की धनराशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई। अब तक की 18 किस्तों में प्रदेश के किसानों को कुल 2926.24 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है।

सुबे के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के सरखेत में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान 19वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं और पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस दौरान विभिन्न समूह संगठनों के पदाधिकारियों को फार्म मशीनरी बैंक के तहत पावर वीडर, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, ब्रश कटर, आटा चक्की, चौफ कटर और ट्रैक्टर जैसे उपकरण तथा किसानों को सहयोग राशि के चैक भी प्रदान किए गए।

कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार द्वारा संचालित कृषि एवं औद्यानिक योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना है। किसानों को अत्याधुनिक कृषि यंत्र, जल संरक्षण सुविधाएं और प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी उत्पादकता को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने 10 हजार किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी राष्ट्र को समर्पित करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर वर्ष किसानों को तीन किस्तों में 6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। इस योजना से न केवल छोटे और सीमांत किसानों को लाभ हो रहा है, बल्कि इससे देश की कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, सचिव कृषि डा0 एसएन पांडे, निदेशक कृषि केसी पाठक, जैविक बोर्ड के सदस्य निरंजन डोभाल, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, बीडीसी बालम सिंह, ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे

मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश

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मानकों पर खरे विद्यालयों का होगा उच्चीकरणः डॉ. धन सिंह रावत

कहा, जनपदों से मांगे जाय विद्यालयों के उच्चीकरण के प्रस्ताव

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत मानकों को पूरा करने वाले विद्यालयों का उच्चीकरण किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को उच्चीकरण संबंधी प्रस्तावों पर कार्रवाई के निर्देश दे दिये गये हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों से उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रस्ताव भी महानिदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री घोषण के संबंधित उच्चीकरण के प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाही के निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विद्यालयों के उच्चीकरण के संबंध में विभागीय अधिकारियों से जानकारी हासिल करते हुये उच्चीकरण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेशभर के ऐसे राजकीय विद्यालय जो उच्चीकरण के मानकों को पूरा करते हो, शीघ्र उच्चीकरण किया जाय। इस संबंध में उन्होंने जनपद स्तर से मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जूनियर हाईस्कूल और हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों के उच्चीकरण प्रस्ताव शीघ्र मांगे जाने के निर्देश दिये। ताकि समय पर विद्यालयों का उच्चीकरण कर स्थानीय छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में और अधिक सुगमता हो सके।
विभागीय मंत्री ने बताया कि वर्तमान में हाईस्कूल से इंटर स्तर पर उच्चीकरण हेतु मानक पूर्ण करने वाले नौ विद्यालय हैं। जिनमें चम्पावत जनपद का राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फुॅगर, सल्ली और पल्सों शामिल है। इसी प्रकार रूद्रप्रयाग जनपद में स्व0 शहीद फते सिंह राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाडव, टिहरी में रा0उ0मा0 वि0 मेड़, चामासारी, हरिद्वार में रा0उ0मा0 विद्यालय बेलड़ी, अल्मोड़ा में रा0उ0मा0 विद्यालय कांटली और नैनीताल में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैड़ागांव शामिल है जिनका शीघ्र ही उच्चीकरण कर आदेश जारी कर दिये जायेंगे। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल विभिन्न विद्यालयों के उच्चीकरण संबंधी प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई की जाय तथा उच्चीकरण के मानक पूर्ण न करने की स्थिति में शिथिलीकरण हेतु प्रस्ताव माननीय मुख्यमंत्री को भेजे जाय।

बैठक में अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना राजगुरू, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर सचिव एमएम सेमवाल, प्रभारी निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर परियोजना निदेशक कुलदीप गैरोला, उप सचिव अनिल पाण्डेय, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव, स्टॉफ ऑफिसर समग्र शिक्षा बी.पी.मंदोली सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व है। यह पर्व हमें प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जागरण की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पावन पर्व पर कामना की है कि भगवान शिव की असीम कृपा सभी प्रदेशवासियों पर हमेशा बनी रहे और प्रदेश उन्नति एवं खुशहाली के पथ पर हमेशा आगे बढता रहे।

