Sunday, March 8, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊर्जा निगमों कार्मिकों के सम्मान समारोह में किया प्रतिभाग

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा आयोजित “स्वागत एवं अभिनंदन” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मोर्चा द्वारा ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु उठाए गए प्रभावी कदमों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस सम्मान के असली अधिकारी प्रदेश की जनता हैं, जिन्होंने सेवा का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मूल अवधारणा ही “ऊर्जा प्रदेश” की रही है, और इसे “पावर सरप्लस राज्य” बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत सरकार की हर योजना में राज्य को भरपूर सहयोग मिल रहा है। विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी रैंकिंग में यूपीसीएल को विशेष श्रेणी डिस्कॉम में देशभर में पहला स्थान प्राप्त हुआ है, जो गर्व की बात है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। लखवाड़, जमरानी और सौंग जैसे महत्वपूर्ण बांध परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे बिजली उत्पादन के साथ-साथ पेयजल संकट भी दूर किया जा सकेगा।

राज्य में अत्याधुनिक गैस इंसुलेटेड सबस्टेशनों (GIS) की स्थापना जारी है और 16 लाख स्मार्ट मीटर लगाकर पारदर्शिता व तकनीकी दक्षता को बढ़ावा दिया गया है। देहरादून में बिजली लाइनों को भूमिगत किया जा रहा है और ओटोमेटेड डिमांड रिस्पॉन्स सिस्टम के जरिये हर वर्ष करोड़ों रुपये की बचत सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में देहरादून में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आपदा प्रबंधन सम्मेलन आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उनके प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित विकास मॉडल अपना रही है।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के तहत प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत लगभग 20,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों की श्रेष्ठ नीतियों को उत्तराखंड में अपनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार भविष्य के 10, 25 और 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार कर रही है।इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल तथा संघर्ष मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

विजयदशमी तक घर-घर दस्तक संघ का संकल्प

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष आने वाली विजयदशमी को पूरे हो रहे हैं। संघ की ओर से संकल्प लिया गया है कि विजयदशमी तक घर-घर दस्तक देंगे। सभी जातियों को एकजुट करेंगे। संघ प्रमुख ने संघ के शताब्दी वर्ष में सभी जातियों को एक जुट करने का संकल्प दिलाया है।

इस साल अक्तूबर में विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। ऐसे में संघ की ओर से संकल्प लिया गया है कि तब तक पूरे देश की सभी जातियों को एकजुट करने के लिए हर हिंदू के घर-घर जाकर दस्तक दी जाएगी। संघ प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को कारवालो नगर के संघ भवन से करीब 12 किलोमीटर दूर कोयला नगर में स्थापित शाखा में सुबह-सुबह पहुंचे। यहां उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि शहर के प्रत्येक मोहल्ले, गली, बस्ती, कस्बों और गांव-गांव में शाखाएं लगाई जाएं इसके लिए काम करना है। 

उन्होंने कहा कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी का संघ से परिचय हो, यह आवश्यक है। समाज में संघ के विचार फैलें, इसके लिए भी स्वयं सेवकों को काम करना है। उन्होंने कहा कि हर बस्ती के प्रत्येक घर में एक-एक स्वयंसेवक तैयार करें जो समाज के लिए काम करे, हमें इस दिशा में काम करना है। 

भागवत ने कहा कि हर समाज का विचार, संस्कृति, भावना, सोच एक जैसी हो, इस दिशा में हम सभी को सोचना है। उन्होंने कहा कि यह काम सिर्फ स्वयंसेवकों को ही नहीं समाज में रहने वाले हर व्यक्ति, जनप्रतिनिधि सभी को करना है। 

