मानसून सीजन से पहले देहरादून प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी संबंधित विभागों को 7 जून तक प्राथमिकता वाले कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभागों के बीच समन्वय की कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट!
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सभी विभागों को 7 जून तक प्राथमिकता वाले कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। जलभराव, सड़क मरम्मत और जनहित परियोजनाओं की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।
मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और जनजीवन को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने रविवार को सड़क, विद्युत, पेयजल, सिंचाई, नगर निगम, पुलिस तथा अन्य रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समयबद्धता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग ही आपदा की चुनौतियों का प्रभावी समाधान है। उन्होंने प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर टास्क फोर्स, कंट्रोल रूम और वार रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी तैनात कर सड़कों पर संचालित जनहित परियोजनाओं के प्राथमिकता वाले सभी कार्य हर हाल में 7 जून तक पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद संबंधित सड़कें तत्काल लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर उनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागों के बीच किसी भी प्रकार का संचार अभाव (कम्युनिकेशन गैप) कार्यों में बाधा का कारण नहीं बनना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मानसून से पूर्व नदी, नहरों एवं बरसाती नालों के चौनलाइजेशन का कार्य हर स्थिति में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जल प्रवाह सुचारु बना रहे और संभावित नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने, सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने तथा सड़क किनारे नालियों एवं स्कवरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।