जल जीवन मिशन की बड़ी समीक्षा, पानी की गुणवत्ता जांच पर सख्त निर्देश ‘हर घर जल’ योजना में 100% सर्टिफिकेशन का लक्ष्य 2026-27 कार्ययोजना पर मंथन, रिपोर्टिंग में पारदर्शिता पर जोर GIS मैपिंग और पाइपलाइन अपलोडिंग की प्रगति की समीक्षा मुख्य सचिव का सख्त संदेश: रिपोर्टिंग और जमीनी हकीकत में न हो अंतर मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन से संबंधित सर्वोच्च समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति और वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
जल गुणवत्ता पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पानी की गुणवत्ता जांच में रासायनिक और बैक्टीरियोलॉजिकल दोनों प्रकार के परीक्षण अनिवार्य रूप से किए जाएं।उन्होंने कहा कि पेयजल परीक्षण की जानकारी संबंधित परियोजनाओं में तिथि सहित सार्वजनिक रूप से अंकित की जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
GIS मैपिंग और PM गतिशक्ति पोर्टल पर समीक्षा
बैठक में GIS मैपिंग, पाइपलाइन नेटवर्क को PM Gati Shakti पोर्टल पर अपलोड करने की प्रगति, सुजल गांव आईडी निर्माण, वित्तीय समन्वय और तकनीकी निरीक्षण की भी समीक्षा की गई।मुख्य सचिव ने इन सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
2026-27 कार्ययोजना और सर्टिफिकेशन पर फोकस
वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना, सामाजिक अंकेक्षण और तृतीय-पक्ष निरीक्षण को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।मुख्य सचिव ने कहा कि ‘हर घर जल’ के तहत जिन गांवों में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) की प्रगति दर्शाई गई है, उनका शत-प्रतिशत प्रमाणन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्टिंग और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच किसी भी प्रकार का अंतर स्वीकार्य नहीं होगा।
क्यों अहम है यह समीक्षा?
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जल गुणवत्ता परीक्षण को अनिवार्य और पारदर्शी बनाना
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2026-27 की कार्ययोजना पर अग्रिम तैयारी
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GIS और डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
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हर घर जल योजना में 100% सर्टिफिकेशन का लक्ष्य
यह बैठक राज्य में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