विजयदशमी तक घर-घर दस्तक संघ का संकल्प

जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव रोकने के लिए शैक्षणिक, धार्मिक संस्थाएं हों एकजुट – भागवत
जलवायु परिवर्तन की वजह से पर्यावरण में हो रहे बदलाव और लोगों पर पड़ रहे उसके दुष्प्रभाव को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने चिंता जाहिर की है। बुधवार को पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जुड़े संघ के कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि लगातार कम हो रहे वन, नीचे जा रहा भूजल, मिलावटी खाद्य सामग्रियां, सिकुड़ रहीं नदियों पर अंकुश नहीं लगा तो स्थिति काफी भयावह होगी। भागवत ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर छह स्तर पर काम करने की बात कही।

विजयदशमी तक घर-घर दस्तक संघ का संकल्प

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संस्थाओं, नारी शक्ति, स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ जनसंपर्क और जन संवाद के माध्यम से इसमें सुधार लाया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तहत पौधे लगाओ, पानी बचाओ, पॉलिथीन हटाओ के नारे के साथ काम करने की जरूरत बताई। साैर ऊर्जा पर भी विशेष जोर दिया।

उन्होंने इस अभियान से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ते हुए कहा कि घर की बनावट चाहे जैसी हो लेकिन वहां की बालकनी में, छत पर पौधे जरूर लगाएं। सरसंघचालक ने कहा कि जीवन में राष्ट्रभक्ति का भाव आना चाहिए। जैसे यह बिजली और पानी हमारे देश का है। इसे बेकार नहीं करना है। जब राष्ट्र प्रथम का भाव होगा तो हम छोटी-छोटी बातों पर भी विचार करेंगे।

उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट 19 अप्रैल को जारी होगा

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Uttarakhand Bord Result 2025 UBSE UK Board Result 2025 Date: उत्तराखंड बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम 2 दिन बाद यानी 19 अप्रैल 2025 को घोषित होंगे। नतीजों की तारीखों के एलान से बाद से ही परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थी अब अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षा की शुरुआत 21 फरवरी को हुई। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 21 फरवरी से 11 मार्च 2025 के बीच आयोजित की गईं। यूके बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणाम 19 अप्रैल 2025 को सुबह 11 बजे जारी किए जाएंगे। इसकी जानकारी उत्तराखंड बोर्ड के सभापति डॉ मुकुल कुमार सती ने दी हैं। उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं और 10वीं की परीक्षाओं के लिए इस बार कुल 2,23,403 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 1,13,690 छात्र हाईस्कूल और 1,09,713 छात्र इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने वाले हैं।

चारधाम यात्रा 2025 पर चालकों की लगेगी क्लास रील बैन

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चारधाम यात्रा 2025 पर चालकों की लगेगी क्लास रील बैन देहरादून उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2025 शुरू होने को है ऐसे में यात्रा मार्गो पर पहली बार हर धाम पर एक अफसर की अलग से तैनाती करते हुए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने नया प्लान तैयार किया है यात्रा मार्गो पर यात्रियों को अच्छी सुविधा मिले ताकि उत्तराखंड चार धाम यात्रा से तीर्थ यात्री देवभूमि का सन्देश लेकर जाएं

उत्तराखंड में 30 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बुधवार को देहरादून संभाग की आरटीओ की ओर से अधिकारियों संग बैठक कर सफल यात्रा के लिए निर्देश दिए गए। आपको चार धाम यात्रा में आने से पहले इस बार ट्रैफिक रूट से लेकर अपनी होटल बुकिंग के हिसाब से यात्रा पर आना चाहिए ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके यात्रा को लेकर इस बार धामी सरकार ने बेहतर सन्देश देने के लिए यात्रा मार्गो पर प्रचार प्रसार से लेकर मंदिर परिसर में रील को बैन किया गया है

बैठक में फैसला लिया गया कि यात्रा पर चलने वाले चालकों की नियमित रूप से काउंसलिंग की जाए। इससे सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। आरटीओ डॉ. अनीता चमोला ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, चालकों के लिए आयोजित होने वाली काउंसलिंग के दौरान स्वास्थ्य कैंप भी लगाए जाएं। साथ ही काउंसलिंग में चालकों को चारधाम यात्रा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ बरती जाने वाली सावधानी भी बताई जाएं। जैसे वाहन में क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं, नशा न करें, नींद में वाहन न चलाएं, फर्स्ट एड बॉक्स हमेशा साथ रखें और वाहन में कूड़ादान रखें।

