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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिए निर्देश, सीएचसी को एसडीएच में बदले जाने की प्रक्रिया जारी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिए निर्देश, सीएचसी को एसडीएच में बदले जाने की प्रक्रिया जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को जन अपेक्षाओं के अनुरूप सुदृढ़ बनाने हेतु स्वास्थ्य सचिव को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा चौखुटिया स्थित 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को 50 बिस्तरों वाले उप जिला अस्पताल (एसडीएच) में परिवर्तित करने की घोषणा की गई है। इस निर्णय के शासनादेश की प्रक्रिया शासन स्तर पर प्रगति पर है।

सरकार प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संबंध में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जानकारी दी गई कि चौखुटिया का वर्तमान सीएचसी 30 बिस्तरों के साथ संचालित हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों की ओपीडी होती है। साथ ही, हर माह 30 से 35 गर्भवती महिलाओं का प्रसव महिला चिकित्साधिकारी द्वारा कराया जा रहा है।

फिलहाल केंद्र में कुल 7 चिकित्सक कार्यरत हैं, जिनमें 3 महिला और 4 पुरुष डॉक्टर शामिल हैं। इनमें एक दंत चिकित्सक भी मौजूद हैं।

विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सप्ताह में तीन दिन विशेषज्ञों की एक टीम — जिसमें फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हैं — जिला अस्पताल अल्मोड़ा एवं उप जिला अस्पताल रानीखेत से सीएचसी चौखुटिया भेजी जाती है। यह टीम नियमित रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है।

वर्तमान में अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, डेंटल चेयर और 108 एम्बुलेंस जैसी सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के सौजन्य से चन्दन डायग्नोस्टिक केंद्र द्वारा प्रतिदिन 70 से 80 डायग्नोस्टिक जांचें निःशुल्क की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।

दीपावली: आत्मनिर्भरता और स्वदेशी गर्व का पर्व

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Deepawali 2025 wokal for lokal दीपावली केवल रोशनी और उल्लास का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के अंतर्गत पारंपरिक मिट्टी के दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। इससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत मिलेगी।

उन्होंने कहा, “जब हम अपने गांव-कस्बों में बने दीये या स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल एक उत्पाद नहीं खरीदते, बल्कि किसी परिवार की आजीविका, मेहनत और उम्मीद का सम्मान करते हैं।”

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों को ज़मीनी स्तर पर साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से स्थानीय कुटीर उद्योग, शिल्प और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की हस्तकला, पारंपरिक उत्पाद, मिट्टी के दीये, जैविक और पहाड़ी खाद्य सामग्री न केवल राज्य में बल्कि देश-विदेश में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि इस दीपावली संकल्प लें कि अपने घर की सजावट और रोशनी केवल स्वदेशी उत्पादों से करें, ताकि किसी और घर में भी खुशियों के दीये जल सकें। “हमारी हर छोटी-सी खरीद किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है,” उन्होंने कहा।

अंत में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।

इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी, महिला समूहों की सदस्याएं और आम नागरिक उपस्थित रहे।

हिमालयन अस्पताल में जटिल सर्जरी से नवजात को नई जिंदगी

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नवजात को इसोफेजियल एट्रेज़िआ विद ट्रेकियो-इसोफेजियल फिस्चुला नामक गंभीर स्थिति थी, जिसमें आहार नली विकसित नहीं होती और श्वास नली से जुड़ी रहती है।

दीपावली से पहले हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में एक अद्भुत चिकित्सा सफलता ने एक परिवार के जीवन में फिर खुशियां लौटा दीं। रश्मि (नाम परिवर्तित) के प्री-मेच्योर नवजात की आहार नली पूरी तरह विकसित नहीं थी। अस्पताल के बाल शल्य चिकित्सकों की टीम ने जटिल सर्जरी कर नवजात की आहार नली विकसित की। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।

वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि नवजात को इसोफेजियल एट्रेज़िआ विद ट्रेकियो-इसोफेजियल फिस्चुला नामक गंभीर स्थिति थी, जिसमें आहार नली विकसित नहीं होती और श्वास नली से जुड़ी रहती है। सर्जरी टीम में डॉ. सोनालिक गुप्ता, डॉ. सागर गर्ग, डॉ. आरती राजपूत, डॉ. यूसुफ और ओटी स्टाफ शीतल शामिल रहे। सर्जरी के बाद नवजात को डॉ. चिन्मय और डॉ. सैकत पात्रा की निगरानी में एनआईसीयू में रखा गया।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि यह सफलता टीम की प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट कौशल का परिणाम है। अस्पताल का उद्देश्य हर नवजात को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

रश्मि के परिवार ने तीन सप्ताह की सघन देखभाल के बाद जब शिशु को पहली बार दूध पीते देखा, तो उन्होंने इसे “दीपावली का सबसे बड़ा उपहार” बताया।

क्यों थी सर्जरी चुनौतीपूर्ण?
नवजात का वजन मात्र 1500 ग्राम था और वह समय से पहले जन्मा था, जिससे सर्जरी और अधिक जोखिमपूर्ण हो गई थी।

हिमालयन अस्पताल में अत्याधुनिक नवजात चिकित्सा सुविधाएं
अस्पताल में जटिल नवजात सर्जरी के लिए 24 घंटे विशेषज्ञ टीम, आधुनिक एनआईसीयू और मॉनिटरिंग सिस्टम उपलब्ध हैं। यहां प्री-मेच्योर और गंभीर अवस्था वाले शिशुओं का उपचार उन्नत तकनीक और संवेदना के साथ किया जाता है।

क्या है इसोफेजियल एट्रेज़िआ?
यह एक जन्मजात विकृति है, जो लगभग 4500–5000 में से एक बच्चे में पाई जाती है। इसमें आहार नली का विकास अधूरा रह जाता है और अधिकांश मामलों में यह श्वास नली से जुड़ जाती है, जिससे नवजात को सांस लेने और भोजन निगलने में कठिनाई होती है।

तीन महीने बाद फिर से गुलजार हुए कार्बेट टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोन, पर्यटकों ने ली जंगल सफारी की रोमांचक शुरुआत

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तीन महीने बाद फिर से गुलजार हुए कार्बेट टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोन, पर्यटकों ने ली जंगल सफारी की रोमांचक शुरुआत

ढिकाला, बिजरानी, झिरना, दुर्गादेवी जोन खुले; बाघ और हाथियों की झलक ने बढ़ाया रोमांच

रामनगर। मानसून के कारण तीन महीने तक बंद रहने के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के प्रमुख पर्यटन जोन एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। ढिकाला, बिजरानी, झिरना और दुर्गादेवी जैसे लोकप्रिय जोनों में बुधवार से जंगल सफारी शुरू हो गई, जिसमें पहले ही दिन पर्यटकों ने हिरण, हाथी सहित कई वन्यजीवों को देखने का रोमांच महसूस किया।

बुधवार सुबह बिजरानी जोन के आमडंडा गेट पर पर्यटन सत्र का विधिवत शुभारंभ हुआ। स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने फीता काटा और नारियल फोड़कर जंगल सफारी सीजन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्बेट उपनिदेशक राहुल मिश्रा, एसडीओ अमित ग्वासाकोटी और रेंजर नवीन चंद्र पांडे भी मौजूद रहे।

पर्यटकों को लड्डू खिलाकर और पारंपरिक तरीके से स्वागत कर जंगल सफारी के लिए रवाना किया गया। सुबह की पाली में 30 जिप्सियों के माध्यम से पर्यटकों ने सफारी का आनंद लिया। हालांकि पहले दिन किसी को बाघ नहीं दिखाई दिया, लेकिन हाथी और अन्य वन्यजीवों की झलक ने सफारी को रोमांचक बना दिया।

सीतावनी और भंडारपानी जोन में अपेक्षाकृत कम भीड़ रही, जहां निर्धारित 60 में से केवल कुछ ही जिप्सियों से पर्यटक जंगल में गए। वहीं पवलगढ़ गेट से 60 जिप्सियों के माध्यम से अच्छी संख्या में पर्यटक सफारी पर निकले। यहां रेंजर रमेश चंद्र ध्यानी ने पर्यटकों का माला पहनाकर स्वागत किया।

