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(उत्तराखंड) कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई, 06 व्यक्ति थे सवार

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राज्य में सड़क हादसे भी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं कभी तराई तो कभी पहाड़ों से हादसों की खबर सामने आ रही है।

ताजा मामला जनपद चमोली से एसडीआरएफ टीम द्वारा सड़क दुर्घटना में घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया गया अस्पताल।

आज दिनांक 07 नवम्बर 2025 को एसडीआरएफ पोस्ट पांडुकेश्वर के समीप एक वाहन (UK-14B 4828) अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। उक्त वाहन में कुल 06 व्यक्ति सवार थे।

सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट पांडुकेश्वर से अपर उपनिरीक्षक मंगल सिंह भाकोनी के नेतृत्व में टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीम द्वारा सभी घायलों को वाहन से सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा सभी घायलों को उपचार हेतु सकुशल पांडुकेश्वर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया।

CM धामी की 4 बड़ी घोषणाएं: वृद्ध कलाकारों की पेंशन ₹3000 से ₹6000 हुई, प्रेक्षागृह बनेंगे!

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘हिमालय निनाद उत्सव-2025’ में हिस्सा लिया और कलाकारों की मासिक पेंशन दोगुनी करके ₹6000 की। साथ ही, संस्कृति के संरक्षण हेतु 3 अन्य बड़ी घोषणाएं कीं।

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हिमालयन संस्कृति केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित “हिमालय निनाद उत्सव- 2025” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने न केवल कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि संस्कृति के उत्थान और कलाकारों के हितों में चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कर उन्हें बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव मात्र एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हिमालय की साझा चेतना और विविध परंपराओं का उत्सव है।

कलाकारों को पेंशन का बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा वृद्ध और खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे कलाकारों व लेखकों से संबंधित है। उन्होंने घोषणा की कि जिन्होंने अपना पूरा जीवन कला एवं साहित्य की आराधना में लगा दिया, उनके लिए देय मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 प्रतिमाह की जाएगी। यह वृद्धि उन आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी जो वृद्धावस्था के कारण जीविकोपार्जन में असमर्थ हो गए हैं। यह कदम राज्य के कलाकार कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

  • मानदेय और अवसंरचना पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने अन्य तीन बड़ी घोषणाएं भी कीं:

  • मानदेय में समानता: संस्कृति विभाग में सूचीबद्ध सांस्कृतिक दलों के कलाकारों का मानदेय अब भारत सरकार के उपक्रम, नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर दिया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर पारिश्रमिक मिल सकेगा।
  • प्रेक्षागृहों का निर्माण: राज्य के समस्त जनपद स्तर पर प्रेक्षागृह (Auditorium) का निर्माण किया जाएगा, जिससे कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए मंच उपलब्ध हो सके।
  • सांस्कृतिक संग्रहालय: सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रदर्शन के लिए प्रदेश में एक राज्य स्तरीय संग्रहालय, तथा गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में एक-एक मंडल स्तरीय संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा।

सांस्कृतिक संगम और आत्ममंथन का अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर यह समय केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्प का भी है। निनाद महोत्सव-2025 में तिब्बत, अरुणाचल, मणिपुर, हिमाचल, असम और लद्दाख सहित पूरे हिमालय क्षेत्र की विविध संस्कृतियों को एक मंच पर लाया गया। उन्होंने राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाली महान आत्माओं को नमन किया और कहा कि उनकी स्मृति हमें यह राज्य कितनी कठिनाइयों और बलिदानों से मिला है, इसकी याद दिलाती है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सोनल मानसिंह, नरेश बंसल और संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

गढ़वाली गीतकार व गायक संतोष खेतवाल की पुस्तक का विमोचन

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देहरादून, 7 नवंबर 2025:

हिमालय लोक साहित्य एवं संस्कृति विकास ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में गढ़वाली गीतकार, गायक व संगीत निर्देशक संतोष खेतवाल जी के गीत संग्रह “चाँदी सि हिमालै” का विमोचन गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी के कर कमलों से हुआ। नरेंद्र सिंह नेगी बतौर मुख्य अतिथि इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र, देहरादून के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ  मुख्य अतिथि नरेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ नंद किशोर हटवाल व मंचासीन अन्य गणमान्य लोगों के द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन के उपरांत मंचासीन अतिथियों के द्वारा संतोष खेतवाल जी की सद्य प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया।

