देहरादून में भूमिगत विद्युत परियोजनाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि पहले पुराने कार्य पूरे किए जाएं, उसके बाद ही नए प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी।
बैठक में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड से जुड़े 13 प्रस्तावों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि सभी चल रहे कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप तेज गति से पूरे किए जाएं, इसके लिए संसाधन बढ़ाकर डबल शिफ्ट में काम कराया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां खुदाई हो, वहां सड़क को तुरंत ठीक किया जाए और ब्लैकटॉप में किसी तरह की देरी न हो। कार्य पूरा होने के बाद थर्ड पार्टी निरीक्षण और लोक निर्माण विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि खुदाई स्थलों पर बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। रात में की गई खुदाई को सुबह तक भरना जरूरी है, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, अधूरा कार्य छोड़ने या सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर जब्ती और मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आमजन को परेशानी होने पर संबंधित विभागों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।
बैठक में यूपीसीएल के विभिन्न लॉट के अंतर्गत चल रहे और प्रस्तावित कार्यों पर चर्चा हुई, जिनमें कई परियोजनाओं को सशर्त मंजूरी दी गई, जबकि कुछ प्रस्ताव तकनीकी कारणों से लंबित रहे।