सिलक्यारा देश की सबसे लंबी रेल सुरंग हुई आर-पार

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सिलक्यारा देश की सबसे लंबी रेल सुरंग हुई आर-पार देहरादून उत्तराखंड में देश की सबसे लंबी रेल सुरंग हुई आर-पार तो कई नेता भी अपने अपने गिले शिकवे मिटाकर कार्यक्रम में नज़र आए बात कर रहे है उत्तराखंड में सबसे लम्बी सुरंग की कहानी जिसका पिछले साल ध्यान देश दुनिया की तरफ गया था मजदूरों के फ़स जाने के बाद कई दिनों की मश्कत के बाद उनको बहार सुरक्षित निकाला गया था

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किलोमीटर लंबी इस ब्रॉडगेज रेल लाइन पर कुल 17 सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें से लगभग 104 किलोमीटर का रेल मार्ग सुरंगों के अंदर से गुजरेगा

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के तहत पौड़ी के देवप्रयाग और जनासू के बीच देश की सबसे लंबी रेल सुरंग टी-8 और टी-8एम आज आरपार हो गई है। सुरंग के निर्माण में अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का उपयोग किया गया है। जबकि परियोजना की अन्य सुरंगों का निर्माण पारंपरिक ड्रिल एंड ब्लास्ट तकनीक से किया जा रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में जनासु रेलवे स्टेशन पहुंचे। यह परियोजना की सबसे लंबी रेल सुरंग है। इस मौके पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी व कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी मौजूद रहे।

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किलोमीटर लंबी इस ब्रॉडगेज रेल लाइन पर कुल 17 सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें से लगभग 104 किलोमीटर का रेल मार्ग सुरंगों के अंदर से गुजरेगा। इनमें से केवल तीन सुरंगें ही ऐसी हैं, जिनकी लंबाई 3 किलोमीटर से कम है। शेष 12 सुरंगों की लंबाई 3 किलोमीटर से अधिक है। सुरंग सुरक्षा नियमों के अनुसार, तीन किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली प्रत्येक सुरंग के समानांतर एक निकास सुरंग भी बनाई जा रही है। मुख्य सुरंग और निकास सुरंग को 375 मीटर की दूरी पर क्रॉस पैसेज के माध्यम से जोड़ा गया है, ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।

देवप्रयाग से जनासू के बीच बन रही ये दोनों (डबल ट्यूब) सुरंगें कुल 14.57 किलोमीटर लंबी हैं। इस क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना अद्वितीय होने के कारण इन सुरंगों की खुदाई के लिए जर्मनी से विशेष टीबीएम मशीनें मंगाई गई थीं। इन सुरंगों के निर्माण के लिए जनासू से लगभग 1.525 किलोमीटर की दूरी पर एक वर्टिकल शाफ्ट (कुआंनुमा सुरंग) भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से खुदाई का कार्य किया गया था।

डीएम फरमान से हलकान स्कूल संचालक समर वैली स्कूल संचालक तलब सोशियल बलूनी और चैतन्य टेक्नो स्कूल संचालक समीक्षा से रहे गायब, नोटिस जारी

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स्कूलों में अनियमितता की शिकायत, डीएम के निर्देशों पर जांच जारी।
माउंट लिट्रा, स्कॉलर्स होम स्कूल की फीस जांच में मानक से अधिक, फीस होगी कम, निर्देश जारी,
अभिभावकों को मिलेगी राहत, अधिक वसूली फीस, अगली किस्त में स्कूल करें समायोजित।
सोशियल बलूनी और चैतन्य टेक्नो स्कूल संचालक समीक्षा से रहे गायब, नोटिस जारी।
पूर्व निर्देशों का अनुपालन आख्या नहीं देने पर समर वैली स्कूल संचालक तलब।
किसी भी दुकान से खरीदें किताबें और ड्रेस, स्कूल अभिभावकों को जारी करें स्पष्ट एडवाइजरी-सीडीओ