इसके उपरांत आमंत्रित अतिथियों व उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए गीत संग्रह के लेखक संतोष खेतवाल जी ने कहा कि आज का यह पल उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है  और यह संग्रह मेरे 40 वर्षो के रचनाकर्म का दस्तावेज है। पुस्तक के कथ्य व शिल्प पर अपनी बात रखते हुए गढ़वाली साहित्यकार व कवि मदन मोहन डुकलाण ने कहा कि इस गीत संग्रह में एकल गीत, युगल गीत व भजन तीन प्रकार के गीतों को संकलित किया गया है जिसमें कुछ ऐतिहासिक व उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परम्परा को दर्शाते गीत भी हैं जिन्हें गहन अध्ययन व शोध के बाद लिखा  गया प्रतीत होता है। संतोष खेतवाल जी की पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कवि लेखक व रंगकर्मी विजय मधुर ने कहा कि इस पुस्तक में संकलित गीत लोकरंजन के साथ ही गढ़वाल के समाज की अनेक परंपराओं व रीत-रिवाजों का भी लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हैं। इस अवसर पर संतोष खेतवाल जी के पुत्र संकल्प खेतवाल ने विमोचित पुस्तक से कुछ गीतों का गायन भी किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता डा स्वामी एस. चंद्रा ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और हम खेतवाल जी की इस पुस्तक में अपने पहाड़ की अपने समाज की तस्वीर देख सकते हैं। वरिष्ठ साहित्य व लोक के मर्मज्ञ डॉ नंद किशोर हटवाल मे कहा कि गीत हमारे समाज में जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसके बिना जीवन की कल्पना करना कठिन है। उन्होंने कहा कि खेतवाल जी ने पुस्तक के रूप में अपने गीतों को प्रकाशित कर इन्हें साहित्य प्रेमियों व भविष्य के शोधार्थियों के लिए संरक्षित कर लिया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सुप्रसिद्ध गीतकार व गायक नरेंद्र सिंह नेगी जी ने अवसर पर कहा कि वे इन गीतों को सुनते आये हैं और ये गीत जनता के बीच पहले से ही बहुत लोकप्रिय हैं। इन्हें सिर्फ अभिलेखीकरण की आवश्यकता थी जो आज पूरी हो गई है।

हिमालय लोक साहित्य एवं संस्कृति विकास ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित इस गढ़वाली गीत संग्रह “चाँदी सि हिमालै” में कोषाधिकारी, पौड़ी,  पद से सेवानिव्रत श्री संतोष खेतवाल जी के 137 गीत हैं | जिन्हें उन्होंने वर्ष 1981 से लेकर अब तक लगभग 44 वर्षों में आकाशवाणी, दूरदर्शन, विभिन्न मंचों, कैसेटस, गढ़वाली फिल्मों के माध्यम से समाज के बीच पहुंचाया है।

इस अवसर पर सभागार में श्री संतोष खेतवाल जी के परिवार जनों में  श्रीमती माहेश्वरी देवी, सुश्री पुष्पा खेतवाल, डॉ. अमन भारती , डॉ. श्रृष्टि खेतवाल, श्री शाहिल माथुर, सुश्री सुनिष्ठा माथुर, संकल्प खेतवाल, सारांश खेतवाल, कुलानंद घनशाला, दिनेश बौड़ाई, चंद्रदत्त सुयाल, सुरेश स्नेही, आलोक मलासी, कांता घिल्डियाल आदि से साथ नगर के गणमान्य व्यक्ति, कवि, साहित्यकार व संस्कृतिकर्मी ने उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफल संचालन आशीष सुंदरियाल ने किया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस, FRI में होगा मुख्य कार्यक्रम, पीएम मोदी होंगे शामिल

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उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में करीब 75 हजार से एक लाख लोग शामिल हो सकते हैं.

देहरादून: उत्तराखंड राज्य गठन को 25 साल पूरे हो रहे हैं. ऐसे में इस 25वीं वर्षगांठ को राज्य सरकार रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रही है. जिसके तहत 1 नवंबर से ही प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं. राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 9 नवंबर को मुख्य कार्यक्रम देहरादून स्थित एफआरआई परिसर में आयोजित किया जाएगा. जिसमें पीएम मोदी शिरकत करेंगे. पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे के लेकर एफआरआई परिसर में तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं.