पौड़ी में तीन दिवसीय शहीद मेले का शुभारंभ, क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को पौड़ी के दुगड्डा पार्क में तीन दिवसीय शहीद मेले का शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने दुगड्डा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, स्व. बलदेव सिंह आर्य और स्व. भवानी सिंह रावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की गई। जिसमें नगरपालिका दुगड्डा के क्षेत्रान्तर्गत एक आधुनिक बहुउद्देशीय भवन का निर्माण। नगर पालिका के लिए एक आधिकारिक वाहन की व्यवस्था। भवानी सिंह रावत शहीद स्मृति स्थल का संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पुनर्निर्माण नगर पालिका द्वारा किया जाएगा। नगर पालिका परिषद् दुगड्‌डा क्षेत्रान्तर्गत निराश्रितों के लिए एक स्थायी रैन बसेरा का निर्माण किए जाएगा। दुगड्डा नगर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का विकास एवं इसका नाम स्व. मोहनलाल बौंठियाल के नाम पर रखा जाएगा। दुगड्‌डा ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम की स्थापना की जाएगी। फतेहपुर में सिलगाड नदी पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। मटियाली में सिद्धबाबा मंदिर का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य कराए जाने की घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान हमें देश की सेवा में समर्पण और कर्तव्य का मार्गदर्शन देता है। इस प्रकार के आयोजन हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक करते हैं, जिनसे हमें शहीदों के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधाममंत्री के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथाओं का नई पीढ़ी को पुनः स्मरण कराने के लिए पूरे देश में स्मारकों और संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऐसे वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों व उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गयी है। इस कड़ी में उत्तराखंड का पांचवा धाम सैनिक धाम देहरादून के गुनियाल गांव में बनाया जा रहा है। सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाओं और आवासीय योजना में भी प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूरे राज्य में 5 हजार हेक्टेयर से भी अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। सरकार ने चार दिन पहले विधानसभा सत्र में सशक्त भू कानून को पूर्ण बहुमत से पारित कर दिया है। वनाग्नि की समस्या के समाधान के लिए भी प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा जिस भी वन क्षेत्र में आग लगेगी संबंधित वन विभाग के आधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही आग लगाने वालों के खिलाफ कार्यवाही और नुकसान की भरपाई भी उन्हीं लोगों से की जाएगी। इसके लिए जल्द कानून भी बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष और विकास बनाम वन संरक्षण के संबंध में केंद्र सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। इससे चुनौतियों का समाधान होगा और जो विकास कार्य नहीं हो पाते हैं उन पर काम हो सकेगा। साथ ही वन्यजीव हमलों के सबंध में संबंधित अधिकारियों को विधि सम्मत कार्यवाही को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबकी जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। वन्य जीवों के हमलों को लेकर भी जल्द कानून बनाया जाएगा।

शहीद मेले में रीप परियोजना, बाल विकास, वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान, सहकारिता, समाज कल्याण, डेयरी विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए स्टॉल लगाकर लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक महंत दिलीप रावत, विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ट,मेयर कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दुगड्डा शांति बिष्ट, जिला अध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नर्सिंग अधिकारियों को मिलेगी दो सप्ताह के भीतर नियुक्तिः डॉ. धन सिंह रावत

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पांच मेडिकल कॉलेजों व कैंसर संस्थान में रिक्त पदों के सापेक्ष होंगे तैनात

विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने अधिकारियों को दिये शीघ्र नियुक्ति के निर्देश

उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 1314 नर्सिंग अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर नियुक्ति दे दी जायेगी। इन सभी नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों व राजकीय कैंसर संस्थान हल्द्वानी में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनात किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी औचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों को दो सप्ताह के भीतर नर्सिंग अधिकारी मिल जायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया की सभी औचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये है। उन्होंने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों के स्वीकृत पद लम्बे समय से रिक्त पड़े हैं, जिनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून में 323, हल्द्वानी 320, रूद्रपुर 310, अल्मोड़ा 207 और श्रीनगर में 300 पद शामिल है। इस प्रकार राजकीय कैंसर संस्थान हल्द्वानी में भी 64 पद स्वीकृत हैं। इन सभी स्वीकृत पदों के सापेक्ष सेवा चयन बोर्ड से चयनित नर्सिंग अधिकारियों को तैनात किया जायेगा।

विभागीय मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधारीकरण के दृष्टिगत चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती का अधियाचन भेजा था। जिसके क्रम में सेवा चयन बोर्ड द्वारा भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर 1314 नर्सिंग अधिकारियों का अंतिम चयन परिणाम विभाग को सौप दिया गया है। इन चयनित नर्सिंग अधिकारियों का वर्तमान में दो स्तरों पर सत्यापन चल रहा है, जिसमें अधिक समय लगने के चलते चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र तैनाती देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया पृथक से चलती रहेगी यदि नौकरी पाने के उपरांत किसी अभ्यर्थी के सत्यापन में गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

डॉ. रावत ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता मेडिकल कॉलेजों में जल्द से जल्द नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति देना है ताकि मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की देखभाल व स्वास्थ्य सुविधाओं में और अधिक सुधार को सुनिश्चित किया जा सके।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कॉफी टेबल बुक और डैशबोर्ड का लोकार्पण