देहरादून जनपद में संचालित निजी विद्यालयों के संबंध में सीएम हेल्पलाइन, टोल फ्री नम्बर और विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही शिकायतों के निस्तारण हेतु जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर सुनवाई जारी है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा एक-एक कर निजी स्कूलों में फीस स्टेक्चर की समीक्षा करते हुए शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। मंगलवार को छः निजी स्कूल संचालकों को शिकायतों के निस्तारण के लिए बुलाया गया था। जिसमें सोशियल बलूनी और चैतन्य टेक्नो स्कूल द्वारा प्रतिभाग न करने पर दोनों स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। वही समर वैली स्कूल को फीस में अधिकतम 06 प्रतिशत तक की वृद्धि के संबंध में पूर्व में जारी निर्देशों की अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं कराने पर स्कूल संचालक को तलब किया गया है।  

स्कूल के संबंध में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण हेतु आयोजित सुनवाई में क्राइस्ट स्कूल माजरी ग्रांट डोईवाला, माउंट लिट्रा, संत कबीर और फ्लॉवर डेल स्कूल के संचालक उपस्थित रहे। इन चारों स्कूलों में शुल्क विवरण की जांच की गई। जिसमें माउंट लिट्रा स्कूल में शैक्षिक सत्र 2025-26 में मानक से अधिक फीस बृद्वि मिलने पर स्कूल संचालकों को फीस बढ़ोत्तरी अधिकतम 10 प्रतिशत तक करने की सख्त हिदायत दी गई। जबकि अन्य तीनों स्कूलों में फीस बृद्वि मानक के अनुरूप पाई गई। वही सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से स्कॉलर्स होम स्कूल की मानक से अधिक फीस बढ़ाने की शिकायत मिली। जिस पर जांच करने से पता चला कि स्कूल ने इस बार मानक से अधिक 12 प्रतिशत फीस बृद्वि की है। इस पर विद्यालय को फीस कम करने के निर्देश जारी किए गए है। साथ ही अभिभावकों से 10 प्रतिशत से अधिक वसूूली गई फीस को अगली किस्त में समायोजित करने की हिदायत दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि स्कूल फीस के लिए आरटीई एक्ट और प्रोविजन के अनुसार तीन वर्षाे में अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ाई जा सकती है। कोई भी निजी विद्यालय आरटीई एक्ट और प्रोविजन का उल्लंघन न करें।  

सुनवाई के अवसर पर उपस्थित विद्यालयों को विद्यालय में प्रचलित पाठ्य पुस्तकों की सूची तथा छात्र गणवेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर उसकी सूची चस्पा करने और सर्कुलर जारी करने हेतु निर्देशित किया गया, जिसमें विद्यालय की पाठ्य-पुस्तक सामग्री तथा गणवेश बाजार में अधिकतम दुकानों के माध्यम से कम दरों पर उपलब्ध हो सके। बैठक में उप जिलाधिकारी हरिगिरी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल एवं निजी स्कूलों के संचालन मौजूद थे।    