इसके अलावा कालाढूंगी स्थित कार्बेट फॉल और बराती रौ जैसे पैदल पर्यटन स्थलों को भी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।

ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है और सभी गेट्स पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। दोपहर की पाली में भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के जंगल सफारी के लिए जाने की संभावना है।

राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा – मुख्यमंत्री

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राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा – मुख्यमंत्री सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए नवाचार केन्द्र बनेंगे – मुख्यमंत्री गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के राज्य स्तरीय आयोजन का दीप प्रज्वलित शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिलें, इसके लिए अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने के निर्देश देने के साथ ही पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बणसू जाखधार में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित करने के साथ ही यूकॉस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। इस जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम – जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना और ऐसी रणनीतियाँ विकसित करना है।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, उपाध्यक्ष महिला बाल विकास ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, प्रधानाचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय जाखधार तिलक सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ

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Chief Minister Pushkar Singh Dhami inaugurated the Children’s Science Festival मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ

रुद्रप्रयाग में आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव में 300 छात्र और वैज्ञानिक ले रहे हैं भाग

रुद्रप्रयाग | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने वाला देश का पहला राज्य है, जहां तकनीकी शिक्षा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए स्मार्ट क्लास, रोबोटिक्स और इनोवेशन लैब्स की स्थापना की जा रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहली बार कक्षा 12 के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया गया है, जो राज्य सरकार की युवाओं को हुनर और रोजगार से जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महोत्सव का आयोजन उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के तत्वावधान में 15–16 अक्टूबर को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बणसू, जाखधार, गुप्तकाशी में किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।

इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग 300 स्कूली छात्र-छात्राएं, देशभर के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, विज्ञान संचारक और प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं में विज्ञान कविता पाठ (हिंदी व अंग्रेजी), विज्ञान मॉडल निर्माण, प्रश्नोत्तरी और बाल चौपाल जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रतिभागियों को जूनियर (कक्षा 6–8) और सीनियर (कक्षा 9–12) वर्ग में विभाजित किया गया है।

इस वर्ष महोत्सव की थीम “जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ एवं आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण” निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का संचालन मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत के निर्देशन में किया जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व यह विज्ञान महोत्सव चम्पावत, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में आयोजित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “सीमांत क्षेत्रों का वैज्ञानिक और तकनीकी विकास, सशक्त उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में अहम कदम है।”

प्रदेशभर में घटिया और प्रतिबंधित कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई, अब तक 370 से अधिक सैंपल लिए गए

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प्रदेशभर में घटिया और प्रतिबंधित कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई, अब तक 370 से अधिक सैंपल लिए गए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर राज्य में घटिया व प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ सघन अभियान जारी है। औषधि विभाग ने अब तक प्रदेशभर से 370 से अधिक औषधीय सैंपल जांच के लिए संकलित किए हैं।

राज्यभर में चल रहे इस औचक निरीक्षण अभियान की निगरानी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेश पर की जा रही है। अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में जिलों की औषधि निरीक्षक टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं।

तीन प्रमुख जिलों में छापेमारी

🔹 रामनगर (नैनीताल):
14 अक्टूबर को खताड़ी क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर को गंभीर अनियमितताओं के चलते तत्काल बंद किया गया। दो अन्य स्टोरों को चेतावनी दी गई, जबकि दो स्टोर बंद पाए गए। एक क्लीनिक से पांच दवाओं के सैंपल भी लिए गए।

🔹 देहरादून:
दून मेडिकल कॉलेज के पास मेडिकल स्टोर्स में छापेमारी कर बच्चों की खांसी-जुकाम की प्रतिबंधित दवाएं जब्त की गईं। साथ ही सेलाकुई स्थित औषधि निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर चार सैंपल जांच के लिए लिए गए।

🔹 रुड़की (हरिद्वार):
गुप्त सूचना के आधार पर बिना लाइसेंस एक प्रतिष्ठान में छापा मारकर राजस्थान व मध्यप्रदेश सरकार की सप्लाई की गई 12 प्रकार की सरकारी एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं। दवाएं फार्म 17–17ए के अंतर्गत सील कर ली गई हैं। कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत की जाएगी।


