उत्तराखंड में जल संकट पर सख्ती: मुख्य सचिव ने SARRA की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी
देहरादून सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में आनन्द बर्द्धन ने जल संरक्षण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि अब काम तेजी और टाइमलाइन के साथ होना चाहिए।
अब ‘चुनिंदा नदियों’ पर फोकस, एक साल का रोडमैप तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने Spring and River Rejuvenation Authority (SARRA) को अगले एक वर्ष की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
हर प्रोजेक्ट की टाइमलाइन तय होगी
सभी नदियों पर एक साथ काम नहीं, बल्कि प्राथमिकता के आधार पर चयन
“One District, One River” योजना को मिलेगा और बल
चेकडैम मॉडल को मिलेगा बढ़ावा, टिहरी मॉडल पूरे प्रदेश में लागू
टिहरी में बने चौकडैम (Check Dam) मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी
चेकडैम्स की मेंटेनेंस और डिसिल्टिंग को भी योजना में शामिल करने के निर्देश
इसका मकसद: पानी रोकना, भूजल बढ़ाना और सूखते जल स्रोतों को बचाना
डेडलाइन तय: 30 जून 2026 तक पूरे होंगे अहम काम
मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए:
ग्राउंड वाटर रिचार्ज प्रोजेक्ट – 30 जून 2026 तक पूरा
देहरादून और नैनीताल में 2 महीने के भीतर कार्य पूरा
सभी प्रोजेक्ट्स को जनभागीदारी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य
5775 जल स्रोतों की पहचान, बड़े स्तर पर काम शुरू
राज्य में जल संरक्षण को लेकर बड़े स्तर पर काम:
- 2664 स्प्रिंग (धाराएं)
- 1701 नौले
- 1282 क्रिटिकल स्ट्रीम्स
इन सभी के लिए DPR तैयार, कई पर काम शुरू
इन नदियों को मिला ‘प्राथमिकता’ दर्जा
शिप्रा
गौड़ी
सोंग
नयार
पूर्वी रामगंगा
इन नदियों के पुनर्जीवन पर तेजी से काम चल रहा है
जनभागीदारी बनेगी गेम चेंजर
ग्राम पंचायत स्तर पर समितियां बनाई जा रही हैं
लोगों को जोड़ा जा रहा है:
- जल संरक्षण
- पौधरोपण
- जल स्रोतों की सुरक्षा
राष्ट्रीय संस्थानों का भी तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है