सिलक्यारा टनल कहलाएगी बाबा बौखनाग

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  • मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सिलक्यारा टनल हुई ब्रेकथ्रू लगभग 1384 करोड़ लागत की इस परियोजना से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 25 किमी होगी कम। 2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक भीतर फंस गये थे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सफल हुआ था सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान बाबा बौखनाग मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा, रेस्क्यू अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से मन्नत मांगते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सिलक्यारा सुरंग के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक भीतर फंस गये थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सिलक्यारा सुरंग चारधाम यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 1384 करोड़ लागत की डबल लेन की इस सुरंग परियोजना की लंबाई 4.531 किलोमीटर है। सुरंग निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 25 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल ब्रेकथ्रू के अवसर पर परियोजना से जुड़े सभी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर न केवल उन्नत इंजीनियरिंग की सफलता का प्रतीक है, बल्कि आस्था और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल अभियान दुनिया का सबसे जटिल और लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन था। इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की। यह घटना तकनीकी और मानवीय संकल्प की वास्तविक परीक्षा थी, सभी ने एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने समस्त रेस्क्यू टीम, रैट माइनर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सहयोगी संस्थाओं का भी इस अभियान को सफल बनाने में आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलक्यारा अभियान पर पूरी दुनिया की नजरें थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और भारत सरकार के पूर्ण सहयोग के चलते राज्य सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया। इस रेस्क्यू अभियान में देश और दुनिया में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे मजदूरों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, इससे हमारा हौसला बढ़ा।

बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए घर से भेंट और पूजा सामग्री लेकर सिलक्यारा पहुंचे मुख्यमंत्री।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।  बौखनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए देहरादून स्थित अपने घर से मुख्यमंत्री भेंट और पूजा सामग्री लेकर सिलक्यारा पहुंचे। सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल रेस्क्यू के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं सिल्क्यारा अभियान के दौरान कैम्प कर रेस्क्यू अभियान की निरंतर निगरानी और निर्देशन किया था। रेस्क्यू अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से मन्नत मांगते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था।

मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से प्रदेश की खुशहाली और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जब सुरंग के मुख पर बाबा बौखनाग को विराजमान किया, तभी फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। उस समय उन्होंने बाबा बौखनाग का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की थी। आज मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने से संकल्प भी पूरा हुआ है और श्रद्धालु भी बाबा बौखनाग का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल निर्माण के दौरान 12 नवम्बर को अचानक हुए भूस्खलन में 41 श्रमिक इस सुरंग में फँस गए थे। उस समय देशभर से लोग इन श्रमिकों की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। उस अँधेरी सुरंग में, जहाँ उम्मीद की किरणें भी धूमिल हो रही थी, बाबा बौखनाग ने पहाड़ों के रक्षक के रूप में शक्ति और विश्वास का संचार किया।

मुख्यमंत्री घोषणा


1. सिलक्यारा टनल का नाम बाबा बौखनाग के नाम पर किये जाने की कार्यवाही की जायेगी।
2. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गेंवला-ब्रह्मखाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया जायेगा।
3. बौखनाग टिब्बा को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा।
4. स्यालना के निकट हेलीपैड का निर्माण किया जायेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, विधायक सुरेश चौहान, दुर्गेश्वर लाल, संजय डोभाल, प्रबंध निदेशक एन.एच.आई.डी.सी.एल डॉ. कृष्ण कुमार, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, एसपी श्रीमती सरिता डोभाल, जनप्रतिनिधिगण और अधिकारीगण उपस्थित थे।

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले किसानों को सब्सिडी, छात्रों को मुफ्त कॉपियां

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उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को सब्सिडी, छात्रों को मुफ्त कॉपियां, आपदा में बढ़े अधिकार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में सोमवार को कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें किसानों को सब्सिडी, छात्रों के लिए मुफ्त कॉपियां, और आपदा प्रबंधन में अधिकारियों के अधिकार बढ़ाने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं।

कृषि क्षेत्र में बड़े फैसले

  • ड्रैगन फ्रूट की खेती पर 80% सब्सिडी: एक एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती पर ₹8 लाख की लागत अनुमानित है, जिसमें किसानों को 80% तक अनुदान मिलेगा।
  • कीवी नीति लागू: राज्य में 2030-32 तक 3300 हेक्टेयर में 33,000 मीट्रिक टन कीवी उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया। वर्तमान में केवल 682 हेक्टेयर में कीवी उगाई जा रही है। किसानों को 50-70% तक सब्सिडी दी जाएगी।
  • मोटा अनाज नीति: 80% अनुदान बीज, जैव उर्वरक, कीटनाशक और पोषक तत्वों पर मिलेगा। योजना दो चरणों में लागू होगी, जिसमें कुल 70,000 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य है।
  • सेब ग्रेडिंग इकाइयों पर 60% अनुदान: उत्पादन के बाद की प्रक्रिया जैसे ग्रेडिंग और संग्रहण इकाइयों को सब्सिडी दी जाएगी।