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  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजभवन में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बनाई गई कॉफी टेबल बुक ‘श्री केदारनाथ जी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन पर एक और प्रयास’ का विमोचन और यूएसडीएमए के डैशबोर्ड का लोकार्पण किया।

   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत एक संवेदनशील राज्य है। भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों के कारण यहां भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना, भूकंप जैसी आपदाएं समय-समय पर आती रहती हैं। इन आपदाओं से निपटना हमारे लिए एक बड़ी चुनौती रहती है। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2024 को श्री केदारनाथ क्षेत्र में आई आपदा एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई थी। इस कठिन परिस्थिति में उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने सभी रेखीय विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किए।

  राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से समन्वय बनाते हुए इस आपदा की घड़ी में त्वरित निर्णय लेकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए, जो कि सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त घटना का संज्ञान लेते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने एवं यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए। उनकी निगरानी में युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किए गए। राज्यपाल ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा भी भरपूर सहयोग प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इस आपदा के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इतने फिक्रमंद थे कि वे स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की अपडेट लेते रहे।

   राज्यपाल ने कहा कि इन सभी महत्वपूर्ण प्रयासों को एक पुस्तक के रूप में संकलित किया गया है, जो भविष्य के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का कार्य करेगी। ‘‘श्री केदारनाथ जी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन पर एक और प्रयास’’ कॉफी टेबल बुक में उन सभी बहादुर व्यक्तियों और संगठनों के योगदान को संजोया गया है, जिन्होंने अपनी निस्वार्थ सेवा से इस आपदा का प्रभाव कम करने में सहायता की।

   राज्यपाल ने कहा कि आज हम यू.एस.डी.एम.ए. डैशबोर्ड का भी लोकार्पण कर रहे हैं, जो आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सटीक, त्वरित और पारदर्शी बनाएगा। यह डिजिटल प्रणाली न केवल आपदाओं से संबंधित आंकड़ों के संग्रहण और विश्लेषण में सहायता करेगी, बल्कि नीति-निर्माण और त्वरित निर्णय लेने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस डैशबोर्ड से उत्तराखण्ड को आपदा प्रबंधन में एक नई तकनीकी शक्ति मिलेगी, जिससे न केवल त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी, बल्कि भविष्य में बेहतर आपदा पूर्वानुमान और योजनाएं भी बनाई जा सकेंगी।

   राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड एक ऐसा राज्य है, जो न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपने नागरिकों की सेवा-भावना और साहस के लिए भी जाना जाता है। राज्यपाल ने उन सभी व्यक्तियों और संगठनों का धन्यवाद किया जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपना कर्तव्य निभाया और लोगों की रक्षा के लिए दिन-रात कार्य किया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर एक सशक्त, सतर्क और आपदा-प्रतिरोधी उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में कार्य करें, ताकि हम अपनी प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकें।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारनाथ क्षेत्र में 31 जुलाई 2024 को आई आपदा के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों के प्रयासों को दर्शाने वाली “कॉफी टेबल बुक“ का विमोचन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने वाले यूएसडीएमए के डैशबोर्ड का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष केदारनाथ क्षेत्र में आई आपदा के दौरान चारधाम यात्रा भी चल रही थी। शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन से मुख्यमंत्री रातभर प्रभावित क्षे़त्र की हर अपडेट लेते रहे। अगले दिन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए स्वयं मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा से बचाव के लिए सामाजिक, धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों का सरकार को पूरा सहयोग मिला।  उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा भर नहीं थी बल्कि हमारे धैर्य, समर्पण और आपदा प्रबंधन की क्षमताओं की एक कठिन परीक्षा भी थी।

   मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे केदारनाथ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे तो उनके मन में शंका थी कि देशभर से आये श्रद्धालुओं के मन में आक्रोश का भाव होगा। उन्होंने कहा कि हमारे प्रभावित क्षेत्र में जाते ही श्रद्धालुओं में उत्साह का भाव दिखा। श्रद्धालुओं ने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि हम सभी देवभूमि से सुरक्षित अपने घर जायेंगे। सभी श्रद्धालुओं को भोजन, दवाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया। आपदा प्रभावित क्षेत्र में 29 स्थानों पर सड़क मार्ग ध्वस्त हो गये थे, उन सभी को जल्द प्रारंभ किया। व्यावसायिक संगठनों के लोगों से बात कर उनके सुझावों को आगे बढ़ाया। इस आपदा में हमारे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस बल, भारतीय वायु सेना के जवानों तथा जिला प्रशासन की टीमों के साथ ही स्थानीय लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी आपदा की चुनौती से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) का सहयोग हमें निरंतर मिलता है। उन्होंने कहा कि इस बार कि चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तैयारियां की जा रही है। प्रदेश में 08 दिसम्बर 2024 से शुरू हुई शीतकालीन यात्रा के भी अच्छे अनुभव सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री का शीतकालीन यात्रा में कार्यक्रम प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुखवा में उनके लिए भी एक अलग प्रकार का अनुभव था। शीतकाल में उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य और भी अद्भुत होता है।