उत्तराखंड राज्य के लिए वर्तमान राज्य स्थापना दिवस बेहद खास है. उत्तराखंड राज्य गठन को 25 साल पूरे हो रहे हैं. यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार 25वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए तमाम तैयारियां कर रही हैं. राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के 25 साल की विकास यात्रा और आगामी 25 सालों के रोड मैप को लेकर विशेष सत्र का आयोजन किया गया.

विशेष सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा को संबोधित किया. इसके बाद तीन दिनों तक चले, इस विशेष सत्र में 25 साल की विकास यात्रा के साथ ही अगले 25 सालों के रोड मैप को लेकर चर्चा की गई.

अब एफआरआई में राज्य स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. जिसकी तैयारियां जोरों से चल रही है. खुद गढ़वाल कमिश्नर तैयारियों पर नजर बनाये हुये हैं. गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही हैं. वर्तमान समय तक 90 फीसदी काम पूरे हो चुके हैं. थोड़े बहुत फिनिशिंग के काम बचे हुए हैं. जिसे कल दिन तक पूरा कर लिया जाएगा.

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया मुख्य रूप से राज्य गठन के बाद से इन 25 सालों की विकास यात्रा का एग्जीबिशन लगाया गया है. उत्तराखंड के कर्मयोगी जिन्होंने राज्य गठन से राज्य को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपना योगदान दिया है उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद होगा. इसके अलावा प्रदेश के तमाम क्षेत्रों से आने वाली जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. उन्होंने बताया 9 नवंबर को एफआरआई में करीब 75 हजार से एक लाख लोग शामिल हो सकते हैं.

एफआरआई के 500 मीटर दायरे में जीरो जोन: 9 नवंबर को रजत जयंती वर्ष के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) में मुख्य समारोह में शरीक होंगे. लिहाजा, प्रधानमंत्री की उपस्थिति के मद्देनजर दून पुलिस और प्रशासन ने व्यवस्था चाक चौबंद की है. इसके लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है.

जिसके तहत एफआरआई के 500 मीटर के दायरे को जीरो जोन घोषित किया गया है. सामान्य वाहन उस दायरे में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. लिहाजा, सड़क पर निकलने से पहले रूट प्लान अवश्य देख लें.

 

पीएम मोदी का उत्तराखंड दौरा, दून पुलिस ने जारी किया रूट प्लान

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दून पुलिस के ट्रैफिक प्लान के अनुसार ट्रैफिक प्लान 9 नवंबर को सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा.

देहरादून: 9 नवंबर को रजत जयंती वर्ष के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) में मुख्य समारोह में शरीक होंगे. लिहाजा, प्रधानमंत्री की उपस्थिति के मद्देनजर दून पुलिस और प्रशासन ने व्यवस्था चाक चौबंद की है. इसके लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है. जिसके तहत एफआरआई के 500 मीटर के दायरे को जीरो जोन घोषित किया गया है. सामान्य वाहन उस दायरे में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. लिहाजा, सड़क पर निकलने से पहले रूट प्लान अवश्य देख लें.

दून पुलिस के ट्रैफिक प्लान के अनुसार ट्रैफिक प्लान 9 नवंबर को सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान सभी प्रकार के भारी वाहन शहर के आंतरिक और बाहरी मार्गों पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे. रूट डायवर्जन प्लान शाम 4 बजे तक ही लागू रहेगा. इस प्लान का सबसे अधिक असर चकराता रोड के मध्य वाया एफआरआई यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ेगा. ऐसे व्यक्तियों को रूट बदलना पड़ेगा. उनके लिए आने और जाने के मार्गों पर अलग अलग डायवर्जन बनाए गए हैं. जिससे वह एफआरआइ वाले रूट को छोड़ते हुए डायवर्जन से दूसरे रूट से अपने गंतव्य के लिए गुजर सकें.

उत्तराखंड रजत जयंती समारोह में प्रदेशभर से लोग शरीक होंगे. लिहाजा, अलग अलग रूट से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग प्लान भी तय किया गया है. वह अपने रूट के हिसाब से निर्धारित स्थल पर वाहन पार्क करेंगे. फिर समारोह में शरीक होंगे. पार्किंग स्थल से समारोह स्थल पर जाने के लिए गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की गई है. जिससे आगंतुकों को पैदल न चलना पड़े.

एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने अपील की है कि असुविधा से बचने के लिए मुख्य मार्गों की जगह वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें. इसके अलावा यातायात और अन्य सहायता के लिए अधिकारियों को नामित किया गया है. प्लान के साथ उनके मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं.

किसान सम्मेलन कार्यक्रम में सीएम धामी ने की शिरकत, सरकार की उपलब्धियों का किया बखान

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पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में किसान सम्मेलन में सीएम धामी ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को गिनाया.

रुद्रपुर: राज्य की रजत जयंती के मौके पर आज कृषि विभाग द्वारा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य की योजनाओं को गिनाते हुए किसानों का अभिवादन किया. उन्होंने बिहार चुनाव पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने जा रही है.

उत्तराखंड के 25वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रदेश इसे रजत उत्सव के रूप में मना रहा है. आज कृषि विभाग द्वारा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के स्टेडियम में किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत किया. इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी, क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ समेत तमाम जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. कार्यक्रम में लगभग 4 से 5 हजार किसानों ने हिस्सा लिया. लेकिन मुख्यमंत्री के संबोधन से पूर्व ही पंडाल में लगी कुर्सी खाली हो गई. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बोलते हुए कहा कि राज्य को 25 वर्ष होने पर प्रदेश सरकार इसे रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रही है.

आज कृषि विभाग द्वारा किसान सम्मेलन का आयोजन किया है. जिसमें वह सभी अन्नदाताओं का अभिवादन करते हैं. उन्होंने कहा कि देश के संतुलित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है कि किसानों की समस्याओं का समाधान हो किसान हर क्षेत्र में आगे बड़े और सरकार की योजनाएं उनकी सहायक बनें. सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के निर्माण का सपना तभी साकार हो सकता है जब हमर किसान हर प्रकार से सक्षम और आत्मनिर्भर हो. उन्होंने कहा कि उन्हें खेती करना देव उपासना जैसा लगता है. पूर्व में वह खेती से जुड़े हुए तमाम कार्य कर चुके हैं.

आज भी जब भी उन्हें समय मिलता है, वह खेती से जुड़े हुए काम करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि वह इसी पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, जो किसान के हितैषी है. साल 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों का जो शक्तिकारण हुआ वो अभूतपूर्व है. किसानों का आत्मविश्वास देश की ताकत और सबसे बड़ी पूंजी है. इसी को आधार मानते हुए केंद्र की सरकार कृषि नीतियों को किसानों के अनुरूप बना रही है. इसके अलावा सरकार का निरंतर प्रयास है कि दुनिया के बड़े बड़े देशों के किसानों को मिलने वाली अत्याधुनिक सुविधाएं हैं, वह हमारे देश के किसानों को भी मिले.

उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसानों के लिए बीज से लेकर बाजार तक की यात्रा सुगम हो बल्कि आय में वृद्धि करने वाली भी हो. भारत सरकार द्वारा देश के 11 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है. जिसमें उत्तराखंड के 9 लाख किसान शामिल है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी फसलों के न्यूनतम मूल्य पर अभूतपूर्व वृद्धि की गई है. इसके अलावा फसल बीमा के माध्यम से किसानों को आपदाओं, रोग और कीट पतंगों से होने वाले नुकसान से बचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी किसानों के उत्थान के लिए समर्पित और संकल्पित होकर कार्य कर रही है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए तीन लाख तक बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं 80 प्रतिशत सब्सिडी के साथ कृषि यंत्र दिए जा रहे हैं. कहा कि हमने किसानों के हित में नहरों से सिंचाई करना भी मुक्त किया है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस में 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार से गेहूं और गन्ने की फसल के समर्थन मूल्य में 20 रुपए की बढ़ोतरी की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न स्तरों पर काम कर रही. सरकार ने 12 सौ करोड़ की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलट और ड्रेगन फ्रूट में प्रावधान कर अनुदान दिया जा रहा है. बिहार चुनाव पर बोलते हुए कहा कि एक बार फिर बिहार में एनडीए की सरकार बनने जा रही है.

लॉरेंस बिश्नोई के नाम से विदेश से दोस्त को दी धमकी, 30 लाख की मांगी फिरौती, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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लॉरेंस बिश्नोई के नाम से रंगदारी मांगने मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.