10 लाख छात्रों को मुफ्त कॉपियां

राज्य के सरकारी और अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले 10 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त कॉपियां दी जाएंगी।


आपदा प्रबंधन में बढ़े वित्तीय अधिकार

  • जिलाधिकारियों को अब ₹1 करोड़ तक खर्च की अनुमति, पहले यह सीमा ₹20 लाख थी।
  • मंडलायुक्त का अधिकार ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ किया गया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • हर जिले में एक संस्कृत ग्राम, प्रशिक्षकों को ₹20,000 मासिक मानदेय मिलेगा।
  • ड्रग्स कंट्रोलर को औषधि आयुक्त का दर्जा।
  • यूसीसी के तहत विवाह, तलाक और वसीयत का पंजीकरण सब रजिस्ट्रार के अधीन।
  • सेवर सफाई के दौरान दिव्यांग या मृतक कर्मियों के बच्चों को छात्रवृत्ति।
  • उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में यूसीसी अधिनियम लागू।
  • आईटी एवं आईटीडीए में पदों की संख्या 45 से बढ़ाकर 54।
  • यूएस नगर के सिरौली कलां को नगर पालिका का दर्जा।
  • ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को 11 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने की मंजूरी।

यह निर्णय राज्य की कृषि, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक क्षेत्र में सुधार और विस्तार की दिशा में एक ठोस कदम माने जा रहे हैं।

गैस गोदाम पर बड़े वाहनों पर डीएम की रोक

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देहरादून तपोवन रोड रायपुर निवासियों की शिकायत पर डीएम सविन बंसल ने जनहित में आबादी में अवस्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर बड़े वाहनों से गैस परिवहन पर रोक लागाते हुए 288 गैस क्षमता वाले वाहनों से गैस आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए थे। डीएम के आदेश के विरूद्ध तेल कम्पनी द्वारा मा0 न्यायालय में दायर की थी याचिका, जिस पर मा0 न्यायालय ने डीएम के आदेश को यथावत रखते हुए रिट खारिज की, जिस पर क्षेत्रवासियों द्वारा खुशी जाहिर की है।
 

लेन न० 7. फैन्डस कालोनी, त्तपोवन रोड, रायपुर देहरादून के निवासियों द्वारा अपने शिकायती पत्र  18-01-2025 के द्वारा अपने शिकायती पत्र में तपोवन रोड फ्रेन्डस कालोनी के अन्दर इण्डेन गैस का गोदाम है, यह उस समय बना था जब यहाँ कोई मकान नहीं थे। परन्तु आज पूरी कालोनी में मकान बन चुके है और यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यहाँ गैस गोदाम में रोज बदल-बदल कर ट्रक आते हैं जिसमें लगभग 300-400 सिलेण्डर आते हैं और कालोनी के अन्दर मार्ग संकरा होने के कारण किसी ना किसी घर की बाउण्ड्री व छज्जा तोड़कर नुकसान कर रहे हैं। कालोनी के अन्दर इस तरह का गोदाम जिसमें काफी भरे सिलेण्डर रहते है, जिससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम, जिला पूर्ति अधिकारियों को मौके पर जाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे। जिस पर उप जिलाधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी ने 30-01-2025 को मौके पर जाकर  जाँच के समय शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ गैस गोदाम प्रभारी तथा अपर जिला सहायक निबंधक देहरादून उपस्थित रहे। यह गैस गोदाम दून वैली सहकारी समिति द्वारा संचालित मै० सहकारी बाजार गैस सेवा का गैस गोदाम है जिस पर लगभग 11,500 से अधिक उपभोक्ता पंजीकृत है और गैस गोदाम ब्लॉक कार्यालय रायपुर के सामने रोड से लगभग 300 फुट अन्दर स्थित है।

