उत्तराखंड में वायु प्रदूषण पर सख्त हुए मुख्य सचिव, देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की एयर क्वालिटी सुधारने के निर्देश
राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में आनन्द बर्द्धन ने दिए कड़े निर्देश, PM 10 और PM 2.5 कम करने पर फोकस
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम (NCAP) की संचालन समिति की सातवीं बैठक में देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की वायु गुणवत्ता की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने तीनों शहरों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और एयर क्वालिटी में सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि तीनों शहरों में वायु गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और प्रदूषण के प्रमुख कारणों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
PM 10 कम करने के लिए सड़क और धूल नियंत्रण पर जोर
आनन्द बर्द्धन ने कहा कि PM 10 के स्तर को कम करने के लिए सड़कों की स्थिति में सुधार, धूल नियंत्रण और निर्माण कार्यों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि—
- सभी प्रमुख सड़कों का पक्कीकरण किया जाए।
- फुटपाथ निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।
- निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (Demolition) अपशिष्ट के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था बनाई जाए।
- प्रत्येक स्थानीय निकाय डेमोलिशन वेस्ट के लिए निर्धारित निस्तारण स्थल चिन्हित करे।
- निर्माण सामग्री को सड़कों पर रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि आम जनता को भी यह जानकारी दी जानी चाहिए कि निर्माण एवं ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे का निस्तारण कहां किया जाए।
वाहन और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर होगी सख्ती
बैठक में मुख्य सचिव ने PM 2.5 के स्तर को कम करने के लिए वाहनों और औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने पर जोर दिया।
उन्होंने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड में अतिरिक्त मैनपावर की व्यवस्था भी की जाए।
काशीपुर मॉडल का होगा अध्ययन
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में काशीपुर में PM 2.5 स्तर में हुए सुधार का विस्तृत विश्लेषण किया जाए और उसके सफल मॉडल को देहरादून एवं ऋषिकेश सहित अन्य शहरों में भी लागू किया जाए।
उन्होंने शहरों में चल रहे प्रदूषण नियंत्रण कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की प्रभावशीलता का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके।
स्मार्ट सिटी डिस्प्ले बोर्ड से बढ़ेगी जागरूकता
मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम के अंतर्गत वार्षिक कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जनता को जागरूक करने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एयर क्वालिटी और जागरूकता संदेशों का प्रदर्शन किया जाए।
उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए सभी डिजिटल डिस्प्ले बोर्डों को सक्रिय कर प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश प्रसारित करने के निर्देश भी दिए।
स्वच्छ हवा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव डॉ. आनन्द श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

