Saturday, March 7, 2026
spot_img
Home Blog Page 163

शहादत भरा अपना इतिहास जानना बहुत जरूरी: कथाकार सुभाष पंत

0
शहादत भरा अपना इतिहास जानना बहुत जरूरी: कथाकार सुभाष पंत

शहादत भरा अपना इतिहास जानना बहुत जरूरी: कथाकार सुभाष पंत

देहरादून, 4 मार्च 2025 कथाकार सुभाष पंत स्कूलों के पाठ्यक्रम में राज्य आंदोलन को शामिल करने के उत्तराखंड सरकार के फैसले से बेहद खुश हैं। पंत इसे एक महत्वपूर्ण कदम मानते हुए कहते हैं, “शहादत भरे इतिहास की जानकारी हमारे बच्चों को होनी ही चाहिए। उन्हें अपनी विभूतियों के बारे में भी जानना चाहिए, ताकि वे अपने राज्य की असली पहचान और संघर्ष को समझ सकें।”

इससे पहले, उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान-2024 से नवाजे गए सुभाष पंत ने इस फैसले को संयोग से जोड़ते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। वह कहते हैं, “यह निर्णय वास्तव में बहुत अच्छा है और यह उत्तराखंड के इतिहास और संघर्ष को न केवल छात्रों तक पहुंचाएगा, बल्कि राज्य की युवा पीढ़ी को प्रेरित भी करेगा।”

उन्होंने साहित्यकारों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए की गई घोषणाओं का भी स्वागत किया। पंत के अनुसार, “किसी भी क्षेत्र की पहचान साहित्यकारों से ही होती है। अगर साहित्यकारों की आर्थिक मजबूती पर ध्यान दिया जा रहा है, तो यह निश्चित रूप से एक अच्छी पहल है।” उन्होंने उदाहरण के रूप में रवींद्रनाथ टैगोर और बंगाल का उल्लेख किया, जहां साहित्य और साहित्यकारों को अत्यधिक सम्मान प्राप्त है।

सुभाष पंत की कृतियों की लंबी सूची है, जिसमें “एक रात का फासला,” “छोटा हुआ आदमी,” “मुन्नी बाई की प्रार्थना,” “पहाड़ की सुबह” और “सिंगिंग बेल” जैसी कृतियाँ शामिल हैं। इन कृतियों ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है। बातचीत में पंत ने यह भी कहा, “कैसा भी दौर रहा हो, सृजन कभी रुकता नहीं है। यात्रा हमेशा आगे बढ़ती है, पीछे नहीं लौटती।”

साथ ही, वह उत्तराखंड भाषा संस्थान की तारीफ भी करते हुए कहते हैं, “यहां क्रिएटिव लोगों के आने के बाद माहौल में बदलाव आ रहा है और साहित्य को एक नई दिशा मिल रही है। यह शुभ संकेत है कि अब नए साहित्यकारों को मंच मिल रहा है, जो भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक है।”

सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को शिक्षा योजनाओं की ऑनरशिप लेने की हिदायत दी

0
सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को शिक्षा योजनाओं की ऑनरशिप लेने की हिदायत दी

सीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को शिक्षा योजनाओं की ऑनरशिप लेने की हिदायत दी

देहरादून, 04 मार्च 2025 राज्य में स्कूली शिक्षा के कायाकल्प के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को शिक्षा से संबंधित योजनाओं की ऑनरशिप लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी सम्पर्क योजना की कार्यप्रणाली में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और हर माह इस योजना की समीक्षा अनिवार्य रूप से करें।

मुख्य सचिव ने समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड और सम्पर्क फाउण्डेशन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि 13 जिलों के 95 ब्लॉकों के 11479 स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज के लिए डिजिटल संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। इस योजना के तहत टीवी डिवाइस, स्मार्ट एलईडी टीवी, और आॅफलाइन कंटेंट जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं ताकि राज्यभर के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

श्रीमती रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे डीईओ और बीईओ के साथ सम्पर्क योजना की अधिकतम उपयोगिता की समीक्षा करें और डीएम डैशबोर्ड के माध्यम से इस योजना की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, उन्होंने विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से इस योजना का अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने चम्पावत, सितारगंज, पौड़ी, खिर्सू, डीडीहाट और ऊखीमठ ब्लॉकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि इन क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीक संचालित लर्निंग टूल्स को एकीकृत करना महत्वपूर्ण है ताकि छात्रों को उन्नत और संवादात्मक शैक्षिक अनुभव मिल सके।