इण्डेन ऑयल कार्पाेरेशन द्वारा इस गोदाम पर 360 वाले बड़े वाहनों से गैस की आपूर्ति की जा रही है जिससे उस गली के भवनों को नुकसान पहुँचने की सम्भावना बनी रहती है। जनहित एवं सुरक्षा कारणों के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि इस गोदाम पर छोटे ट्रकों (288 गैस सिलेण्डरों वाले वाहनों) से गैस की आपूर्ति की जाए।

डीएम ने जनहित एवं सुरक्षा कारणों के दृष्टिगत मै० सहकारी बाजार गैस सेवा, देहरादून के तपोवन रोड़ स्थित गैस गोदाम पर बड़े ट्रकों से गैस की आपूर्ति प्रतिबन्धित करते हुए इण्डेन ऑयल कार्पाेरेशन को आदेशित किया  कि विस्फोटक अधिनियम 1884 संगत अधिनियम एवं नियमों का पालन करते हुए उपरोक्त सन्दर्भित गैस गोदाम पर तत्काल छोटे ट्रकों (288 गैस सिलेण्डर वाले वाहनों) से ही गैस की पर्याप्त आपूर्ति करना सुनिश्चित करें।

चारधाम यात्रा, मसूरी पर्यटन सीजन शुरू होने से पूर्व डीएम के निर्देश 

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चारधाम यात्रा, मसूरी पर्यटन सीजन शुरू होने से पूर्व डीएम के निर्देश

चारधाम यात्रा एवं मसूरी पर्यटन सीजन को लेकर जिला प्रशासन एलर्ट मोड में है। वहीं पर्यटकों की भारी आमद की संभावना के चलते जिलाधिकारी सविन बंसल व्यवस्थाओं के लेकर सख्त है। जिलाधिकारी ने मसूरी के लिए वैकल्पिक मार्ग किमाड़ी मोटर पर 15 मई तक निर्माण, मरम्मत कार्य पूर्ण करने के सख्त  निर्देश दिए। डीएम ने मसूरी-किमाड़ी मोटर मार्ग निर्माण, मरम्मत के लिए 40 लाख की धनराशि स्वीकृत की थी, जिस पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है।

चारधाम यात्रा मसूरी ग्रीष्मकाल एवं पर्यटन सीजन में पर्यटकों की भारी आमद की संभावना है, जिस पर प्रशासन सक्रिय है। वहीं डीएम ने मसूरी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन शुरू होने से पूर्व शटल सेवा को ऑपरेशनल किया जाए। लाईब्रेरी चौक एवं पिक्चर पैलेस पर शटल संचालन हेतु वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था एवं शटल हेल्पडेस्क स्थापित किरने,  मसूरी नगर पालिका परिषद, पुलिस और परिवहन विभाग से समन्वय करते हुए अधिकृत पार्किंग संचालक एवं विस्तारित वाहन पार्किंग क्षेत्र हेतु उचित स्थान का निर्धारण करने के निर्देश दिए है।

पुलिस विभाग को मसूरी के होटलों में उपलब्ध पार्किंग क्षमता के अनुसार वाहनों को मुक्त एवं अधिकृत टैक्सी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। हाथीपांव बैंड पर पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चिन्हित पार्किंग स्थलों पर मार्किंग करने। मसूरी डायवर्जन, देहरादून से किंक्रेग पार्किंग तक पूरे मार्ग पर शटल पार्किंग के साइन बोर्ड एवं उचित संक्रेत लगाए जाए। अधिकृत शटल सेवा संचालक द्वारा कॉन्ट्रेक्ट एग्रीमेंट और यात्रियों की सुविधा के अनुसार टोकन सिस्टम का संचालन कराया जाए। माल रोड पर गाडियों का समय निर्धारण के निर्देश दिए गए हैं।