रुड़की: हरिद्वार जिले की कलियर थाना पुलिस और सीआईयू टीम ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. दरअसल आरोपी ने विदेश में रह रहे एक दोस्त से लॉरेंस बिश्नोई के नाम से रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद उसके अन्य साथी की तलाश भी शुरू कर दी है.

दोस्त से लॉरेंस बिश्नोई के नाम से मांगी रंगदारी: दरअसल, पिरान कलियर थाना क्षेत्र के धनौरी गांव निवासी रवि कुमार पुत्र रविंद्र कुमार द्वारा पुलिस को तहरीर देकर बताया गया था कि 30 अक्टूबर के दिन उनके मोबाइल पर एक धमकी भरी कॉल आई और कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनसे 30 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई है. पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज करते हुए उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल द्वारा मामले की सत्यता और घटना के खुलासे के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया.

पुलिस की जांच में ये हुआ ये खुलासा: इसके बाद पिरान कलियर थाना पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम को प्रकाश में आए मोबाइल नंबर का संबंध ग्राम किलोई थाना सदर जिला रोहतक हरियाणा पाया गया. इसके बाद पुलिस टीम द्वारा जांच पड़ताल करने पर जानकारी मिली कि अजय हुड्डा जो आर्मेनिया में नौकरी करने गया है. उसको उसके साथी आशीष सैनी निवासी मूलदासपुर माजरा थाना बहादराबाद द्वारा वादी और वादी के भाई का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए थे. जिसपर अजय हुड्डा ने आर्मेनिया से धमकी भरी कॉल की थी, जिस पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी आशीष सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है, हालांकि अजय हुड्डा अभी फरार चल रहा है.

एसएसपी ने क्या कहा: मामले में हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटना का खुलासा करनते हुए बताया कि रंगदारी मांगने के मामले में आशीष सैनी (उम्र 36 वर्ष) पुत्र धनीराम सैनी निवासी मूलदासपुर माजरा थाना बहादराबाद को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी के अन्य साथी अजय हुड्डा पुत्र सुरेश निवासी ग्राम किलोई थाना सदर जिला रोहतक हरियाणा की तलाश की जा रही है. उन्होंने बताया कि आरोपी ने मोटी कमाई करने के चक्कर में आर्मेनिया में बैठे साथी के साथ प्लान बनाकर वादी को कॉल कर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी.

1469 किमी सिंगल लेन मार्गों को डबल लेन में परिवर्तित किया जाएगा: महाराज

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आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप हो रहा है राज्य में सड़कों का विस्तार

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2000 राज्य गठन के समय प्रदेश में सड़कों की कुल लम्बाई 15,470 किमी० थी, जो कि इन 25 वर्षों में बढ़कर 43,765 किमी हो चुकी है। अगले 25 वर्षों में हमारा लक्ष्य अमृतसर-कोलकत्ता औद्योगिक गलियारे के तहत 10.60 किलोमीटर नगला-किच्छा मार्ग को दो लाइन से चार लाइन में परिवर्तित करने करने के साथ-साथ कई बड़ी परियोजनाओं पर काम करने का है ताकि 2047 तक उत्तराखंड विकसित राज्य की श्रेणी में आ सके।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य में 5700 किलोमीटर कच्चे मार्गों को पक्के मोटर मार्गो में परिवर्तित किया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 1469 किलोमीटर सिंगल लेन मार्गों को डबल लाइन में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अलावा दुर्गम स्थानों में मार्ग की दूरी कम करने एवं संवेदनशील स्थलों के बाईपास हेतु टनल्स का निर्माण, रज्जू मार्गो का निर्माण और भूमिगत गलियारे आदि का निर्माण भी किया जाएगा। अगले 25 वर्षो में हल्द्वानी बाईपास, खटीमा बाईपास, काठगोदाम बाईपास, आशारोड़ी-आईएसबीटी-मोहकमपुर, देहरादून देहरादून बाई पास, लोहाघाट बाईपास, पिथौरागढ़ बाईपास, अल्मोड़ा बाईपास, ऋषिकेश बाईपास, गैरसैंण बाईपास, कर्णप्रयाग बाईपास, गोपेश्वर बाईपास, अगस्तमुनि बाईपास, पौड़ी बाईपास, श्रीनगर बाईपास, आदि बद्री बाईपास, रामनगर बाईपास, कोटद्वार बाईपास, हरिद्वार बाईपास फेज-ll, लाल कुआं-हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास, पंतनगर बाईपासों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग विजन-2050 के लिए एक ठोस कार्य योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत मानसखण्ड मंदिर माला परियोजना के तहत चारधाम की तर्ज पर कुमाऊं के 16 प्राचीन मन्दिरों को जोड़ने वाली सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा जिससे इस क्षेत्र में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सेतुओं के उन्नयन हेतु ए०डी०बी० की सहायता से राज्य के 460 पुराने क्लास-बी लोडिंग पुलों को आधुनिक और भारी वाहनों के लिए उपयुक्त क्लास-ए में अपग्रेड किया जाएगा। राजमार्गों के विस्तारीकरण के तहत 1469 किलोमीटर सिंगल लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को दो लेन में बदला जायेगा और खैरना-रानीखेत-रामनगर जैसे महत्वपूर्ण राज्य राजमार्गों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। इसके अलावा शून्य-सहिष्णुता सड़क सुरक्षा के अंतर्गत सभी राज्य राजमार्गों पर कैश बैरियर और पैराफिट की पूर्ण स्थापना कर सड़क सुरक्षा के उच्चतम मानकों को प्राप्त किया जाएगा।