राज्यभर में अब तक 3237 प्राथमिक विद्यालयों और 1100 उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित कुल 4337 विद्यालयों में सम्पर्क योजना का लाभ मिल चुका है। इस योजना के तहत राज्य के 25 प्रतिशत स्कूलों को स्मार्ट क्लासेज में अपग्रेड किया जा चुका है।

बैठक के दौरान श्रीमती राधा रतूड़ी ने टीचर्स रिपोर्ट कार्ड का विमोचन भी किया, जिसे शिक्षा विभाग और सम्पर्क फाउंडेशन ने तैयार किया था। बैठक में सचिव रविनाथ रामन, शिक्षा विभाग के अधिकारी और जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

भाजपा ने जिलाध्यक्षों के नाम का पैनल केंद्र को भेजा पीएम के आने से शीतकालीन यात्रा को मिलेगी विश्वव्यापी पहचान : महेंद्र भट्ट

0
भाजपा ने जिलाध्यक्षों के नाम का पैनल केंद्र को भेजा पीएम के आने से शीतकालीन यात्रा को मिलेगी विश्वव्यापी पहचान : महेंद्र भट्ट

भाजपा ने जिलाध्यक्षों के नाम का पैनल केंद्र को भेजा
पीएम के आने से शीतकालीन यात्रा को मिलेगी विश्वव्यापी पहचान : महेंद्र भट्ट

देहरादून, 4 मार्च 2025 भा.ज.पा. संगठन ने जिलाध्यक्षों के नामों का पैनल राष्ट्रीय पर्यवेक्षक के माध्यम से केंद्र को भेज दिया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि शीघ्र ही केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद प्रदेश चुनाव अधिकारी द्वारा नामों की घोषणा की जाएगी।

भट्ट ने बताया कि संगठन के तहत जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास और प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार के साथ उन्होंने सभी 19 सांगठनिक जिलों में भेजे पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की। इस चर्चा के बाद, मुख्यमंत्री से विमर्श करके, जिलों के लिए 5-5 नामों का पैनल तैयार किया गया और इसे पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक, सांसद और किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर को सौंपा गया।

इस दौरान, महेंद्र भट्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तरकाशी दौरे को शीतकालीन यात्रा को नई ऊँचाई देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तरकाशी आना देवभूमि के लिए उत्साहवर्धक साबित होगा, और चारधाम यात्रा जो राज्य की आर्थिकी का अहम हिस्सा रही है, अब शीतकालीन अवधि में भी संचालित की जाएगी। भट्ट ने यह भी कहा कि कई दशकों से इस यात्रा को बारह महीने चलाने की मांग की जा रही थी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा किया है। इस सफलता के साथ पीएम मोदी का आना शीतकालीन यात्रा को विश्वव्यापी पहचान दिलाएगा।

उद्यान विभाग में जल्द होगी 415 मालियों की भर्ती: कृषि मंत्री गणेश जोशी

0
उद्यान विभाग में जल्द होगी 415 मालियों की भर्ती: कृषि मंत्री गणेश जोशी

उद्यान विभाग में जल्द होगी 415 मालियों की भर्ती: कृषि मंत्री गणेश जोशी

देहरादून, 04 मार्च 2025। उत्तराखंड में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित राजकीय उद्यानों और पौधशालाओं में 415 माली के पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। यह भर्ती प्रक्रिया आउटसोर्सिंग के माध्यम से होगी।

मंगलवार को देहरादून के हाथीबड़कला स्थित अपने कैंप कार्यालय में आयोजित कृषि एवं उद्यान विभाग की बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा किया जाए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है, और अब तक तीन वर्षों में 20,000 से अधिक रोजगार अवसर प्रदान किए जा चुके हैं।

माली की नियुक्ति से राज्य के उद्यानों और पौधशालाओं में रखरखाव और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बागवानी, फल-फूल उत्पादन और वृक्षारोपण कार्यों में भी तेजी आएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि यह निर्णय उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र को मजबूत करेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।

