उत्तराखंड में परिवार रजिस्टर में अनियमितताओं पर CM धामी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने 2003 से जनवरी 2026 तक परिवार रजिस्टर की जांच कराने की घोषणा की है। जांच में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की बात कही है। पंचायती राज विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में परिवार रजिस्टर से जुड़ी सेवाओं के लिए प्रदेश भर में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच नए परिवार जोड़ने के लिए 2,66,294 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2,60,337 आवेदन स्वीकृत हुए। जबकि 5429 आवेदन नियमों के उल्लंघन एवं अपूर्ण दस्तावेजों के कारण निरस्त किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार, निरस्त आवेदनों की संख्या फर्जी प्रविष्टियों की आशंका की ओर संकेत करती है, जिसके लिए प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है।
CM ने कहा, प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध परिवार/कुटुंब रजिस्टरों की प्रतियां तत्काल संबंधित DM के पास सुरक्षित रखी जाएं, जिससे अभिलेखों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो। साथ ही, परिवार रजिस्टरों की गहन जांच CDO/ADM स्तर पर कराए जाए। वहीं, जांच का दायरा वर्ष 2003 से अब तक रखा जाएगा, ताकि पूर्व वर्षों में हुई संभावित अनियमितताओं की भी पहचान हो सके। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार विभागीय व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।


