हरिद्वार में मोरारी बापू की श्रीराम कथा का समापन, सीएम धामी ने दोहराया आध्यात्मिक राजधानी का संकल्प
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर आश्रम, हरिद्वार में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में सहभागिता करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन और जनसहभागिता से उत्तराखंड आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार की पावन भूमि पर उन्हें विशेष आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने मोरारी बापू को भगवान श्रीराम के आदर्शों, विचारों और जीवन-दर्शन का जीवंत संवाहक बताते हुए भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनके योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि आज विश्व युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत की सनातन संस्कृति का “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है और उत्तराखंड भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण जैसी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उनका उद्देश्य उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक यात्राओं ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चारधाम यात्रा में दो माह के भीतर 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भी श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यात्रा व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने आगामी कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का महापर्व है। राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, आदेश सैनी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

