देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पटेलनगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला बीते दो वर्षों से नाम बदलकर और फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे देहरादून के संस्कृति लोक कॉलोनी क्षेत्र में रह रही थी। पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी दस्तावेजों के साथ बांग्लादेश का मूल पहचान पत्र भी बरामद किया है।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिला ने पूछताछ में अपना नाम सुबेदा बेगम (40 वर्ष), पुत्री सादिक मियां, निवासी बांग्लादेश बताया। महिला करीब चार वर्ष पहले कोविड काल के दौरान अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल में लगभग दो वर्षों तक रही, जहां उसने स्थानीय निवासी कौशर शाह से निकाह किया। करीब दो साल पहले वह अपने पति के साथ देहरादून आ गई। वर्तमान में उसका पति दुबई में काम कर रहा है, जबकि महिला यहां घरों में झाड़ू-पोछा कर गुजर-बसर कर रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए अलग-अलग नामों से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराए। उसने सुबेदा बीबी, मोनी और प्रिया रॉय जैसे नामों का इस्तेमाल करते हुए आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा लिए थे। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से सुबेदा बेगम के नाम का मूल बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मिला, जिससे उसकी असल पहचान सामने आई।
एसएसपी के अनुसार पुलिस अब उन लोगों और नेटवर्क की पहचान कर रही है, जिन्होंने महिला को फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद की। बिना समुचित सत्यापन के वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी करने वाले संबंधित विभागीय कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
इसी क्रम में देहरादून पुलिस ने बंद घरों में चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भी खुलासा किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के जिला डोडा निवासी जावेद अहमद उर्फ मेराजुद्दीन (38) और फरीद (35) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 18 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और मूर्तियां बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों में से एक पौड़ी जिले का शातिर गैंगस्टर भी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