इस बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले उत्तराखंड की प्रगतिशील महिला किसानों के सम्मान कार्यक्रम की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार, निदेशक कैप डॉ. नृपेन्द्र सिंह, डॉ. रतन कुमार, और रेशम निदेशक प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जरूरतमंदों को वितरित किए आर्थिक सहायता चेक

0
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जरूरतमंदों को वितरित किए आर्थिक सहायता चेक

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जरूरतमंदों को वितरित किए आर्थिक सहायता चेक

देहरादून, 04 मार्च 2025। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में आर्थिक सहायता चेक वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंदों को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी द्वारा स्वीकृत विवेकाधीन कोष के तहत पाँच-पाँच हजार रुपये के चेक वितरित किए।

इस कार्यक्रम में मंत्री गणेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी का आभार व्यक्त किया और उनके सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा, “सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करना हमारी प्राथमिकता है।”

मंत्री जोशी ने आगे कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर तबकों की मदद कर रही है, और आगे भी इस तरह की योजनाओं के जरिए जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत और विष्णु गुप्ता भी उपस्थित थे।

आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थी में शामिल थे:

  • दीपक सिंह,शारदा देवी,वर्षा,शिवानी, पूनम,सुमन देवी,आकांक्षा चीनाली,रजनी देवी,सरिता,प्रमोद कुमार,उमा गुरुंग,विमला देवी,अनूप कुमार,कौशल्या देवी,शीतल,शेफाली,बसंती,सपना आदि।
  • यह पहल गरीबों और जरूरतमंदों के लिए राहत देने वाली साबित हो रही है, और यह दर्शाता है कि सरकार उनकी भलाई के लिए काम कर रही है।

उत्तराखंड में एनीमिया और टीबी मुक्त अभियान: डॉ. धन सिंह रावत का एलान

0
उत्तराखंड में एनीमिया और टीबी मुक्त अभियान: डॉ. धन सिंह रावत का एलान

उत्तराखंड में एनीमिया और टीबी मुक्त अभियान: डॉ. धन सिंह रावत का एलान उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश को वर्ष 2025 तक एनीमिया और टीबी मुक्त बनाने के लिए एक सघन जनजागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

टीबी मरीजों को गोद लेने की पहल

अभियान के तहत, सभी राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रत्येक टीबी मरीज को गोद लेंगे और एक वर्ष तक उनका उपचार करेंगे। इस पहल को ‘निःक्षय मित्र’ योजना के तहत लागू किया जाएगा। इसके अलावा, एनीमिया को जड़ से मिटाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिनमें विद्यालयों और महाविद्यालयों में जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को शामिल किया जाएगा।

अभियान की रूपरेखा:

प्रदेशभर में गोष्ठियों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ कुपोषण और एनीमिया से संबंधित उपायों के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के सहयोग से छात्र-छात्राओं की टीबी और एनीमिया की जांच भी की जाएगी।

पहल की सफलता:

टीबी मुक्त अभियान के संदर्भ में, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पहले से ही प्रदेश में टीबी मरीजों की मदद की जा रही है। अब तक 14,000 से ज्यादा टीबी मरीजों को गोद लिया जा चुका है और कई मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इसके साथ ही, 5,000 गांवों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, जो कि एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

अभियान में सामाजिक भागीदारी का आह्वान

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और विद्यालयी शिक्षा के अधिकारियों से इस सामाजिक कार्य में स्वैच्छिक रूप से भाग लेने की अपील की है, ताकि 2025 तक उत्तराखंड को एनीमिया और टीबी मुक्त राज्य बनाया जा सके।

इस बैठक में उच्च शिक्षा सचिव रणजीत सिन्हा, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