श्री महाराज ने कहा कि राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में 10048 गांव मोटर मार्गों से लाभान्वित थे। जिनकी संख्या आज बढ़कर 14027 हो चुकी है। इतना ही नहीं पिछले 25 वर्षों में सरकार ने कुल 3979 ग्रामों को सड़क मार्ग से जोड़ कर विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। पैदल सेतुओं की संख्या आज बढ़कर 1303 हो गई है तो वहीं मोटर पुलों की संख्या बढ़कर 2270 हो चुकी है। राज्य गठन के समय प्रदेश में 526 राष्ट्रीय राजमार्ग थे जिनकी संख्या आज सात गुना बढ़कर 3595 हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि राज्य के प्रसिद्ध चारधामों गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ एवं कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग जिनकी कुल लम्बाई 889 किलोमीटर है में यातायात को सुगम बनाने के लिए ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी के तहत भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 12769 करोड़ की धनराशि परियोजना का शुभारम्भ 27 दिसम्बर 2016 को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था उस पर लगातार काम हो रहा है।

प्रदेश के विभिन्न जनपदों में शहरों एवं कस्बों के मुख्य मार्गो पर बढते यातायात का दबाव कम करने के लिए नैनीताल,
रूद्रप्रयाग, काशीपुर एवं हल्द्वानी सहित अनेक स्थानों पर बाईपास का निर्माण किया गया है। इसके अलवा कैंचीधाम, चम्पावत, हरिद्वार रूद्रपुर आदि स्थानों पर भी बाईपास निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

श्री महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अलावा शहरी यातायात समाधान के तहत प्रदेश के सभी व्यस्त शहरों में रिंग रोड का निर्माण और प्रमुख चौराहों पर फ्लाई ओवर का निर्माण कर उन्हें जाममुक्त बनाया जाएगा। शहरों में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर लगने वाले जाम के निदान हेतु कई फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है और निकट भविष्य में देहरादून स्थित रिस्पना एवं बिंदाल नादियों के ऊपर 26 कि०मी० एलीवेटड कोरीडोर की संकल्पना का भी लक्ष्य है। जिस पर भू-अधिग्रहण कार्यवाही चल रही है। जबकि जनपद नैनीताल के नौकुचियाताल, नैनीताल के हल्द्वानी, अल्मोडा के टार्टीक, पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया है। उत्तरकाशी के दयारा के निकट नटीण, गंगोत्री धाम ढामक तोक में हैलिपेड और चिन्यालीसौड हवाई पट्टी पर हैलीपोर्ट एवं सुन्कुन्डी जखोल में हैलीपैड बनाये गये हैं। जनपद चमोली, टिहरी एवं देहरादून और पौड़ी जनपदों में विभिन्न स्थानों पर हैलीपोर्ट निर्मित किये गये है।

पहली बार पछवादून के विकास नगर में खुलेगा विज्ञान एवं गणित विषयों सहित इंटरमीडिएट तक संस्कृत विद्यालय: डॉ घिल्डियाल।

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विकास नगर। उत्तराखंड राज्य के देहरादून जनपद के पछवादून में विकास नगर में पहली बार इंटरमीडिएट तक विज्ञान एवं गणित विषयों सहित संस्कृत विद्यालय खुलेगा।

