सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा बना सुशासन की नई पहचान, 64 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” – सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा राज्य में जनसेवा और सुशासन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। प्रदेशभर में आयोजित जनसेवा शिविरों के माध्यम से सरकार सीधे जनता तक पहुंच रही है और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
04 जुलाई से 09 जुलाई 2026 तक प्रदेश के सभी जनपदों में कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की, जो इस अभियान के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास और जुड़ाव को दर्शाता है। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक प्रशासन की पहुंच बढ़ने से लोगों को अपने क्षेत्र में ही विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
अभियान के तहत आयोजित शिविरों में 21 हजार 908 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे लोगों को सुविधा और पारदर्शिता दोनों का लाभ मिला।
जनसेवा शिविरों में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के निस्तारण में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। इस अवधि में 5 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 4 हजार 901 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया है और उनकी निरंतर निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा आय, जाति, निवास और अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित 2 हजार 522 आवेदन भी प्राप्त हुए। इससे स्पष्ट है कि यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण, गरीब और वंचित वर्गों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली में बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर समस्याओं का समाधान करें। प्रत्येक शिविर में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है, जिससे शिकायतों का तत्काल निस्तारण संभव हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा” राज्य सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने वाला अभियान है। इससे न केवल योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद भी स्थापित हो रहा है, जिससे त्वरित समाधान और जवाबदेह शासन की संस्कृति विकसित हो रही है।