नई आबकारी नीति का असर महंगी हुई शराब थोड़ी थोड़ी पिया करो

0

उत्तराखंड में शराब महंगी, नई आबकारी नीति का असर

उत्तराखंड में एक अप्रैल से शराब के दाम बढ़ने वाले हैं, जो कारोबारी से लेकर सामान्य ग्राहकों तक पर असर डालेगा। हालांकि, एक फायदा भी है—अब यदि कोई शराब की दुकानदार ओवर रेटिंग करता है और ग्राहक उसकी शिकायत करता है, तो दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। पहले ऐसी शिकायतों का असर शून्य रहता था, लेकिन अब पुष्कर सिंह धामी सरकार की नई आबकारी नीति के तहत ओवर रेटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, महिला वर्ग द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने का विरोध पहले भी होता रहा है। अब धार्मिक कॉरिडोर और शैक्षिक संस्थानों के पास शराब की दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी, ताकि युवा वर्ग पर गलत प्रभाव न पड़े। इससे शराब की दुकानों को स्कूलों के पास खोलने से भी रोका जाएगा, जो कि पहले गलत संदेश देने का कारण बनता था। विभाग को इसके लिए जगह बदलने की आवश्यकता होगी, और इससे राजस्व में कुछ असर भी हो सकता है।

नई आबकारी नीति के तहत शराब के दाम बढ़ने के साथ-साथ राज्य को राजस्व में 5000 करोड़ रुपये से अधिक का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 5060 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य का निर्धारण किया गया है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।

इसके अलावा, पर्वतीय क्षेत्रों में वाइनरी स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने नए नियम बनाए हैं। पुष्कर सिंह धामी सरकार की नीति के तहत वाइनरी इकाइयों को अगले 15 वर्षों तक आबकारी शुल्क में छूट दी जाएगी, जो किसानों और बागवानी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाएगी। इसके साथ ही, मदिरा उद्योग में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निर्यात शुल्क में कटौती की गई है, और माल्ट एवं स्प्रिट उद्योगों को पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

इस नीति का उद्देश्य प्रदेश के कृषि और बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना और मदिरा उद्योग में निवेश को बढ़ावा देना है, ताकि राज्य को आर्थिक दृष्टि से फायदा हो सके।

राजभवन में सात मार्च से वसंतोत्सव

0

राजभवन में सात से नौ मार्च तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय वसंतोत्सव का आयोजन इस बार भी खास होने जा रहा है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने इस अवसर पर वसंतोत्सव के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

वसंतोत्सव के इस साल के आयोजन में विशेष आकर्षण जटामांसी पर आधारित एक पोस्टल कवर होगा, जिसे राज्य के पुष्पों की विशेष पहचान के रूप में चुना गया है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पुष्प उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, जो न सिर्फ राज्य के लिए वरदान साबित हो सकती हैं, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिला सकती हैं।

यह आयोजन उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, और कुटीर उद्योगों को प्रमोट करने का एक बड़ा मंच प्रदान करता है, जहां स्थानीय कारीगरों, किसानों, महिला समूहों और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

राज्यपाल ने यह भी बताया कि उत्तराखंड की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां पुष्प उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं, और यहां पाए जाने वाले दुर्लभ एवं औषधीय गुणों वाले फूल वैश्विक बाजार में एक खास पहचान बना सकते हैं। इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड को ‘पुष्प प्रदेश’ के रूप में विकसित करने और पुष्प पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

यह आयोजन न सिर्फ प्रदेश की सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहचान को मजबूती देगा, बल्कि उत्तराखंड को ग्रीन टूरिज्म हब के रूप में भी पहचान दिला सकता है।

इस मौके पर राज्यपाल के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें रविनाथ रामन, स्वाति एस भदौरिया, मनुज गोयल, दीप्ति सिंह, डॉ. नितिन उपाध्याय, और डॉ. रतन कुमार शामिल थे।

पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट फैसलों में ग्रीन से लेकर क्लीन विजन पर चर्चा

0

पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट फैसलों में ग्रीन से लेकर क्लीन विजन पर चर्चा
देहरादून उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार कैबिनेट के फैसलों को लेकर चर्चा तेज हो चली है जनता से जुड़े मामलो पर अधिक चर्चा हो रही है वही राजनैतिक फैसलों पर दिल्ली में राजनैतिक पार्टिया चर्चा के केंद्र में पुष्कर सिंह धामी सरकार का आकलन कर रही है चलिए आपको बताते है उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार कैबिनेट फैसलों पर किस किस विभाग से लेकर राज्य की विजन रूप रेखा के हिसाब से क्या आकलन किया जा सकता है