इस संदर्भ में आज सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने विकास नगर विकास खंड के विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए नवीन मान्यता देने के लिए विकास नगर के जीवनगढ़ क्षेत्र में श्री मार्तंड वेद वेदांत संस्कृत विद्यालय का विनियम के अनुरूप सघन निरीक्षण किया, इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और उसको धरातल पर उतरने के लिए अधिक से अधिक संस्कृत विद्यालयों को मान्यता देने का प्रयास चल रहा है।

सहायक निदेशक ने कहा कि उनके कार्यकाल में 2022 से अब तक देहरादून जनपद में प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक जो संस्कृत विद्यालयों को नवीन मान्यता प्रदान कर दी गई है, और अब देहरादून जनपद के विकास नगर में पहली बार श्री मार्तंड वेद वेदांत संस्कृत विद्यालय के नाम से गणित और विज्ञान विषयों सहित इंटरमीडिएट तक इस विद्यालय को मान्यता दी जाएगी।

विद्यालय में पहुंचने पर सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का संस्था के संरक्षक आचार्य सुनील पैन्यूली के मार्गदर्शन में प्रबंधक, प्रधानाचार्य ,शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने शंख और घंटा ध्वनि के साथ वेद मंत्रों एवं फूलमालाओं से अभूतपूर्व स्वागत करते हुए कहा कि वह देहरादून में लगातार नए विद्यालयों को मान्यता देकर शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा को मजबूत कर रहे हैं।

इससे पूर्व हरबर्टपुर में गत वर्ष विकलांग बच्चों के लिए अष्टावक्र संस्कृत विद्यालय को मान्यता प्रदान की गई थी उस विद्यालय में पहुंचकर सहायक निदेशक डॉक्टर घिल्डियाल ने कंप्यूटर लैब का शुभारंभ करते हुए कहा कि शिक्षा में नवाचार के लिए कंप्यूटर की बहुत आवश्यकता है ,उन्होंने कहा कि कंप्यूटर की शिक्षा से विद्यार्थियों के अंदर एक नई जागृति पैदा होगी इसके लिए यह कंप्यूटर विद्यालय को दिए जा रहे हैं, यहां पर प्रधानाचार्य प्रीति सहित सभी विद्यार्थियों ने स्वस्तिवाचन से सहायक निदेशक का स्वागत किया।

गैरसैंण के कृषि मेले में पहुंचीं विधानसभा अध्यक्ष, कहा- ये आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर

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ऋतु खंडूड़ी बोलीं- उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और धरोहर को बचाने के लिए हम सब को मिलकर काम करना होगा

गैरसैंण: विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने गैरसैंण में आयोजित पांच दिवसीय कृषि उद्यान एवं पर्यटन विकास मेले के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. विधानसभा अध्यक्ष के गैरसैंण पहुंचने पर मेला समिति ने पारंपरिक बाध्य यंत्रों के साथ फूल मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया. पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित क्षेत्रीय महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया.

इस दौरान मेला अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख दुर्गा रावत ने विधानसभा अध्यक्ष का गैरसैंण मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचने पर उनका धन्यवाद ज्ञापित करते हुए क्षेत्र की तमाम समस्याओं व विकास कार्यों को लेकर एक मांग पत्र भी सौंपा.

मेलों को बताया सांस्कृतिक धरोहर: मेले में जनसभा को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जो हमारी परंपराओं को आगे बढ़ाने का काम करते हैं. उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और धरोहर को बचाने के लिए हम सब को मिलकर काम करना होगा. गैरसैंण में कृषि एवं सांस्कृतिक मेले के भव्य एवं सफल आयोजन के लिए उन्होंने मेला समिति एवं क्षेत्रवासियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से मन मस्तिष्क में नई चेतना का संचार होता है और साथ ही हमें अपनी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. मेले हमें मनोरंजन के साथ कुछ ना कुछ सीख भी दे कर जाते हैं.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में कृषि के विकास के लिए निरंतर अच्छा काम हो रहा है. अब समय आ गया है कि हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर कृषि को मॉडल के रूप में अपनाएं.

मेले में बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद विधायक अनिल नौटियाल ने मेले की भव्यता को देखते हुए आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि यह मेला बहु उद्देश्यीय है, जिसमें व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और धर्म सबको समान रूप स्थान दिया गया है.