देहरादून में एससी-एसटी अत्याचार निवारण मामलों की समीक्षा

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देहरादून में एससी-एसटी अत्याचार निवारण मामलों की समीक्षा, पीड़ितों को समयबद्ध सहायता देने के निर्देश

अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण मामलों की समीक्षा, समयबद्ध सहायता पर जोर

देहरादून, 22 जुलाई 2026।जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को समयबद्ध राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान पीड़ितों को दी गई आर्थिक सहायता, न्यायालयों में लंबित मामलों तथा सहायता वितरण की स्थिति की जानकारी दी।

2025-26 में 15 मामलों में 16.52 लाख रुपये की सहायता

अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 15 मामलों में 16.52 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की गई। इनमें जातिसूचक शब्दों एवं गाली-गलौज से जुड़े 10 मामले, छेड़छाड़ का एक मामला, बलात्कार का एक मामला, हत्या के दो मामले तथा अन्य श्रेणी का एक मामला शामिल है।

2026-27 में अब तक 5 मामलों में 2.50 लाख रुपये वितरित

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 5 मामलों में 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इनमें चार मामले जातिसूचक शब्दों एवं गाली-गलौज से संबंधित तथा एक अन्य श्रेणी का मामला शामिल है।

बजट अभाव के कारण कुछ मामलों में भुगतान लंबित

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में पांच स्वीकृत मामलों में बजट उपलब्ध न होने के कारण सहायता राशि का भुगतान लंबित है। वहीं चार मामलों में स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। एक मामला आवश्यक अभिलेखों के सत्यापन तथा एक अन्य मामला बैंक खाते का विवरण उपलब्ध न होने के कारण लंबित है। इसके अलावा दो मामलों में विधिक राय प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है।

सात दिन में समितियों के गठन के निर्देश

सीडीओ अभिनव शाह ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी उपखंडों में उपखंड स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समितियों के गठन एवं नियमित बैठकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋषिकेश और डोईवाला उपखंडों में समितियों का गठन सात दिनों के भीतर पूरा कर उनकी बैठक भी आयोजित की जाए।

बैठक में बताया गया कि मसूरी, विकासनगर, देहरादून सदर और कालसी (चकराता एवं त्यूणी क्षेत्र सहित) में उपखंड स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। मसूरी और विकासनगर में इन समितियों की बैठक 17 जुलाई 2026 को आयोजित की जा चुकी है।

पीड़ितों को त्वरित सहायता और निगरानी पर जोर

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ये समितियां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों की रोकथाम, पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा अधिनियम के प्रभावी अनुपालन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी संतोष कुंवर, जनप्रतिनिधि गोपाल पुरी एवं मनोज शर्मा, गैर-सरकारी संस्थाओं से लॉरेंस सिंह, लता चमोली (रेफेल होम), निरुपमा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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