यहां कुछ महत्वपूर्ण निर्णय हैं जो उत्तराखण्ड राज्य के कैबिनेट द्वारा लिए गए हैं:

ग्रीन फील्ड टाउनशिप के लिए भूमि हस्तांतरण: उधमसिंहनगर जिले की प्राग फार्म की 1354 एकड़ भूमि को ग्रीन फील्ड टाउनशिप के लिए सिडकुल को हस्तांतरित किया गया।

स्टाम्प और निबंधन विभाग का पुनर्गठन: विभागीय ढांचे के पुनर्गठन के लिए 9 नए अधिकारियों और 29 सहयोगी पदों की स्वीकृति दी गई, ताकि तकनीकी दक्षता और त्वरित सेवा सुनिश्चित की जा सके।

ट्राउट प्रोत्साहन योजना: पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹200 करोड़ की योजना का प्रस्ताव। इसके तहत कार्यरत मत्स्य पालकों को पांच वर्षों तक समर्थन दिया जाएगा।

सतर्कता विभाग में रिवॉल्विंग फंड: भ्रष्टाचार निरोधक सतर्कता विभाग में रिवॉल्विंग फंड के संचालन हेतु नियमावली तैयार की गई, ताकि ट्रैप कार्यवाहियों में परिवादियों को सहयोग दिया जा सके।

स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना: महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यशालाओं के लिए ₹2.30 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई।

पाठ्य पुस्तकों में राज्य आंदोलन और लोक संस्कृति का समावेश: कक्षा 6 से 8 तक के पाठ्यक्रम में उत्तराखण्ड के आंदोलन और लोक संस्कृति के विषय को जोड़ा जाएगा।

नई पेंशन योजना: 1 अप्रैल 2025 से उत्तराखण्ड में एकीकृत पेंशन योजना (UPS) लागू की जाएगी।

कारागार विभाग की सेवा नियमावली: उत्तराखण्ड कारागार विभाग के पदों की सेवा नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई।

गन्ने की कीमत और कमीशन: चीनी मिलों द्वारा गन्ने के लिए राज्य परामर्शित मूल्य ₹375 प्रति क्विंटल और ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना: एकल (निराश्रित), परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए इस योजना को प्रारंभ किया गया।

खनन रॉयल्टी शुल्क में संशोधन: कुमाऊं क्षेत्र की कोसी, गोला और दाबका नदियों में खनन रॉयल्टी शुल्क में संशोधन किया गया, जिससे लागत में कमी आएगी।

ये निर्णय उत्तराखण्ड राज्य में महिला सशक्तिकरण, पर्यावरणीय विकास, राजस्व प्रबंधन, और सामाजिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

सहायता राशि में 75 प्रतिशत होगी सब्सिडी : रेखा आर्या मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को मिली मंजूरी पहले वर्ष में 2000 महिलाओं को सहायता देने का लक्ष्य

0

सहायता राशि में 75 प्रतिशत होगी सब्सिडी : रेखा आर्या
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को मिली मंजूरी
पहले वर्ष में 2000 महिलाओं को सहायता देने का लक्ष्य

देहरादून, 3 मार्च कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को मंजूरी मिलने के बाद महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश की महिलाओं को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दी जाने वाली सहायता राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस योजना का लाभ प्रदेश की अविवाहित, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित और विकलांग एकल महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र महिलाओं को अधिकतम ₹2,00,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जिसमें से 75% राशि सब्सिडी यानी अनुदान के रूप में दी जाएगी। लाभार्थियों को केवल 25% हिस्सा अपने व्यवसाय में निवेश करना होगा।

मंत्री रेखा आर्या ने यह भी बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब जल्द ही इसका सरकारी आदेश (जीओ) जारी किया जाएगा। पहले वर्ष में इस योजना के तहत कम से कम 2000 महिलाओं को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले वर्ष की प्रगति को देखते हुए योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पहले से कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन विशेष रूप से एकल महिलाओं के लिए कोई योजना नहीं थी। उन्होंने कहा कि एकल महिलाओं को सशक्त करने की सबसे अधिक आवश्यकता है, इसलिए उनके लिए एक विशेष योजना तैयार की गई है।

मंत्री रेखा आर्या ने इस योजना को महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की बहनों के लिए एक अग्रिम तोहफा बताया।