   इस मौके पर कैबिनेट मंत्री और रूद्रप्रयाग जनपद के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि 31 जुलाई 2024 का दिन केदारघाटी के लिए बहुत दुखद दिन था। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के दौरान सबसे आगे खड़े होकर लोगों के अंदर का डर दूर कर यात्रा फिर शुरु करवाने में सफलता हासिल की। केदारनाथ और सिलक्यारा आपदा प्रबंधन इसका उदाहरण है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हर बार सरकार अपनी कार्यकुशलता से आपदा से निपटने में कामयाब रही। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री आपदा के दौरान काम करते हैं, एक कॉफी टेबल बुक तो मुख्यमंत्री पर भी बनाई जा सकती है।

यूएसडीएमए द्वारा विकसित किए गए डैशबोर्ड की विशेषताएं

   इस डैशबोर्ड से उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सटीक, त्वरित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा एक्शन टेकन रिपोर्ट को डिजिटल बनाया जाएगा। आपदा की घटनाओं का त्वरित विश्लेषण करने एवं उचित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। आपदा संबंधी डेटा को किसी भी स्थान से ऑनलाइन एक्सेस किया जा सकेगा। सभी जिलों से डिजिटल माध्यम से सूचनाओं का संकलन होगा, आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी एवं डेटा संचालित बनाने में मदद मिलेगी।

बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब तथा शीतकाल के दौरान पांडुकेश्वर, ऊखीमठ, मुखवा, खरसाली में प्रतिदिन आगमन कर रहे तीर्थयात्रियों एवं वाहनों की सूचनाएं नियमित अपडेट की जाएंगी। आपदाओं के कारण होने वाली जनहानि, पशुहानि तथा परिसंपत्तियों की क्षति, सड़क दुर्घटनाओं का विवरण, आगामी दस दिवस का मौसम पूर्वानुमान, उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों में तैनात आपदा मित्रों की जीआईएस लोकेशन के साथ फोन नंबर, सेटेलाइट फोन की सूचनाएं तथा सड़कों के बाधित होने व खुलने की जानकारी समाहित होगी।

    इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिला, मंडी परिषद् के अध्यक्ष अनिल डब्बू, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस भदौरिया, एडीजी ए.पी. अंशुमान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजकुमार नेगी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग डॉ. सौरभ गहरवार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

राजनैतिक महारथी पुष्कर की जौनसार चकराता में धूम

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सियासत के राजनैतिक महारथी पुष्कर की जौनसार चकराता में धूम

उत्तराखंड सियासत के माहिर राजनैतिक ख़िलाड़ी पुष्कर सिंह धामी अपनी विकास पुरुष की छवि से दिलो पर राज कर रहे है कुमायु हो या गढ़वाल और अब जोनसर बाबर हर जगह धामी सरकार विकास को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजन के अनुरूप आगे लेकर चल रही है विकास यात्रा में जनता का बीजेपी सरकार को भरपूर समर्थन मिलता देखा जा रहा है निकायों के चुनावो में बीजेपी 42 नगर निगम नगर पालिका नगर पंचायत पर भगवा लहरा कर नंबर एक पर रही धामी सरकार के विकास पर जनता की मोहर के रूप में इसको देखा जा रहा है

जौनसार बावर दौरे पर पहुंचे सीएम धामी ने कहा कि महासू महाराज की कृपा से बहुत सारे काम कर लिए। आज के समय में उत्तराखंड देश में विभिन्न विषयों में लगातार चर्चाओं में है। देश के अग्रणी राज्यों में हमारा स्थान आ रहा है। विकास के मामले में नीति आयोग के 2023-24 के इंडेक्स में पहले स्थान पर आया है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जौनसार-बावर दौरा क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक धरोहर की संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने हनोल में मॉर्निंग वॉक के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात की और सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं के बारे में फीडबैक लिया। इसके अलावा, उन्होंने महासू देवता मंदिर क्षेत्र के पुनर्विकास के मास्टर प्लान पर चर्चा करते हुए कार्यों की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मंदिर क्षेत्र के पुनर्विकास को लेकर अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके साथ ही, छात्राओं से मुलाकात कर उन्हें आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं, जो उनके समर्पण और क्षेत्र की शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री की यह पहल जौनसार-बावर क्षेत्र के विकास के साथ-साथ वहां की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।