सरकार की स्पष्ट चेतावनी: बच्चों की दवा को लेकर कोई समझौता नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खासकर दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रतिबंधित कफ सिरप न देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, “कार्रवाई सतत जारी रहेगी। बच्चों की सेहत को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने भी अभियान को लगातार और कठोर बनाए रखने की बात कही है।


सरकार का संदेश स्पष्ट:

“जनस्वास्थ्य और खासकर बच्चों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अनधिकृत बिक्री, भंडारण या घटिया दवाओं पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थयात्रियों के दल को गंगोत्री धाम के लिए किया रवानामातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के अंतर्गत 32 श्रद्धालु करेंगे पांच दिवसीय धार्मिक यात्रा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हल्द्वानी सर्किट हाउस से राज्य सरकार की मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत 32 श्रद्धालुओं के दल को हरी झंडी दिखाकर गंगोत्री धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी यात्रियों को सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के साथ-साथ उनके जीवन में आध्यात्मिक शांति और आनंद का संचार करना है।

पांच दिन की इस यात्रा में 19 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। ये श्रद्धालु गंगोत्री धाम के साथ-साथ यात्रा मार्ग में आने वाले अन्य पवित्र स्थलों के भी दर्शन करेंगे। यात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास केंद्रों में की गई है।

इस अवसर पर कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत, भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1456 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी, तथा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) शामिल हैं।

“नव नियुक्त कर्मी राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं”

मुख्यमंत्री धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव निर्धारण का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि नवनियुक्त युवा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण की भावना से करें तथा अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि —

“राज्य की शासन व्यवस्था का सबसे मजबूत आधार उसका प्रशासनिक तंत्र है। सचिवालय राज्य का मस्तिष्क है, जहां नीतियां बनती हैं, निर्णय होते हैं और विकास का खाका तैयार किया जाता है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में समीक्षा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

शिक्षक बच्चों के भीतर समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी जगाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलती है तो वह न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं है, बल्कि बच्चों में देशभक्ति, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का भी संचार करना है।

 शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है।
विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक, प्रत्येक स्तर पर सुधार लाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है — यह संख्या राज्य गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के पूरे कार्यकाल की तुलना में दो गुना से अधिक है।

पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए कड़े कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं।
हाल ही में हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र पर नकल के मामले में तत्काल कार्रवाई की गई — आरोपी को गिरफ्तार किया गया और एसआईटी जांच के साथ सीबीआई जांच की संस्तुति भी की गई।
उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर न्यायोचित मांग को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

 शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बोले — “नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा”

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का क्रम निरंतर जारी रहेगा।
जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी नियुक्तियां दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सभी नवनियुक्त अध्यापकों को दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देना अनिवार्य होगा, ताकि राज्य के हर हिस्से में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रमनदीपेन्द्र चौधरी, और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने 1456 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
  • 1347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) और 109 समीक्षा अधिकारी नियुक्त
  • चार साल में 26,000 से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
  • पारदर्शी भर्ती प्रणाली और निष्पक्ष चयन पर सरकार का जोर
  • जल्द आएंगी नई नियुक्तियां शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों पर

डीएम जनता दरबार बना जन का विश्वास साकार हो रहा धामी सरकार का प्रयास

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डीएम जनता दरबार बना जन का विश्वास साकार हो रहा धामी सरकार का प्रयास जनसमस्याओं का त्वरित समाधान बना जनता दरबार की पहचान: डीएम सविन बंसल

जमीन विवाद से लेकर जीवनरक्षक इलाज तक, 151 में से अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण

देहरादून, जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं, जहां 151 जनशिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से जनता दर्शन कार्यक्रम आमजन के लिए विश्वास का माध्यम बनता जा रहा है।


🔹 प्रमुख मामलों पर तत्काल कार्रवाई

  • मोबाइल टावर विवाद: अधोईवाला निवासी सुशीला देवी की भूमि पर 2007 से स्थापित मोबाइल टावर का एग्रीमेंट समाप्त और 2017 से किराया भुगतान बंद, गुहार पर डीएम ने टावर सील कराने के निर्देश दिए।
  • भूमि सीमांकन समाधान: दो वर्षों से परेशान 75 वर्षीय राकेश तलवाड़ को निगम और निजी भूमि विवाद में सीमांकन कराकर भूमि कब्जा दिलाया गया। बुजुर्ग ने डीएम को धन्यवाद और आशीर्वाद दिया।
  • गुंडा एक्ट में कार्रवाई: मोहल्ले वालों की शिकायत पर आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेडा पर गुंडा एक्ट में वाद दायर करने और फास्ट ट्रैक सुनवाई के आदेश। शिकायत में पीड़ित मां भी स्वयं उपस्थित रहीं।
  • बुजुर्ग की पेंशन बहाल: बाबूलाल (84 वर्ष) की शिकायत पर समाज कल्याण अधिकारी को एरियर सहित वृद्धावस्था पेंशन जारी करने के निर्देश।

स्वास्थ्य और मानव सेवा से जुड़े निर्णय

  • किडनी पीड़िता रीतू को कोरोनेशन अस्पताल में निःशुल्क भर्ती का आदेश।
  • फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित सुनील, गंगोत्री गुप्ता, 83 वर्षीय मुन्नालाल, प्रेमनाथ सिंह की पोती के मामलों में रायफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता का प्रस्ताव मांगा।
  • असहाय डेन्डो देवी को आधार कार्ड बनाने हेतु बायोमैट्रिक बाधा का समाधान प्राथमिकता से करने के निर्देश।

महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा पर प्रभावी संज्ञान

  • हरप्रीत कौर ने पति द्वारा उत्पीड़न व बच्चों को जान से मारने की धमकी की शिकायत की, एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
  • ऋषि विहार माजरी माफी में महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने वाले अपराधी के खिलाफ गुंडा एक्ट में वाद दर्ज।

प्रशासनिक लापरवाही पर कठोर रुख

  • उद्योग विभाग के एक प्रकरण में जीएमडीआईसी अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन रोका गया।

डिजिटल एवं नेटवर्क कनेक्टिविटी

  • सीमांत क्षेत्र कथियान के 15 गांवों की नेटवर्क समस्या के समाधान हेतु बीएसएनएल टावर लगाने की कवायद शुरू।

सामाजिक न्याय और आधारभूत सेवाएं

  • 84 वर्षीय बुजुर्ग द्वारा बेटों पर संपत्ति हड़पने की शिकायत पर भरण-पोषण का वाद दर्ज करने के आदेश।
  • 68 वर्षीय अशोक धवन की कोर्ट के आदेशों के अनुपालन न होने पर सीओ सिटी को कार्रवाई के निर्देश
  • जनता दरबार में आए 6 पीड़ितों की ऑनलाइन एफआईआर मौके पर ही दर्ज करवाई गई।

दैवीय आपदा व अवसंरचना संबंधी निर्देश

  • कावली रोड, शिव कॉलोनी, लाखमंडल, पिंगवा लिंक रोड, ग्राम सैबूवाला, ग्राम कुन्ना आदि क्षेत्रों से दैवीय आपदा व क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की शिकायतें मिलने पर एसडीआरएफ मापदंडों के तहत राहत दिलाने के आदेश
  • प्राथमिक विद्यालय भटाड के क्षतिग्रस्त भवन पर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट देने के निर्देश।
  • एलोपैथिक चिकित्सालय भटाड में डॉक्टर व फार्मासिस्ट की तैनाती के अभाव पर सीएमओ से जवाब तलब

परिवहन और अतिक्रमण

  • देहरादून-जौली-थानों मार्ग पर बस सेवा बंद होने की शिकायत पर परिवहन महानिदेशक को संचालन बहाल करने के आदेश
  • हरिपुर नवादा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमणकारगी चौक एनएच-7 पर अवैध निर्माण पर एसडीएम और एमडीडीए को तत्काल कार्रवाई के निर्देश।

अधिकारियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएमए स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, उपनगर आयुक्त संतोष कुमार पांडे, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनता दरबार ने एक बार फिर साबित किया कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय से जनता का भरोसा बढ़ता है। डीएम सविन बंसल द्वारा लिए गए निर्णय जनभागीदारी और उत्तराखंड सरकार की जनपक्षीय सोच का प्रतिबिंब हैं।